दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। कांग्रेस ने वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान के तहत रविवार को दुर्ग में संयुक्त प्रेसवार्ता की। इसमें पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची से हटाए गए 13.3 करोड़ नाम वापस जोड़ने और मतदाता सूची की जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस के वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान के तहत 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले प्रदर्शन की तैयारी तेज हो गई है। झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और एआईसीसी पर्यवेक्षक राजेश ठाकुर ने दुर्ग में पत्रकारवार्ता लिया। राजेश ठाकुर ने कहा कि, नौकरानी हो या अंबानी, सबको बराबर वोट डालने का अधिकार मिले।
इस दौरान दावा किया कि रैली में 10 लाख से ज्यादा लोग पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि देशभर में 208 पर्यवेक्षक बनाए गए हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जुटाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दुर्ग सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे।
दुर्ग में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान ठाकुर ने मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सदन से सड़क और न्यायालय तक लड़ाई लड़ेगी। उनके मुताबिक, हर नागरिक को वोट देने का समान अधिकार मिला है और पार्टी इसे छिनने नहीं देगी।
प्रेसवार्ता में एआईसीसी पर्यवेक्षक और झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर, पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे, सुबोध हरितवाल, आरएन वर्मा, दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर समेत अन्य मौजूद रहे।
दुर्ग के कांग्रेस भवन में पत्रकारों को संबोधित करते राजेश ठाकुर।
भाजपा के बड़े नेताओं के उतरने पर कसा तंज
राजेश ठाकुर ने कहा कि पहले भाजपा के प्रवक्ता इस मुद्दे पर जवाब देते थे, लेकिन अब रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पता चलता है कि कांग्रेस के उठाए सवालों का असर हो रहा है।
ठाकुर ने कहा कि देश को बचाने की जिम्मेदारी कांग्रेस की भी है और इसी उद्देश्य से पार्टी दिल्ली में पूरी ताकत के साथ प्रदर्शन करेगी। उन्होंने दावा किया कि लोगों में मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर चिंता है और आम लोग भी इस अभियान से जुड़ रहे हैं। ठाकुर ने पीलीभीत मामले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां दो लोगों के निलंबन से भी सवाल उठते हैं।
एसआईआर पर बोले- सिर्फ चुनाव आयोग की बात मानना काफी नहीं
चुनाव आयोग के इस तर्क पर कि एसआईआर के जरिए मृत, अपात्र और अवैध रूप से दर्ज नाम हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस को नाम हटाने की प्रक्रिया से नहीं, बल्कि उसमें कथित गड़बड़ियों से आपत्ति है। उन्होंने फॉर्म-6 के इस्तेमाल और फैसले लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों की जांच होनी चाहिए और जिन लोगों के वोट काटे गए हैं, उन्हें उनका अधिकार वापस मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब हो या अमीर, हर नागरिक के वोट का समान महत्व है।
व्यापारियों से रैली में सहयोग की अपील
दिल्ली में प्रस्तावित रैली से व्यापारियों को होने वाले नुकसान की आशंका पर ठाकुर ने कहा कि एक दिन के कार्यक्रम से व्यापार को कितना नुकसान होगा, इस पर सवाल उठाने के बजाय वोट के अधिकार की चिंता भी करनी चाहिए। उन्होंने व्यापारियों से भाजपा और आरएसएस के एजेंडे के दबाव में नहीं आने और रैली में सहयोग करने की अपील की।
ठाकुर ने कहा कि यदि किसी व्यापारी पर दबाव बनाया जाता है, तो राहुल गांधी उनके साथ खड़े होंगे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की यह लड़ाई केवल पार्टी की नहीं, बल्कि नागरिकों के मताधिकार की है। उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस लोगों के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है।
महाराष्ट्र में कुछ महीनों में 39 लाख मतदाता बढ़ने का दावा
पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि बेंगलुरु के महादेवपुरा क्षेत्र में 5 तरह की गड़बड़ियों के जरिए 1 लाख 250 मतदाताओं के वोट प्रभावित होने का आरोप है। इनमें गलत तस्वीरों, आवेदन पत्रों के गलत इस्तेमाल और संदिग्ध नामों का मामला शामिल है।
चौबे ने दावा किया कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच कुछ महीनों में 39 लाख मतदाता बढ़ गए, जबकि इससे पहले के पांच साल में 32 लाख मतदाता बढ़े थे। उन्होंने मतदाता सूची से हटाए गए नामों को वापस जोड़ने और सभी राजनीतिक दलों को पूरा आंकड़ा डिजिटल रूप में देने की मांग की।
चलाया जाएगा वोट रक्षक अभियान- राकेश ठाकुर
सुबोध हरितवाल ने चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले प्रावधानों पर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की।
वहीं दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने बताया कि, 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक गांवों में वोट रक्षक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत घर-घर संपर्क और चौपाल के जरिए उन लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। प्रभावित लोगों को कानूनी मदद देने की भी बात कही गई।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर जताई कड़ी नाराजगी, शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
बच्चों के भविष्य से जुड़ा है विद्यालय निर्माण, गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं -कलेक्टर
