बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर में शुक्रवार रात दो पक्षों के विवाद के बाद जमकर बवाल हो गया। कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी की बात फैलने पर सैकड़ों लोग जुट गए। इसके बाद पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई। कई गाड़ियों, घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा।
मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। भीड़ को काबू करने पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस छोड़ी। पथराव में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया। एक आरक्षक समेत कई लोग घायल हुए।
स्थिति संभालने कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह हेलमेट पहनकर मौके पर पहुंचे। जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सीएएफ से अतिरिक्त बल बुलाया गया। तड़के 4 बजे तक थाने और आसपास भीड़ जुटी रही।
अब पुलिस उपद्रवियों की पहचान में जुटी है। CCTV और ड्रोन फुटेज खंगाले जा रहे हैं। दोनों पक्षों के नामजद लोगों समेत अन्य आरोपियों पर बलवा, धारा 307 और 191 में FIR दर्ज की गई है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में धारा 144 लागू है। कलेक्टर और एसएसपी ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च भी किया।
विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर जमकर पत्थर फेंके।
पत्थरबाजी में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया। उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया।
पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए पहले लाठीचार्ज किया, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े।
सिटी कोतवाली क्षेत्र में धारा 144 लागू है। कलेक्टर और एसएसपी ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च भी किया।
सोशल मीडिया पर कथित हिंदू विरोधी कमेंट को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसके बाद हिंदूवादी संगठन के लोग सिटी कोतवाली क्षेत्र के खपरगंज पहुंचे। यहां दोनों पक्षों में मारपीट हुई। देखते ही देखते दूसरा पक्ष भी आक्रामक हो गया और विवाद बढ़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत और युवकों की भीड़ जुटने की सूचना सिटी कोतवाली टीआई, सीएसपी गनन कुमार और एडिशनल एसपी पंकज पटेल को दी गई थी। इसके बावजूद मौके पर सिर्फ पेट्रोलिंग टीम भेजी गई। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच मारपीट के बाद पथराव शुरू हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि समय रहते वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचते तो स्थिति को संभाला जा सकता था। पुलिस की देरी के कारण भीड़ बढ़ती गई और बाद में मामला उग्र हो गया।
कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने संभाला मोर्चा।
CSP से धक्का-मुक्की, TI समेत कई घायल
तनाव बढ़ने के बाद दोनों पक्षों की भीड़ आमने-सामने आ गई, जिसके बाद पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई। इस दौरान पुलिस अफसर और जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन बेकाबू भीड़ उग्र हो गई।
भीड़ ने सिविल ड्रेस में पहुंचे सीएसपी गगन कुमार के साथ धक्का-मुक्की करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। वहीं, पथराव में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया। जबकि, आरक्षक समेत कई लोग घायल हो गए।
आंसू गैस के गोले नहीं छूटे तो हाथ से फेंका
इस दौरान दोनों पक्षों की भीड़ के बीच पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की। सिटी कोतवाली चौक के पास पुलिस ने पहले बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन दूसरी ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई।
इसके बाद पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। फायरिंग की सुविधा नहीं होने के कारण सरकंडा टीआई प्रदीप आर्या ने गोले हाथ से फेंके। एक के बाद एक 5 से 6 गोले छोड़े गए, लेकिन इसके बाद भी भीड़ नहीं हटी।
थाने में घुसकर भीड़ ने मचाया बवाल
इस दौरान तनाव इतना बढ़ गया कि भीड़ सिटी कोतवाली थाने में घुस गई। थाने के भीतर आक्रामक भीड़ गाली-गलौज कर हंगामा मचाती रही। उनका कहना था कि पथराव करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए। वहीं, कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह अंदर लोगों को समझाइश देते रहे।
जांजगीर-चांपा, मुंगेली से बुलाया गया एक्स्ट्रा बल
लगातार बढ़ रही लोगों की भीड़ और बढ़ते तनाव को नियंत्रित करने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस लाइन के साथ ही जिलेभर के थानेदार और इंस्पेक्टर के साथ ही जवानों को मौके पर बुला लिया।
इसके साथ ही जांजगीर-चांपा, मुंगेली के साथ ही सीएएफ के जवानों को बुलाया गया। रात करीब 2.30 बजे तक भीड़ मौके पर जुटी रही और नारेबाजी कर हंगामा मचाते रहे।
लाठी लेकर सड़क पर उतरे SSP
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह थाना परिसर से भीड़ को खदेड़ने के लिए सड़क पर उतर आए। आसपास की बिजली बंद कर लाठीचार्ज किया गया।
