स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की 27 वर्षों की गौरवपूर्ण विकास यात्रा को किया गया याद, शिक्षा, संस्कार और महिला सशक्तिकरण पर जोर मुख्य अतिथि जयसिंह अग्रवाल ने छात्राओं को आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढऩे के लिए किया प्रेरित कोरबा। श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय, कोरबा का स्थापना दिवस समारोह 20 अगस्त 2026 को महाविद्यालय परिसर में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में संस्था की शैक्षणिक विकास यात्रा, उपलब्धियों और छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर प्रकाश डाला गया। महाविद्यालय की स्थापना 20 अगस्त 1999 को महज 44 विद्यार्थियों और 04 कमरों से हुई थी। आज संस्था में लगभग 1000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा परिसर में लगभग 70 सुसज्जित एवं सुविधायुक्त कक्ष उपलब्ध हैं। यह उपलब्धि महाविद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और अग्रवाल सभा के निरंतर सहयोग का परिणाम है। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जयसिंह अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. छेदीलाल अग्रवाल, महाविद्यालय शिक्षण समिति के प्रथम अध्यक्ष उपस्थित रहे। मंचस्थ अतिथियों में अग्रवाल सभा के पूर्व अध्यक्ष महावीर प्रसाद अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, श्रीकांत बुधिया एवं राजेन्द्र अग्रवाल, शिव अग्रवाल, सचिव, अग्रवाल सभा, कोरबा कोषाध्यक्ष महावीर केडिया तथा अग्रसेन शिक्षण समिति के अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल प्रमुख रूप से शामिल रहे।
मां सरस्वती और महाराजा अग्रसेन के पूजन से कार्यक्रम का शुभारंभ स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ प्रात: लगभग 11 बजे अतिथियों को तिलक लगाकर पारंपरिक स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों ने मां सरस्वती एवं महाराजा अग्रसेन की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धा एवं सम्मान अर्पित किया। समारोह के दौरान महाविद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ, शाल एवं श्रीफल भेंट कर आत्मीय एवं पारंपरिक सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि जयसिंह अग्रवाल ने छात्राओं को दिया आत्मनिर्भरता का संदेश स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि जयसिंह अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने महाविद्यालय की गौरवपूर्ण उपलब्धियों के लिए प्रबंधन, प्राचार्य, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिला शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिलाओं में से एक है। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण का साधन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने छात्राओं को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने तथा बदलते समय के अनुरूप नई तकनीक और ज्ञान को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महाविद्यालय की स्थापना से वर्तमान तक की यात्रा को संस्था के प्रति समाज के विश्वास और सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
प्रथम अध्यक्ष ने याद किए महाविद्यालय के शुरुआती दिन विशिष्ट अतिथि डॉ. छेदीलाल अग्रवाल, जो महाविद्यालय शिक्षण समिति के प्रथम अध्यक्ष रहे हैं, ने अपने संबोधन में संस्था के शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने महाविद्यालय की स्थापना के समय की परिस्थितियों और इसके बाद हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि 44 विद्यार्थियों और चार कमरों से शुरू हुई संस्था का लगभग 1000 विद्यार्थियों तथा 70 सुविधायुक्त कमरों तक पहुंचना उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने संस्था से जुड़े पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी शिक्षण संस्था का निर्माण केवल भवनों से नहीं होता, बल्कि दूरदृष्टि, समर्पण, अनुशासन और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से होता है।
