आज शिक्षा का अर्थ केवल किताबी ज्ञान या परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं रह गया है। एक आदर्श शिक्षा वह है, जो बच्चे का सर्वांगीण विकास कर सके। बौद्विक, शारीरिक, मानसिक, नैतिक और सामाजिक रूप से विद्यार्थी जब सशक्त होंगे, तभी बच्चों का भविष्य स्वर्णीम हो सकेगा और राष्ट्र के विकास में ऐसे बच्चे, जो युवा बनेंगे, भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। बच्चों की संपूर्ण शिक्षा का मार्ग तभी प्रशस्त होगा, जब शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावक भी बच्चों के प्रति पूरी ईमानदारी से अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करेंगे। शिक्षक- अभिभावक संवाद बच्चों के स्वर्णीम भविष्य के लिए एक सेतु के समान है, जिसमें लगातार संपर्क जरूरी है। बच्चों का भविष्य सिर्फ अकेले विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि शिक्षक-अभिभावक मिलकर ही बच्चों का भविष्य गढ़ सकते हैं। अक्सर देखने में आता है कि पालक सोचतें हैं कि हम बच्चे के अच्छे स्कूल में दाखिला करा दिया, फीस भर दी और अपनी जिम्मेदारी पूरी हो गई। कभी-कभी शिक्षक भी सोचतें हैं कि स्कूल के समय जो पढ़ा दिया, वह पर्याप्त है। इसी सोच के बीच बच्चा कहीं पीछे छूट जाता है। जब पालक या अभिभावक बच्चों पर ध्यान नहीं देते और अपने पर छोड़ देते हैं, तब बच्चा कभी-कभी भटक जाता है और गलत संगति के कारण उसका भविष्य अंधेरे के गर्त में चला जाता है। बच्चों की हर जरूरत का ध्यान रखें बच्चों के प्रति अभिभावकों को अपनी पूरी जिम्मेदारी निभानी होगी और पढ़ाई से संबंधित हर जरूरतों को पूरी करने की कोशिश अभिभावकों को करनी होगी। समय पर बच्चों की स्कूल फीस, कापी-पुस्तक सहित हर जरूरतों को अभिभावक पूरी करने की कोशिश करें, यह भी ध्यान रखें कि बच्चों को अधिक दबाव में ना रखें, लेकिन उन पर नजर जरूर रखें। बच्चों के सर्वांगीण विकास का सेतु है संवाद बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षक-अभिभावक संवाद सेतु का काम करता है और ये दोनों रथ के दो पहिए के सामान हैं। जैसे रथ के दो पहिए होते हैं, वैसे ही शिक्षा के दो पहिए हैं शिक्षक-अभिभावक। एक भी कमजोर हुआ, तो रथ आगे नहीं बढ़ेगा। इसलिए जरूरी है कि दोनों के बीच निरंतर, खुला और सम्मानजनक संवाद बना रहे। जब शिक्षक और पालक मिलकर चलेंगे, तभी एक सफल विद्यार्थी का निर्माण कर पाएंगे, जो प्रतिभावान भी हो और जीवन में सफल भी। शिक्षक-अभिभावक संवाद क्यों जरूरी! बच्चों के सर्वार्गीण विकास के लिए शिक्षक-अभिभावक संवाद जरूरी है, इसीलिए विद्यालयों में पैरेंट्स मीटिंग रखी जाती है। संवाद से बच्चों को समझने, उनकी समस्याओं को जानने का अवसर मिलता है। आज कल बच्चे 5 से 7 घंटे स्क्रीन पर बिताते हैं, जो बच्चों के मानसिक विकास के लिए घातक है, संवाद से ही इसे छुड़ाया जा सकता है। इस तरह की अन्य समस्याओं का हल तभी संभव है, जब विद्यालय में शिक्षक, पालक और बच्चे साथ बैठकर संवाद करें और सेतु का काम करें। जब हम शिक्षक-अभिभावक मिलकर बच्चों के प्रति अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करेंगे तो एक ऐसे विद्यार्थी का निर्माण कर पाएंगे, जो युवा बनकर आत्म निर्भर बनेगा और एक अच्छा इंसान बनकर राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका निभाकर अलग पहचान भी बनाएगा।
कोरबा। निहारिका क्षेत्र के बजरंग ट्रेडर्स में उस समय लोगों की धड़कनें बढ़ गईं, जब दुकान की सीलिंग के ऊपर करीब 7 फीट लंबा धमना सांप बैठा दिखाई दिया, सांप को देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए,इसी बीच वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम (नोवा नेचर) के प्रमुख जितेंद्र सारथी को इसकी सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी मौके पर पहुंचे और सांप को सुरक्षित रेस्क्यू करने की प्रक्रिया शुरू की, रेस्क्यू के दौरान सांप ने अचानक जंप किया, तभी जितेंद्र सारथी ने बेहद तेजी और सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे पकड़ लिया,यह पूरा घटनाक्रम इतना अप्रत्याशित और रोमांचक था कि वहां मौजूद लोग देखते ही रह गए, सांप को पकड़ने का अंदाज ऐसा था, मानो क्रिकेट मैच में हवा में आती गेंद को लपक लिया गया हो।
