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कोरबा

आंदोलन की चेतावनी से जागा विभाग, 85 करोड़ रुपए से बनने वाली सड़क की मरम्मत शुरू, चक्काजाम खत्म

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कोरबा। कसनिया कटघोरा-पसान स्टेट हाईवे खराब होने से लोग परेशान हैं। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने विधायक तुलेश्वर मरकाम के नेतृत्व में आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद ही पीडब्ल्यूडी के अफसर जागे और मरम्मत का काम शुरू कराया। इसकी वजह से गुरुवार को आयोजित चक्का जाम आंदोलन को स्थगित कर दिया गया। विधायक मरकाम जटगा में बैठक लेकर वापस लौट गए।

स्टेट हाईवे की लंबाई 50.60 किलोमीटर है। इस सड़क को टू-लेन बनाने के लिए 85 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल चुकी है। इसका टेंडर भी हो चुका है। सड़क का काम सुभाष अग्रवाल खरसिया को मिला है। बारिश की वजह से काम शुरू नहीं हो सका। मरम्मत नहीं होने से करीब 20 किलोमीटर सड़क चलने लायक नहीं है। अमलीकुंडा और लैंगा में रोज वाहन फंस रहे हैं। इसके कारण जाम की स्थिति निर्मित होती है। सड़क पर पहले से गड्ढे थे।बारिश के बाद भारी वाहनों के चलने से कई स्थानों पर सड़क दलदल बन चुकी है। इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा था। जिला पंचायत सदस्य और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष विद्वान सिंह मरकाम ने सड़क और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर 10 सितंबर को चक्का जाम की चेतावनी दी थी। जिसका विधायक मरकाम नेतृत्व करने वाले थे। इसके बाद ही विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए। उन्होंने आंदोलन के पहले ही सड़क के गड्ढों को मलबे से भरकर समतल करा दिया। इसके बाद भी कई स्थानों पर पानी भरने की समस्या सामने आ रही है। मरम्मत शुरू होने पर गोंगपा ने आंदोलन स्थगित कर दिया और कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई थी। आंदोलन की संभावना को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय रहा। पीडब्ल्यूडी कटघोरा के एसडीओ प्रदीप मरकाम सक्रिय रहे। विधायक का कहना था कि क्षेत्र की सड़कों का समय पर सुधार होना चाहिए। कसनिया कटघोरा-पसान स्टेट हाईवे दो जिलों को जोड़ती है। इस मार्ग से मरवाही पेंड्रा और पसान पिपरिया होकर कोरिया जिला भी आवाजाही करते हैं। पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के आधे से अधिक पंचायत के लोग इसी सड़क पर निर्भर हैं। स्टेट हाईवे की लंबाई 50.60 किलोमीटर है। लेकिन इसमें से 29 किलोमीटर हिस्से का ही 17.67 करोड़ रुपए से नवीनीकरण कराया गया था। जटगा के आगे के हिस्से को छोड़ दिया गया था। इसकी सिर्फ मरम्मत कराई जा रही थी। अब पूरे मार्ग को अपग्रेड किया जाएगा। ^कसनिया कटघोरा-पसान मार्ग की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। बारिश के बाद अक्टूबर से नवीनीकरण का काम शुरू हो जाएगा। ठेका कंपनी को मार्च 2027 तक का समय दिया गया है। बाकी सड़कों को भी ठीक करा रहे हैं। जीआर जांगड़े, ईई, पीडब्ल्यूडी पाली तानाखार विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने कहा कि सड़कों की मरम्मत समय पर होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की 47 और पीडब्ल्यूडी की 8 सड़कों के निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर चुप नहीं बैठेंगे। जरूरत पड़ने पर सड़क की लड़ाई लड़ी जाएगी।

मरवाही-कोरिया को जोड़ती है सड़क।

मार्च 2027 तक बनेगी सड़क।

5 साल पहले 29 किमी का नवीनीकरण।

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कोरबा

CMD के गेवरा दौरे के बिच भू विस्थापित श्रमिकों के विभिन्न मांगो को लेकर अजय जायसवाल के नेतृत्व मे खदान मे लगातार 6 घंटे काम ठप कर किया जमकर विरोध प्रदर्शन

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कोरबा/गेवरा। आज एक तरफ गेवरा खदान के दौरे मे SECL बिलासपुर CMD कोरबा प्रवास पर रहे वही दूसरी ओर अजय जायसवाल भू विस्थापित श्रमिकों सहित स्थानीय बेरोजगारों रोजगार सहित विभिन्न मांगो को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए।

