मुंबई, एजेंसी। भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया गया है। अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को खत्म हुआ था।
वहीं, सिलेक्शन कमेटी में अगरकर की जगह पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को शामिल किया गया है। अब पुरुष टीम की नई चयन समिति में प्रज्ञान ओझा (चेयरमैन), शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार हैं।
प्रज्ञान ने इंटरनेशनल करियर में 140+ विकेट लिए
प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट, 18 वनडे और 6 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले। बाएं हाथ के स्पिनर ने टेस्ट में 113, वनडे में 21 और टी-20 इंटरनेशनल में 10 विकेट लिए। टेस्ट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 47 रन देकर 6 विकेट है।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ओझा ने 108 मैचों में 424 विकेट लिए। उन्होंने अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मैच 2018 में बिहार की ओर से उत्तराखंड के खिलाफ खेला था।
IPL में वह डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस के लिए खेले। उन्होंने 92 मैचों में 89 विकेट लिए। 2015 के बाद से वह IPL की किसी टीम का हिस्सा नहीं रहे। ओझा सितंबर 2025 में BCCI की पुरुष चयन समिति में शामिल हुए थे।
पोवार ने दो टेस्ट और 31 वनडे खेले
रमेश पोवार ने भारत के लिए 2 टेस्ट और 31 वनडे खेले। वह मुंबई के पूर्व भारतीय स्पिनर हैं। उन्होंने 2004 से 2007 के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और 10 नवंबर 2015 को सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया।
रमेश पोवार ने पहली बार 2018 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद मई 2021 में उन्हें दोबारा इस पद पर नियुक्त किया गया। इसके अलावा पोवार मुंबई और गुजरात की टीमों के कोच तथा BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बॉलिंग कोच भी रहे।
भारतीय महिला टीम के साथ उनके कार्यकाल में टीम ने एशिया कप का खिताब जीता और कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल हासिल किया।
रमेश पोवार ने 10 नवंबर 2015 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया था।
मिताली राज के साथ हुआ था विवाद
पोवार का सबसे चर्चित विवाद 2018 महिला टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान कप्तान मिताली राज के साथ हुआ था। मिताली ने उन पर भेदभाव करने, अपमानित करने और अपने करियर को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए थे।
विवाद तब और गहरा गया, जब मिताली को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से बाहर कर दिया गया। इसके बाद पोवार को कोच पद से हटा दिया गया था।
अगरकर के कार्यकाल में भारत ने जीते 3 ICC खिताब
अजित अगरकर जुलाई 2023 में पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष बने थे। उनके कार्यकाल में भारत ने 2024 और 2026 के टी-20 वर्ल्ड कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीती।
इसके अलावा टीम ने दो एशिया कप खिताब और लगातार दो एशियन गेम्स गोल्ड मेडल भी हासिल किए। भारत 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा था, जहां उसे ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी।
अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे की कमेटी ने किया चयन
BCCI की क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) में अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल थे। समिति ने BCCI मुख्यालय में आवेदकों की स्क्रीनिंग और इंटरव्यू किए। इसके बाद रमेश पोवार के नाम की सर्वसम्मति से सिफारिश की गई।
क्रिकबज के मुताबिक, इंटरव्यू 15 अक्टूबर को हुए थे। पोवार के अलावा बड़ौदा के कॉनर विलियम्स और जैकब मार्टिन तथा मुंबई के वसीम जाफर और सलिल अंकोला भी इंटरव्यू देने वालों में शामिल थे।
