नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली के सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अवैध निर्माण के खिलाफ एक्शन के निर्देश दिए हैं। सीएम ने MCD को अवैध PG हॉस्टलों की जांच के निर्देश भी दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारी कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रहेंगे।
वहीं, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने PG बिल्डिंग के पास की इमारतों को गिराना शुरू कर दिया है। इन इमारतों में गर्ल्स PG था। लड़कियां PG खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट हो रही हैं। मंगलवार तक 24 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई और 7 अवैध ढांचों को सील किया जा चुका था।
सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी। मामले में बुधवार तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सत्य निकेतन के पास की बिल्डिंग पर कार्रवाई की तस्वीरें…
6 सितंबर को गिरी बिल्डिंग के पास वाली इमारतों को तोड़ा जा रहा है।
अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों को तोड़ा गया।
इलाके में कई गर्ल्स PG हैं। इनमें रह रहीं स्टूडेंट्स PG खाली करके जा रही हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में PG मालिक, संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर
दिल्ली पुलिस ने PG हादसे में बुधवार को सुधांशु नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। वह बिल्डिंग में हॉस्टल डेज नाम से PG चला रहा था। उसका पार्टनर शुभम त्यागी फरार है। दोनों ने अगस्त 2025 में बिल्डिंग लीज पर ली थी।
इससे पहले बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला, बेटे महेश और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को गिरफ्तार किया जा चुका है। सोमवार रात हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।
आरोपी महेश, PG ऑपरेटर सुधांशु और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जस्टिस भव्य खराल ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत मिली। पुलिस रिमांड के दौरान महेश ने बताया कि PG चलाने वाली कंपनी की शिकायत पर बेसमेंट में जमा पानी और सीलन की दिक्कत दूर करने के लिए मरम्मत कराई जा रही थी।
बेसमेंट से पानी निकालने के बाद निर्माण कार्य के दौरान पावर ट्रोवेल मशीन भी चलाई जा रही थी। पुलिस को आशंका है कि मशीन से पैदा हुई कंपन और पहले से कमजोर संरचना के कारण बिल्डिंग भरभराकर गिर गई।
हरिराम बंसल एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट हैं।
ठेकेदार बोला- 10 दिन पहले रेनोवेशन के लिए लगाया था
पूछताछ में ठेकेदार सनोज ने बताया कि महेश गुप्ता ने उसे 10 दिन पहले रेनोवेशन के लिए लगाया था। उसे 2800 रुपये रोज मिलते थे। काम बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर लेवल करने का था, जिसके लिए बेसमेंट में करीब 3 ट्रक मलबा भरा गया था।
ग्राउंड फ्लोर पर दुकान की जगह में एक दीवार रुकावट बन रही थी। हादसे वाले दिन जगह बनाने के लिए उस दीवार को हटा दिया गया। दीवार हटते ही कमजोर इमारत लोड नहीं झेल पाई और ढह गई।
गर्ल्स PG की दीवारों में दरारें, छात्राओं ने बनाया वीडियो
हॉस्टल डेज के पड़ोस में बने कनक लता गर्ल्स PG को भी आज गिराया जा रहा है। यह वही गर्ल्स हॉस्टल है, जिसमें रहने वाली छात्राओं ने अपने कमरों की दीवारों और छत में आई दरारों का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
यहां रहने वाली दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेकेंड ईयर की छात्राओं अर्निका और मानसी ने हॉस्टल डेज की बिल्डिंग गिरने से कुछ मिनट पहले अपने कमरे का वीडियो बनाया था। वीडियो में दीवारों और छत पर दरारें दिखाई दे रही हैं। 20 साल की अर्निका वीडियो में कहती हैं, “लगता है गिरने वाली है।”
कनक लता गर्ल्स PG में रहने वाली लड़कियों का बनाया वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था।
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, 10 सितंबर को सुनवाई
सत्य निकेतन PG हादसा मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने संकेत दिया कि वे इस मुद्दे को केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि देशभर में जर्जर और अवैध इमारतों की स्थिति की समीक्षा करेंगे। अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
