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दिल्ली से चेन्नई जा रहे विमान में आग लगी:पावर बैंक फटने से लगेज जला, इंडिगो फ्लाइट की हैदराबाद में इमरजेंसी लैंडिंग

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हैदराबाद, एजेंसी। दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो फ्लाइट की हैदराबाद में इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी।इस फ्लाइट में एक पैसेंजर का पावर बैंक ब्लास्ट होने से बैग में आग लग गई थी।

धुआं निकलता देख यात्रियों ने क्रू को खबर दी। इसके बाद प्लेन को हैदराबाद डायवर्ट कर इमरजेंसी लैंडिग करवाई गई।

इंडिगो ने कहा कि आग लगने का पता चलते ही केबिन क्रू ने स्थिति को काबू में कर लिया। इसके बाद पायलटों ने विमान को डायवर्ट किया।

इंडिगो ने बताया कि यात्रियों को चेन्नई पहुंचाने के लिए एक दूसरे विमान की व्यवस्था की गई।

वीडियो वायरल, यात्री फायर-फायर चिल्लाते दिखे

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। जिसमें यात्री फायर-फायर चिल्लाते नजर आ रहे हैं।

इसके बाद वहां बैठे दूसरे यात्री ओवरहेड बिन (सामान रखने वाली जगह) से सामान हटाते दिखाई दे रहे हैं।

DGCA के नियमों में पावर बैंक इस्तेमाल करना प्रतिबंधित

  • DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के मुताबिक, विमान में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने और उड़ान के दौरान उनका इस्तेमाल करने के नियम अलग-अलग हैं।
  • मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट जैसे डिवाइस साथ ले जा सकते हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल फ्लाइट मोड, एयरलाइन के निर्देशों के तहत करना होता है।
  • हालांकि, DGCA ने 11 नवंबर 2025 के एडवाइजरी सर्कुलर में फ्लाइट के दौरान पावर बैंक से दूसरे डिवाइस चार्ज करने पर रोक लगाने की सलाह दी थी। मार्च 2026 में संसद में दिए गए जवाब में भी इसकी पुष्टि की गई थी।
  • DGCA के अनुसार, पावर बैंक और अन्य रिचार्जेबल डिवाइस में इस्तेमाल होने वाली लिथियम बैटरियां आग लगने का बड़ा कारण बन सकती हैं।
  • पावर बैंक और अतिरिक्त लिथियम बैटरियां केवल हैंड बैगेज में ही ले जाने की अनुमति है। इन्हें ओवरहेड केबिन या लगेज रैक में रखना सख्त मना है।

मई में भी हुई थी इंडिगो प्लेन में पावर बैंक फटने की घटना

यात्रियों को उतारने के लिए 2 स्लाइडर खोले गए थे।

यात्रियों को उतारने के लिए 2 स्लाइडर खोले गए थे।

इससे पहले मई 2026 में भी हैदराबाद से चंडीगढ़ जा रही इंडिगो फ्लाइट में पावर बैंक में ब्लास्ट हो गया था। इस हादसे में 5 यात्री घायल हो गए थे। पावर बैंक एक यात्री के बैग में रखा था। घटना उस समय हुई, जब फ्लाइट एयरपोर्ट पर खड़ी थी। हादसे के बाद फ्लाइट में धुआं भर गया, जिससे यात्री घबरा गए। तब यात्रियों को इमरजेंसी गेट से निकाला गया।

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PM मोदी-CM विजय मेट्रो में साथ बैठे:पीएम ने चेन्नई में ‘वी विल डू इट’ का नारा दोहराया, TVK की जीत के बाद पहला तमिलनाडु दौरा

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चेन्नई, एजेंसी। पीएम मोदी ने रविवार को चेन्नई में कहा कि मंदिरों से लेकर मेट्रो तक तमिलनाडु में नए भारत की झलक दिखती है। भारत अपनी सांस्कृतिक ताकत से प्रेरणा लेता है, वैज्ञानिक प्रगति के जरिए आगे बढ़ता है।

मोदी ने चेन्नई मेट्रो के फेज-2 प्रोजेक्ट के 14.6 किमी लंबे पूनमल्ली-वडापालानी रूट का उद्घाटन भी किया। इसके बाद पीएम ने खुद ट्रेन में यात्रा की, इस दौरान तमिलनाडु के सीएम विजय भी उनके साथ मौजूद थे।

