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छत्तीसगढ़

रायपुर : नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर विकास की नई इबारत लिख रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा विकसित छत्तीसगढ़

सुरक्षा के साथ विकास की रणनीति ने बदली बस्तर की तस्वीर, अंतिम छोर तक पहुंच रही शासन की योजनाएं

नियद नेल्लानार से गांवों में पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं, मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान में 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण

बस्तर में पर्यटन, रोजगार और आजीविका के खुल रहे नए द्वार

मुख्यमंत्री श्री साय ‘विकसित भारत-समृद्ध छत्तीसगढ़ : विकास का नया अध्याय’ कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर, 31 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि दशकों तक नक्सलवाद की चुनौती का सामना करने वाला छत्तीसगढ़ आज शांति, विश्वास और विकास के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। नक्सलवाद के अंधेरे से बाहर निकलकर प्रदेश अब विकास की नई इबारत लिख रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, अधोसंरचना, पर्यटन और आजीविका सहित सर्वांगीण विकास के प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखाई देने लगे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित ‘विकसित भारत-समृद्ध छत्तीसगढ़ : विकास का नया अध्याय’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ ने भी विकसित राज्य बनने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। प्रदेश के विजन डॉक्यूमेंट के अंतर्गत 10 प्रमुख मिशन निर्धारित किए गए हैं और उन्हें धरातल पर उतारने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से भरपूर राज्य है। प्रदेश का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है और यहां लोहा, बॉक्साइट, लिथियम, सोना सहित अनेक महत्वपूर्ण खनिज संसाधन उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य भी है। प्राकृतिक संसाधनों की इस समृद्धि के साथ प्रदेश की मेहनतकश मानव शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। इन क्षमताओं का समुचित उपयोग कर छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के विकास में और बड़ी भूमिका निभाएगा।

सुरक्षा और विकास की समन्वित रणनीति से बदली बस्तर की तस्वीर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद प्रदेश, विशेषकर बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा बना रहा। वर्ष 2023 में राज्य में सरकार बनने के बाद जनवरी 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकार ने समन्वय के साथ नई रणनीति पर काम शुरू किया। पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर तालमेल और सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई ने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को निर्णायक गति दी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता मिली है। नई रणनीति की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि सुरक्षा बलों ने पूरी मजबूती से अभियान चलाते हुए पहले की तुलना में अपने जवानों की क्षति को कम रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की जनता ने लगभग चार दशकों तक नक्सल हिंसा का दंश झेला है। नक्सली स्कूल, अस्पताल, सड़क, पुल-पुलिया और संचार सुविधाओं जैसे विकास कार्यों का विरोध करते थे, जिसके कारण अनेक दूरस्थ क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से कटे रहे। इसलिए सरकार ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी।

‘नियद नेल्लानार’ ने दूरस्थ गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार शुरू से स्पष्ट थी कि केवल नक्सल समस्या को समाप्त करना पर्याप्त नहीं होगा। स्थायी शांति के लिए बस्तर के प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार तक विकास का लाभ पहुंचाना आवश्यक है। इसी सोच के साथ ‘नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की गई। गोंडी भाषा में इसका अर्थ है – ‘आपका अच्छा गांव’।

उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से दूरस्थ और संवेदनशील गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और दूरसंचार जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। क्षेत्र में 421 से अधिक स्कूल खोले गए हैं और दूरसंचार नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। विकास को और गति देने के लिए सरकार ने ‘नियद नेल्लानार 2.0’ भी प्रारंभ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर को देश का सबसे सुंदर आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प व्यक्त किया है और राज्य सरकार इसी लक्ष्य के अनुरूप बस्तर के समग्र विकास पर काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और लगभग 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय अमला गांवों में पहुंचकर और वहां ठहरकर लोगों को योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध करा रहा है।

शांति लौटने के साथ बस्तर में आजीविका और पर्यटन की नई संभावनाएं

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापित होने के साथ अब रोजगार, आजीविका और पर्यटन के नए अवसर भी तेजी से विकसित हो रहे हैं। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ समझौता किया गया है। बकरी पालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है। बस्तर के धुड़मारास गांव को दुनिया के श्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल किया गया है। यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटक होम-स्टे में रहकर स्थानीय जनजातीय जीवन और संस्कृति को निकट से अनुभव कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में होम-स्टे को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ऋण एवं अनुदान की सुविधा दे रही है। पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद खाली हो रहे लगभग 70 सुरक्षा कैंपों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए खोले पुनर्वास के द्वार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की रणनीति केवल सुरक्षा कार्रवाई तक सीमित नहीं रही। हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों के लिए बेहतर आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तैयार की गई। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया कि हिंसा छोड़कर लौटने वालों के साथ न्याय होगा और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने हिंसा की जगह संवाद और पुनर्वास को प्राथमिकता दी, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का रास्ता चुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त होने के बाद भी वैचारिक स्तर पर भ्रम फैलाने की कोशिश करने वाले कुछ तत्व मौजूद हैं, लेकिन बस्तर में तेजी से पहुंचता विकास और लोगों के जीवन में आ रहा सकारात्मक परिवर्तन ऐसे भ्रम का सबसे प्रभावी उत्तर है।

युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा और रोजगार पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। प्रत्येक विकासखंड तक उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ी है और आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी जैसे राष्ट्रीय महत्व के प्रतिष्ठित संस्थान प्रदेश में संचालित हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। दिल्ली में यूथ हॉस्टल के माध्यम से युवाओं को यूपीएससी की तैयारी में सहयोग दिया जा रहा है। प्रदेश में 34 नालंदा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए भी सरकार अनेक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभाशाली बच्चे के सपनों की राह में बाधा न बनें।

नई औद्योगिक नीति से निवेश और रोजगार को मिल रही नई गति

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से छत्तीसगढ़ में उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इनका असर धरातल पर भी दिखाई देने लगा है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि उसके माध्यम से प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करना है। इसी उद्देश्य से एक हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्यमों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

“किसान परिवार से मिली मेहनत और जिम्मेदारी की सीख”

कार्यक्रम में अपनी जीवनयात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे किसान परिवार से आते हैं और खेती उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रही है। दस वर्ष की आयु में पिता के निधन के बाद परिवार के बड़े बेटे के रूप में कम उम्र में ही उन्हें जिम्मेदारियां संभालनी पड़ीं। बचपन से खेती करते हुए उन्होंने परिश्रम, धैर्य और जिम्मेदारी का महत्व सीखा।

उन्होंने कहा कि राजनीति में आने की उनकी कोई पूर्व योजना नहीं थी। गांव के लोगों के आग्रह पर पहली बार वार्ड पंच का चुनाव लड़ा और जनप्रतिनिधि के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई। पांच वर्ष तक पंच के रूप में किए गए कार्यों के आधार पर गांववासियों ने उन्हें निर्विरोध सरपंच चुना। इसके बाद वर्ष 1990 में तपकरा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बने। अविभाजित मध्यप्रदेश में दो बार विधायक और रायगढ़ से चार बार सांसद के रूप में जनता की सेवा का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला और आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा का महत्वपूर्ण दायित्व मिला है। सार्वजनिक जीवन में जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के सामने संभावनाओं का नया आकाश है। नक्सलवाद की बाधा दूर होने के साथ बस्तर सहित पूरा प्रदेश विकास की नई गति पकड़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध छत्तीसगढ़ मानव विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग और पर्यटन में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो तथा वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ अपनी सशक्त भूमिका निभाए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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कोरबा

बांस शिल्प के लिए बिरहोर परिवारों को दिया जा रहा कौशल उन्नयन प्रशिक्षण

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परंपरागत हुनर के साथ आधुनिक उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण,आजीविका के नए अवसर सृजित करने की पहल

कोरबा, 13 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को आजीविका से जोड़ने और उनकी पारंपरिक कला एवं कौशल को रोजगार के बेहतर अवसरों में परिवर्तित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोनकोना के आश्रित ग्राम समेलीभाटा में निवासरत बिरहोर परिवारों को बांस कला का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 10 से 19 सितंबर तक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान(आरसेटी)कोरबा के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है।

समेलीभाटा के बिरहोर परिवार लंबे समय से पारंपरिक रूप से बांस शिल्प निर्माण का कार्य करते आ रहे हैं। इनके द्वारा बांस से टोकनी, सूपा, झापी सहित विभिन्न उपयोगी वस्तुएं तैयार कर स्थानीय हाट-बाजारों में विक्रय की जाती हैं। हालांकि पारंपरिक उत्पादों तक सीमित बाजार और उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण कारीगरों को अपनी मेहनत के अनुरूप पर्याप्त आमदनी प्राप्त नहीं हो पाती। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इन परिवारों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने की पहल की गई है।