इसके बाद हेलमेट पहनकर कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह पैदल मार्च पर निकल पड़े। उनकी मौजूदगी में भीड़ को तितर-बितर किया गया। करीब 3 बजे तक पुलिस की टीम पेट्रोलिंग कर भीड़ को भगाने में जुटी रही।
छावनी बना सिटी कोतवाली चौक, पुलिस बल तैनात
इस घटना के बाद मसानगंज और खपरगंज इलाके में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सिटी कोतवाली चौक के आसपास बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया है। सुबह 5 बजे तक पुलिस लगातार इलाके में गश्त करती रही और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करती रही।
कलेक्टर-एसएसपी बोले-दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि व्यक्तिगत विवाद के बाद दो पक्षों में तनाव की स्थिति बनी। दोनों पक्षों से पथराव हुआ है। इसमें कुछ लोगों को चोटें आई हैं। 400 से अधिक पुलिस के जवान मौजूद हैं। पड़ोस के जिलों से भी बल बुला लिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है। जो भी दोषी हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने सपत्नीक किया हवन-पूर्णाहुति, विद्वान आचार्यों के श्रीमुख से निकला दिव्य मंत्रोच्चार, शंखनाद से परिसर हुआ भक्तिमय सार्वभौम का कल्याण हो, विश्व में शांति हो, घर-घर पहुंचे समृद्धि की शुभ-मंगलकामनाओं के लिए मांगा माँ से आशीर्वाद कोरबा। आज अपराह्न माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में महाअष्टमी पर शारदीय नवरात्रि पर हवन-पूर्णाहुति के साथ विराम लग गया। मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने सपरिवार हवन-पूजन किया और यहां उपस्थित विद्वान आचार्यों ने दिव्य मंत्रोच्चार, घंटे एवं शंखनाद के बीच हवन-पूर्णाहुति को विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया और माँ आदिशक्ति से प्रार्थना की, कि पूरे विश्व का कल्याण हो, विश्व में शांति की पुनसर््थापना हो, चारों तरफ समृद्धि की बयार हो और घर-घर सुख, सम्पत्ति और वैभव का निवास हो, इन्हीं शुभ-मंगलकामनाओं के साथ माँ आदिशक्ति से आशीर्वाद मांगा। 21 कन्याओं का श्रृंगार कर कराया भोज, दिए उपहार
माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में महाअष्टमी पूजा सम्पन्न होने के बाद हवन-पूर्णाहुति को विधि-विधान से सम्पन्न कराने के बाद एवं महाअष्टमी पर माँ महागौरी स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा अर्चना एवं संध्या आरती सम्पन्न होने के बाद 21 कन्याओं को सादर आमंत्रित किया गया और श्री पाण्डेय के निजनिवास के अतिथि कक्ष में सभी 21 कन्याओं का श्रृंगार किया गया, पाण्डेय परिवार द्वारा सभी कन्याओं का पग प्रक्षालन किया गया और उसके बाद सभी को भोग परोसा गया। कन्या भोज के बाद उपस्थित देवी स्वरूपा सभी कन्याओं को उपहार दिया गया और इस तरह शारदीय नवरात्रि पर विराम लग गया।
महागौरी स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी की महाअष्टमी आरती
महाअष्टमी पर श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़
कल गोधूली बेला पर जवारा कलश का विसर्जन
माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में 181 जवारा कलश भी नवरात्रि के प्रथम दिन प्रज्ज्वलित किए गए थे और 09 दिन तक जवारा कलशों की बैगाओं द्वारा सेवा करने के बाद कल महानवमी 19 अक्टूबर को संध्या गोधूली बेला में जवारा कलशों का गंगा स्वरूपा हसदेव नदी में विसर्जित किया जाएगा। विसर्जन से पूर्व जवारा कलशों का विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की जाएगी और असतो मा सद्गमय… की कामना के साथ नारी शक्ति अपने-अपने सिर में कलशों को लेकर रैली के रूप में नदी तट पर पहुंचेंगी, साथ में बैगा भी होंगे और विसर्जन की प्रक्रिया विधि विधान के साथ पूर्ण होगी और जवारा कलश विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होगी।
बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर शहर के तिलक नगर में विस्थापित परिवारों ने नगर विधायक अमर अग्रवाल को घेरकर उनके पुनर्वास की मांग उठाई। विधायक रघुनंदन सभागृह का लोकार्पण करने श्रीराम मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान प्रभावित परिवारों के लोगों, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं, ने उनसे मुलाकात कर मांग की कि उन्हें उसी जगह बसाया जाए, जहां से हटाकर इमलीभाठा भेजा गया था।
तिलक नगर स्थित श्रीराम मंदिर के पीछे नदी किनारे रहने वाले करीब 300 परिवारों को लगभग छह साल पहले कोरोना काल में भारी बारिश के बीच बेदखल किया गया था। उस समय उन्हें वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाकर देने की बात कही गई थी। विस्थापितों का आरोप है कि वर्षों बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई है और उन्हें बार-बार आश्वासन ही मिल रहा है।
निवेदन को भीख समझा जा रहा, अब ठोस जवाब चाहिए
प्रभावित परिवारों ने कहा कि वे लंबे समय से जनप्रतिनिधियों के सामने पुनर्वास और आवास की मांग रख रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें इंतजार करने के लिए कहा जाता है। उनका कहना है कि मकान तोड़ते समय पुनर्वास का भरोसा दिया गया था, मगर अब तक उन्हें इसका लाभ नहीं मिला।