इस हैरतअंगेज दृश्य को देखकर लोग कुछ पल के लिए सकते में आ गए, हालांकि, जितेंद्र सारथी ने धैर्य और अनुभव के साथ स्थिति को संभाला और सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया,रेस्क्यू के बाद 7 फीट लंबे धमना सांप को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक रहवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया।
जितेंद्र सारथी ने बताया कि धमना सांप एक गैर-विषैला सांप है, जो चूहों और अन्य छोटे जीवों को खाकर पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, कई बार भोजन की तलाश में या सुरक्षित स्थान की खोज में सांप रिहायशी इलाकों और दुकानों तक पहुंच जाते हैं, ऐसे में उन्हें देखकर घबराने या नुकसान पहुंचाने के बजाय रेस्क्यू टीम के हेल्प लाइन नंबर 8817534455,7999622151 कॉल कर के सहायता लेनी चाहिए।
सीएसईबी में सुरक्षा अधिकारी के पद से हुए थे सेवानिवृत्त, छत्तीसगढ़ पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारी माधव प्रसाद तिवारी के पिता थे पारसनाथ तिवारी
कोरबा। कोरबा के वरिष्ठ पत्रकार पवन तिवारी के परिवार से दुखद खबर सामने आई है। उनके दादा पारसनाथ तिवारी का 108 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से परिवार में शोक का माहौल है। 108 वर्ष का लंबा जीवन जीने वाले पारसनाथ तिवारी अपने पीछे परिवार और जीवन से जुड़ी अनेक स्मृतियां छोड़ गए हैं।
पारसनाथ तिवारी छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (सीएसईबी) में सुरक्षा अधिकारी के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने परिवार के साथ जीवन बिताया। उनके पुत्र माधव प्रसाद तिवारी छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में पारसनाथ तिवारी वरिष्ठ सदस्य के रूप में सम्मानित थे। उनके निधन से परिजनों को गहरा दुख पहुंचा है।
108 वर्ष का जीवन अपने आप में अनुभवों, यादों और कई पीढ़ियों के सफर का साक्षी होता है। पारसनाथ तिवारी का निधन परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। इस दुख की घड़ी में परिजन और शुभचिंतक उन्हें अंतिम विदाई देंगे।
दिवंगत पारसनाथ तिवारी को विनम्र श्रद्धांजलि। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति दें।
कोरबा 23 अक्टूबर 2026 । कोरबा जिले में चरमराती कानून व्यवस्था, पुलिस प्रशासन की नाकामी, राजगामार क्षेत्र में मासूम बालिका की संदिग्ध मौत/अनाचार-हत्या की निष्पक्ष जाँच, शराब नीति व अशिक्षा के खिलाफ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का आक्रामक रुख।
मुख्य वक्तव्य एवं तीखा हमला जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, जिला कोरबा की ओर से जिले में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ती आपराधिक घटनाओं, नशे के कारोबार और प्रशासनिक लाचारी पर घोर आपत्ति व्यक्त करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है।
जिलाध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे ने पूरी शासन-प्रशासन के रवैये एवं कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सीधा निशाना साधा। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक व मंत्री लखन लाल देवांगन (आबकारी मंत्री) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिले में अपराधियों का दुस्साहस इस कदर बढ़ चुका है कि आम जनता और बेटियाँ खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