आज दिनांक 27/10/2026 को गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा 6 महीने पूर्व से हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, भविष्य निधि ,सुरक्षा, बोनस, पेमेंट स्लिप, जॉइनिंग लेटर सहित 2 महीने से लंबित भुगतान को लेकर कई बार पत्राचार किया जा चूका है, परन्तु प्रबंधन और कंपनी के द्वारा किसी प्रकार का सुनवाई नहीं किया, जिसको लेकर भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा अजय जायसवाल पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा को सूचित किया। तत्पश्चात अजय जायसवाल के द्वारा आज खदान पहुंच भू विस्थापितों के विभिन्न मुद्दे को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए और सभी श्रमिकों के द्वारा 6 घंटा काम बंद कर काम ठप कर आंदोलन कर दिया गया, जिसके उपरांत SECL प्रबंधन और pnc कंपनी के अधिकारी वार्ता हेतु पहुंचे और हड़ताल स्थगित करने निवेदन किया गया। तत्पश्चात दिनांक 29/10/2026 को 12 बजे SECL गेवरा CGM ऑफिस मे वार्ता करते हुए मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया, साथ ही वार्ता मे विभिन्न मुद्दों पर बात करने सहमति बनी, जिसमे सभी –

1 श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट
2 सभी श्रमिकों का id कार्ड, सुरक्षा,
3 पेमेंट स्लिप
4 स्थानीय बेरोजगरों को रोजगार
5 जॉइनिंग लेटर, सहित बोनस पर बात करने और मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया।
उक्त हड़ताल मे भू विस्थापित श्रमिकों के साथ अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा, शेत मसीह सांसद प्रतिनिधि, मधुसूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, गोविंदा सारथी, कमलेश प्रजापति, संतोष यादव, प्रकाश सागर, फिरोज, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत,संजय यादव, सुजीत महंत, गौरव साहू, अनिल सागर, सहित कम्पनी मे कार्यरत हेल्फर, ड्राइवर सहित ग्रामीण सैकड़ो की संख्या मे उपस्थित रहे।

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कोरबा

न्यायाधीश ने बंदियों को अधिकारों की जानकारी दी

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कोरबा। प्रथम जिला व अपर सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गरिमा शर्मा ने जिला जेल कोरबा के बंदियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। न्यायाधीश शर्मा जेल में बंदियों की भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा कर, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का अवलोकन किया। न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि पात्र बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता देंेगे। बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी दिवसों में न्यायालयों में उपस्थित कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंदियों को उनके अधिकारों और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। प्राधिकरण का मानना है कि जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना केवल एक दायित्व नहीं बल्कि समाज में समानता और न्याय का अधिकार भी है।

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कोरबा

पाली-लाफा रोड पर पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं, मोड़ पर हादसे का डर

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कोरबा/पाली। पाली-लाफा मार्ग पर कई अंधे मोड़ हैं, इनके आसपास सड़क किनारे पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं कराने पर सड़क हादसे का डर बना हुआ है। 8 किलोमीटर सड़क के रास्ते पर 5 से अधिक मोड़ है, जहां पर सुरक्षित आवाजाही में खतरा बना हुआ है। सामने से आ रहे वाहन पेड़ों की झुकी डंगाल के कारण नजर नहीं आते हैं और वाहनों के टकराने से सड़क दुर्घटना हो चुकी है। चैतुरगढ़ स्थित मां महिषासुर मर्दिनी का ऐतिहासिक मंदिर जाने का भी यह रास्ता है। पाली से चैतुरगढ़ की दूरी लगभग 32 किलोमीटर है। इसी मार्ग पर लाफा तक कई अंधे मोड़ से चालकों का सफर मुश्किल हो रहा है। चैतुरगढ़ में मां महिषासुर मर्दिनी का मंदिर होने के साथ यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है।

इस कारण जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण छत्तीसगढ़ का कश्मीर भी कहा जाता है। पर्यटक पाली-लाफा मार्ग से चैतुरगढ़ के लिए आवाजाही करते हैं। जिला पंचायत सदस्य कौशल नेटी ने मांग की है कि पाली से लाफा होते हुए चैतुरगढ़ जाने वाले मार्ग का निरीक्षण कराया जाए। सड़क किनारे दृश्यता रोकने वाली डालियों की नियमानुसार कटाई-छंटाई कराई जाए। दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील मोड़ों को चिह्नित किया जाए। वहां जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएं।

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