सेवा सेतु शिविरों ने गांव से शहर तक पहुंचाई जनकल्याणकारी सेवाएं:17 शिविरों में 1,945 आवेदन प्राप्त; 1,321 का निराकरण, शेष 624 प्रकरणों पर कार्रवाई जारी
कोरबा 15 अक्टूबर 2026। सरकारी योजनाओं का लाभ पाने और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसी उद्देश्य से कोरबा जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 1 से 14 अक्टूबर तक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सेवा सेतु शिविर आयोजित किए गए। जनपद पंचायतों के साथ नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में लगे इन शिविरों में नागरिकों ने आवेदन दिए और विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर प्राप्त कीं।
शिविरों में राजस्व विभाग की ओर से ऋण पुस्तिका और किसान किताब का वितरण किया गया। पशु क्षति के मामलों में मुआवजा, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को घरों की चाबियां, महिला स्व-सहायता समूहों को राशि तथा कृषि और समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस तरह शिविर लोगों की मांग और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच सीधा संपर्क बने।
16 शिविरों में 1,945 आवेदन
उपलब्ध शिविरवार संकलन के अनुसार, जिले में दर्ज 16 शिविरों में कुल 1,945 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1,321 आवेदनों का निराकरण किया गया, जबकि 624 आवेदन लंबित रहे। इस प्रकार दर्ज आवेदनों में से लगभग 68 प्रतिशत का निराकरण शिविरों के दौरान या संकलन की तारीख तक किया जा चुका था। लंबित मामलों में संबंधित विभागों से परीक्षण, निर्माण कार्यों के प्रस्ताव और अन्य विभागीय कार्रवाई की जरूरत वाले आवेदन शामिल हैं। कोरबा नगर निगम क्षेत्र में सात शिविर आयोजित किए गए। इनमें टी.पी. नगर, कोरबा जोन, कोसाबाड़ी, पं. रविशंकर शुक्ल नगर, बालको नगर, दर्री और सर्वमंगला नगर जोन शामिल थे। इन शिविरों में 786 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 247 का निराकरण किया गया। अन्य निकायों और जनपद पंचायतों में भी शिविरों के माध्यम से आवेदन और समस्याएं दर्ज की गईं। दीपका नगर पालिका के शिविर में 72 में से 70 आवेदन निराकृत हुए, कटघोरा नगर पालिका के शिविर में सभी 89 आवेदनों का निराकरण किया गया। बांकीमोंगरा नगर पालिका में 62 में से 56 और छुरीकला नगर पंचायत में 15 में से 13 आवेदन निराकृत हुए। पाली नगर पंचायत में 57 में से 52 आवेदन निराकृत किए गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौके पर कार्रवाई
जनपद पंचायत क्षेत्रों के शिविरों में भी लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। जनपद पंचायत पाली के सैला शिविर में प्राप्त सभी 133 आवेदनों का निराकरण किया गया। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के सिंघिया में 436 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 429 का निराकरण हुआ। कटघोरा जनपद पंचायत के कसाईपाली शिविर में 102 में से 94 और करतला जनपद पंचायत के कराईनारा शिविर में 86 में से 72 आवेदन निराकृत किए गए। जनपद पंचायत कोरबा के शिविर में 107 में से 66 आवेदन निराकृत हुए। इन आंकड़ों में हर आवेदन के साथ किसी नागरिक की जरूरत जुड़ी है, किसी को योजना की पात्रता और प्रक्रिया समझनी थी, तो किसी को राजस्व दस्तावेज, आवास या विभागीय सेवा की आवश्यकता थी। शिविरों ने इन जरूरतों को सुनने, संबंधित विभाग तक पहुंचाने और कार्रवाई की स्थिति जानने का एक साझा मंच उपलब्ध कराया।
जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
सेवा सेतु शिविरों में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न स्थानों पर सहभागिता की। शिविरों में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए तथा योजनाओं और सेवाओं से जुड़ी जानकारी दी।
शिविर में आवेदन प्राप्त होना समाधान की दिशा में पहला कदम है। उसका समय पर निराकरण, लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा और हितग्राहियों तक स्वीकृत लाभ पहुंचाना इस प्रयास को सार्थक बनाता है। सेवा सेतु शिविरों में प्राप्त 624 लंबित आवेदनों पर आगे की कार्रवाई इस व्यवस्था की अगली महत्वपूर्ण कड़ी है। सेवा संकल्प अभियान के दौरान प्रशासन और नागरिकों के बीच बना यह सीधा संवाद तभी स्थायी भरोसे में बदलेगा, जब प्रत्येक पात्र हितग्राही को उसके आवेदन की प्रगति और निर्णय की जानकारी मिलती रहेगी।
मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन आधुनिक विज्ञान और तकनीक से रूबरू होंगे के विद्यार्थी साइंस सेंटर का निर्माण कोरबा के इतिहास में एक नया वैज्ञानिक अध्याय – मंत्री लखन लाल देवांगन कोरबा 15 अक्टूबर 2026। औद्योगिक नगरी कोरबा के विकास में अब विज्ञान और आधुनिक तकनीक का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। शहर के रिस्दी रोड पर 25 करोड़ रुपये की लागत से छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साइंस सेंटर बनाया जाएगा। वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने आज पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर का विधि-विधान से भूमिपूजन किया। अडानी फाउंडेशन के सहयोग से सीएसआर मद के अंतर्गत बनने वाला यह केंद्र विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों, वैज्ञानिक प्रयोगों और अत्याधुनिक तकनीकों को करीब से समझने का अवसर प्रदान करेगा। यह परियोजना न केवल कोरबा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान की दुनिया से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि साइंस सेंटर का निर्माण कोरबा के इतिहास में एक नया वैज्ञानिक अध्याय लिखेगा। इस केंद्र से जिले के बच्चों सहित पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सीखने के नए अवसर मिलेंगे। विद्यार्थी यहां वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से नई-नई चीजों को समझ सकेंगे और चंद्रयान एवं मंगलयान जैसे अंतरिक्ष अभियानों में उपयोग होने वाली तकनीकों के बारे में जान सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह केंद्र बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत-2047 की संकल्पना को साकार करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और तकनीक सहित सभी क्षेत्रों में निरंतर प्रगति आवश्यक है। साइंस सेंटर जैसी परियोजनाएं बच्चों को ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाती हैं तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह केंद्र कोरबा को विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।
प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार की जानकारी देते हुए मंत्री लखन लाल ने कहा कि राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है और इसके माध्यम से औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में उद्योग स्थापना की दिशा में धरातल पर कार्य हो रहे हैं। डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर पार्क और टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाओं के विकास से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि कोरबा तेजी से महानगर के स्वरूप में आगे बढ़ रहा है। शहर में सड़क, पुल-पुलियों और यातायात सुविधाओं के विकास के लिए सीएसआर एवं डीएमएफ मद से विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। सीतामढ़ी से उरगा रोड, बरबसपुर से दर्री रोड तथा ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक होते हुए रिस्दी चौक तक सड़क निर्माण एवं मरम्मत के कार्यों से आवागमन सुगम होगा और यातायात व्यवस्था बेहतर बनेगी। उन्होंने बताया कि शहर संजयनगर के पास अंडरब्रिज का कार्य भी शुरू हुआ है। साथ ही जल्द ही सुनालिया, सर्वमंगला और बेलगिरी सहित अन्य स्थानों पर पुल-पुलियों के निर्माण किया जाएगा। इन विकास कार्यों से शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने कहा कि साइंस सेंटर के निर्माण से कोरबा के बच्चों को विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों को जानने और आधुनिक तकनीक को समझने का अवसर मिलेगा। यह केंद्र विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने, उनकी जिज्ञासा बढ़ाने और उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में सहायक होगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए जिला प्रशासन और अडानी फाउंडेशन को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि साइंस सेंटर जिला प्रशासन और सीएसआर के सहयोग से साकार होने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने कहा कि लगभग 1.30 लाख वर्गफीट क्षेत्र में विकसित होने वाला यह केंद्र विद्यार्थियों को विज्ञान से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं जिला स्तर पर उपलब्ध कराएगा। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े साइंस सेंटर के रूप में विकसित होने वाली इस परियोजना में बच्चों को प्रयोगों, गतिविधियों और व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से विज्ञान सीखने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों की जिज्ञासा को प्रोत्साहन मिलेगा और विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को समझना आसान होगा।