यह मुद्दा तब उठा, जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरे सीनियर एडवोकेट अजीत सिन्हा ने 6 सितंबर को हुई सत्य निकेतन दुर्घटना का उल्लेख किया। सिन्हा अवैध और असुरक्षित भवनों से जुड़े एक पुराने मामले में अदालत की सहायता कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट पहले भी देशभर में अवैध इमारतों के खिलाफ दिशा-निर्देश जारी कर चुका है और अब उनके पालन की स्थिति की समीक्षा करना चाहता है। अदालत की टिप्पणी को भवन सुरक्षा के मुद्दे पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सत्य निकेतन से PG खाली कर रहे स्टूडेंट्स
सत्य निकेतन इलाका 1965-70 के बीच झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए बसाया गया था। 1970 के दशक में साउथ कैंपस शुरू होने के बाद यहां छात्रों की संख्या बढ़ी।
सत्य निकेतन में करीब 300 मकान हैं। इनमें लगभग 170 मकानों में PG चल रहे हैं। कई मूल आवंटी अपने मकान बेच चुके हैं।
अर्बन प्लानिंग एक्सपर्ट जगदीश ममगैन के मुताबिक, दिल्ली की कई पुरानी इमारतें अतिरिक्त मंजिलों का भार सहने लायक नहीं हैं। करीब 75 लाख घरों में सिर्फ 1.75 लाख के पास स्वीकृत बिल्डिंग लेआउट प्लान है।
MCD के साउथ जोन के 5 अधिकारी सस्पेंड
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सोमवार को सस्पेंड कर दिया। उनके साथ चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को भी विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक सस्पेंड किया गया है।
इसके बाद IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को MCD के साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 2016 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी सौरभ अभी साउथ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर हैं।
चेन्नई/भुवनेश्वर/भोपाल/जयपुर/लखनऊ, एजेंसी। बंगाल की खाड़ी में चक्रवात अर्नब 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराने की आशंका है।
आंध्र प्रदेश के 16 जिलों में भारी बारिश का रेडअलर्ट जारी किया गया है। तटीय इलाकों में लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है। आंध्र-ओडिशा में करीब 4,000 शेल्टर बनाए गए हैं।
विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों पर मंगलवार और बुधवार को 21 उड़ानें रद्द कर दी गईं।
आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश शुरू हो गई है। समुद्र में नौकाएं ले जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। स्कूल भी बंद हैं।
मौसम विभाग ने तेलंगाना, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, बिहार और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अंडमान-निकोबार सहित तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
ओडिशा के पुरी में तेज बारिश
एअर इंडिया ने विशाखापत्तनम-विजयवाड़ा की फ्लाइट के लिए एडवाइजरी जारी की
चक्रवात अर्नब के चलते एअर इंडिया ने विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा आने-जाने वाली फ्लाइट के यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन ने यात्रियों से फ्लाइट का स्टेटस जांचने और एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय रखने की अपील की है।
एअर इंडिया ने कहा कि खराब मौसम के कारण सड़क से एयरपोर्ट पहुंचने में भी परेशानी हो सकती है।
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बारिश
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में भी चक्रवात के असर से कुछ इलाकों मे बारिश हुई है। समुद्र में लहरें तेज हैं और हालात खराब बने हुए हैं।
तमिलनाडु के कई इलाकों में लगातार बारिश
तिरुचिरापल्ली में लगातार हो रही भारी बारिश से खेत पानी में डूब गए हैं।
डिंडीगुल जिले के पहाड़ी इलाके में भूस्खलन से पेरियाकुलम-कोडाइकनाल सड़क का एक हिस्सा धंस गया।
अगले 2 दिन के मौसम का हाल
28 अक्टूबर
आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और ओडिशा में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। विदर्भ में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
बिहार, झारखंड, असम, मेघालय, बंगाल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और कर्नाटक में बारिश का यलो अलर्ट है।
29 अक्टूबर
पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट है।
महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा, कर्नाटक, विदर्भ, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, बंगाल, असम और मेघालय में बारिश का यलो अलर्ट है।
