रायपुर, एजेंसी। राज्य खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से शनिवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राज्य खेल अलंकरण समारोह-2026 आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि रहे, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अध्यक्षता की। केंद्रीय मंत्री तोखन लाल साहू, डॉ. रमन सिंह समेत प्रदेश के कई मंत्री और विधायक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस बार समारोह में 2023-24, 2024-25 और 2025-26 यानी तीन साल के राज्य खेल अलंकरण एक साथ दिए गए। राज्य खेल अलंकरण में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, कोचों और टीमों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया। तीन साल का सम्मान एक साथ दिए जाने से लंबे समय से लंबित सम्मान भी दिए गए।
2025-26 के नगद पुरस्कारों में 21 खेलों के खिलाड़ियों और प्रतिभागियों को कुल 325 पुरस्कार दिए गए। इनमें किक बॉक्सिंग और कुडो के पुरस्कार सबसे ज्यादा रहे। वहीं एथलेटिक्स में 2 और बैडमिंटन में 1 पुरस्कार दिया गया।
टीम प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमों को मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। समारोह में अलग-अलग जिलों के खिलाड़ियों के साथ पैरा खेलों के खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।
राज्य खेल अलंकरण में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, कोचों और टीमों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
तीन साल के खेल अलंकरण एक साथ, 2025-26 में 325 सम्मान
राज्य खेल अलंकरण सामान्य तौर पर हर साल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, कोचों और टीमों को दिए जाते हैं। इस बार 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के तीन वर्षों के लंबित अलंकरण एक साथ दिए गए।
पुरस्कारों में शहीद राजीव पांडेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद विनोद चौबे सम्मान और शहीद पंकज विक्रम सम्मान शामिल हैं। टीम स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को मुख्यमंत्री ट्रॉफी भी दी गई।
अलग-अलग खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर अलंकरण दिए गए।
21 खेलों के खिलाड़ियों को 325 पुरस्कार
2025-26 के नगद पुरस्कारों में 21 खेलों के खिलाड़ियों और अन्य प्रतिभागियों को कुल 325 पुरस्कार दिए गए। इनमें किक बॉक्सिंग और कुडो के खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा पुरस्कार मिले। वहीं एथलेटिक्स में 2 और बैडमिंटन में 1 पुरस्कार दिया गया। अलग-अलग खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर ये पुरस्कार दिए गए।
दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर के खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी
अलंकरण सूची में दुर्ग-भिलाई के खिलाड़ियों ने हॉकी, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, कुश्ती, नेटबॉल और मास्टर्स बैडमिंटन जैसे खेलों में जगह बनाई। हॉकी में भूमिका उपाध्याय, टेबल टेनिस में काजल, बैडमिंटन में संगीता राजगोपाल, कुश्ती में गामा यादव और वेटलिफ्टिंग में भूपेंद्र कुमार गडे का नाम शामिल है।
वहीं, बिलासपुर के खिलाड़ियों ने शूटिंग, तैराकी, तीरंदाजी समेत कई खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया। सीता साहू, शशांक मसीह, स्वाती साहू, संकेत सामुएल और अजित्या सिंह सहित कई खिलाड़ियों को अलंकरण सूची में शामिल किया गया है।
अलंकरण सूची में दुर्ग-भिलाई के खिलाड़ियों की हॉकी, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, कुश्ती, नेटबॉल और मास्टर्स बैडमिंटन जैसे खेलों में भागीदारी रही।
पैरा खिलाड़ियों को भी मिला सम्मान
खेल अलंकरण में पैरा खिलाड़ियों और पैरा खेलों को भी शामिल किया गया। सूची में पैरा एथलेटिक्स, पैरा फेंसिंग, पैरा जूडो, पैरा तैराकी और व्हीलचेयर फेंसिंग के खिलाड़ी शामिल रहे। महासमुंद के सुखदेव ने 100 मीटर और 1500 मीटर में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।
बिलासपुर की सीता साहू और स्वाती साहू ने व्हीलचेयर फेंसिंग में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते हैं। पैरा जूडो और पैरा तैराकी के खिलाड़ियों को भी उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
