बिलासपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सड़क पर स्टंटबाजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब कोटा क्षेत्र से सड़क पर स्टंटबाजी के वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में बाइक की पिछली सीट पर बैठा युवक खतरनाक करतब करता दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरे वीडियो में युवक चलती कार की सनरूफ से बाहर निकला हुआ नजर आ रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस कार और बाइक चालक तलाश शुरू कर दी है। दोनों वीडियो कोटा थाना क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। इधर, कोरबा में चलती बोलेरो की खिड़की से बाहर निकलकर और शराब की बोतलें दिखाते हुए युवकों ने वीडियो बनाया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर बोलेरो जब्त कर ली। मामला मानिकपुर चौकी क्षेत्र का है।
बता दें कि हाल ही में नेशनल हाईवे पर कोनी-सेंदरी रोड पर चलती कार की सनरूफ बाहर निकलकर 2 युवतियों ने रील बनाई थी। इस मामले में खुद हाईकोर्ट ने एक्शन लिया था और SSP से पूछा गया था कि क्या कार्रवाई की गई है।
युवक चलती कार की सनरूफ से बाहर निकला हुआ नजर आया।
बाइक की पिछली सीट पर बैठा युवक खतरनाक करतब करता दिखाई दे रहा है।
कोरबा में चलती बोलेरो में स्टंटबाजी का वीडियो सामने आया है।
सनरूफ से बाहर निकला युवक
वायरल हो रहे एक वीडियो में ऑल इंडिया परमिट वाली कार (25BH6553N) वन-वे सड़क पर चलती नजर आ रही है। इस दौरान एक युवक कार की सनरूफ से बाहर निकला हुआ दिखाई दे रहा है। बाइक सवार एक व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब वायरल हो रहा है।
बाइक की सीट पर खड़े होकर स्टंट करता दिखा युवक
वहीं, दूसरे वीडियो में बाइक (CG10ER1740) पर दो युवक नजर आ रहे हैं। पीछे बैठा युवक सीट पर खड़ा होकर स्टंट करता दिखाई दे रहा है। इस दौरान सड़क पर सामने और पीछे से गाड़ियों की आवाजाही भी बनी हुई है।
दोनों वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर स्टंट करने वालों की पहचान शुरू कर दी है। वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पहचान होने के बाद उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।
BH नंबर प्लेट की कार की सनरूफ से बाहर निकलकर 2 युवती ने रील बनाई थी।
कोनी रोड पर स्टंट का मामला, हाईकोर्ट ने लिया था संज्ञान
बिलासपुर में सड़क पर स्टंटबाजी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले कोनी रोड पर चलती कार की सनरूफ खोलकर युवकों के स्टंट करने का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया था।
हाईकोर्ट ने SSP से पूछा था- क्या कार्रवाई की?
वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने बिलासपुर SSP को नोटिस जारी कर पूछा था कि स्टंट में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में हुई थी।
हाईकोर्ट ने सड़क पर इस तरह की स्टंटबाजी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।
युवक बोलेरो की खिड़की से बाहर निकलकर स्टंटबाजी करते नजर आए थे।
कोरबा में बोलेरो की खिड़की से बाहर निकलकर स्टंट
कोरबा में भी रील बनाने के लिए युवक ने बोलेरो से खतरनाक स्टंट किया। चलती बोलेरो की खिड़की से बाहर निकलकर युवक स्टंट करता नजर आया। उसके हाथ में शराब की बोतल भी थी। इस दौरान हादसा होने का खतरा बना हुआ था।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। वीडियो और सबूतों के आधार पर पुलिस ने चालक राहुल पटेल की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। बोलेरो को भी जब्त किया गया है। यह मामला मानिकपुर चौकी क्षेत्र का है।
मानिकपुर पुलिस ने स्टंटबाजी करने वाले युवक को अरेस्ट कर लिया है।
बीते दिनों कुछ युवक बोलेरो वाहन (CG 12 BK 5855) में सवार होकर यहां पहुंचे थे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि वाहन चलते समय एक युवक खिड़की से बाहर निकलकर स्टंट कर रहा है और उसके हाथ में शराब की बोतल भी है। इस स्टंटबाजी के दौरान कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
कोरबा। आज दिनांक 04/09/2026 को 06:00 AM बजे से मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर 358.70M एवं 94.24% होने पर 8:00 AM बजे निम्नानुसार गेटों को कम कर बाढ़ के पानी को नियंत्रित किया जा रहा है गेट न.1 nil गेट न.2 nil गेट न.3 nil गेट न.4 nil गेट न.5 को 0.10M गेट न.6 को 0.30M गेट न.7 को 0.10M गेट न.8 n गेट न.9 nil गेट न.10 nil गेट न.11 nil (Total Gate opening 0.50mtr) कुल Radial गेट से 3017 Cusec तथा पॉवर प्लांट हाइडल के द्वारा 9000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है इस प्रकार बांध से कुल 12017 Cusec पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है तथा Inflow 14992 Cusec दर्ज की गयी है |
अनियमितता मिलने पर कई विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस, महेश राम कृषि केंद्र में कीटनाशक बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध
कोरबा, 04 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक एवं कीटनाशक दवाएं उपलब्ध कराने तथा कृषि आदानों की बिक्री में अनियमितता, कालाबाजारी एवं ओवर-रेटिंग पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा आज विकासखंड कटघोरा एवं पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र में उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान दुकानों में उपलब्ध उर्वरक एवं कीटनाशकों के स्टॉक, मूल्य सूची, विक्रय अभिलेख, लाइसेंस एवं भंडारण व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं एवं कमियां पाए जाने पर कृषि विभाग द्वारा नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की गई।
सर्वमंगला खाद भंडार सहित कई दुकानों को नोटिस
निरीक्षण के दौरान सर्वमंगला खाद भंडार, बाकी मोगरा में अनियमितताएं पाए जाने पर संचालक को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसी प्रकार सोनी कृषि केंद्र, शिव बीज भंडार एवं अंसारी कृषि केंद्र, कसनियां, पोड़ी उपरोड़ा में भी निरीक्षण के दौरान कमियां पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
दो कार्यदिवस में सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी
सोनी कृषि केंद्र कसनियां, शिव बीज भंडार कसनियां एवं अंसारी कृषि केंद्र कसनियां को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं में दो कार्यदिवस के भीतर सुधार सुनिश्चित करें। निर्धारित अवधि में कमियों का निराकरण नहीं किए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विक्रय लाइसेंस निरस्त करने की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महेश राम कृषि केंद्र में कीटनाशक बिक्री पर प्रतिबंध
महेश राम कृषि केंद्र, रंजना में निरीक्षण के दौरान पाई गई खामियों को गंभीरता से लेते हुए उक्त प्रतिष्ठान से कीटनाशकों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इसके अलावा निरीक्षण अभियान के तहत राजू कृषि केंद्र, रंजना में भी उर्वरक एवं कीटनाशकों के स्टॉक तथा संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की गई।
किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उर्वरक एवं कीटनाशकों की कालाबाजारी, ओवर-रेटिंग, अनियमित बिक्री तथा अमानक कृषि आदानों के विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में निरीक्षण की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
विभाग द्वारा कृषि आदान विक्रेताओं को नियमानुसार स्टॉक एवं विक्रय अभिलेख संधारित करने, निर्धारित मूल्य पर सामग्री का विक्रय करने तथा किसानों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सस्पेंडेड IPS अफसर रतनलाल डांगी से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी शासन ने अब तक जवाब और जांच रिपोर्ट पेश नहीं की है। शासन की ओर से देरी पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। जस्टिस एके प्रसाद की बेंच ने शासन को आखिरी मौका देते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने का आदेश दिया है।
वहीं, इस मामले में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली SI की पत्नी ने जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की जांच किसी महिला IAS अधिकारी से कराने की मांग की है। 12 अगस्त 2026 को जारी हाईकोर्ट के आदेश के पालन में शासन की ओर से अब तक जरूरी जानकारी पेश नहीं की जा सकी है।
29 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने राज्य शासन को जवाब देने के लिए अंतिम मौका देते हुए एक सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने सख्त हिदायत दी है कि इस दौरान शिकायत पर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी शपथ पत्र के साथ पेश करनी होगी।
ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारी को 29 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और ऋषभदेव साहू ने पैरवी की।
क्या है मामला ?
कोरबा की महिला योग टीचर ने आईपीएस रतनलाल डांगी पर ऑनलाइन योग क्लास के दौरान अश्लील बातचीत करने और वीडियो कॉल पर आपत्तिजनक हरकत करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि उसकी बात नहीं मानने पर डांगी ने उसके सब इंस्पेक्टर पति को झूठे आपराधिक मामले में फंसाने और घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में ट्रांसफर कराने की धमकी दी।
पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2025 को सबूतों के साथ डीजीपी से शिकायत की थी। इसके बाद मार्च 2026 में डांगी को सस्पेंड कर दिया गया। मामले की जांच के लिए डीजीपी ने तत्कालीन आईजी आनंद छाबड़ा और तत्कालीन डीआईजी मिलना कुर्रे को जांच अधिकारी बनाया था।
पीड़िता का कहना है कि एक अधिकारी आरोपी के बराबर रैंक के थे, जबकि दूसरी अधिकारी उनसे जूनियर थीं। इसी वजह से उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दोनों को जांच से हटाकर किसी सीनियर IAS अधिकारी (खासकर महिला IAS अधिकारी) से जांच कराने की मांग की है।