राज्यों से मौसम की खबर
उत्तराखंड: सभी जिलों में दो दिन तक मौसम शुष्क, 28 अक्टूबर से बदलेगा मौसम
उत्तराखंड के सभी जिलों में अगले दो दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद 28 अक्टूबर से मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश के साथ 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।
हिमाचल: 29-30 अक्टूबर को बारिश-बर्फबारी के आसार, 11 शहरों का टेंपरेचर 10॰C से नीचे लुढ़का
हिमाचल प्रदेश में सुबह-शाम और रात के समय ठंड बढ़ने लगी है। प्रदेश के 11 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। ट्राइबल एरिया में ठंड का असर ज्यादा है। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री और केलांग में पारा माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क चुका है।
राजस्थान: 2 दिन बाद बारिश का अलर्ट, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से तेज हवा भी चलेगी
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का राजस्थान में भी असर दिखेगा। इस चक्रवात से आने वाली समुद्री हवा से आधे राजस्थान में बादल छा सकते हैं। कई जिलों में तेज हवा चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
नई दिल्ली, एजेंसी। सोनिया गांधी ने कहा- जब राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाया जा रहा था, तब मैं इस फैसले के खिलाफ थीं। कभी नहीं चाहती थीं कि राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनें।
मेरी किताब आने पर कुछ ‘तमाशा’ जरूर होगा। दशकों से लोग मेरी कहानी बता रहे, अब मेरी बारी है अपनी कहानी बताने की।
सोनिया गांधी पर लिखी गई किताब ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ 10 नवंबर को रिलीज होगी। उन्होंने मंगलवार को X पर इसका नया वीडियो पोस्ट किया।
यह X पर पिछले हफ्ते जुड़ने के बाद सोनिया गांधी की दूसरी पोस्ट है। वीडियो में वह किताब के पन्ने पलटते हुए अपनी कहानी खुद बताने की बात कहती हैं।
सोनिया ने 5 दिन में सोशल मीडिया पर तीसरा वीडियो पोस्ट किया। 22 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर और 24 अक्टूबर को एक्स पर डेब्यू किया था।
सोनिया ने कहा- बहुत सी बातें मनगढ़ंत थीं
सोनिया ने कहा, बहुत सी बातें या तो मनगढ़ंत थीं या फिर उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था। इसलिए मुझे लगा कि अब मुझे खुद अपनी कहानी लिखनी चाहिए और तथ्यों और घटनाओं को ठीक वैसे ही बताना चाहिए, जैसे वे असलियत में घटी थीं।
राजीव से रेस्टोरेंट में मिलीं सोनिया, वहीं प्यार हुआ
शनिवार को X पर सोनिया ने पहले पोस्ट में लिखा- कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से पहली मुलाकात ने दोस्ती का रास्ता खोला।
सोनिया ने कहा-
यहीं से प्यार की शुरुआत हुई, हमने साथ मिलकर यादों की एक दुनिया बनाई।
सोनिया ने किताब खोलकर बताया- इसमें प्रियंका की कई तस्वीरें हैं।
सोनिया की जिंदगी के किस्से
पहली मुलाकात में ही राजीव पसंद आ गए
सोनिया ने बताया कि राजीव गांधी से पहली बार मिलने पर उन्हें तुरंत लगा कि वह ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके साथ वह रहना चाहेंगी। बाद में उन्हें पता चला कि राजीव भी ऐसा ही महसूस करते थे। दोनों की दोस्ती पार्टियों, घूमने और छात्रों की बैठकों में साथ समय बिताने से आगे बढ़ी।
उन्होंने कहा
वह बहुत सौम्य दिखने वाले व्यक्ति थे। बेशक, वह बहुत अच्छे दिखते थे। लेकिन उनका सौम्य स्वभाव साफ नजर आता था।
इंदिरा से पहली मुलाकात और नए परिवार में ढलना
राजीव से शादी के बाद सोनिया ने नेहरू-गांधी परिवार में अपनी जगह बनाई। आत्मकथा में अपनी सास और तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी से पहली मुलाकात और भारत में परिवार के साथ जीवन बिताने के अनुभवों का जिक्र है।
उन्होंने लिखा कि यहां की भाषा, खानपान और संस्कृति से तालमेल बैठाना भी जीवन का हिस्सा था। किताब में हिंदी सीखने, साड़ी पहनने और भारतीय जीवनशैली अपनाने के बारे में भी लिखा है।
इंदिरा और राजीव की हत्या के बाद बदली जिंदगी
1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने। सात साल बाद, 1991 में राजीव की भी हत्या कर दी गई। सोनिया ने बताया कि अपनों को खोने के दर्द ने उन्हें सार्वजनिक जीवन और राजनीति की ओर धकेला। इससे पहले वह अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक नजरों से दूर रखना चाहती थीं।
राजीव की हत्या के बाद भी राजनीति से दूर रहीं
1991 में राजीव की हत्या के बाद भी सोनिया राजनीति से दूर रहीं। पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने। 1996 तक कांग्रेस कमजोर होने लगी और पार्टी में कई गुट बन गए।
1997 में कांग्रेस को एकजुट करने के लिए सोनिया ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली। 62 दिन बाद 1998 में वे कांग्रेस अध्यक्ष बन गईं। सोनिया 2017 तक अध्यक्ष रहीं, जो पार्टी के इतिहास में सबसे लंबा कार्यकाल है।
पीएम बनने का मौका मिला, लेकिन मनमोहन सिंह को चुना
2004 में कांग्रेस ने 14 सहयोगी दलों के साथ UPA बनाया। चुनाव के बाद लेफ्ट समेत कई दलों के समर्थन से UPA को 335 सांसदों का समर्थन मिला। सहयोगियों ने सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन किया, लेकिन उन्होंने 18 मई 2004 को पद ठुकरा दिया। इसके बाद मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने।
हालांकि, NDA ने सोनिया के विदेशी नागरिक का मुद्दा उठाकर उनके पीएम बनने का विरोध किया। इसके कारण सोनिया ने पीएम पद ठुकरा दिया और मनमोहन सिंह को पीएम बनाने का प्रस्ताव रखा। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बनें। हालांकि, कहा जाता है कि पर्दे के पीछे रहकर सरकार की बागडोर सोनिया के हाथों में ही थी।
नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को SIR और चुनाव आयोग के कामकाज पर दायर राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि आप 10 दिन में चुनाव आयोग के हलफनामे का जवाब दें। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 17 नवंबर तय की।
दरअसल, याचिकाकर्ताओं की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने अपील की थी कि चुनाव आयोग ने सोमवार को ही अपना जवाब दिया है। हमें जवाब देने के लिए वक्त चाहिए।
सिंघवी ने दलील दी कि कोर्ट फिलहाल आयोग में हो रही मीटिंग्स और कम्युनिकेशंस का ब्योरा सुरक्षित रखने का आदेश दे। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा, “हमें सब पता है। हम जांच करेंगे।”
चुनाव आयोग ने सोमवार को ही कहा था कि SIR से जुड़े सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे।
चुनाव आयोग ने कहा था- SIR का फॉर्म 6 नहीं बदला
चुनाव आयोग ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हमने SIR के फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया है। नियमों के अनुसार इस पर बदलाव का अधिकार केंद्र के पास है।
फैसलों पर CEC ज्ञानेश कुमार, कमिश्नर सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी तीनों की सहमति थी। कोर्ट में दाखिल एफिडेविट पर भी तीनों के दस्तखत हैं।
सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के जवाब
फाइल पर आपत्ति लिखना, फैसले का विरोध नहीं: आयोग ने कहा कि फाइल पर लिखे सवाल, सुझाव या आपत्तियां अपने आप में आयोग का अंतिम फैसला नहीं होतीं।
नाम का पुरानी वोटर लिस्ट से मिलान नहीं हुआ तो BLO घर आएंगे: जिन लोगों के नाम पुरानी वोटर लिस्ट से नहीं जुड़ पाए हैं, उनके जरूरी दस्तावेज BLO घर जाकर जुटाएंगे और ऑनलाइन अपलोड करेंगे।
हर वोटर को सुनवाई के लिए दफ्तर नहीं बुलाया जाएगा: आयोग ने कहा कि ऐसे वोटरों को आम तौर पर खुद पेश होने की जरूरत नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर सुनवाई होगी और जहां संभव होगा, ऑनलाइन की जाएगी।
वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-काटने का फैसला अधिकारी करेंगे: आयोग ने साफ किया कि वोटर लिस्ट में किसी का नाम बिना सक्षम चुनाव अधिकारी (ERO) के आदेश के न जोड़ा जाएगा और न हटाया जाएगा।
ECINet की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम: IIT मद्रास और IISc बेंगलुरु के विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई है। यह टीम जांचेगी कि ECINet प्लेटफॉर्म ठीक से काम कर रहा है या नहीं और नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।
CEC को हटाना आसान नहीं: आयोग ने कहा कि संविधान के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी प्रक्रिया और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है, जिन पर सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को हटाया जाता है।
अभी संक्षिप्त जवाब, आगे विस्तार से जवाब देंगे: आयोग ने कहा कि दशहरे की छुट्टियों के कारण फिलहाल छोटा जवाब दाखिल किया गया है। जरूरत पड़ने पर वह हर आरोप का विस्तार से जवाब भी देगा।