औद्योगिक प्रतिष्ठान एवं पावर प्लांट सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंकलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट की बैठक आयोजित
भविष्य में हादसे एवं दुर्घटनाएँ न हों, इसके लिए सभी औद्योगिक प्रतिष्ठान आवश्यक सावधानी एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था रखें
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों की बैठक आयोजित की गई। अपर कलेक्टर ओंकार यादव ने सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतरई में हुई दुर्घटना के मद्देनज़र सभी प्रतिष्ठानों को सतर्क रहने तथा औद्योगिक एवं पावर प्लांट सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोरबा एक औद्योगिक जिला है, यहाँ सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सुरक्षा नियमों के प्रति कठोरता आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा हेतु निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सभी आवश्यक उपकरण एवं मशीनें उपलब्ध और सुचारू रूप से कार्यरत होनी चाहिए। भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए सभी उद्योग आवश्यक सावधानियाँ एवं सुरक्षा व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें।
अपर कलेक्टर श्री यादव ने निर्देशित किया कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों और पावर प्लांट में सुरक्षा संबंधी जो भी कमियाँ हैं, उन्हें तुरंत सुधारें। उन्होंने अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म, मशीनों का उचित संचालन, उपकरणों का रखरखाव, बॉयलर, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा मापदंड तथा कचरा प्रबंधन आदि के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने दुर्घटना की स्थिति में रेड, ग्रीन और येलो जोन निर्धारित करने का सुझाव दिया। साथ ही आपात स्थिति के दौरान संपर्क किए जाने वाले अधिकारियों, अस्पताल तथा अन्य आवश्यक नंबरों को कार्यस्थल पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट में तकनीकी प्रक्रियाओं एवं कार्यों का सतत निरीक्षण अनिवार्य है। वायु प्रदूषणकारी उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण हेतु एएसपी, डस्ट कलेक्शन सिस्टम, फिल्टर, जल छिड़काव व्यवस्था होनी चाहिए।
अपर कलेक्टर ने बताया कि कलेक्टर ने वाहन चालकों सहित अन्य जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों की आँखों की जाँच कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। इसके लिए औद्योगिक प्रतिष्ठानों को शिविर लगाकर आँखों एवं अन्य बीमारियों की नियमित जाँच करानी होगी। सभी प्रतिष्ठानों को जल संरक्षण के लिए वाटर स्ट्रक्चर निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पौधरोपण करने के निर्देश भी दिए गए।
उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, विजय सिंह पोटाई ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से औद्योगिक सुरक्षा के विभिन्न मापदंडों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में समय-समय पर बड़ी दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनसे सीख लेते हुए भविष्य की घटनाओं को रोकने हेतु सजग रहना होगा। मॉकड्रिल का उद्देश्य भी यही है कि हम दुर्घटना से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए कितने तैयार हैं।
उन्होंने औद्योगिक एसओपी, टूल बॉक्स, पीपीई किट, हेलमेट, सुरक्षा जूते, ऊंचाई पर कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरण, मैनुअल हैंडलिंग, लिफ्टिंग मशीनों का उपयोग, फायर सेफ्टी, हाउस कीपिंग, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, केमिकल सेफ्टी, ड्राइवर सेफ्टी, मोटर सेफ्टी, हीट स्ट्रेस, आपातकालीन नियंत्रण, ओवरहेड क्रेन सेफ्टी, प्रशिक्षण मॉड्यूल, खुले गड्ढों की बेरिकेडिंग, चिकित्सक की उपस्थिति तथा सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति सहित सभी सुरक्षा मानकों की विस्तार से जानकारी दी। आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज ने जिले में डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान तैयार करने, आपदा की स्थिति में बचाव कार्य, कम्युनिकेशन प्लान तथा स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए दूसरों को राहत पहुंचाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने उद्योगों को सुरक्षा मानकों पर किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए। उद्योग विभाग के अधिकारी विजय कारे ने नई उद्योग नीति के तहत उद्योग स्थापित करने पर शासन द्वारा प्रदत्त सब्सिडी की जानकारी देते हुए सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने को कहा। श्रम अधिकारी नितीश विश्वकर्मा ने मजदूरों के वेतन भुगतान, सुविधाओं, ईपीएफ, ईएसआईसी लाभ एवं आपात स्थिति में मुआवजा भुगतान से संबंधित दिशा-निर्देश उद्योगों को प्रदान किए। बैठक में कोरबा जिले के एनटीपीसी, बालको, एसईसीएल, अडानी, सीएसईबी, इंडियन