नई दिल्ली, एजेंसी। एशियन पैरा गेम्स में भारत ने पहले दिन भारत ने 4 गोल्ड सहित 11 मेडल अपने नाम किए। जैवलिन थ्रो में रिंकू ने गोल्ड जीता, जबकि अजीत सिंह ने सिल्वर दिलाया। ऐसे ही महिलाओं की 1500 मीटर T12/T13 रेस में सौम्या और वेंकटेश राधा ने भारत को गोल्ड-सिल्वर दिलाया।
शूटिंग में भी भारत को दो मेडल मिले। मोना अग्रवाल ने गोल्ड और अवनी लेखरा ने सिल्वर मेडल जीता। दोनों ने महिलाओं की R2 10 मीटर एयर राइफल SH1 कैटेगरी में यह उपलब्धि हासिल की। लॉन्ग जंप में भी निशाद कुमार ने गोल्ड हासिल किया।
रिंकू ने 65.11 मीटर का थ्रो फेंक सोना जीता
एशियन पैरा गेम्स में भारत के रिंकू ने पुरुषों के जैवलिन थ्रो F46 इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 65.11 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो किया।
भारत के अजीत सिंह 65.02 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने सिल्वर मेडल जीता। इंडोनेशिया के रिजाल बागुस सक्तियोनो ने 55.30 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीता।
रिंकू ने जैवलिन थ्रो के F46 इवेंट में गोल्ड जीता।
सौम्या ने 5 मिनट 12.39 सेकंड में रेस पूरी की
एशियन पैरा गेम्स में भारत की सौम्या ने महिलाओं की 1500 मीटर T12/T13 रेस में गोल्ड मेडल जीता। गाइड भारत कुमार के साथ दौड़ते हुए उन्होंने 5 मिनट 12.39 सेकंड का पर्सनल बेस्ट टाइम निकाला। उन्हें 621 पॉइंट्स मिले।
भारत की वेंकटेश राधा ने गाइड गोविंद सोलंकी के साथ 5 मिनट 30.90 सेकंड का समय लेकर सिल्वर मेडल जीता। जापान की माना सासाकी 336 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
निशाद कुमार ने पुरुषों की लॉन्ग जंप में गोल्ड जीता
एशियन पैरा गेम्स में भारत के निशाद कुमार ने पुरुषों के लॉन्ग जंप T47 इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने फाइनल में 7.11 मीटर की छलांग लगाई। निशाद ने यह दूरी दो बार हासिल की।
उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव ने 6.99 मीटर की सीजन बेस्ट छलांग के साथ सिल्वर, जबकि श्रीलंका के मोहम्मद सफरान ने 6.55 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
निशाद ने फाइनल में 7.11 मीटर की छलांग लगाई।
मोना अग्रवाल ने 250 अंक, अवनी लेखरा ने 249.6 अंक हासिल किए
पैरा एशियन गेम्स में मोना ने गोल्ड और अवनी ने सिल्वर जीता। ये दोनों मेडल R2 विमेंस 10 मीटर राइफल शूटिंग की SH1 कैटेगरी में आए। इसमें कमर से नीचे की दिव्यांगता वाले शूटर हिस्सा लेते हैं।
मोना ने 250.0 अंक और अवनी ने 249.6 अंक हासिल किए। कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
मोना पहले और अवनी दूसरे स्थान पर रहीं। (फाइल फोटो)
आखिरी शॉट तक चला गोल्ड मेडल मैच
जयपुर की दोनों निशानेबाजों के बीच मुकाबला 24 शॉट के फाइनल के आखिरी शॉट तक चला। निर्णायक शॉट से पहले मोना 0.1 अंक की बढ़त पर थीं। उस समय स्कोर 239.1 और 239.2 था। मोना ने आखिरी शॉट में 10.8 अंक हासिल किए। अवनी ने 10.5 अंक बनाए।
अवनी के सिल्वर मेडल से भारत को 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक्स के लिए दूसरा कोटा स्थान मिला। मोना ने पिछले महीने साउथ कोरिया में वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट (WSPS) वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर जीतकर पहला कोटा दिलाया था। PMO ने दोनों शूटर्स को बधाई दी…
मोना को 9 महीने की उम्र में पोलियो हुआ
मोना अग्रवाल राजस्थान की पैरा-शूटिंग खिलाड़ी हैं। उनका जन्म 8 नवंबर 1987 को हुआ था। नौ महीने की उम्र में उन्हें पोलियो हुआ था और दोनों पैर प्रभावित हुए।
पैरा-शूटिंग शुरू करने से पहले मोना पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-पावरलिफ्टिंग में हिस्सा लेती थीं। उन्होंने महिलाओं की सिटिंग वॉलीबॉल में भी अहम भूमिका निभाई।
गोल्ड मेडल जीतने के बाद मोना अग्रवाल।