इसके बाद वे जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यायल के गोल्डन जुबली इवेंट में पहुंचे, जहां उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि भारत का भविष्य बहुत शानदार होगा। मुझे पूरा भरोसा है।इसके बाद उन्होंने बच्चों से वी विल डू इट का नारा लगवाया।

2026 के विधानसभा चुनावों के बाद यह पीएम मोदी का पहला चेन्नई दौरा है। 2026 में TVK ने जीत हासिल की और एक्टर विजय सीएम बने। कांग्रेस उनकी सहयोगी पार्टी है।

मोदी के चेन्नई दौरे की तस्वीरें…

पीएम मोदी ने IIT-मद्रास परिसर में स्थित भगवान शिव के मंदिर में पूजा की। यह मंदिर सदियों पुराना है।

पीएम मोदी ने IIT-मद्रास परिसर में स्थित भगवान शिव के मंदिर में पूजा की। यह मंदिर सदियों पुराना है।

पीएम ने 14.6 किमी लंबे पूनमल्ली-वडापालानी रूट का उद्घाटन किया। उन्होंने ट्रेन में सफर के लिए खुद टिकट खरीदा।

पीएम ने 14.6 किमी लंबे पूनमल्ली-वडापालानी रूट का उद्घाटन किया। उन्होंने ट्रेन में सफर के लिए खुद टिकट खरीदा।

पीएम ने मेट्रो टिकट को खुद स्कैन करके स्टेशन में एंट्री ली।

पीएम ने मेट्रो टिकट को खुद स्कैन करके स्टेशन में एंट्री ली।

तमिलनाडु सीएम विजय के साथ पीएम मोदी ने मेट्रो में सफर भी किया।

तमिलनाडु सीएम विजय के साथ पीएम मोदी ने मेट्रो में सफर भी किया।

भारत का भविष्य बहुत शानदार होगा, मुझे आप पर पूरा भरोसा है

पीएम मोदी बोले- आज आपके बीच आकर, आपके सपनों को महसूस करके मेरा विश्वास और मजबूत हुआ है। मैं कह सकता हूं भारत का भविष्य बहुत शानदार होगा। और उस भविष्य के सबसे बड़े हीरो आप हैं।

मुझे आपके टैलेंट, कॉन्फिडेंस, योग्यता पर भरोसा है। इसलिए आज मैं आप सभी के साथ कुछ बड़े संकल्प दोहराना चाहता हूं। अब जो मैं कहूंगा उसके बाद आपको बोलना है, वी विल डू इट… डेवलप तमिलनाडु, डेवलप इंडिया…वी विल डू इट…।

मोदी ने कहा- मुझे यकीन देश खेल की दुनिया में भी नई ऊंचाई पर जाएगा

आज नई एजुकेशन पॉलिसी से देश में एजुकेशन क्वालिटी इंप्रूव हो रही है। ग्लोबल पहचान बढ़ रही है। आज 52 हो गई है। इन आंकड़ों का मतलब बहुत सीधा है। ज्यादा संस्थान, तो आपके लिए ज्यादा अवसर।

पीएम ने कहा- हर युवा के अपने अलग अलग सपने होते हैं, अपनी प्रतिभा होती है। आपमें से कई साथी ऐसे होंगे जो खेल में कॅरियर बनाना चाहते होंगे। देश इसलिए एन्श्योर कर रहा है कि स्पोर्ट्स केवल मनोरंजन न बने। आपको बेहतर सुविधाएं मिले, इसके लिए लगातार काम हुआ है, इसलिए इंटरनेशनल स्पोर्ट्स की दुनिया में भारत का कद भी बढ़ रहा है।

भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। हम 2036 ओलिंपिक की मेजबानी का सपना लेकर बढ़ रहे हैं। इसलिए भारत के युवाओं के पास अब प्लेटफॉम भी है, पोटेंशियल भी है और सपोर्ट भी है। मुझे विश्वास है आपकी जनरेशन भारत को स्पोर्ट्स की दुनिया में भी बहुत ऊंचाई पर लेकर जाएगी।

मोदी ने कहा- ड्रीम बिग, थिंक डिफरेंटली एंड बी फियरलेस

बच्चों को भविष्य के लिए तैयार होने के लिए पीएम ने कहा- ड्रीम बिग, थिंक डिफरेंटली एंड बी फियरलेस, यानी बड़े सपने देखो, अलग सोचो और निडर रहो।