शिक्षा के साथ संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण को बताया प्राथमिकता समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. मनोज कुमार झा, प्राचार्य, श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय ने संस्था की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य केवल छात्राओं को डिग्री प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें ज्ञान, संस्कार, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और आत्मनिर्भरता से युक्त बनाना भी है। इसके बाद गोपाल अग्रवाल, अध्यक्ष, महाविद्यालय शिक्षण समिति ने संस्था की विकास यात्रा और प्रबंधन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने महाविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रवीण्य सूची में स्थान पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान छात्राओं के स्वागत गीत ने समारोह में मौजूद अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आत्मीय स्वागत किया। महाविद्यालय की छात्राओं ने छत्तीसगढ़ राज्य गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर विगत शैक्षणिक वर्ष में विभिन्न संकायों में प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्साहवर्धन किया। इसके अलावा महाविद्यालय के शैक्षणिक-अशैक्षणिक, कर्मचारियों -अधिकारियों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान, उपलब्धियों हेतु पुरस्कृत किया गया। समारोह में देवी प्रसाद केडिया, हरस्वरूप अग्रवाल, श्रीमती संगीता अग्रवाल, आशीष खेतान, अखिलेश अग्रवाल, जयंत अग्रवाल, विक्रम अग्रवाल, महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती शशि अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल, महेश गुप्ता, राजेन्द्र चिडीपाल, शिव मोदी, विमल जाजोदिया, पुरूषोत्तम अग्रवाल, गोपाल प्रसाद केडिया, संतोष अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, संजय केडिया, कीर्ति अग्रवाल, भागवत अग्रवाल, जितेन्द्र अग्रवाल, योगेश गोयल, अनिल अग्रवाल, प्रियम अग्रवाल, उत्तम अग्रवाल, हौसला अग्रवाल, अंकित टमकोरिया, मुकेश गोयल, आशीष अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, अखिलेश अग्रवाल, भगवती अग्रवाल, पिंकी सिंघल, संगीता अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, संजना अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंच का संचालन त्रिलोकी बजाज तथा रुचिका कल्ला और आभार प्रदर्शन सचिव दीपक अग्रवाल ने किया।
कोरबा, 27 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत कोरबा जिले के पात्र हितग्राहियों को देश के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा का अवसर मिलेगा। योजना के तहत अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर, वैष्णो माता मंदिर एवं वाघा बॉर्डर की यात्रा 10 से 15 नवंबर 2026 तक प्रस्तावित है। बोधगया, सारनाथ और नालंदा की यात्रा 27 नवंबर से 1 दिसंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी। इन यात्राओं के लिए जिले को 25 यात्रियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। प्रत्येक यात्रा में श्रद्धालुओं के साथ 2 अनुरक्षक भी रहेंगे। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 75 प्रतिशत तथा नगरीय क्षेत्रों के लिए 25 प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले के 25 यात्रियों के लक्ष्य में 19 श्रद्धालु जनपद पंचायत क्षेत्रों से तथा 6 श्रद्धालु नगरीय निकाय क्षेत्रों से शामिल किए जाएंगे। जिसके अंतर्गत जनपद पंचायत करतला से 3, कोरबा से 3, कटघोरा से 3 , जनपद पंचायत पाली और पोड़ी उपरोड़ा से 4-4 श्रद्धालु एवं नगर निगम कोरबा से 6 श्रद्धालु शामिल किए जाएंगे। इस हेतु संबंधित जनपद पंचायतों एवं नगर निगम के माध्यम से पात्र हितग्राहियों के आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक पात्र व्यक्ति निर्धारित आवेदन प्रपत्र में हिंदी भाषा में आवेदन भरकर दो नवीन पासपोर्ट साइज फोटो, शासकीय चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य परीक्षण प्रमाण-पत्र तथा पहचान संबंधी दस्तावेजों की छायाप्रति संलग्न करें। आवेदन के साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र अथवा ड्राइविंग लाइसेंस में से पहचान संबंधी दस्तावेज की छायाप्रति प्रस्तुत की जा सकती है। संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्र के पात्र हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संकलित करने तथा 3 नवंबर 2026 तक कार्यालय उप संचालक, समाज कल्याण, जिला कोरबा में अनिवार्य रूप से जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे वे श्रद्धा एवं आस्था के साथ तीर्थ दर्शन कर सकें।
कोरबा 27 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ( NALSA ) एवं छ0ग0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के बेनर तले संचालित “सुरक्षित बचपन अभियान” के अंतर्गत बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण प्रदान करने तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो अधिनियम) के प्रावधानों, बाल अधिकारों एवं शोषण से बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उरगा, जिला कोरबा छ0ग0, में अभियान के तहत् जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कु. तृप्ती राघव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा छ0ग0 द्वारा विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम के तहत महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए बच्चों को मोबाईल के द्वारा ऑनलाईन अनजान लोगों से दोस्ती न करने व उनके अपने व्यक्तिगत जानकारी/फोटोग्राफ्स शेयर न करने एवं यदि कोई व्यक्ति निजी विडियों या फोटोग्राफ्स की मांग करें तो अपने घर में अपने बड़े परिवारजनों को जानकारी दे। कु. ग्रेसी सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा छ0ग0 के द्वारा लैंगिक अपराधों की जानकारी देते हुए बताये कि यदि किसी बच्चे के साथ अपराध घटित होता है तो अपराध को छुपाने की कोशिश करता है या छुपाने को कहता है तो वह भी उस अपराध का भागीदार होगा। तथा बच्चों को अपराध होने या कोई गलत बाते या गलत स्पर्श करता है तो तुरंत मना करे एवं अपने घर पर इसकी जानकारी दे तथा पुलिस को सुचित करें। अरूण कुमार अनंत, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल कोरबा द्वारा भी बच्चों को गुड एण्ड बेड टच की जानकारी दिया गया तथा विद्यालय के शिक्षक से भी अपील किया गया है कि वे सभी बच्चों को इस संबंध में अवश्य ही जानकारी दे। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के संतोष कुमार तिवारी, मनोवैज्ञानिक व ताराचंद श्रीवास पी.एस.डब्ल्यु., विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती पुष्पा श्रीवास व शिक्षकगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी राहुल रात्रे व आकाश कुमार एवं विद्यालय के समस्त विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।
कोरबा। दादर क्षेत्र के एक घर में रात्रि के करीब 8.30 बजे एक साथ दो अहिराज सांपों को देखकर परिवार के लोग घबरा गए और उन्होंने तत्काल वन विभाग एवं वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम(नोवा नेचर) को सूचना दी, सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी मौके पर पहुंचे, स्थिति का निरीक्षण करने पर उन्होंने बताया कि दोनों सांप प्रजनन अवस्था में हैं, ऐसे में उन्हें जबरन अलग करना उचित नहीं होगा, इसलिए परिवार को समझाइश देकर दोनों के प्राकृतिक रूप से अलग होने का इंतजार किया गया।
करीब डेढ़ घंटे के धैर्यपूर्ण इंतजार के बाद नर और मादा सांप स्वतः अलग हुए, जिसके बाद जितेंद्र सारथी ने दोनों का एक-एक कर सुरक्षित रेस्क्यू किया, वन विभाग के उच्च अधिकारियों को जानकारी देने के बाद दोनों को उनके प्राकृतिक रहवास जंगल में छोड़ दिया गया।
जितेंद्र सारथी ने बताया कि Banded krait (अहिराज) का वैज्ञानिक नाम Bungarus fasciatus है, यह अत्यंत विषैला सांप है, जिसकी चमकदार काली-पीली पट्टियां इसे बेहद आकर्षक बनाती हैं, यह मुख्यतः रात्रिचर होता है और सामान्यतः मनुष्यों से बचने की प्रवृत्ति रखता है, प्रजनन के दौरान ऐसे दृश्य कम देखने को मिलते हैं, इसलिए इस घटना में धैर्य और सावधानी बरतना बेहद जरूरी था।
उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप दिखाई देने पर घबराकर उसे मारने या खुद पकड़ने का प्रयास न करें, प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें, वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और सही समय पर लिया गया निर्णय ही इंसान और प्रकृति, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।