राजस्थान महिला टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं मोना
2019 में मोना ने राजस्थान की महिला टीम की कप्तानी की। टीम ने पहली नेशनल सिटिंग वॉलीबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड जीता। मोना ने दिसंबर 2021 में राइफल शूटिंग शुरू की। 2022 में उन्होंने नेशनल लेवल पर सिल्वर जीता।
2023 में मोना ने ओसिजेक, क्रोएशिया में वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट वर्ल्ड कप के मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज जीता। उसी साल चांगवोन के वर्ल्ड कप में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 कैटेगरी में गोल्ड जीता।
मार्च 2024 में नई दिल्ली में हुए वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट वर्ल्ड कप में मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल SH1 कैटेगरी में गोल्ड जीता। उन्होंने 250.7 का स्कोर किया। इसके साथ उन्होंने एशियन रिकॉर्ड बनाया और भारत के लिए पैरालंपिक कोटा स्थान हासिल किया।
मोना ने पेरिस 2024 पैरालंपिक गेम्स में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता।मोना को 2024 में अर्जुन अवॉर्ड मिला।
कार एक्सीडेंट में अवनी की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी
2012 में कार दुर्घटना के दौरान अवनी लेखरा की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी। उस समय वह 10 साल की थीं। ठीक होने के दौरान उनके पिता ने उन्हें खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
अवनी ने ओलिंपिक शूटिंग चैंपियन अभिनव बिंद्रा की आत्मकथा ‘ए शॉट एट हिस्ट्री’ से प्रेरित होकर 2015 में शूटिंग शुरू की। अवनी ने बताया है कि शूटिंग ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की। इससे वह लोगों से बातचीत करने में भी सहज हुईं।
अवनी ने राजस्थान यूनिवर्सिटी से पांच साल की लॉ डिग्री की पढ़ाई की।
जूडो में कोकिला को सिल्वर, कपिल ने ब्रॉन्ज जीता
भारत की दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ी कोकिला ने महिलाओं के जे2 -52 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। वे इस कैटेगरी का फाइनल मैच हार गईं।
इसके अलावा, मध्यप्रदेश के कपिल परमार ने पुरुषों के जे-1 की -70 किलोग्राम वेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने इंडोनेशिया के खिलाड़ी हनाफ रफली शिदकी को इप्पोन से हराया।
J1 कैटेगरी में गंभीर रूप से दृष्टिबाधित खिलाड़ी शामिल होते हैं। इसमें पूरी तरह से दृष्टिहीनता से लेकर बहुत कम रोशनी दिखाई देने तक की स्थिति शामिल है।
कपिल सेमीफाइनल मैच हार गए थे। इसलिए उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मैच खेलना पड़ा।
दीमापुर, एजेंसी। मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नगालैंड के खिलाफ 400 रन की नाबाद पारी खेली। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में यह आंकड़ा छूने वाले दूसरे भारतीय बने। उनसे पहले 1948 में महाराष्ट्र के बाबासाहेब निंबालकर ने काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे।
दीमापुर में 29 साल के चिन्मय ने 517 गेंदों पर 46 चौके और 7 छक्के लगाए। इस पारी के साथ वे रणजी ट्रॉफी की एक पारी में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने पृथ्वी शॉ के 379 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
आखिरी विकेट के लिए 189 रन की साझेदारी
मिजोरम की शुरुआत खराब रही। साहिल रेजा 4 रन बनाकर आउट हुए, जबकि लालरुआइजेला ने 63 गेंदों पर 31 रन बनाए। जोसेफ ललथनखुमा 1 रन ही बना सके और मनेंद्र सिंह ने 39 गेंदों पर 27 रन जोड़े।
तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे चिन्मय ने विकेटकीपर जेहु एंडरसन के साथ 168 रन की साझेदारी की। एंडरसन ने 151 गेंदों पर 69 रन बनाए। इसके बाद नागालैंड के गेंदबाजों ने वापसी करते हुए मिजोरम का स्कोर 314/4 से 392/9 कर दिया।