मोदी बोले- नब्बे की दशक की शुरुआत में मैं कन्याकुमारी से कश्मीर की एकता यात्रा का हिस्सा बना था। गिरिजा अम्मा से तब से मेरा परिचय आज तक बना हुआ है।

मेरी यात्राओं ने मुझे देश को समझने का मौका दिया। तमिल भाषा और संस्कृति के लिए जो प्रेम है, वह भी इसी अनुभवों से मिला।

मोदी बोले- जो हम सीखते हैं, उसे जीवन में अपनाना भी चाहिए

पीएम ने बच्चों से कहा- आज इस अवसर पर मैं महान संत तिरुवल्लुवर को याद करता हूं। हाल ही में मुझे रूसी प्रेसिडेंट को यहां का महान साहित्य का रशियन भाषा में अनुवाद उपहार में देने का मौका मिला। तिरुकोणम एक अद्भुत मार्गदर्शक हैं, जो जीवनभर कुछ न कुछ सीखते रहना चाहते थे। वो हमें सिखाते हैं कि जो हम सीखते हैं उसे अपने जीवन में अपनाना भी आवश्यक है।

गिरिजा अम्मा ने हर बच्चे से एक रुपया बचाने आइडिया दिया

पीएम मोदी ने कहा- एक संस्थान कैसे शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माण करता है यह इसका उदाहरण है। मैंने मन की बात में इसकी चर्चा भी थी। कैसे गिरिजा अम्मा ने आइडिया दिया कि हर बच्चा एक रूपए बचाए और देश के सैनिकों को समर्पित करे। जब हजारों बच्चे जुटे तो 40 लाख रुपए कुछ ही समय में जुटा लिए। ये एक अद्भुत उदाहरण था।

छोटा सा प्रयास भी, बहुत बड़ा असर करता है। आपदा के समय जरूरतमंदों की मदद करना हो, स्वच्छता से जुड़ा प्रयास हो ये संस्कार भी हिंदू विद्यालय परिवार की विरासत है।

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सुप्रीम कोर्ट बोला- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिरासत में न लें:मेट्रो-इंटरनेट बहाल करें, CJP प्रदर्शन में 45 मेट्रो स्टेशन बंद और 7000 लोग कस्टडी में लिए थे

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नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो-ट्रेन सेवाएं बंद करने, इंटरनेट बाधित करने और लोगों को हिरासत में लेने से जुड़ी याचिकाओं पर रविवार को सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच ने सुनवाई की।

कोर्ट ने कहा कि मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलनी चाहिए। इंटरनेट बाधित नहीं होना चाहिए और लोगों की आवाजाही नहीं रोकी जानी चाहिए।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया था कि प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो और यहां आने वाली ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक न लगाई जाए। इसके बावजूद शनिवार को कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हुआ। इस पर कोर्ट ने दिल्ली के अधिकारियों को नोटिस जारी कर मंगलवार तक जवाब मांगा।

इससे पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने CJP लीडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार सुबह करीब 10 बजे रिहा करने का आदेश दिया। तीनों 23 घंटे पुलिस कस्टडी में रहे।

दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी और लेफ्ट ने 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के विरोध में प्रदर्शन बुलाया था। दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। इस दौरान पुलिस ने शहर में बैरिकेडिंग की थी। 45 मेट्रो स्टेशन बंद थे और 7 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।

2 याचिकाएं दाखिल की गई थीं

सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर 2 याचिकाएं दाखिल की गई थीं। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की बेंच ने इस पर सुनवाई की। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार और दिल्ली पुलिस का पक्ष रखा।

वहीं, एडवोकेट कपिल सिब्बल, गोपाल शंकरनारायणन, मेनका गुरुस्वामी, संजय हेगड़े, शोएब आलम और शादान फरासत ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखा।

सुनवाई की बड़ी बातें:

कपिल सिब्बल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शनकारियों को तय जगह तक पहुंचने से रोका गया। जस्टिस बागची ने कहा कि प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन उसका इस्तेमाल कानून के दायरे में होना चाहिए।

शोएब आलम ने कहा कि लोगों को प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। जस्टिस बागची ने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित पाबंदियां लगाई जा सकती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लोगों को पूरी तरह रोक दिया जाए।

वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि याचिका केवल कुछ नेताओं या सांसदों की हिरासत तक सीमित नहीं है। यह दिल्ली में कथित तौर पर हिरासत में लिए गए करीब 7,000 लोगों और उनके संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी है। मामला संविधान के संरक्षण से जुड़ा है।

शोएब आलम ने आरोप लगाया कि लोगों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली के बाहर से आने वालों को भी हिरासत में लिया गया। कुछ लोगों के घरों पर छापे मारे गए। कई लोगों को 24 घंटे से कम समय में छोड़ दिया गया, लेकिन इस तरह हिरासत में लेने के औचित्य पर सवाल है। ये याचिकाकर्ताओं के आरोप थे।

वकीलों ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी बिना नेम बैज के थे और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया। जस्टिस बागची ने कहा कि कानून के तहत अधिकारियों की जिम्मेदारियों के उल्लंघन और बल प्रयोग के आरोपों की जांच होगी। कानून-व्यवस्था के नाम पर पुलिस को नागरिकों के अधिकारों से ऊपर नहीं रखा जा सकता।

केंद्र सरकार की ओर से मेहता ने कहा कि सभी मेट्रो स्टेशन और ट्रेनें सामान्य रूप से चल रही हैं तथा इंटरनेट सेवा बहाल हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 303 में से 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए थे, लेकिन शनिवार रात 10 बजे तक सभी स्टेशन खोल दिए गए थे।

वकीलों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आसपास धारा 163 लागू होने के बोर्ड लगे थे और बैरिकेडिंग के कारण अदालत तक पहुंचने में परेशानी हो रही थी। मेहता ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी लेकर बताना होगा। जस्टिस बागची ने कहा कि यदि वकीलों को प्रतिबंधों की जानकारी ही नहीं दी गई, तो यह आदेश को चुनौती देने का आधार हो सकता है। कोर्ट ने बोर्ड हटाने का निर्देश दिया।

एक वकील ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बजाय उनके मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। फोन में संवेदनशील जानकारी होने की बात उठाते हुए उन्हें लौटाने की मांग की गई। कोर्ट ने इस मुद्दे पर सुनवाई के लिए आवेदन दाखिल करने को कहा।

जस्टिस बागची ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का दायित्व है कि अनुच्छेद 32 के तहत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन को रोके। जस्टिस वी. मोहना ने भी प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण रहने और उकसावे से बचने की अपील की। कोर्ट ने अधिकारियों को कथित हिरासत और पुलिस कार्रवाई पर जवाब देने का निर्देश दिया। सभी संबंधित मामलों पर मंगलवार को एक साथ सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर को मामले में सुनवाई की थी

  • आम लोगों की सुविधा: आम नागरिकों को बेवजह परेशानी नहीं होनी चाहिए, हम बस इतना ही चाहते हैं।
  • सुरक्षा बनाम अधिकार: रेलवे और मेट्रो स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे हैं और सरकार के पास सुरक्षा के दूसरे साधन भी हैं। आप उनका इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन आम नागरिकों को भी स्टेशनों पर जाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने का पूरा हक है।
  • सख्त टिप्पणी: “क्या आप मक्खी को मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल करेंगे?”
  • प्रदर्शन स्थल: जंतर-मंतर बहुत छोटी जगह है, प्रदर्शन के लिए किसी बड़ी जगह पर विचार किया जाना चाहिए।

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कॉकरोच पार्टी का लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन:ममता-केजरीवाल को प्रोटेस्ट के लिए धन्यवाद दिया, राहुल बोले- सभी सुप्रीम कोर्ट चलें

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नई दिल्ली, एजेंसी। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी है। दिल्ली में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं। 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

अभिजीत दीपके, अशुतोष रांका और सौरव दास करीब 23 घंटे हिरासत में रहने के बाद रविवार सुबह 10 बजे रिहा हुए। इसके बाद पार्टी ने ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया।

इधर, राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी किया। वे हाथ में संविधान की कॉपी लेकर बोले- “सभी दल हमारे साथ आएं और सोमवार को सुप्रीम कोर्ट चलें। ये मोदी,शाह, डोभाल, मोहन भागवत हमारी आवाज नहीं दबा सकते। उनको हटना पड़ेगा।”

