Balconagar, October 15, 2026: Bharat Aluminium Company Limited, a unit of Vedanta Aluminium Metal Limited, has been recognised for its contribution to tuberculosis (TB) awareness, patient care and community health initiatives. The recognition was presented at the district-level TB Awareness and Felicitation Programme organised under the Pradhan Mantri TB Mukt Bharat Abhiyan at the Korba Collectorate. Among the programme’s notable outcomes, Chuiya Gram Panchayat in Korba district recorded zero TB cases over the past year.
The company has been working across 40+ villages in Korba district to create awareness about tuberculosis, encourage early diagnosis and support patients during treatment. In recognition of this milestone, the Chuiya Gram Panchayat was honoured with the Mahatma Gandhi Bronze Memento and a Certificate of Appreciation. The awards were presented by Mrs. Sanju Devi Rajput, Mayor, Korba Municipal Corporation; Dr. S.N. Keshari, Chief Medical and Health Officer (CMHO), in the presence of public representatives, social service organisations and government officials.
Highlighting the importance of collective action in public health, Mr. Rajesh Singh, CEO & Whole-Time Director, BALCO, said, “India’s aspiration to eliminate tuberculosis reflects our commitment to ensuring the wellbeing of every citizen. Public health is a critical pillar of national progress, and achieving lasting outcomes requires partnerships that extend to the last mile. At BALCO, we believe that industry has a meaningful role to play in strengthening community health alongside economic development. Through focused healthcare interventions and collaborative action, we remain committed to supporting India’s vision of a TB-free future and contributing to a healthier, more resilient society.”
Speaking on the occasion Dr. S.N. Keshari, CMHO appreciated BALCO’s continued contribution to healthcare services and said, “The company has emerged as a key partner in supporting tuberculosis prevention and care at the grassroots level through its sustained focus on awareness, early diagnosis and patient support. The recognition of Chuiya Gram Panchayat for reporting zero TB cases over the past year reflects the positive impact of these collective efforts. Such collaborations significantly strengthen the implementation of the TB elimination programme and contribute to improved community health outcomes”.
Sharing his experience, a beneficiary of the initiative, said “I had health issues for over a year. Local treatment provided temporary relief, but my condition kept worsening. After my TB diagnosis, the nutritional support I received through BALCO helped me regain my strength. My weight increased from 49 kg to 53 kg, the symptoms gradually disappeared, and today my TB test is negative. Now, I encourage others to seek timely treatment and spread awareness in my village,” he shared.
BALCO’s healthcare initiative, Project Arogya, has reached nearly 27,000 community members through TB awareness and outreach programmes. The company has also supported around 110 TB patients under the Government of India’s Nikshay Mitra initiative through nutritional assistance, counselling and treatment-support interventions. The support extends beyond nutritional assistance, regular follow-ups, counselling and coordination with the health authorities help patients stay on treatment and access support when needed.
कोरबा 15 अक्टूबर 2026। कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम सेन्द्रीपाली का जय सेवा नवयुवक स्व सहायता समूह खेती पर निर्भरता और सीमित आय जैसी चुनौतियों के बीच आजीविका के नए अवसर तलाश रहा है। समूह ने मत्स्य पालन को आय के अतिरिक्त साधन के रूप में अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
मत्स्य पालन विभाग की राज्य पोषित प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत समूह को वर्ष 2025-26 में तीन दिवसीय प्रशिक्षण और जिले से बाहर अध्ययन भ्रमण का अवसर मिला। इस दौरान सदस्यों ने मत्स्य पालन से जुड़ी जानकारी प्राप्त की और अपने कार्य को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने के तरीके सीखे। प्रशिक्षण से मिले मार्गदर्शन को समूह ने अपने मत्स्य पालन कार्य में उपयोग किया।
खेती के साथ मछली पालन से जुड़ने से समूह के सदस्यों को आजीविका का एक और विकल्प मिला है। यह पहल सीमित आय के स्रोतों को बढ़ाने और समूह को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में सहायक बनी है। जय सेवा नवयुवक स्व सहायता समूह का प्रयास बताता है कि प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण समूह स्थानीय संसाधनों के आधार पर रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह बना सकते हैं।
