नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स में एक ही दिन कबड्डी के दोनों गोल्ड जीत लिए। महिला टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया। इसके बाद पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया।
शनिवार को पुरुष टीम ने एशियन गेम्स में लगातार 10वीं बार मेडल जीता। महिला टीम ने लगातार 5वें एशियाड में मेडल हासिल किया।
कबड्डी के अलावा तजिंदरपाल सिंह तूर ने पुरुषों के शॉटपुट में सिल्वर मेडल जीता। वहीं, स्क्वॉश में 18 साल की अनाहत सिंह विमेंस सिंगल्स के फाइनल में पहुंचीं। अभय सिंह ने मेंस सिंगल्स के फाइनल में जगह बनाई। यह पहली बार है जब एशियन गेम्स में भारत के दो खिलाड़ी सिंगल्स कैटेगरी के फाइनल में पहुंचे हैं।
भारत की मेंस और विमेंस कबड्डी टीम ने ईरान को हराया।
हाफटाइम में पीछे था भारत, दूसरे हाफ में पलटा मैच
ईरान ने पहले हाफ के आखिर में बढ़त बना ली और ब्रेक तक स्कोर 18-17 उसके पक्ष में था। दूसरे हाफ की शुरुआत में भी ईरान ने दबाव बनाए रखा, लेकिन भारत ने धीरे-धीरे मैच का रुख बदल दिया। सुमित ने डिफेंस में लगातार अहम टैकल किए, जबकि अर्जुन देशवाल ने रेडिंग में अंक जुटाए। भारत ने 21-21 की बराबरी के बाद बढ़त बनानी शुरू की।आखिर में भारत ने 40-34 से जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
महिला टीम ने भी ईरान को हराया
महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड जीता था। भारत ने मुकाबले में कई मौकों पर बढ़त बनाई, लेकिन ईरान ने वापसी की कोशिश जारी रखी। आखिरी मिनटों में भारतीय डिफेंस ने बढ़त बनाए रखी और मैच 37-34 से अपने नाम किया।
स्क्वॉश में भी दो फाइनलिस्ट
अनाहत सिंह ने जापान की वर्ल्ड नंबर-6 खिलाड़ी सातोमी वतनाबे को 3-2 से हराकर विमेंस सिंगल्स के फाइनल में जगह बनाई। अनाहत एक समय 2-0 से पीछे थीं और तीसरे गेम में भी उन्हें दो मैच पॉइंट बचाने पड़े। इसके बाद उन्होंने लगातार वापसी करते हुए मैच जीत लिया।
वहीं अभय सिंह ने पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 3-0 से हराकर मेंस सिंगल्स फाइनल में प्रवेश किया। उन्होंने 11-3, 12-10, 11-6 से मुकाबला जीता।
मैराथन में 44 साल बाद मेडल
एथलेटिक्स में सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकाला। एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में भारत को 44 साल बाद मेडल मिला है। इससे पहले 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में भारत ने इस इवेंट में ब्रॉन्ज जीता था।
मैराथन दौड़ 42 किलोमीटर की होती है, जबकि हाफ मैराथन 21.097 किलोमीटर होती है।
शूटिंग में टीम सिल्वर
महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदार्शा विनोद की भारतीय टीम ने सिल्वर मेडल जीता। चीन की टीम पहले स्थान पर रही। भारत के लिए तिलोत्तमा सेन और विदार्शा विनोद ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बनाई, जहां वे क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर रहीं।
हॉकी में सेमीफाइनल में पहुंचा भारत
डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मेजबान जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। भारत ने ग्रुप स्टेज में इससे पहले इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराया था। जापान के खिलाफ जीत उसकी लगातार चौथी जीत रही।
भारत के लिए दिन में कई और अहम नतीजे
बैडमिंटन में उन्नति हुड्डा ने इंडोनेशिया की वर्ल्ड नंबर-6 पुत्री कुसुमा वारदानी को 21-19, 21-13 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वहीं ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने जापान की वर्ल्ड नंबर-3 जोड़ी को हराकर महिला डबल्स के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
बॉक्सिंग में प्रिया घंघास ने दक्षिण कोरिया की ओह येओन-जी को 5-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। कपिल पोखरिय ने भी ईरान के सैम एस्ताकी को 5-0 से हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया।
इस तरह एशियन गेम्स के 7वें दिन कबड्डी के दो गोल्ड, मैराथन और शूटिंग के सिल्वर, स्क्वॉश के फाइनल और हॉकी के सेमीफाइनल में पहुंचने से भारत के लिए दिन बेहद अहम रहा।
इंडिया मेडल टैली के 10वें स्थान पर पहुंचा