अभिजीत दीपके शनिवार को मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे, जहां एयरपोर्ट पर लैंड करते ही प्लेन में उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।

अभिजीत दीपके शनिवार को मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे, जहां एयरपोर्ट पर लैंड करते ही प्लेन में उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।

राजीव चौक में बस पर चढ़ीं महिला प्रदर्शनकारी

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को ले जाने वाली बस पर चढ़ीं SFI की आईसी घोष। बस के सामने बैठ प्रोटेस्ट करने लगी। असल में SFI ने दिल्ली पुलिस के ऊपर महिला प्रदर्शनकारियों पर से बदसलूकी का आरोप लगाया था।

इसी बात को लेकर SFI ने विरोध करते हुए राजीव चौक मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 7 के सामने कई महिला प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर बस के आगे जमीन पर बैठ गईं।

करीब 10 मिनट की जद्दोजहद के बाद दिल्ली पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों ने सभी हटाकर बस में डिटेन करके हटा दिया।

राहुल का नया वीडियो, बोले- सभी दल एक साथ सुप्रीम कोर्ट चलें

राहुल हाथ में संविधान की कॉपी लेकर बोले- सभी दल हमारे साथ आएं और सुप्रीम कोर्ट चलें। ये मोदी,शाह, डोभाल, मोहन भागवत हमारी आवाज नहीं दबा सकते। उनको हटना पड़ेगा।

पुलिस बोली- दीपके ने पैरेंट्स से बात करने से मना किया

दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जैसे ही दिल्ली पुलिस के पास अभिजीत दीपके के दादी के निधन की खबर पहुंची। ये दुखद समाचार पहुंचाने के लिए दिल्ली पुलिस उनके पास गई और हर प्रकार की मदद के लिए उनसे पूछा गया। फ्लाइट, कॉल या जो भी उन्हें जरूरत हो, संवेदनशील भाव के साथ उनसे पूछा। उनसे लगातार पूछा गया कि उनकी पैरेंट्स से उनकी बात करा दें, जो उन्होंने मना किया। एकदम से मना किया। उन्हें थोड़ा सोचने का टाइम भी दिया गया। फिर दोबारा मदद के लिए पूछा। सीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस तथ्य को गलत तरीके से बताया गया है।

मुंबई में भी CJP समर्थक हिरासत में लिए गए

मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। वे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। शनिवार को भी पुलिस ने मुंबई के अलग-अलग इलाकों से करीब 600 लोगों को बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में हिरासत में लिया था।

दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें

यमुना नदी में नाव पर चढ़कर प्रदर्शन

CJP बोली- आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे, प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 बड़ी बातें…

  • सौरव दास ने कहा- हमसे कहा गया कि एक साल तक शांति भंग नहीं होनी चाहिए, लेकिन शांति भंग करने का काम पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने किया है।
  • दास ने कहा- हम पीछे नहीं हटेंगे। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि वे सड़कों पर उतरें। हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। हमें जहां रोका जाएगा, हम वहीं प्रदर्शन करेंगे।
  • आशुतोष रांका ने कहा- हम चार पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, माणिक सरकार और पिनराई विजयन के आभारी हैं, जो कल सड़कों पर उतरे। हमें उम्मीद है कि सभी संगठन और राजनीतिक दल भविष्य में भी एकजुट होकर यह लड़ाई जारी रखेंगे।
  • रांका ने कहा- आज भी CJP के कई साथियों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई। पिछले कुछ दिनों में AISF के कई सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट हुई।

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा हिरासत में, प्रदर्शन की तस्वीरें…

कनॉट प्लेस के पास नेहा बोरा भागती दिखीं। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया।

कनॉट प्लेस के पास नेहा बोरा भागती दिखीं। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया।

पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रहे थे।

पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रहे थे।

प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जाने के लिए बड़ी संख्या में डिटेंशन बसों का इस्तेमाल किया गया।

प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जाने के लिए बड़ी संख्या में डिटेंशन बसों का इस्तेमाल किया गया।

डिटेंशन बसों के अंदर जेलनुमा लोहे की सलाखों के अंदर महिला प्रदर्शनकारियों को रखा गया।

डिटेंशन बसों के अंदर जेलनुमा लोहे की सलाखों के अंदर महिला प्रदर्शनकारियों को रखा गया।

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