अलंकरण सूची में बालोद, राजनांदगांव, बीजापुर और रायगढ़ समेत अन्य जिलों के खिलाड़ियों के नाम भी शामिल हैं।
दूसरे जिलों के खिलाड़ियों की भी रही भागीदारी
अलंकरण सूची में बालोद, राजनांदगांव, बीजापुर और रायगढ़ समेत अन्य जिलों के खिलाड़ियों के नाम भी शामिल हैं। बालोद के अमित कुमार ने एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक हासिल किया। राजनांदगांव के महेंद्र ध्रुवे का वॉलीबॉल और ज्ञानेश्वरी यादव का बैडमिंटन में नाम शामिल है।
बीजापुर के राकेश कडती सॉफ्टबॉल और रायगढ़ के अमन तिवारी व दिव्यांशु देवांगन भी सूची में हैं। सॉफ्टबॉल और तीरंदाजी की बालिका टीमों में छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली खिलाड़ियों की भी भागीदारी रही।
मुख्यमंत्री ट्रॉफी में टीमों का प्रदर्शन
व्यक्तिगत खिलाड़ियों के अलावा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को मुख्यमंत्री ट्रॉफी दी गई। 2023-24 में व्हीलचेयर फेंसिंग पुरुष टीम ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। टीम में बिरेन्द्र नवरंग, हरिहर सिंह राजपूत, आशीष पटेल और महेंद्र साहू शामिल थे, जबकि सूरज साहू टीम मैनेजर रहे।
इसी वर्ष जूनियर बालिका सॉफ्टबॉल टीम ने 41वीं जूनियर नेशनल चैंपियनशिप, पटना में कांस्य पदक जीता। टीम में चंद्रकांता बरेठ, प्रतिमा सोना और रेणुका तेलम समेत 16 से अधिक खिलाड़ी शामिल थीं।
महिला तीरंदाजी टीम ने रजत के बाद जीता स्वर्ण
2024-25 में सीनियर महिला तीरंदाजी टीम ने झारखंड में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। टीम में सुलोचना राज, चंदनी साहू, हर्षिता साहू और सुशीला नेताम शामिल थीं। टीम के कोच ईतवारी सिंह राज रहे। 2025-26 में इसी टीम ने हैदराबाद में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। टीम में चांदनी साहू, सुलोचना राज, पायल मरावी और माया शामिल थीं। कोच इतवारी राज रहे।
महासमुंद के सुखदेव ने पैरा एथलेटिक्स में राष्ट्रीय स्तर पर 100 मीटर और 1500 मीटर में स्वर्ण पदक हासिल किए। बिलासपुर की सीता साहू और स्वाती साहू ने व्हीलचेयर फेंसिंग में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते। पैरा फेंसिंग, पैरा जूडो और पैरा तैराकी के खिलाड़ियों को भी उनकी उपलब्धियों के आधार पर सम्मान मिला।
रायपुर की जानकारी, पैरा खिलाड़ियों की जानकारी और बाकी विश्लेषण को अलग कर दिया है। अनावश्यक सवाल और दोहराव हटाए हैं, जबकि दिए गए प्रमुख तथ्य रखे हैं।
रायपुर के खिलाड़ियों की भी रही मजबूत मौजूदगी
राजधानी रायपुर के खिलाड़ियों को भी अलग-अलग खेलों में उनके प्रदर्शन के लिए सम्मान मिला। टेबल टेनिस, वुशु, बैडमिंटन और वेटलिफ्टिंग में रायपुर के कई खिलाड़ी सूची में शामिल हैं। भाठागांव के राजीव साहू का नाम शहीद पंकज विक्रम पुरस्कार 2023-24 की सूची में है।
विवेकानंद नगर के गिरीराज बागड़ी ने वेटरन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। प्रणय नंद मजूमदार का नाम 2025-26 की सूची में शामिल है। प्रदीप जोशी और अस्विनम देवांगन भी सूची में हैं।
वुशु में दिहलापारा की प्रियंका ठाकुर ने राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक हासिल किया है, जबकि सत्ती बाजार की मानसी डुंभरे 2024-25 की सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में शामिल रहीं। बैडमिंटन में सुजय तम्बोली को 2025-26 के शहीद राजीव पांडेय पुरस्कार के लिए चुना गया।
दिव्यांश अग्रवाल ने जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया और देवेंद्र नगर के ईशान भटनागर का नाम 2024-25 की बैडमिंटन सूची में शामिल है। वेटलिफ्टिंग में अजय दीप सारंग को वीर हनुमान सिंह सम्मान 2025-26 के लिए चुना गया है। उन्होंने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण और रजत पदक हासिल किए हैं। एवन कुमार जैन का नाम भी सूची में शामिल है।
किक बॉक्सिंग और कुडो के सबसे ज्यादा अलंकरण
2025-26 की सूची में किक बॉक्सिंग और कुडो को मिलाकर 146 अलंकरण दिए गए हैं। यह कुल 325 अलंकरणों का करीब 45 प्रतिशत है। वहीं एथलेटिक्स में 2 और बैडमिंटन में 1 अलंकरण दर्ज है। अलंकरण अलग-अलग खेलों की प्रतियोगिता, श्रेणी और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर दिए गए हैं।
छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी जगह