भारत ने अब तक 4 गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज सहित 28 मेडल जीत लिए हैं। टीम 10वें स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी से फोन पर की आत्मीय बातचीत, स्वर्णिम सफलता के लिए दी बधाई
मुख्यमंत्री ने कहा – संजू देवी की उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए बनेगी प्रेरणा
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को पराजित कर जीता स्वर्ण पदक
भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत में कोरबा की संजू देवी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कोरबा, 26 सितंबर 2026। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्वर्णिम सफलता में कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की रहने वाली भारतीय महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी (संजू यादव) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत ने फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल किया।
भारतीय महिला कबड्डी टीम की इस ऐतिहासिक सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोरबा की बेटी संजू देवी से फोन पर आत्मीय बातचीत की और उन्हें स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने संजू के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संजू देवी ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और खेल कौशल के बल पर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता में छत्तीसगढ़ की बेटी की भागीदारी प्रदेश के लिए विशेष गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि संजू की सफलता प्रदेश की उन बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का सपना देखते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां आज शिक्षा, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परिचय दे रही हैं। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार से निकलकर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने और अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा बनना संजू देवी की मेहनत और संघर्ष का परिणाम है। प्रदेश सरकार राज्य की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, ताकि गांवों, आदिवासी अंचलों और छोटे शहरों की प्रतिभाएं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। संजू देवी का जन्म 19 दिसंबर 2002 को हुआ। उनके पिता रामजी यादव ड्राइवर एवं दैनिक मजदूरी का कार्य करते हैं, जबकि माता श्रीमती अमरिका बाई गृहिणी हैं। उनका मूल निवास ग्राम केराकछार, पाली ब्लॉक, जिला कोरबा है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली संजू ने अपने खेल के जुनून और निरंतर मेहनत के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है। संजू ने कक्षा पांचवीं से अपने गांव के स्कूल में कबड्डी खेलना शुरू किया था। उनकी प्रतिभा को जिला कबड्डी संघ के कोच अनुज प्रताप सिंह ने पहचाना और उन्हें प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया। इसके बाद संजू ने कबड्डी में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई। वर्तमान में वे बहतराई बालिका आवासीय खेल अकादमी, बिलासपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी संजू ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने शासकीय महाविद्यालय, कटघोरा से उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा आईटीआई की पढ़ाई भी पूरी की है। कबड्डी में वे मुख्य रूप से रेडर की भूमिका निभाती हैं। संजू देवी के अंतरराष्ट्रीय करियर में वर्ष 2025 भी महत्वपूर्ण रहा। ढाका, बांग्लादेश में आयोजित महिला कबड्डी वर्ल्ड कप में उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और टीम की स्वर्ण पदक जीत में योगदान दिया। वे 2025 की विश्व कप विजेता भारतीय टीम की सदस्य रहीं और टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन को भी विशेष रूप से सराहा गया। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला टीम की घोषित 12 सदस्यीय टीम में भी संजू देवी शामिल रहीं। एशियन गेम्स 2026 में संजू ने प्रतियोगिता के शुरुआती मुकाबलों में भी भारतीय टीम के आक्रमण में अहम भूमिका निभाई। बांग्लादेश के खिलाफ भारत की 42-21 की जीत में उनके सफल रेड निर्णायक रहे। सेमीफाइनल में नेपाल के खिलाफ भारत की 48-24 की जीत में भी संजू देवी ने लगातार प्रभावी रेड कर टीम की जीत में योगदान दिया। संजू देवी की यह उपलब्धि कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। गांव के स्कूल से कबड्डी का सफर शुरू करने वाली संजू ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी पहचान बनाई है। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने परिवार, कोरबा और छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी स्वर्णिम सफलता के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आइची/नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत को एशियन गेम्स में 28 साल बाद वेटलिफ्टिंग का मेडल मिला है। यह मेडल मीराबाई चानू ने दिलाया है। 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी ने सिल्वर जीता था। इसके अलावा, रोशिबिना देवी महिला वुशु के 60 kg के फाइनल में पहुंच गई हैं।
बुधवार को मीराबाई महिलाओं की 49 kg वेट कैटेगरी में 198 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरे स्थान पर रहीं। उन्होंने स्नेच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 111 kg का वजन उठाया।
32 साल की मीराबाई ने एशियाई खेलों में पहली बार मेडल जीता है। वे ओलिंपिक गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसी बड़ी प्रतियोगितओं में मेडल जीत चुकी हैं।
भारत को दिन का चौथा मेडल मिला
गेम्स के चौथे दिन भारत को चौथा मेडल मिला है। इनमें से 2 मेडल शॉटगन शूटिंग के स्कीट टीम इवेंट में आए। रायजा ढिल्लों, परिनाज धालीवाल और माहेश्वरी चौहान की महिला टीम 331 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रही।
पुरुष इवेंट में अनंतजीत सिंह नारुका, मैराज अहमद खान और भवतेघ सिंह गिल ने शूट-ऑफ में कजाकिस्तान को हराकर ब्रॉन्ज जीता। एक मेडल सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा ने दिलाया।
मनु भाकर मेडल चूकीं, भारतीय टीम भी हारी
मनु भाकर विमेंस 10 मीटर पिस्टल इवेंट में मेडल चूक गईं। वे 5वें नंबर पर रहीं। मेडल नहीं जीत पाने के बाद मनु ने खुद को संभाले रखा, लेकिन मीडिया से बातचीत में जसपाल राणा का नाम आते ही उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। कुछ महीने पहले जसपाल का 49 साल की उम्र में दिल से जुड़ी समस्या के कारण निधन हो गया था।
मनु भाकर कोच जसपाल राणा के बारे में बात करते हुए रोने लगीं।
टाई होने के बावजूद भारतीय टीम ब्रॉन्ज चूकी
एशियन गेम्स शूटिंग में इंडिविजुअल क्वालिफिकेशन राउंड टीम इवेंट का मेडल राउंड भी होता है। भारत की तीनों खिलाड़ी मनु, ईशा और सुरुचि ने मिलकर कुल 1719 अंक हासिल किए। यह तीसरे नंबर पर रही वियतनाम की टीम के पॉइंट्स के बराबर हैं। इसके बावजूद भारत ब्रॉन्ज चूक गया।
दो टीमों का स्कोर बराबर रहने पर ज्यादा परफेक्ट 10 की गिनती के आधार पर विजेता का फैसला होता है। वियतनाम की शूटर्स ने कुल 46 परफेक्ट 10 लगाए थे। वहीं भारतीय शूटर्स ने 44 परफेक्ट 10 ही लगाए। चीन ने 1735 अंकों के साथ गोल्ड और साउथ कोरिया ने 1730 पॉइंट्स के साथ सिल्वर जीता।
चीन टॉप पर, भारत 12वें स्थान पर
भारत एक गोल्ड, 5 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज के साथ मेडल टैली के 11वें स्थान पर है। वहीं, चीन 45 गोल्ड मेडल के साथ 72 मेडल के साथ पहले नंबर पर है।
बैडमिंटन: भारतीय पुरुष टीम चीन के खिलाफ 1-3 से हारी, ब्रॉन्ज जीता
भारत पुरुष टीम बैडमिंटन के सेमीफाइनल में चीन से 1-3 से हार गई। उसे ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। चौथे मैच में हे जी टिंग और लियू यी ने हरिहरन अम्साकरुनन और एमआर अर्जुन को 21-16, 17-21, 21-9 से हराया।
भारत ने टीम इवेंट में लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स मेडल जीता है। पिछली बार भारत और चीन के बीच फाइनल हुआ था, जो बेहद करीबी रहा था।
लक्ष्य सेन और अयुश शेट्टी के सिंगल्स मैच हारने के बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जीत ने भारत की वापसी कराई। उन्होंने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन लियांग वेइकेंग और वांग चांग को हराया।
वेटलिफ्टिंग: ज्ञानेश्वरी यादव 8वें नंबर पर रहीं