कोरबा, 15 अक्टूबर 2026। जिला कोरबा में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने एवं जुआ खेलने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस अधीक्षक कोरबा से प्राप्त हुआ था जिसके परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पाटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना बालकोनगर पुलिस टीम के द्वारा सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेल रहे 08 आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है।
दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम फुटहामुड़ा स्थित पिकनिक स्पॉट के सार्वजनिक स्थान पर कुछ व्यक्ति ताशपत्ती से रुपये-पैसों का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना पर थाना बालकोनगर पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की गई तथा जुआ खेल रहे 08 व्यक्तियों को पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
विजय कुमार वर्मा, पिता स्व. हरिदास वर्मा, उम्र 40 वर्ष, निवासी पोड़ीबहार, थाना सिविल लाइन रामपुर, कोरबा।
सूरजमल देवांगन, पिता स्व. लगन राम देवांगन, उम्र 54 वर्ष, निवासी बुधवारी, काशीनगर।
जब्त सामग्री
पुलिस द्वारा आरोपियों के कब्जे एवं मौके से निम्नलिखित सामग्री जब्त की गई है—
रू.14,700 नगद राशि।
07 दोपहिया वाहन।
07 विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन।
52 पत्ती ताश एवं जुआ खेलने में प्रयुक्त अन्य सामग्री।
वैधानिक कार्रवाई
उक्त मामले में थाना बालकोनगर में अपराध क्रमांक 614/2026, छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 3(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस की अपील
कोरबा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि जुआ एवं अन्य अवैध गतिविधियों से दूर रहें। सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। जिले में शांति, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
68 पीडीएस भवन,35 ग्राम पंचायत भवन एवं आंगनवाड़ी भवन को मिली स्वीकृति
666 बालिका शौचालय, 210 मुक्तिधाम और 215 सैंड फिल्टर बोरवेल के निर्माण कार्यों को मंजूरी
जल संरक्षण एवं संवर्धन को प्राथमिकता, 1283 कृषि डबरी, 215 परकोलेशन टैंक और 203 तालाब गहरीकरण के कार्य स्वीकृत
कोरबा। विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत कोरबा जिले में ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए अब तक 127 करोड़ रुपये की लागत के 3056 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन, बालिका शौचालय निर्माण, मुक्तिधाम, सैंड फिल्टर बोरवेल तथा ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन प्रयासों से विकसित भारत की तरह विकसित कोरबा बनाने के संकल्प को गति मिल रही है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले की ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगारमूलक एवं उपयोगी परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। योजना के तहत जिले के सभी पांच विकासखंडों के 600 से अधिक शासकीय विद्यालयों में 666 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 210 मुक्तिधाम और 215 सैंड फिल्टर बोरवेल,68 पीडीएस भवन, 35ग्राम पंचायत भवन एवं आंगनवाड़ी भवन निर्माण के कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं।
सभी पांच विकासखंडों में बालिका शौचालय निर्माण को प्राथमिकता
विद्यालयों में बालिका शौचालयों के निर्माण से छात्राओं को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण विकसित करने में मदद मिलेगी। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण को बढ़ावा
जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन को प्राथमिकता देते हुए ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत 1283 कृषि डबरी, 215 परकोलेशन टैंक, 80 कंटूर ट्रेंच तथा 203 तालाब गहरीकरण के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और कृषि कार्यों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी और आजीविका गतिविधियों को मजबूती मिलने के साथ जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी।
योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) भवन, महिला स्व-सहायता समूहों के वर्कशेड तथा अन्य उपयोगी ग्रामीण अधोसंरचनाओं के निर्माण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इन कार्यों से सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
125 दिनों तक रोजगार का प्रावधान
विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक अकुशल रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में टिकाऊ एवं उपयोगी सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। जल संरक्षण, कृषि आधारित संरचनाओं, तालाबों तथा अन्य सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
रोजगार के साथ मजबूत होगी ग्रामीण अधोसंरचना
योजना के तहत स्वीकृत कार्यों से गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार, जल संसाधनों का संरक्षण और आजीविका के साधनों का विकास किया जा रहा है। बालिका शौचालयों, मुक्तिधामों, सैंड फिल्टर बोरवेल तथा जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कोरबा जिले में विकसित भारत-जी राम जी योजना के माध्यम से रोजगार सृजन और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इन कार्यों के जरिए गांवों को सुविधायुक्त, जल समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा मे प्रयास किये जा रहे हैं।