कोरबा। 02 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने केन्द्रीय बजट पेश किया। इस मुद्दे को लेकर भाजपा पूरे देश में प्रचार-प्रसार कर रही है। केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर शनिवार को प्रेस क्लब तिलक भवन में अकलतरा के पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (केबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त) सौरभ सिंह ने प्रेसवार्ता लेकर केन्द्रीय बजट का जमकर महिमामंडन किया और कहा कि पहले बजट को लोकलुभावन बजट कहा जाता था, लेकिन जब से केन्द्र में मोदी सरकार बनी है, तब से अब तक जो बजट पेश हो रहा है, वह सिर्फ जनकल्याण का बजट होता है। 02 फरवरी को जो बजट पेश किया गया, वह विकसित भारत 2047 की लक्ष्य प्राप्ति के लिए एक नींव है। श्री सिंह ने कहा कि यह मोदी की सरकार है जो 12 वर्ष पूर्व भारत विश्व का 9वीं अर्थव्यवस्था था, जो आज 4थे नम्बर पर पहुंच गया है। भारत पूरे विश्व की सबसे दु्रतगति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है और हम शीघ्र ही सबसे बड़ी तीसरी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। हमारा बजट रोजगार सृजन करने वाला, युवा शक्ति को आगे बढ़ाने वाला जनता का बजट है। यह जनकल्याण का बजट है। आज प्रधानमंत्री मोदी रिफार्म पर विश्वास करते हैं। हमारा जीडीपी 7प्रतिशत पर है और हमारी अर्थव्यवस्था काफी रफ्तार से आगे बढ़ रही है। दुनिया भी चकित है, भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था पर। उन्होंने कहा कि आपरेशन सिंदूर के बाद भारत का रक्षा बजट काफी बढ़ा है और हम समर्थ भारत-सक्षम भारत बनने जा रहे हैं। श्री मोदी का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक हमारे उत्पादों का निर्यात हो और हम आत्मनिर्भर भारत बन सकें। उन्होंने कहा कि भारत के बजट का विश्व ने वेलकम किया। यह बजट देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से कोरबा के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में बुनियादी ढांचे, खनिज क्षेत्र, उद्योग विस्तार और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। प्रेसवार्ता में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, सह संभाग प्रभारी रायपुर डॉ. राजीव सिंह, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चालवाली उपस्थित रहे। युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए बड़े ऐलान सौरभ सिंह ने कहा कि यह बजट किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं को समान अवसर देने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाला है। उन्होंने बताया कि देश में नए रेलवे कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे हाई स्पीड ट्रेनों के माध्यम से लोगों का सफर कम समय में पूरा होगा और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह बजट सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के समग्र विकास का रोडमैप प्रस्तुत करता है, जो देश को तेज गति से विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। देश की अर्थव्यवस्था आज वैश्विक स्तर पर मजबूती के साथ उभरकर सामने आई है। भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो चुका है। लगभग 7′ की जीडीपी वृद्धि दर यह दर्शाती है कि भारत की आर्थिक नीतियाँ सशक्त और दूरदर्शी रही हैं। इस अवसर पर प्रदेश मंत्री सुश्री रितु चौरसिया, जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय विश्वकर्मा, वरिष्ठ पार्षद नरेंद्र देवांगन, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, नवदीप नंदा, अर्जुन गुप्ता, शैलेंद्र यादव, एमआईसी मेंबर हितानंद अग्रवाल, जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा प्रिती स्वर्णकार, जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा रामनारायण सराफ, जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा उत्तम सिंह रनधावा, प्रदीप सिंह, नीरज ठाकुर, मनोज मिश्रा, दीपक चावड़ा व उदय श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के पत्रकार उपस्थित रहे।
CMD के गेवरा दौरे के बिच भू विस्थापित श्रमिकों के विभिन्न मांगो को लेकर अजय जायसवाल के नेतृत्व मे खदान मे लगातार 6 घंटे काम ठप कर किया जमकर विरोध प्रदर्शन
कोरबा/गेवरा। आज एक तरफ गेवरा खदान के दौरे मे SECL बिलासपुर CMD कोरबा प्रवास पर रहे वही दूसरी ओर अजय जायसवाल भू विस्थापित श्रमिकों सहित स्थानीय बेरोजगारों रोजगार सहित विभिन्न मांगो को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए।