ऑयल, मारुति सहित जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कोरबा/पाली। गायत्री परिवार जहां देश ही नहीं विश्व के कई देशों में विभिन्न आध्यात्मिक एवं रचनात्मक कार्यों के माध्यम से शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और सनातन संस्कृति को आगे बढ़ा रहा है, ताकि एक आदर्श समाज की स्थापना हो सके। इसी कड़ी में गायत्री परिवार के रचनात्मक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के विशेषज्ञ वैद्यराज रामफल पटेल आध्यात्मिक एवं रचनात्मक कार्यों से पाली ब्लाक के विभिन्न क्षेत्रों में गायत्री यज्ञों के माध्यम से नशामुक्त अभियान चलाकर युवा पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण देने में लगे हुए हैं, वहीं गायत्री परिवार द्वारा संचालित यज्ञों के माध्यम से लोगों को सात्विक जीवन की ओर लौटा रहे हैं।
इस नवरात्रि वे अपने गृहग्राम डोंगानाला में प्रतिवर्ष की भांति करीब डेढ़ दर्जन युवाओं एवं युवतियों को अपने मार्गदर्शन में 09 दिन तक देवी माता की साधना कराई और जीवन में अनुशासन का महत्व बताते हुए अलसुबह उठना, रात्रि को जल्दी सोना का मंत्र बताया। 09 दिन तक वे अपने निवास स्थान में इन युवाओं को भक्ति का पाठ पढ़ाया। ये सब युवा 09 दिन तक माँ की उपासना में लीन रहे और सुबह उठकर उनके निवास स्थान में आयोजित रोज के हवन एवं पूजन में भाग लेते रहे और 09 दिन तक उपवास रहा। करीब 18 युवक-युवतियों के अलावा अन्य युवा भी हवन में भाग लेते थे। श्री पटेल ने बताया कि आध्यात्मिक कार्यक्रमों से युवाओं में संस्कार आते हैं और जीवन में आध्यात्म का महत्व समझते हैं। उन्होंने कहा कि उपवास से शरीर में नई ऊर्जा आती है और मन एकाग्र होता है, जिससे युवाओं को लक्ष्य तय करने में आसानी होती है और युवा अपने भविष्य के प्रति गंभीर होते हैं। आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवा नशामुक्त जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं। श्री पटेल ने बताया कि नशा से परिवार और समाज का हरण होता है और युवाओं का जीवन भी बर्बाद हो जाता है। उन्होंने कहा कि गायत्री यज्ञों के माध्यम से युवाओं को नशामुक्त जीवन के लिए जागरूक किया जा रहा है और इसका प्रतिफल भी अच्छा मिल रहा है। बाल संस्कार केन्द्र के माध्यम से बच्चों का जीवन मुख्यधारा में पाली क्षेत्र के जानेमाने पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञ वैद्यराज रामफल पटेल गायत्री परिवार के ब्लाक अध्यक्ष एवं जिला स्तर पर रचनात्मक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक के पद का निर्वहन कर रहे हैं। रामफल पटेल अपने गृहग्राम डोंगानाला के निजनिवास में बाल संस्कार केन्द्र का भी संचालन करते हैं, जहां पर ग्राम पंचायत डोंगानाला सहित आसपास के गांव के बच्चे भी केन्द्र में आते हैं, जहां पर रामफल पटेल शिक्षा की अलख जगा रहे हैं, वहीं बच्चों में संस्कार के बीज भी बो रहे हैं, ताकि युवा होने पर भटकाव न हो और वे जीवन की मुख्यधारा से जुड़कर शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी उनमें आए और राष्ट्र निर्माण में वे अपना योगदान दे सकें।
कोरबा/पाली। जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत भंडारखोल में पदस्थ सचिव मोती लाल जगत का आकस्मिक निधन गत 05 अक्टूबर को हो गया था। ब्लाक पंचायत सचिव संघ ने मोतीलाल के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक जताया और उनके निवास स्थान जाकर उनके परिजनों को ढांढस बंधाया और पंचायत सचिव संघ की ओर से उनकी धर्मपत्नी को अनुग्रह राशि के रूप में रूपए 65 हजार भेंट किया। पंचायत सचिव संघ के प्रदेश महासचिव सुनील जायसवाल ने परिजनों से कहा कि हमसे जो भी जरूरत होगी, बेझिझक कहें और हमेशा हम सहयोग के लिए तैयार रहेंगे। श्री जायसवाल ने बताया कि श्री जगत के निधन के बाद पुत्र की अनुकम्पा नियुक्ति के लिए हम प्रयासरत हैं, ताकि पुन: घर की आर्थिक बहाली प्रारंभ हो सके। इस अवसर पर सचिव संतोष राव, रामकुमार टेकाम, विशोक सिंह सहित बड़ी संख्या में सचिव उपस्थित थे।
प्रदेश पंचायत सचिव संघ के महासचिव सुनील जायसवाल के नेतृत्व में सीईओ श्रीवास से सौजन्य मुलाकात कोरबा/पाली। जनपद पंचायत पाली के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी मोहनिश देवांगन को भारमुक्त करने के बाद बीते सप्ताह कटघोरा में पदस्थ सीईओ ए के श्रीवास ने पाली जनपद सीईओ का पदभार ग्रहण किया। पाली में पदस्थ होने के बाद पंचायत सचिव संघ ब्लाक पाली ने प्रदेश महासचिव सुनील जायसवाल के नेतृत्व में सीईओ श्री श्रीवास से सौजन्य मुलाकात की और बुके देकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर सुनील जायसवाल के साथ सचिव संतोष राव, ब्लाक अध्यक्ष रामकुमार टेकाम, बिशोक सिंह सहित अन्य कई सचिव उपस्थित रहे। इस अवसर पर सीईओ श्री श्रीवास के साथ सचिवों ने विकास कार्यों पर चर्चा भी की और सीईओ ने पाली ब्लाक के अंतर्गत आने वाली सभी पंचायतों को विकास कार्यों का समान अवसर देने की बात कही।