Connect with us

कोरबा

विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 से गांवों में आएगी विकास की क्रांति — धरमलाल कौशिक

Published

on

विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025: ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की ऐतिहासिक पहल — धरमलाल कौशिक

कोरबा।‌ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्र सरकार द्वारा “विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025” लाया गया है, जो गांवों को आत्मनिर्भर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। उक्त बातें धरमलाल कौशिक, विधायक बिल्हा विधानसभा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा (छ.ग.) ने प्रेस क्लब, तिलक भवन टीपी नगर में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, अशोक चावलानी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, प्रदेश मंत्री सुश्री रितु चौरसिया , सह संभाग प्रभारी रायपुर डॉ. राजीव सिंह उपस्थित रहे।

श्री कौशिक ने कहा कि यह अधिनियम किसानों, मजदूरों और गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने पहले संसदीय भाषण में ही नरेंद्र मोदी ने सरकार को गरीबों के नाम समर्पित बताया था, जिसके अनुरूप घर-घर बिजली, शौचालय, आवास, जनधन खाते जैसी ऐतिहासिक योजनाएँ लागू की गईं।
उन्होंने बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम मनरेगा का उन्नत, अधिक प्रभावी और पारदर्शी स्वरूप है। जहां मनरेगा में 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं अब इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी, जिससे मजदूरों की आय में सीधा इजाफा होगा।

श्री कौशिक ने कहा कि मजदूरी भुगतान सात दिनों के भीतर अनिवार्य होगा। यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं होता है तो विलंबित भुगतान पर मजदूर को अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जो मजदूरी पर ब्याज के समान होगी। इससे मजदूरों को न्याय मिलेगा और भुगतान में देरी की समस्या समाप्त होगी। कृषि हितों की रक्षा को लेकर उन्होंने बताया कि बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य स्थगित किए जा सकेंगे, ताकि किसानों को पर्याप्त श्रमिक मिलें और खेती प्रभावित न हो। इससे ग्रामीण पलायन रुकेगा और कृषि उत्पादन में स्थिरता आएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा में पूर्व में सामने आने वाली फर्जी मास्टर रोल, मशीनों के दुरुपयोग और धांधली जैसी शिकायतों का यह नया अधिनियम स्वतः समाधान करेगा। पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा।
धरमलाल कौशिक ने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्रों—जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन पर विशेष फोकस किया जाएगा। जल संरक्षण, नदी-नालों का सुधार, कटाव रोकना और सिंचाई संरचनाओं का विकास प्राथमिकता से किया जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुलेश्वर राठौर, जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, रूक्मणी नायर, संवाद प्रमुख अर्जुन गुप्ता, सह संवाद प्रमुख शैलेंद्र यादव, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार, नरेन्द्र पाटनवार, राकेश नागरमल अग्रवाल, मनोज मिश्रा सहित प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं वेब पोर्टल के पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

CMD के गेवरा दौरे के बिच भू विस्थापित श्रमिकों के विभिन्न मांगो को लेकर अजय जायसवाल के नेतृत्व मे खदान मे लगातार 6 घंटे काम ठप कर किया जमकर विरोध प्रदर्शन

Published

on

कोरबा/गेवरा। आज एक तरफ गेवरा खदान के दौरे मे SECL बिलासपुर CMD कोरबा प्रवास पर रहे वही दूसरी ओर अजय जायसवाल भू विस्थापित श्रमिकों सहित स्थानीय बेरोजगारों रोजगार सहित विभिन्न मांगो को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए।