अलंकरण सूची में बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों के नाम भी शामिल हैं। सॉफ्टबॉल और तीरंदाजी की बालिका टीमों में ऐसे खिलाड़ियों की भागीदारी रही। इससे राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों के खिलाड़ियों की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मौजूदगी सामने आती है।
16 Teams from SECL Headquarters and Various Operational Areas Participating in the Tournament
Bilaspur, October 14, 2026: The Inter-Area Hockey Tournament 2026-27, hosted by SECL Headquarters, commenced today with great enthusiasm at the Late Shri B.R. Yadav International Hockey Stadium, Bahatarai, Bilaspur. A total of 16 teams representing SECL Headquarters and various operational areas are participating in the tournament.
Director (Human Resources), Shri Biranchi Das, formally inaugurated the tournament by scoring a goal on the hockey field.
Addressing the gathering as Chief Guest, Shri Das highlighted the importance of teamwork, coordination and mental resilience in a fast-paced sport like hockey. He stated that the qualities developed on the sports field also contribute significantly to success at the workplace. He further emphasised SECL’s commitment to encouraging sporting talent, developing better sports infrastructure and providing opportunities for players to compete at higher levels.
The inaugural ceremony was attended by Heads of Departments from SECL Headquarters, representatives of JCC, Welfare Board, SC/ST Association and other associations, officers, employees and the Principal of DAV School.
At the beginning of the ceremony, General Manager (Welfare), Shri B.C. Sethi, delivered the welcome address and welcomed the Chief Guest. Other distinguished guests were welcomed by Senior Manager (HR), Shri Vivek Singh, and Senior Manager (HR), Shri Astik Sahu.
On the occasion, veteran hockey player and Senior DEO, Welfare Department, Shri Rajesh Henry, administered the oath of sportsmanship, discipline and fair play to all participating players.
मुख्यालय सहित विभिन्न संचालन क्षेत्रों की 16 टीमें ले रही हैं प्रतियोगिता में भाग
बिलासपुर/कोरबा। एसईसीएल मुख्यालय की मेजबानी में आज दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को अंतर-क्षेत्रीय हॉकी टूर्नामेंट 2026-27 का स्व. श्री बी.आर. यादव अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैदान, बहतराई, बिलासपुर में उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता में एसईसीएल मुख्यालय सहित विभिन्न संचालन क्षेत्रों की कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं।
मुख्य अतिथि निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने हॉकी मैदान पर गोल कर टूर्नामेंट का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास उपस्थित रहे। अपने संबोधन में श्री दास ने कहा कि हॉकी जैसे तेज गति के खेल में टीमवर्क, समन्वय और मानसिक दृढ़ता का विशेष महत्व है। खेल के मैदान में सीखे गए ये गुण कार्यस्थल पर भी सफलता प्राप्त करने में सहायक होते हैं। उन्होंने एसईसीएल में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, बेहतर खेल सुविधाएँ विकसित करने तथा खिलाड़ियों को बड़े मंचों तक पहुँचने के अवसर प्रदान करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर मुख्यालय के विभागाध्यक्ष, जेसीसी, कल्याण मण्डल, सिस्टा/एसोसिएशन के प्रतिनिधिगण, अधिकारी , कर्मचारी एवं डीएवीस्कूल प्रिंसिपल उपस्थित रहे। समारोह के प्रारंभ में महाप्रबंधक (कल्याण) बी.सी. सेठी ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया तथा मुख्य अतिथि का स्वागत किया। अन्य विशिष्ट अतिथियों का स्वागत वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) विवेक सिंह एवं वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) आस्तिक साहू ने किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी एवं कल्याण विभाग में पदस्थ वरिष्ठ डीईओ राजेश हेनरी ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन एवं निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की शपथ दिलाई।