प्रशिक्षण के दौरान बांस शिल्पकारों को पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक एवं आकर्षक सजावटी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें आकर्षक गुलदस्ते, सीनरी, झालर तथा अन्य उपयोगी एवं सजावटी बांस उत्पाद शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य बांस शिल्पकारों के कौशल में निखार लाते हुए उनके उत्पादों में विविधता, गुणवत्ता और आकर्षण बढ़ाना है, ताकि वे स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर व्यापक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें।

जिला प्रशासन की इस पहल से बिरहोर परिवारों की पारंपरिक कला को संरक्षित करने के साथ ही उसे आय के स्थायी एवं बेहतर माध्यम के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पश्चात राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से इन परिवारों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे बांस शिल्पकारों को अपने उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने, बाजार से सीधे जुड़ने तथा अपनी आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।

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कोरबा

पाली के राजा का भव्य आगमन कल

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शांति नगर में गणेशोत्सव समिति द्वारा गणेश चतुर्थी मनाने तैयारी पूरी
कोरबा/पाली। कल 14 सितम्बर को पूरे भारत वर्ष में गणेश चतुर्थी की धूम रहेगी। जिले में विभिन्न गणेशोत्सव समितियों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में कल गणेश चतुर्थी पर पाली के राजा का भी भव्य और दिव्य आगमन होगा।

गणेशोत्सव समिति शांति नगर पाली के आयोजकों ने बताया कि कल 14 सितम्बर सोमवार को लालबाग के राजा की प्रतिमा बड़े धूमधाम से मंत्रोच्चार के साथ विराजित की जाएगी। भगवान श्रीगणेश की भव्य प्रतिमा पाली के राजा का शुभ आगमन संध्या 7.00 बजे होगा और पाली मुख्य बाजार से कार्यक्रम स्थल तक रैली की शक्ल में आकर्षक आतिशबाजी, आकर्षक एसएफएक्स एवं धूमाल के साथ लाई जाएगी और पंडित जी के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ विघ्रहर्ता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
आयोजन समिति ने इस भव्य आयोजन में सभी क्षेत्र वासियों को सादर आमंत्रित किया है और पाली के राजा की आगमन रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।

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कोरबा

शराब पीने के लिए पैसे मांगे, मना करने पर युवक से मारपीट एवं जान से मारने की धमकी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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कोरबा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई भी प्रस्तावित

कोरबा। थाना उरगा क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे मांगने, पैसे देने से मना करने पर युवक के साथ मारपीट करने तथा बाद में उसके घर पहुंचकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोरबा पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

शराब के लिए पैसे मांगे, मना करने पर की मारपीट

दिनांक 10.09.2026 की रात्रि लगभग 09:00 बजे प्रार्थी संतोष राठौर निवासी फरसवानी अपने दोस्तों के साथ पार्टी में जाने के लिए निकला था। इसी दौरान आरोपीगण द्वारा उसे रोककर गाली-गलौज करते हुए शराब पीने के लिए पैसे की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपीगण द्वारा उसके साथ हाथ-मुक्का से मारपीट की गई।घटना के कुछ समय बाद आरोपीगण पुनः रात्रि लगभग 12:30 बजे प्रार्थी के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मारपीट की घटना में प्रार्थी के हाथ में चोट आई।प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उरगा में अपराध क्रमांक 507/2026 धारा 296, 115(2), 351(3), 126(2), 119(1), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना उरगा पुलिस द्वारा तत्काल आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। लगातार पतासाजी के दौरान मुख्य आरोपी के अपने सकुनत पर मौजूद होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल दबिश देकर ज्ञान प्रसाद राठौर पिता लखन लाल राठौर, उम्र 21 वर्ष, निवासी फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 BW 0830 को विधिवत जब्त किया गया।

आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए गुंडा बदमाश प्रकरण की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार आरोपी ज्ञान राठौर पूर्व में भी आपराधिक प्रकरण में संलिप्त रहा है तथा हत्या के प्रयास के मामले में जेल जा चुका है। आरोपी कुछ दिन पूर्व ही जेल से बाहर आया था और उसके विरुद्ध पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है।वर्तमान घटना में पुनः आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने तथा उसकी आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए आरोपी के विरुद्ध गुंडा बदमाश प्रकरण तैयार कर कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। पुलिस द्वारा आरोपी की पूर्व आपराधिक गतिविधियों एवं वर्तमान प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।

आरोपी न्यायिक रिमांड पर

गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर दिनांक 12.09.2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।प्रकरण में विवेचना जारी है तथा घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।

कोरबा पुलिस की स्पष्ट नीति — अपराध एवं आपराधिक प्रवृत्ति पर प्रभावी कार्रवाई
कोरबा पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रतिबंधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

सजग कोरबा, सतर्क कोरबा

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