आज दिनांक 27/10/2026 को गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा 6 महीने पूर्व से हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, भविष्य निधि ,सुरक्षा, बोनस, पेमेंट स्लिप, जॉइनिंग लेटर सहित 2 महीने से लंबित भुगतान को लेकर कई बार पत्राचार किया जा चूका है, परन्तु प्रबंधन और कंपनी के द्वारा किसी प्रकार का सुनवाई नहीं किया, जिसको लेकर भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा अजय जायसवाल पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा को सूचित किया। तत्पश्चात अजय जायसवाल के द्वारा आज खदान पहुंच भू विस्थापितों के विभिन्न मुद्दे को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए और सभी श्रमिकों के द्वारा 6 घंटा काम बंद कर काम ठप कर आंदोलन कर दिया गया, जिसके उपरांत SECL प्रबंधन और pnc कंपनी के अधिकारी वार्ता हेतु पहुंचे और हड़ताल स्थगित करने निवेदन किया गया। तत्पश्चात दिनांक 29/10/2026 को 12 बजे SECL गेवरा CGM ऑफिस मे वार्ता करते हुए मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया, साथ ही वार्ता मे विभिन्न मुद्दों पर बात करने सहमति बनी, जिसमे सभी –
1 श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट 2 सभी श्रमिकों का id कार्ड, सुरक्षा, 3 पेमेंट स्लिप 4 स्थानीय बेरोजगरों को रोजगार 5 जॉइनिंग लेटर, सहित बोनस पर बात करने और मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया। उक्त हड़ताल मे भू विस्थापित श्रमिकों के साथ अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा, शेत मसीह सांसद प्रतिनिधि, मधुसूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, गोविंदा सारथी, कमलेश प्रजापति, संतोष यादव, प्रकाश सागर, फिरोज, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत,संजय यादव, सुजीत महंत, गौरव साहू, अनिल सागर, सहित कम्पनी मे कार्यरत हेल्फर, ड्राइवर सहित ग्रामीण सैकड़ो की संख्या मे उपस्थित रहे।
कोरबा। प्रथम जिला व अपर सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गरिमा शर्मा ने जिला जेल कोरबा के बंदियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। न्यायाधीश शर्मा जेल में बंदियों की भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा कर, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का अवलोकन किया। न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि पात्र बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता देंेगे। बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी दिवसों में न्यायालयों में उपस्थित कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंदियों को उनके अधिकारों और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। प्राधिकरण का मानना है कि जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना केवल एक दायित्व नहीं बल्कि समाज में समानता और न्याय का अधिकार भी है।
कोरबा/पाली। पाली-लाफा मार्ग पर कई अंधे मोड़ हैं, इनके आसपास सड़क किनारे पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं कराने पर सड़क हादसे का डर बना हुआ है। 8 किलोमीटर सड़क के रास्ते पर 5 से अधिक मोड़ है, जहां पर सुरक्षित आवाजाही में खतरा बना हुआ है। सामने से आ रहे वाहन पेड़ों की झुकी डंगाल के कारण नजर नहीं आते हैं और वाहनों के टकराने से सड़क दुर्घटना हो चुकी है। चैतुरगढ़ स्थित मां महिषासुर मर्दिनी का ऐतिहासिक मंदिर जाने का भी यह रास्ता है। पाली से चैतुरगढ़ की दूरी लगभग 32 किलोमीटर है। इसी मार्ग पर लाफा तक कई अंधे मोड़ से चालकों का सफर मुश्किल हो रहा है। चैतुरगढ़ में मां महिषासुर मर्दिनी का मंदिर होने के साथ यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है।
इस कारण जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण छत्तीसगढ़ का कश्मीर भी कहा जाता है। पर्यटक पाली-लाफा मार्ग से चैतुरगढ़ के लिए आवाजाही करते हैं। जिला पंचायत सदस्य कौशल नेटी ने मांग की है कि पाली से लाफा होते हुए चैतुरगढ़ जाने वाले मार्ग का निरीक्षण कराया जाए। सड़क किनारे दृश्यता रोकने वाली डालियों की नियमानुसार कटाई-छंटाई कराई जाए। दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील मोड़ों को चिह्नित किया जाए। वहां जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएं।