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छत्तीसगढ़

रायपुर : ‘मन की बात’ देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों और प्रेरक प्रयासों को देती है राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने वाले लोगों को देश के सामने लाते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के संकल्प में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी

मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में सुनी ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी

अंतरिक्ष विज्ञान में बेटियों की ऊंची उड़ान, छत्तीसगढ़ की महिमा राजपूत पर प्रदेश को गर्व

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर, 30 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित निरंजन धर्मशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी का श्रवण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का देश के 140 करोड़ नागरिकों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे नवाचारों, प्रेरक प्रयासों और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले लोगों की उपलब्धियों को पूरे देश के सामने रखते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देशवासियों को प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाले ‘मन की बात’ कार्यक्रम की प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इसमें ऐसे अनेक विषयों और व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हैं, जिनके बारे में सामान्यतः देश के लोगों को जानकारी नहीं मिल पाती। इससे जहां अच्छे कार्य करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ता है, वहीं उनके प्रयास लाखों देशवासियों के लिए प्रेरणा बनते हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे देश के दूरस्थ गांवों और छोटे-छोटे क्षेत्रों में अनेक लोग बिना किसी प्रचार और स्वार्थ के समाज तथा राष्ट्रहित में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। कोई पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहा है, कोई स्वच्छता के लिए कार्य कर रहा है, तो कोई स्थानीय संसाधनों के माध्यम से नवाचार कर अपने क्षेत्र में बदलाव ला रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से ऐसे सामान्य लोगों के असाधारण कार्यों को राष्ट्रीय पहचान देते हैं। इससे देश में सकारात्मकता और जनभागीदारी की भावना मजबूत होती है तथा दूसरे लोगों को भी कुछ नया और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।

‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के संकल्प को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रखना परिवार, समाज और राष्ट्र सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज को झेलने पड़ते हैं। स्वस्थ, समर्थ और ऊर्जावान युवा पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से नशामुक्ति के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने और युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

‘हर घर तिरंगा’ में दिखा देशवासियों का राष्ट्रप्रेम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के प्रति देशवासियों के अभूतपूर्व उत्साह का भी उल्लेख किया। अभियान के अंतर्गत 8 करोड़ से अधिक देशवासियों ने तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड की। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्रध्वज के प्रति देशवासियों के सम्मान, गौरव और गहरे भावनात्मक जुड़ाव की अभिव्यक्ति है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ आज जन-जन का अभियान बन चुका है। ऐसे अभियान राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के साथ प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका और कर्तव्यों का स्मरण कराते हैं।

पीएम स्वनिधि से मातृशक्ति को मिल रही आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की भी चर्चा की। रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को योजना के माध्यम से अपने कारोबार को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और देशभर में करीब 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर अपने छोटे व्यवसायों को नई गति दे रही हैं। आर्थिक रूप से सशक्त महिला न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाती है, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

स्वच्छता केवल अभियान नहीं, जन-जन का संकल्प बने

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है। स्वच्छता में स्थायी परिवर्तन तभी संभव है, जब यह केवल सरकारी अभियान न रहकर प्रत्येक नागरिक की आदत और जिम्मेदारी बने।

उन्होंने कहा कि जब किसी गांव, शहर अथवा क्षेत्र के लोग स्वयं अपने परिवेश को स्वच्छ रखने का संकल्प लेते हैं, तो उसका प्रभाव केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उस स्थान की पहचान और वहां के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव आता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घर, मोहल्ले, गांव, शहर और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

अंतरिक्ष विज्ञान में बेटियों की उड़ान, छत्तीसगढ़ की महिमा राजपूत पर गर्व

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज भारत की बेटियां अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं। उनकी आकांक्षाओं की उड़ान अब धरती से अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ में मिशन शक्ति सैट जैसे प्रेरक प्रयास का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से भारत सहित विभिन्न देशों की हजारों छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी को समझने, सीखने और नवाचार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का विषय है कि प्रदेश की महिमा राजपूत भी इस महत्वपूर्ण मुहिम का हिस्सा बनी हैं। उन्होंने महिमा राजपूत को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उनकी उपलब्धियां प्रदेश की दूसरी बेटियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करती हैं।

‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ की विभिन्न कड़ियों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर छत्तीसगढ़ और यहां के उल्लेखनीय प्रयासों का उल्लेख किया है। बस्तर ओलंपिक से लेकर मल्हार में मिले प्राचीन ताम्रपत्रों और काले हिरण के संरक्षण तक, छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं और उपलब्धियों को प्रधानमंत्री ने देशवासियों के सामने रखा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के नवाचारों, संस्कृति, विरासत और सकारात्मक प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर स्थान दिया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गौरव की बात है। इससे छत्तीसगढ़ के अच्छे कार्यों को देशभर में पहचान मिलने के साथ प्रदेश के लोगों का उत्साह भी बढ़ता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों को एक सूत्र में जोड़ती है। यह कार्यक्रम नागरिकों को स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, नवाचार, समाजसेवा और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों के लिए प्रेरित करने के साथ जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह सतत संवाद देशवासियों में कर्तव्यबोध जगाकर विकसित भारत के निर्माण में अपना सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू एवं पुरंदर मिश्रा, संतजन, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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कोरबा

माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में हवन-पूर्णाहुति के साथ शारदीय नवरात्रि पर विराम

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प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने सपत्नीक किया हवन-पूर्णाहुति, विद्वान आचार्यों के श्रीमुख से निकला दिव्य मंत्रोच्चार, शंखनाद से परिसर हुआ भक्तिमय
सार्वभौम का कल्याण हो, विश्व में शांति हो, घर-घर पहुंचे समृद्धि की शुभ-मंगलकामनाओं के लिए मांगा माँ से आशीर्वाद

कोरबा। आज अपराह्न माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में महाअष्टमी पर शारदीय नवरात्रि पर हवन-पूर्णाहुति के साथ विराम लग गया। मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने सपरिवार हवन-पूजन किया और यहां उपस्थित विद्वान आचार्यों ने दिव्य मंत्रोच्चार, घंटे एवं शंखनाद के बीच हवन-पूर्णाहुति को विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया और माँ आदिशक्ति से प्रार्थना की, कि पूरे विश्व का कल्याण हो, विश्व में शांति की पुनसर््थापना हो, चारों तरफ समृद्धि की बयार हो और घर-घर सुख, सम्पत्ति और वैभव का निवास हो, इन्हीं शुभ-मंगलकामनाओं के साथ माँ आदिशक्ति से आशीर्वाद मांगा।
21 कन्याओं का श्रृंगार कर कराया भोज, दिए उपहार

माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में महाअष्टमी पूजा सम्पन्न होने के बाद हवन-पूर्णाहुति को विधि-विधान से सम्पन्न कराने के बाद एवं महाअष्टमी पर माँ महागौरी स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा अर्चना एवं संध्या आरती सम्पन्न होने के बाद 21 कन्याओं को सादर आमंत्रित किया गया और श्री पाण्डेय के निजनिवास के अतिथि कक्ष में सभी 21 कन्याओं का श्रृंगार किया गया, पाण्डेय परिवार द्वारा सभी कन्याओं का पग प्रक्षालन किया गया और उसके बाद सभी को भोग परोसा गया। कन्या भोज के बाद उपस्थित देवी स्वरूपा सभी कन्याओं को उपहार दिया गया और इस तरह शारदीय नवरात्रि पर विराम लग गया।


महागौरी स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी की महाअष्टमी आरती


महाअष्टमी पर श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़

कल गोधूली बेला पर जवारा कलश का विसर्जन

माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में 181 जवारा कलश भी नवरात्रि के प्रथम दिन प्रज्ज्वलित किए गए थे और 09 दिन तक जवारा कलशों की बैगाओं द्वारा सेवा करने के बाद कल महानवमी 19 अक्टूबर को संध्या गोधूली बेला में जवारा कलशों का गंगा स्वरूपा हसदेव नदी में विसर्जित किया जाएगा। विसर्जन से पूर्व जवारा कलशों का विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की जाएगी और असतो मा सद्गमय… की कामना के साथ नारी शक्ति अपने-अपने सिर में कलशों को लेकर रैली के रूप में नदी तट पर पहुंचेंगी, साथ में बैगा भी होंगे और विसर्जन की प्रक्रिया विधि विधान के साथ पूर्ण होगी और जवारा कलश विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होगी।

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छत्तीसगढ़

विधायक अमर अग्रवाल को तिलक नगर के विस्थापितों ने घेरा:बोले- तारीख पर तारीख मिल रही,अब तिलक नगर में ही बसाइए,तंबू लगाकर धरने की चेतावनी

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बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर शहर के तिलक नगर में विस्थापित परिवारों ने नगर विधायक अमर अग्रवाल को घेरकर उनके पुनर्वास की मांग उठाई। विधायक रघुनंदन सभागृह का लोकार्पण करने श्रीराम मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान प्रभावित परिवारों के लोगों, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं, ने उनसे मुलाकात कर मांग की कि उन्हें उसी जगह बसाया जाए, जहां से हटाकर इमलीभाठा भेजा गया था।

तिलक नगर स्थित श्रीराम मंदिर के पीछे नदी किनारे रहने वाले करीब 300 परिवारों को लगभग छह साल पहले कोरोना काल में भारी बारिश के बीच बेदखल किया गया था। उस समय उन्हें वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाकर देने की बात कही गई थी। विस्थापितों का आरोप है कि वर्षों बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई है और उन्हें बार-बार आश्वासन ही मिल रहा है।

निवेदन को भीख समझा जा रहा, अब ठोस जवाब चाहिए

प्रभावित परिवारों ने कहा कि वे लंबे समय से जनप्रतिनिधियों के सामने पुनर्वास और आवास की मांग रख रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें इंतजार करने के लिए कहा जाता है। उनका कहना है कि मकान तोड़ते समय पुनर्वास का भरोसा दिया गया था, मगर अब तक उन्हें इसका लाभ नहीं मिला।