कलेक्टर ने बताया कि साइंस सेंटर में रोबोटिक्स जोन, स्पेस जोन, प्लेनेटोरियम, माइनिंग एक्सपीरियंस जोन, कल्चरल सेंटर तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियलिटी आधारित सुविधाओं सहित आधुनिक तकनीक से जुड़े विभिन्न क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थी विज्ञान और तकनीक को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए समझ सकेंगे। इससे उनकी बुनियादी वैज्ञानिक समझ मजबूत होगी और तकनीक के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिले के पीएम श्री विद्यालयों के विद्यार्थियों के अहमदाबाद स्थित साइंस सेंटर भ्रमण के दौरान वहां उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया गया था। कोरबा में भी इस स्तर की सुविधाएं विकसित होने से विद्यार्थियों को अपने जिले में ही विज्ञान और नवाचार से जुड़ने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि कोरबा एक प्रमुख औद्योगिक नगरी है और शासन का प्रयास है कि शहर के विकास में उद्योग भी महत्वपूर्ण भागीदार बनें। इस दिशा में सीएसआर मद से कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। बालको द्वारा शहर के भीतर फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, इसी प्रकार एसईसीएल ने सीतामढ़ी-उरगा सड़क निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। स्वामी विवेकानंद शैक्षणिक परिसर में लाइब्रेरी का निर्माण भी सीएसआर मद से किया जायेगा। इसके अतिरिक्त शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अन्य कार्यों को भी सीएसआर मद से स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि उद्योगों की सहभागिता से विकास कार्यों को गति मिल रही है और स्थानीय नागरिकों को इसका लाभ प्राप्त हो रहा है।
उन्होने कहा कि 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह साइंस सेंटर कोरबा के शैक्षणिक और तकनीकी विकास को नई दिशा देगा। आधुनिक विज्ञान, प्रयोगों और नवाचार पर आधारित सुविधाओं से सुसज्जित यह केंद्र विद्यार्थियों के लिए ज्ञान-विज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनने के साथ छत्तीसगढ़ को विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा। गोपाल मोदी ने कहा कि कोरबा में बनने वाला साइंस सेंटर छत्तीसगढ़ में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर सभापति नगर निगम नूतन सिंह ठाकुर, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, डॉ राजीव सिंह, नरेंद्र देवांगन, सहित अन्य एमआईसी सदस्य, सीईओ अडानी फाउंडेशन वैभव टंडन, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री आवास योजना से बारिश की चिंता से मिली राहत कोरबा 15 अक्टूबर 2026। शहर के वार्ड क्रमांक 32 स्थित पूरी बहार, आदर्श नगर की निवासी सीमा सिंह पहले कच्चे मकान में रहती थीं। बारिश का मौसम उनके लिए कई परेशानियां लेकर आता था। खपरैल की छत से पानी टपकता और घर का जरूरी सामान भीग जाता। मिट्टी की दीवारें भी बारिश में उखड़ने लगती थीं। हर बारिश के बाद उन्हें दीवारों की दोबारा छबाई करनी पड़ती थी।
सीमा सिंह को जब पता चला कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शहर में रहने वाले पात्र परिवारों को भी पक्का मकान बनाने के लिए सहायता दी जा रही है, तो उन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया। कुछ महीने बाद उनका नाम योजना में शामिल हुआ और उनके बैंक खाते में सहायता राशि की पहली किस्त पहुंची। पक्का घर बनाने की उम्मीद पूरी होते देख उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पहली किस्त मिलने पर उन्होंने मकान का निर्माण शुरू कराया। इसके बाद दूसरी और तीसरी किस्त प्राप्त होने पर निर्माण कार्य आगे बढ़ता गया और उनका घर पूरा हो गया। आज सीमा सिंह अपने परिवार के साथ पक्के मकान में रह रही हैं। अब बारिश में छत से पानी टपकने या दीवारों के उखड़ने की चिंता नहीं रहती। पक्के घर ने उनके परिवार को सुरक्षित आश्रय दिया है और भविष्य के प्रति भरोसा भी बढ़ाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए केवल मकान पाने का माध्यम नहीं बनी, बल्कि सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की नई शुरुआत का आधार बनी है।
कोरबा 15 अक्टूबर 2026। कोरबा जिले के विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम उच्चलेंगा, पोस्ट मोरगा निवासी किसान सुमेर सिंह बिंझवार खेती-किसानी के सहारे अपने परिवार का जीवनयापन करते हैं। खेती में बीज, खाद और अन्य जरूरी सामग्री समय पर जुटाना किसान के लिए अहम होता है। ऐसे में सीमित संसाधनों के बीच खेती के खर्चों की व्यवस्था करना कई बार चुनौती बन जाता है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी मिलने पर सुमेर सिंह ने योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया पूरी की। उन्हें 20 जून 2026 को योजना के अंतर्गत रू.2,000 की राशि प्राप्त हुई। यह आर्थिक सहायता खेती के आवश्यक कामों में उपयोगी बनी और खेती-किसानी के समय पर उन्हें सहारा मिला। सुमेर सिंह के लिए यह राशि केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि मेहनत से जुड़ी उम्मीदों को आगे बढ़ाने का संबल है। समय पर मिली सहायता से खेती के छोटे-बड़े खर्चों की चिंता कुछ कम होती है और किसान अपने काम को बेहतर ढंग से आगे बढ़ा पाते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएँ किसानों को खेती के मौसम में सहयोग देकर उनके परिश्रम का सम्मान करती हैं। सुमेर सिंह को मिला यह लाभ भी उनके लिए आत्मविश्वास और भरोसे का एक छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण आधार बना।