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी सरदार सिंह होंगे लीग के एंबेसडर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की घोषणा
ओलंपियन सुरेंद्र कुमार, प्रदीप मोर, एस.वी. सुनील, ललित कुमार उपाध्याय, शमशेर सिंह और चिंगलेनसाना सिंह करेंगे टीमों की अगुवाई
रायपुर, 12 अक्टूबर 2026। भारत के सबसे प्रतिष्ठित और सफल फील्ड हॉकी खिलाड़ियों में से एक सरदार सिंह को छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन का लीग एंबेसडर घोषित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित भारत की पहली हॉकी लीग, छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का उद्घाटन सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित होगा। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में आज रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में लीग की छह फ्रेंचाइज़ीस और टीमों का ऐलान किया गया। ड्रा के जरिए फ्रेंचाइजीस को टीमों के आबंटन के साथ ही सभी टीमों की जर्सी भी लॉन्च की गई। टीम ड्रॉ के माध्यम से प्रत्येक फ्रेंचाइज़ी को 22 खिलाड़ियों का दल और एक मुख्य कोच आबंटित किया गया।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा, “छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन के लिए सरदार सिंह जैसी प्रतिष्ठित शख्सियत को लीग एंबेसडर बनाना हमारे युवा खिलाड़ियों को सही संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वह भारत के सबसे प्रतिष्ठित हॉकी खिलाड़ियों में से एक हैं और उनकी विशेषज्ञता से इस लीग को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।”
श्री साव ने जमीनी स्तर पर छत्तीसगढ़ में हॉकी को प्रभावी ढंग से बढ़ावा देने के लिए लीग और फ्रेंचाइज़ी टीमों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “मैं उन छह टीम मालिकों और प्रायोजकों का हार्दिक स्वागत करता हूं, जिन्होंने हमारे खेल का समर्थन करने और इसमें निवेश करने का निर्णय लिया है। हॉकी को बढ़ावा देने के लिए उनका दृष्टिकोण और दृढ़ संकल्प सराहनीय है। राज्य में हॉकी के पुनरुत्थान की इस महत्वपूर्ण पहल में सरकार के साथ साझेदारी के लिए मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं।”
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लीग एंबेसडर सरदार सिंह ने कहा, “एक पूर्व खिलाड़ी और अब हॉकी इंडिया के साथ कोच के रूप में मैंने छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षा राज्य को एक खेल राज्य के रूप में विकसित करने की है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की शुरुआत एक ऐसी पहल है, जो दूसरे राज्यों के लिए मिसाल बनेगी। मुझे विश्वास है कि इससे छत्तीसगढ़ के हॉकी खिलाड़ियों को बहुत लाभ मिलेगा। सीएचएल का लीग एंबेसडर बनना मेरे लिए केवल एक मानद पद नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सितारों के रूप में विकसित करने में योगदान देने का अवसर भी है।”
सीएचएल में छह फ्रेंचाइज़ी टीमें शामिल हैं, जिनमें राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाड़ियों, ओलंपियनों, स्थानीय प्रतिभाओं और छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अनुभवी खिलाड़ियों का शानदार मिश्रण देखने को मिलेगा। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को उच्च स्तरीय मंच उपलब्ध कराना और राज्य में घरेलू हॉकी के ढांचे को मजबूत करना है।
प्रतियोगिता की छह फ्रेंचाइजी टीमों के साथ प्रतिष्ठित संस्थान जुड़े हैं। चक्रधर चैंपियंस की फ्रेंचाइजी जिंदल स्टील लिमिटेड, न्यायधानी नाइट्स की साउथ इस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), राजधानी रॉयल्स की श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड, मैनपाट टाइगर्स की छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स की सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड और बैलाडीला बुल्स की फ्रेंचाइजी एनएमडीसी लिमिटेड के पास है।
*विजेता को मिलेंगे 11 लाख रुपए, 18 पुरुष मुकाबलों के साथ महिला हॉकी का भी दिखेगा रोमांच*