जिला सचिव महावीर यादव ने पुलिस प्रशासन की विफलता के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल की नीतियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह कमजोर किया। इसके साथ ही, प्रदेश में जगह-जगह नई शराब भट्टियाँ खोलने का जोरदार विरोध करते हुए महावीर यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “क्षेत्र में होने वाली अधिकांश चोरी, डकैती, चाकूबाजी, बलात्कार व हत्या जैसी घिनौनी वारदातें शराब के अनियंत्रित प्रसार और अशिक्षा का ही सीधा दुष्परिणाम हैं।”
प्रदेश संगठन मंत्री सुरेंद्र प्रसाद (सोनू) राठौर ने प्रदेश सरकार की नाकामियों पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि सरकार अपराधों पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
महिला विंग अध्यक्ष चंचल महंत ने भी सरकार की शराब नीति के प्रति तीखा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने राजगामार में मासूम बच्ची के साथ हुई हृदयविदारक घटना पर सीधा सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया तथा महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा में विफलता पर कड़ा निशाना साधा।
प्रमुख बिंदु एवं ज्वलंत मुद्दे
पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन व एएसपी से मुलाकात (अपराधों पर अंकुश लगाने की माँग): जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, जिला कोरबा के प्रतिनिधिमंडल ने कोरबा जिले में लगातार बढ़ रही चोरी, डकैती, मारपीट, हत्या और बलात्कार की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारियों ने एडिशनल एसपी नितेश सिंह ठाकुर से प्रत्यक्ष मुलाकात की और जिले में बेलगाम हो चुके अपराधियों पर त्वरित एवं कठोर अंकुश लगाने की पुरज़ोर माँग की।
रजगामार क्षेत्र में 6-7 वर्षीय मासूम बालिका की संदिग्ध मौत (उच्चस्तरीय निष्पक्ष जाँच की माँग): दिनांक 19 अक्टूबर 2026 को राजगामार क्षेत्र से लापता हुई मासूम बालिका का शव 22 अक्टूबर 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। पुलिस समय रहते उसे खोजने में नाकाम रही। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी माँग करती है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट व निष्पक्ष जाँच के जरिए वास्तविक तथ्य अविलंब उजागर किए जाएँ। यदि दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि होती है, तो दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से अविलंब फाँसी की सजा दिलाई जाए।
दशहरा पर्व पर चाकूबाजी व निर्मम हत्या: पवित्र दशहरा पर्व के दौरान मुढ़ापार क्षेत्र में मामूली विवाद पर राहुल उर्फ गोल्डन की सरेआम चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जो जिला प्रशासन की गश्त और खुफिया तंत्र की घोर नाकामी को दर्शाता है।
व्यापक आपराधिक माहौल, शराब भट्टी व प्रशासनिक विफलता: जिले में चाकूबाजी, हत्या, चोरी, डकैती, अवैध उत्खनन/नशीले पदार्थों का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। शराब की नई दुकानें और अशिक्षा का माहौल इन अपराधों को सीधा बढ़ावा दे रहा है।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की स्पष्ट माँगें: पारदर्शी जाँच व फाँसी की सजा: राजगामार मामले की त्वरित व निष्पक्ष जाँच कर दोषियों को फाँसी के फंदे तक पहुँचाया जाए।
शराब नीति पर अंकुश व शिक्षा में सुधार: नई शराब भट्टियों को तुरंत बंद किया जाए और अपराध की मूल जड़ बने नशे के कारोबार पर नकेल कसी जाए। सख्त पुलिस चौकसी: पूरे कोरबा जिले में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और आपराधिक तत्वों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी महासचिव बादल दुबे जिला संगठन मंत्री सुरेश पटेल जिला मंत्री देव हंस जिला उपाध्यक्ष संजीव गोस्वामी शहर अध्यक्ष हरि चौहान जेसीपी सदस्य कला महंत और सैकड़ों सेनानी व छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना कोरबा जिलाध्यक्ष सुरजीत सोनी के नेतृत्व में पूरा छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना कोरबा टीम उपस्थित रहे।