रहवासियों के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले भी विधायक से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई थी। उस दौरान आश्वासन मिला था, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं आने पर वे दोबारा अपनी मांग लेकर पहुंचे। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार की गुहार को भीख समझा जा रहा है।
टेंडर और फंड का हवाला, लेकिन जमीन और नक्शे पर सवाल
प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे दो बार विधायक से मुलाकात कर चुके हैं। हर बार उन्हें टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और फंड उपलब्ध होने के बाद आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया जा रहा है।
रहवासियों ने सवाल उठाया कि जब तक जमीन का चयन और ड्राइंग-डिजाइन तैयार नहीं होगा, तब तक मकानों का निर्माण कैसे आगे बढ़ेगा? उनका आरोप है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि समय देने के बावजूद अब तक कोई ठोस जवाब नहीं दे रहे हैं।
जर्जर आवास और नशे के बढ़ते प्रचलन से परेशान परिवार
स्थानीय निवासी अंकुश ठाकुर ने बताया कि प्रभावित परिवार अब तक मिले आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं। उनके अनुसार, अधिकारियों से चर्चा कर दो दिनों के भीतर जवाब देने की बात कही गई थी, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला। दोबारा मुलाकात करने पर भी उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया।
अंकुश ठाकुर ने पुनर्वास के लिए उपलब्ध कराए गए आवासों की जर्जर स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई मकान जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं और बारिश के दौरान पानी भरने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा क्षेत्र में नशे के बढ़ते प्रचलन से बच्चों के भविष्य को लेकर भी परिवार चिंतित हैं।
मांग पूरी नहीं हुई तो तंबू लगाकर करेंगे आंदोलन
स्थानीय निवासी अनिता यादव ने कहा कि मौजूदा आवासों में रहने के दौरान परिवारों को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे संबंधित स्थल पर तंबू लगाकर धरना शुरू करेंगे। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
विस्थापित परिवारों ने दोहराया कि वे अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पुनर्वास को लेकर ठोस पहल और स्पष्ट जवाब चाहते हैं।
जांजगीर। चांपा-जांजगीर मुख्य मार्ग पर दर्राभांठा के पास शुक्रवार रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में ऑटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना एक चेन एक्सीडेंट के रूप में हुई, जिसमें पीछे से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ने ऑटो को टक्कर मारी, जिससे अनियंत्रित होकर ऑटो एक अन्य कार से जा टकराया।
मृतक की पहचान ग्राम बोड़सरा निवासी चंद्रशेखर धीवर (पिता रामनारायण धीवर) के रूप में हुई है। हादसे के तुरंत बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को चांपा से जांजगीर की 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में 5 घंटे का समय लग गया।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार द्वारा पीड़ित परिवार को 25,000 रुपये की तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने के बाद जाम समाप्त कराया गया। पुलिस ने पंचनामा के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। थाना प्रभारी जय प्रकाश साहू ने कहा कि बोलेरो के ओवरटेक करने के कारण यह हादसा हुआ। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। बोलेरो चालक की तलाश जारी है।
जगराता के लिए सड़क पर बांधा GI तार, गला कटने से युवक की मौत
शहर में धार्मिक आयोजनों के नाम पर मुख्य सड़कों को मनमाने तरीके से बंद करने की लापरवाही ने 20 साल के युवक की जान ले ली। शुक्रवार देर रात जयस्तंभ चौक पर जगराता कार्यक्रम के लिए सड़क पर बांधे गए रस्सी और जीआई तार में गला फंसने से बुलेट सवार फैजान आलम की मौत हो गई।
उसका गला कट गया, जबकि पीछे बैठा साथी समीर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने जगराता बंद करवा दिया और कोतवाली थाने का घेराव किया। पुलिस ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। शहर में इन दिनों जगह-जगह टेंट और पंडाल लगाकर मुख्य मार्ग रोके जा रहे हैं।
देवीगंज रोड पर दिनभर जाम लग रहा है। इसके बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। जयस्तंभ चौक पर भी सड़क बंद करने के लिए रस्सी और जीआई तार बांधने की अनुमति प्रशासन या नगर निगम से नहीं ली गई थी।
मुआवजे के लिए सड़क पर उतरे लोग, लग गई वाहनों की लंबी कतार
हादसे के तुरंत बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। लोगों का कहना था कि पीड़ित गरीब परिवार को शासन की तरफ से उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार और पुलिस प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और शासन स्तर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता के रूप में Rs.25,000 रुपए दिया गए। इसके बाद जाम समाप्त हुआ और यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सका। परिजनों के आधे घंटे चक्काजाम का यह असर हुआ कि सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।