नौ विकेट गिरने के बाद चिन्मय और आखिरी बल्लेबाज लालरेमपुइया छकछुआक ने मोर्चा संभाला। दोनों ने 10वें विकेट के लिए नाबाद 189 रन जोड़े। छकछुआक ने 76 गेंदों पर 14 रन बनाए, जबकि चिन्मय ने इसी साझेदारी के दौरान 400 रन पूरे किए। इसके बाद मिजोरम ने 581/9 पर पारी घोषित कर दी।
दूसरे फर्स्ट क्लास मैच में ही 400 रन
चिन्मय ने अपना दूसरा फर्स्ट क्लास मैच खेलते हुए यह ऐतिहासिक पारी खेली। 2026-27 सीजन से पहले उन्होंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से NOC लेकर मिजोरम की टीम जॉइन की थी।
मिजोरम के लिए रणजी ट्रॉफी डेब्यू में उन्होंने मणिपुर के खिलाफ पहली पारी में 35 और दूसरी में 99 रन बनाए थे। हालांकि, टीम को 3 विकेट से हार मिली थी।
इस साल चिन्मय विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की ओर से खेले। जून में उन्होंने मुंबई T20 लीग में मराठा रॉयल्स को खिताब बचाने में मदद की। टूर्नामेंट में लगातार दो अर्धशतक लगाने वाले चिन्मय ने छह पारियों में 212 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट करीब 120 रहा।
ब्रैडमैन के रिकॉर्ड तोड़ने से 8 रन दूर रह गए थे निंबालकर
निंबालकर ने दिसंबर 1948 में पुणे में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। उनकी पारी में 49 चौके और एक छक्का शामिल था।
उस मैच में काठियावाड़ ने पहली पारी में 238 रन बनाए थे। जवाब में महाराष्ट्र ने 826/4 का स्कोर खड़ा कर दिया। तीसरे दिन निंबालकर 443 रन पर नाबाद थे और डॉन ब्रैडमैन के 452 रन के तत्कालीन फर्स्ट क्लास विश्व रिकॉर्ड से सिर्फ 9 रन दूर थे।
लंच के बाद काठियावाड़ के कप्तान ने महाराष्ट्र के पारी घोषित नहीं करने पर मैदान में उतरने से इनकार कर दिया। महाराष्ट्र के कप्तान राजा गोखले और अंपायरों ने उनसे कुछ और ओवर खेलने की अपील की, ताकि निंबालकर रिकॉर्ड तोड़ सकें। लेकिन काठियावाड़ की टीम मैदान छोड़कर चली गई और मैच गंवा दिया।
16 Teams from SECL Headquarters and Various Operational Areas Participating in the Tournament
Bilaspur, October 14, 2026: The Inter-Area Hockey Tournament 2026-27, hosted by SECL Headquarters, commenced today with great enthusiasm at the Late Shri B.R. Yadav International Hockey Stadium, Bahatarai, Bilaspur. A total of 16 teams representing SECL Headquarters and various operational areas are participating in the tournament.
Director (Human Resources), Shri Biranchi Das, formally inaugurated the tournament by scoring a goal on the hockey field.
Addressing the gathering as Chief Guest, Shri Das highlighted the importance of teamwork, coordination and mental resilience in a fast-paced sport like hockey. He stated that the qualities developed on the sports field also contribute significantly to success at the workplace. He further emphasised SECL’s commitment to encouraging sporting talent, developing better sports infrastructure and providing opportunities for players to compete at higher levels.
The inaugural ceremony was attended by Heads of Departments from SECL Headquarters, representatives of JCC, Welfare Board, SC/ST Association and other associations, officers, employees and the Principal of DAV School.
At the beginning of the ceremony, General Manager (Welfare), Shri B.C. Sethi, delivered the welcome address and welcomed the Chief Guest. Other distinguished guests were welcomed by Senior Manager (HR), Shri Vivek Singh, and Senior Manager (HR), Shri Astik Sahu.
On the occasion, veteran hockey player and Senior DEO, Welfare Department, Shri Rajesh Henry, administered the oath of sportsmanship, discipline and fair play to all participating players.