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में छह फ्रेंचाइजी टीमों के कुल 132 खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे। इनमें छत्तीसगढ़ के 108 स्थानीय और 24 अतिथि खिलाड़ी शामिल हैं। प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ी होंगे। इनमें चार अतिथि खिलाड़ी शामिल रहेंगे। हर टीम में एक पूर्व ओलंपियन मार्की खिलाड़ी भी होगा। 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक आयोजित इस लीग में 18 पुरुष हॉकी मुकाबले और एक प्रदर्शनी महिला हॉकी मैच खेला जाएगा। खिलाड़ियों के लिए कुल 21 लाख रुपए की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। विजेता टीम को 11 लाख और उपविजेता को छह लाख रुपए मिलेंगे। दर्शक सभी मुकाबलों का नि:शुल्क आनंद ले सकेंगे। हॉकी के रोमांच के साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति और मनोरंजन का भी रंग जमेगा।
लीग की सबसे बड़ी खासियत प्रत्येक टीम में एक पूर्व ओलंपियन का मार्की खिलाड़ी के रूप में शामिल होना है। इन छह दिग्गज खिलाड़ियों में एस.वी. सुनील, सुरेंद्र कुमार, ललित कुमार उपाध्याय, चिंगलेनसाना सिंह, शमशेर सिंह और प्रदीप मोर के नाम शामिल हैं। इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से स्थानीय खिलाड़ियों को भी मैदान पर उनके साथ खेलने का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए पुरस्कारों की भी आकर्षक व्यवस्था की गई है। कुल 21 लाख रुपए की पुरस्कार राशि में से 17 लाख रुपए विजेता और उपविजेता टीमों के लिए निर्धारित हैं। विजेता टीम को 11 लाख रुपए तथा उपविजेता को छह लाख रुपए दिए जाएंगे। व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए अलग-अलग श्रेणियों में कुल चार लाख रुपए के पुरस्कार रखे गए हैं।
प्रतियोगिता के सभी 18 पुरुष मुकाबलों में प्रत्येक मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को दस हजार रुपए दिए जाएंगे। इस तरह प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कारों पर कुल एक लाख 80 हजार रुपए खर्च होंगे। वहीं, प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट को एक लाख रुपए का पुरस्कार मिलेगा। सर्वाधिक गोल करने वाले टॉप स्कोरर, सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर, सर्वश्रेष्ठ छत्तीसगढ़ी खिलाड़ी और अंडर-21 वर्ग के उभरते खिलाड़ी को 30-30 हजार रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
हॉकी प्रेमियों के लिए मुकाबलों के समय के साथ मनोरंजन की भी व्यवस्था की गई है। पहला मुकाबला शाम साढ़े पांच बजे और दूसरा मुकाबला शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा। दोनों मैचों के बीच प्रतिदिन मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जो दर्शक स्टेडियम नहीं पहुंच पाएंगे, वे भी मुकाबलों का आनंद ले सकेंगे। लीग का लाइव प्रसारण जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर किया जाएगा। स्टेडियम में दर्शकों का प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा।
लीग का उद्घाटन समारोह खेल के साथ छत्तीसगढ़ की कला और सांस्कृतिक विरासत का संगम होगा। समारोह में प्रदेश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाली प्रस्तुतियां होंगी। देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। मुख्य आकर्षण पंजाबी गायक जस्सी गिल और बब्बल राय की प्रस्तुतियां होंगी। इस अवसर पर हॉकी के पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों का सम्मान भी किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को प्रदेश की पहचान से जोड़ने के लिए विशेष लोगो, मस्कट और टैगलाइन तैयार की गई है। लीग के लोगो का पहले ही अनावरण किया जा चुका है। इसमें छत्तीसगढ़ के नक्शे के साथ सफेद रंग में हॉकी खेलते हुए खिलाड़ी की आकृति दर्शाई गई है। यह छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की प्रगति और प्रदेश के शांत वातावरण का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की शान बाघ को लीग का मस्कट बनाया गया है, जिसे ‘बघवा’ नाम दिया गया है। वहीं, ‘चलो रे संगी हॉकी खेलबो’ लीग की टैगलाइन रखी गई है। प्रतियोगिता के सभी मुकाबलों का विधिवत आयोजन हॉकी इंडिया से संबंधित ऑफिशियल और अधिकारी करेंगे। राजधानी रायपुर में 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक हॉकी के रोमांचक मुकाबलों के साथ खेल, संस्कृति और मनोरंजन का अद्भूत संगम देखने को मिलेगा।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो, छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे और सुश्री रेणुका यादव सहित लीग के सभी फ्रेंचाइजीस एवं स्पान्सर्स के प्रतिनिधि तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।