आज दिनांक 27/10/2026 को गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा 6 महीने पूर्व से हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, भविष्य निधि ,सुरक्षा, बोनस, पेमेंट स्लिप, जॉइनिंग लेटर सहित 2 महीने से लंबित भुगतान को लेकर कई बार पत्राचार किया जा चूका है, परन्तु प्रबंधन और कंपनी के द्वारा किसी प्रकार का सुनवाई नहीं किया, जिसको लेकर भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा अजय जायसवाल पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा को सूचित किया। तत्पश्चात अजय जायसवाल के द्वारा आज खदान पहुंच भू विस्थापितों के विभिन्न मुद्दे को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए और सभी श्रमिकों के द्वारा 6 घंटा काम बंद कर काम ठप कर आंदोलन कर दिया गया, जिसके उपरांत SECL प्रबंधन और pnc कंपनी के अधिकारी वार्ता हेतु पहुंचे और हड़ताल स्थगित करने निवेदन किया गया। तत्पश्चात दिनांक 29/10/2026 को 12 बजे SECL गेवरा CGM ऑफिस मे वार्ता करते हुए मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया, साथ ही वार्ता मे विभिन्न मुद्दों पर बात करने सहमति बनी, जिसमे सभी –

1 श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट
2 सभी श्रमिकों का id कार्ड, सुरक्षा,
3 पेमेंट स्लिप
4 स्थानीय बेरोजगरों को रोजगार
5 जॉइनिंग लेटर, सहित बोनस पर बात करने और मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया।
उक्त हड़ताल मे भू विस्थापित श्रमिकों के साथ अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा, शेत मसीह सांसद प्रतिनिधि, मधुसूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, गोविंदा सारथी, कमलेश प्रजापति, संतोष यादव, प्रकाश सागर, फिरोज, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत,संजय यादव, सुजीत महंत, गौरव साहू, अनिल सागर, सहित कम्पनी मे कार्यरत हेल्फर, ड्राइवर सहित ग्रामीण सैकड़ो की संख्या मे उपस्थित रहे।

Continue Reading

कोरबा

न्यायाधीश ने बंदियों को अधिकारों की जानकारी दी

Published

on

कोरबा। प्रथम जिला व अपर सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गरिमा शर्मा ने जिला जेल कोरबा के बंदियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। न्यायाधीश शर्मा जेल में बंदियों की भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा कर, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का अवलोकन किया। न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि पात्र बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता देंेगे। बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी दिवसों में न्यायालयों में उपस्थित कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंदियों को उनके अधिकारों और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। प्राधिकरण का मानना है कि जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना केवल एक दायित्व नहीं बल्कि समाज में समानता और न्याय का अधिकार भी है।

Continue Reading

कोरबा

पाली-लाफा रोड पर पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं, मोड़ पर हादसे का डर

Published

on

कोरबा/पाली। पाली-लाफा मार्ग पर कई अंधे मोड़ हैं, इनके आसपास सड़क किनारे पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं कराने पर सड़क हादसे का डर बना हुआ है। 8 किलोमीटर सड़क के रास्ते पर 5 से अधिक मोड़ है, जहां पर सुरक्षित आवाजाही में खतरा बना हुआ है। सामने से आ रहे वाहन पेड़ों की झुकी डंगाल के कारण नजर नहीं आते हैं और वाहनों के टकराने से सड़क दुर्घटना हो चुकी है। चैतुरगढ़ स्थित मां महिषासुर मर्दिनी का ऐतिहासिक मंदिर जाने का भी यह रास्ता है। पाली से चैतुरगढ़ की दूरी लगभग 32 किलोमीटर है। इसी मार्ग पर लाफा तक कई अंधे मोड़ से चालकों का सफर मुश्किल हो रहा है। चैतुरगढ़ में मां महिषासुर मर्दिनी का मंदिर होने के साथ यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है।

इस कारण जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण छत्तीसगढ़ का कश्मीर भी कहा जाता है। पर्यटक पाली-लाफा मार्ग से चैतुरगढ़ के लिए आवाजाही करते हैं। जिला पंचायत सदस्य कौशल नेटी ने मांग की है कि पाली से लाफा होते हुए चैतुरगढ़ जाने वाले मार्ग का निरीक्षण कराया जाए। सड़क किनारे दृश्यता रोकने वाली डालियों की नियमानुसार कटाई-छंटाई कराई जाए। दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील मोड़ों को चिह्नित किया जाए। वहां जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677