सूरजपुर, 25 अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व निरीक्षण जांच में पाई गई कमियों के सुधार की स्थिति की जानकारी ली। निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर प्रयोगशाला, रसोईघर, शौचालय सहित अन्य कक्षों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की फिनिशिंग एवं गुणवत्ता में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। कलेक्टर श्रीमती जमील ने निर्माण कार्य की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र पाटले, अनुविभागीय अधिकारी प्रतापपुर रमेश मोर सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि 420 सीटर एकलव्य आवासीय विद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के आदिवासी विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। विद्यालय में आवासीय व्यवस्था के साथन अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। साथ ही दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेगा।
सुरजपुर/25 अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशानुसार अवैध खनन एवं परिवहन पर कार्यवाही की जा रही है इसी कड़ी में माइनिंग अधिकारी के नेतृत्व में अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 11 गाडि़यों पर कार्यवाही की गई।प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत खड़गाँव एरिया में 3 गिट्टी हयवा अवैध परिवहन करते और राजापुर में 8 टिप्पर रेत के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर कार्यवाही की गई और जप्त कर थाने में सुपुर्द किया गया है।
जिला पंचायत CEO ने थमाया कारण बताओ नोटिस, मचा हड़कम्प
कोरबा। 15वें वित्त की राशि में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बगैर लाखों रुपए के फंड का बंदरबाट किए जाने की शिकायत में प्रशासनिक जांच में अनुपस्थित रहकर अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने वाले अथवा आधा अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने वाले अनुशासनहीन पाली ब्लॉक के 23 पंचायत सचिवों पर निलंबन की तलवार लटक रही है। उच्च अधिकारियों के आदेश निर्देश की अवहेलना तथा शासकीय कार्य में अनुशासनहीनता / उदासीनता एवं घोर लापरवाही पर जिला पंचायत सीईओ ने सबंधित पंचायत सचिवों का कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम-1999 के विरुद्ध कदाचार की श्रेणी में पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। समय सीमा में संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित पंचायत सचिवों के विरुद्ध एकतरफा निलंबन की अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ के नोटिस से सबंधित पंचायत सचिवों में हड़कम्प मचा है।
यहाँ बताना होगा कि जनपद पंचायत पाली के अंर्तगत आने वाले 24 ग्राम पंचायत क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द, नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15वें मद से ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों की व्यापक लोकहित में ग्रामसभा कार्यवाही पंजी, उपस्थिति पंजी, व्यय प्रमाणक, देयक व्हाउचर, इनवाईस बिल, टी.डी.एस. कटौती, जमा राशि एवं गुणवत्ता का परीक्षण कर भौतिक सत्यापन कराए जाने संबंधी शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी। ऊक्त शिकायती प्रकरण में जांच दल के समक्ष वांछित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने, आधा/अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने अथवा जांच दल के समक्ष अपना बयान प्रस्तुत नहीं करने वाले 23 ग्राम पंचायतों क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द, नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली के जनसूचना अधिकारी पंचायत सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जनपद पंचायत पाली के सीईओ द्वारा उप संचालक पंचायत को 03.09.,2026 को ही अभिमत समेत प्रतिवेदन भेजा जा चुका है।
उप संचालक पंचायत द्वारा प्रकरण लटकाए रखने आगामी कार्रवाई हेतु सक्षम अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा के समक्ष समय पर प्रस्तुत नहीं करने पर राज्यपाल राजभवन एवं मुख्य सचिव छग शासन तक शिकायत पहुंची थी। मीडिया में भी उक्त प्रशासनिक संरक्षण सुर्खियां बनी थी। शासनादेश के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। जिला पंचायत सीईओ ने आधा/अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने अथवा जांच दल के समक्ष अपना बयान प्रस्तुत नहीं करने वाले 8 ग्राम पंचायतों के सचिव क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द व जांच दल को अभिलेख (रिकार्ड)उपलब्ध नहीं कराने, समक्ष अपना कथन बयान दर्ज नहीं कराने वाले 16 पंचायत सचिवों नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली का कृत्य घोर अनुशासन हीन पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि पंचायत सचिवों का यह कृत्य उच्च अधिकारियों के आदेश निर्देश की अवहेलना तथा शासकीय कार्य में अनुशासनहीनता / उदासीनता एवं घोर लापरवाही का प्रतीक है और छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम-1999 के विरुद्ध है, जो कि कदाचार की श्रेणी में आता है। अतः आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए निलंबन करने की कार्यवाही क्यों न किया जाये ? सचिवों को इस संबंध में अधोहस्ताक्षरकर्ता अधिकारी के समक्ष 03 दिवस के भीतर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। समय सीमा में संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर सम्बंधितों के विरुद्ध एकतरफा अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बहरहाल निलंबन नोटिस से पूरे जिले में पंचायत विभाग में हड़कम्प मचा है। अगर सभी पंचायत सचिवों पर निलंबन के कार्रवाई की गाज गिरती है तो जिले में अब तक कि यह सबसे बड़ी कार्रवाई होगी। सन्निकट भविष्य में भी यह कार्रवाई एक नजीर बनेगी। एक लोकसेवक के कर्तव्यों के सर्वथा विपरीत कार्य व्यवहार ने 23 पंचायत सचिवों को निलंबन के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।