रहवासियों के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले भी विधायक से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई थी। उस दौरान आश्वासन मिला था, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं आने पर वे दोबारा अपनी मांग लेकर पहुंचे। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार की गुहार को भीख समझा जा रहा है।

टेंडर और फंड का हवाला, लेकिन जमीन और नक्शे पर सवाल

प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे दो बार विधायक से मुलाकात कर चुके हैं। हर बार उन्हें टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और फंड उपलब्ध होने के बाद आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया जा रहा है।

रहवासियों ने सवाल उठाया कि जब तक जमीन का चयन और ड्राइंग-डिजाइन तैयार नहीं होगा, तब तक मकानों का निर्माण कैसे आगे बढ़ेगा? उनका आरोप है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि समय देने के बावजूद अब तक कोई ठोस जवाब नहीं दे रहे हैं।

जर्जर आवास और नशे के बढ़ते प्रचलन से परेशान परिवार

स्थानीय निवासी अंकुश ठाकुर ने बताया कि प्रभावित परिवार अब तक मिले आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं। उनके अनुसार, अधिकारियों से चर्चा कर दो दिनों के भीतर जवाब देने की बात कही गई थी, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला। दोबारा मुलाकात करने पर भी उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया।

अंकुश ठाकुर ने पुनर्वास के लिए उपलब्ध कराए गए आवासों की जर्जर स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई मकान जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं और बारिश के दौरान पानी भरने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा क्षेत्र में नशे के बढ़ते प्रचलन से बच्चों के भविष्य को लेकर भी परिवार चिंतित हैं।

मांग पूरी नहीं हुई तो तंबू लगाकर करेंगे आंदोलन

स्थानीय निवासी अनिता यादव ने कहा कि मौजूदा आवासों में रहने के दौरान परिवारों को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे संबंधित स्थल पर तंबू लगाकर धरना शुरू करेंगे। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।

विस्थापित परिवारों ने दोहराया कि वे अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पुनर्वास को लेकर ठोस पहल और स्पष्ट जवाब चाहते हैं।

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छत्तीसगढ़

हादसे के बाद जाम:बोलेरो ने ऑटो को मारी टक्कर तो कार से टकराई, चालक की मौत, 6 लोग गंभीर रूप से घायल

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जांजगीर। चांपा-जांजगीर मुख्य मार्ग पर दर्राभांठा के पास शुक्रवार रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में ऑटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना एक चेन एक्सीडेंट के रूप में हुई, जिसमें पीछे से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ने ऑटो को टक्कर मारी, जिससे अनियंत्रित होकर ऑटो एक अन्य कार से जा टकराया।

मृतक की पहचान ग्राम बोड़सरा निवासी चंद्रशेखर धीवर (पिता रामनारायण धीवर) के रूप में हुई है। हादसे के तुरंत बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को चांपा से जांजगीर की 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में 5 घंटे का समय लग गया।

मौके पर पहुंचे तहसीलदार द्वारा पीड़ित परिवार को 25,000 रुपये की तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने के बाद जाम समाप्त कराया गया। पुलिस ने पंचनामा के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। थाना प्रभारी जय प्रकाश साहू ने कहा कि बोलेरो के ओवरटेक करने के कारण यह हादसा हुआ। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। बोलेरो चालक की तलाश जारी है।

जगराता के लिए सड़क पर बांधा GI तार, गला कटने से युवक की मौत

शहर में धार्मिक आयोजनों के नाम पर मुख्य सड़कों को मनमाने तरीके से बंद करने की लापरवाही ने 20 साल के युवक की जान ले ली। शुक्रवार देर रात जयस्तंभ चौक पर जगराता कार्यक्रम के लिए सड़क पर बांधे गए रस्सी और जीआई तार में गला फंसने से बुलेट सवार फैजान आलम की मौत हो गई।

उसका गला कट गया, जबकि पीछे बैठा साथी समीर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने जगराता बंद करवा दिया और कोतवाली थाने का घेराव किया। पुलिस ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। शहर में इन दिनों जगह-जगह टेंट और पंडाल लगाकर मुख्य मार्ग रोके जा रहे हैं।

देवीगंज रोड पर दिनभर जाम लग रहा है। इसके बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। जयस्तंभ चौक पर भी सड़क बंद करने के लिए रस्सी और जीआई तार बांधने की अनुमति प्रशासन या नगर निगम से नहीं ली गई थी।

मुआवजे के लिए सड़क पर उतरे लोग, लग गई वाहनों की लंबी कतार

हादसे के तुरंत बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। लोगों का कहना था कि पीड़ित गरीब परिवार को शासन की तरफ से उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार और पुलिस प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और शासन स्तर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता के रूप में Rs.25,000 रुपए दिया गए। इसके बाद जाम समाप्त हुआ और यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सका। परिजनों के आधे घंटे चक्काजाम का यह असर हुआ कि सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

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