भारत की ज्ञानेश्वरी यादव वेटलिफ्टिंग की महिला 53 किग्रा कैटेगरी में 8वें नंबर पर रहीं। उन्होंने 195 kg वजन उठाया। ज्ञानेश्वरी ने स्नेच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 195 किग्रा वजन उठाया। उत्तर कोरिया की खिलाड़ी को गोल्ड, थाईलैंड की प्लेयर को सिल्वर और चीन की खिलाड़ी को ब्रॉन्ज मिला।
सेमीफाइनल में चीन 2-1 से आगे
भारत और चीन के बीच पुरुष टीम बैडमिंटन सेमीफाइनल में चीन 2-1 से आगे है। हरिहरन-अर्जुन की जोड़ी ने दूसरे गेम में शानदार वापसी की और 21-17 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचाया। हालांकि, तीसरे गेम में हे-लियू ने शुरुआत में 2-4 से पिछड़ने के बाद लगातार 9 में से 8 अंक जीत लिए और ब्रेक तक 11-5 की बढ़त बना ली।
वुशु: रोशिबिना देवी फाइनल में पहुंचीं
भारत की रोशिबिना देवी ने महिला 60 किग्रा सांडा के फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास को दो राउंड में अंकों के आधार पर हराया।
रोशिबिना का यह प्रदर्शन एशियन गेम्स में भारतीय वुशु का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन बराबर करेगा। हांगझोउ में सिल्वर जीतने वाली रोशिबिना इस बार गोल्ड या सिल्वर पक्का कर चुकी हैं।
रोशिबिना मूल टीम का हिस्सा नहीं थीं। दिव्यांशी के चोटिल होने के बाद उन्हें टीम में जगह मिली थी। फाइनल में उनका सामना चीन की झांग शियाओयू से होगा। मैच कल सुबह 6:10 बजे IST से होगा।
इंडोनेशिया की थानिया कुसुमानिंगत्यास के खिलाफ मैच में भारत की रोशिबिना देवी।
मेडल से चूकीं मनु, जसपाल राणा को याद कर भावुक हुईं
एशियन गेम्स में महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में पांचवें स्थान पर रहने के बाद मनु भाकर भावुक हो गईं। मनु ने राणा को याद करते हुए उनके करियर और जिंदगी से जुड़ी सलाह को याद किया।
मनु ने मेडल नहीं जीत पाने के बाद खुद को संभाले रखा, लेकिन राणा के बारे में बात करते हुए वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं।
मेडल रेस से बाहर होने के बाद मायूस मनु भाकर।
वेटलिफ्टिंग: ज्ञानेश्वरी यादव ने तीसरे 108 किग्रा वजन उठाया
ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 किग्रा वेटलिफ्टिंग में क्लीन एंड जर्क के तीसरे प्रयास में 108 किग्रा वजन उठाया। उन्होंने दूसरे प्रयास में 105 kg वजन उठाया था। वे पहले अटैम्प्ट में इसी वजन को नहीं उठा सकी थीं।
इस सफल अटैम्प्ट के बाद ज्ञानेश्वरी का कुल स्कोर 195 किग्रा हो गया। फिलहाल, वे 5वें स्थान पर है। जाेकि मेडल के लिए काफी नहीं है।
वेटलिफ्टिंग: ज्ञानेश्वरी यादव ने 105 किग्रा उठाया
महिला 53 किग्रा वेटलिफ्टिंग में ज्ञानेश्वरी यादव ने क्लीन एंड जर्क के दूसरे प्रयास में 105 किग्रा वजन उठाया। वे पहले अटैम्प्ट में इसी वजन को नहीं उठा सकी थीं।
उन्होंने दूसरे प्रयास में क्लीन आसानी से पूरा किया। जर्क में कुछ कदम आगे लड़खड़ाने के बाद खुद को स्थिर किया। उनका कुल स्कोर 192 किग्रा हो गया, जो दूसरे स्थान पर है। हालांकि, पांच खिलाड़ियों के क्लीन एंड जर्क में प्रयास बाकी हैं।
बैडमिंटन- आयुष शेट्टी हारे, भारतीय टीम चीन के खिलाफ पिछड़ा
भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम चीन के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में 1-2 से पिछड़ गई है। यहां तीसरे मैच में आयुष शेट्टी चीन के ली शी फेंग के खिलाफ 19-21, 13-21 से हार गए हैं। चौथे मुकाबले में हरिहरन और अर्जुन की जोड़ी उतरेगी।
वेटलिफ्टिंग: ज्ञानेश्वरी यादव 90 किग्रा नहीं उठा सकीं
महिला 53 किग्रा वेटलिफ्टिंग में ज्ञानेश्वरी यादव स्नैच के तीसरे प्रयास में 90 किग्रा वजन नहीं उठा सकीं। स्नैच में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 87 किग्रा रहा।
फिलहाल वे दूसरे आखिरी स्थान पर हैं। उनसे नीचे सिर्फ वियतनाम की गुयेन होआ हुयोंग हैं। अब क्लीन एंड जर्क में ज्ञानेश्वरी के पास वापसी का मौका होगा।
बॉक्सिंग- अंकुश पंघाल पहला मैच जीते
भारत के अंकुश पंघाल मेंस बॉक्सिंग के 80 kg वर्ग में अपना पहला मैच जीत गए हैं। उन्होंने बहरीन के हम्सा वोगेल को 5-0 से हराया।
भारतीय विमेंस हॉकी टीम की लगातार तीसरी जीत:
भारत ने एशियन गेम्स के विमेंस हॉकी टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की है। उसने पूल-B मुकाबले में थाईलैंड को 20-1 से हराया। भारत पूल के पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है।
गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में बुधवार को भारत की ओर से दीपिका ने 9 गोल किए। उनके सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए। नवनीत कौर ने 4 और रुतुजा पिसल ने 3 गोल किए।
बैडमिंटन- सात्विक-चिराग की जोड़ी ने दिलाई भारत को बराबरी
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने लियांग वेइकेंग-वांग चांग को 21-11, 22-20 से हराकर भारत को चीन के खिलाफ पुरुष टीम सेमीफाइनल में 1-1 की बराबरी दिला दी।
भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में 16-11 की बढ़त बनाई। चीन ने वापसी करते हुए स्कोर 20-20 कर दिया, लेकिन चिराग के शानदार स्मैश से भारत को तीसरा मैच प्वाइंट मिला।
अगली रैली में वांग का शॉट बाहर जाने के साथ भारत ने गेम और मैच जीत लिया। इस जीत के साथ सात्विक-चिराग ने भारत को सेमीफाइनल में वापसी दिलाई।
चीनी जोड़ी के खिलाफ भारत के सात्विक-चिराग।
मीराबाई का मेडल सेलिब्रेशन
शूटिंग: भारत ने महिला स्कीट टीम में ब्रॉन्ज जीता
भारत की रायजा ढिल्लों, परिनाज धालीवाल और माहेश्वरी चौहान की टीम ने महिला स्कीट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय टीम का कुल स्कोर 331 रहा।
रायजा और परिनाज ने 125 में से 111-111 अंक बनाए, जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक हासिल किए। चीन ने 346 अंक के साथ गोल्ड जीता, जबकि कजाकिस्तान ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
निशिन (जापान)/नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीत लिया है। टीम ने मंगलवार को फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराया। भारत ने 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 216 रन बनाए। यह एशियन गेम्स में भारतीय विमेंस टीम का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। 217 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर ऑलआउट हो गई।
थर्ड प्लेस के मैच में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता है।
मंधाना ने 79 रन की पारी खेली
भारत के लिए स्मृति मंधाना ने 79, ऋचा घोष ने नाबाद 49 और शेफाली वर्मा ने 48 रन की पारी खेली। मंधाना और शेफाली के बीच पहले विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी हुई। मंधाना ने इस पारी के दौरान विमेंस इंटरनेशनल क्रिकेट में 11 हजार रन भी पूरे किए।
श्रीलंका की ओर से सुगंधिका कुमारी, कविशा दिलहारी और चामुडी प्रभोदा ने एक-एक विकेट लिया।
दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट झटके
श्रीलंका की टीम 15.4 ओवर ही खेल सकी। चामरी अटापट्टू ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाए, जबकि कौशिनी नुथ्यांगना ने 14 और कविशा दिलहारी ने 11 रन बनाए।
भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। शेफाली वर्मा, श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी को भी 2-2 विकेट मिले। श्रीलंका के 8 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
इस गोल्ड के साथ भारत टॉप-10 में पहुंचा
इस गोल्ड मेडल के साथ भारत एशियन गेम्स-2026 की मेडल टैली में टॉप-10 में पहुंच गया है। भारत के खाते में अब तक 1 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल हैं।
भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार गोल्ड जीता
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में विमेंस क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीत लिया। श्रीलंका 15.4 ओवर में 69 रन पर ऑलआउट हो गई। श्रेयंका पाटिल ने कौशानी नुथ्यांगना को बोल्ड कर भारत को जीत दिलाई।
श्रेयंका की फुल और स्टंप्स पर आती गेंद पर कौशानी आगे निकलकर शॉट खेलने गईं, लेकिन गेंद बल्ले को चकमा देकर सीधे मिडिल स्टंप पर जा लगी। इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर तिरंगा लहराकर गोल्ड मेडल का जश्न मनाया।
श्रीलंका के 9 विकेट गिरे
श्रीलंका को 14.2 ओवर में नौवां झटका लगा। मिताली अयोध्या 5 गेंदों पर बिना खाता खोले रन आउट हुईं। कौशानी नुथ्यांगना के मिडविकेट की ओर शॉट खेलने के बाद दोनों ने एक रन पूरा किया, लेकिन दूसरे रन के लिए मिताली क्रीज से बाहर निकल गईं। वापसी के दौरान वह फिसल गईं और ऋचा घोष ने गिल्लियां बिखेर दीं।