Connect with us

विदेश

अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में दूतावासों को अलर्ट भेजा:ट्रम्प छुट्टी खत्म होने से पहले व्हाइट हाउस लौटे, दावा- अमेरिकी विमान ब्रिटिश एयरबेस से रवाना हुए

Published

on

वॉशिंगटन/तेहरान, एजेंसी। मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका ने इलाके में मौजूद अपने दूतावासों और नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने लोगों से ज्यादा सतर्क रहने को कहा है।

इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपना कैंप डेविड दौरा एक दिन पहले खत्म कर शनिवार शाम व्हाइट हाउस लौट आए। ट्रम्प की जल्दी वापसी की वजह व्हाइट हाउस ने नहीं बताई है।

वहीं, रशिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी B-1B लांसर बॉम्बर ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से फुल आफ्टरबर्नर के साथ उड़ान भरते हुए मिडिल-ईस्ट की तरफ रवाना हुआ है।

ईरान के प्रेस TV ने भी उत्तर-पूर्वी सीरिया के अल-हसकाह में खाराब अल-जिर एयरबेस के पास एयर डिफेंस एक्टिविटी की जानकारी दी है।

9 देशों में अमेरिकी नागरिकों को सावधानी की सलाह

अमेरिका ने इराक, बहरीन, ओमान, सऊदी अरब, ईरान, कतर, लेबनान, कुवैत और जॉर्डन में रह रहे अपने नागरिकों को सावधान रहने को कहा है।

अमेरिका ने कहा कि मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए इन देशों की यात्रा करने वाले अमेरिकियों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे फ्लाइट और एयरपोर्ट से जुड़ी ताजा जानकारी देखते रहें।

ईरान ने जंग खत्म करने के लिए 7 शर्तें रखीं

ईरान ने चल रही जंग खत्म करने के लिए अमेरिका के सामने 7 शर्तें रखी हैं। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका ने उसकी मांगें नहीं मानीं तो वह जंग जारी रखने के लिए तैयार है।

ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने अल जजीरा से कहा कि कतर ने मध्यस्थ के तौर पर ईरान की शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं। अब ईरान ट्रम्प के जवाब का इंतजार कर रहा है।

रेजाई के मुताबिक, ईरान की मांगों में सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, विदेशों में फ्रीज किए गए ईरानी फंड जारी करना और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना शामिल है।

सऊदी बोला- हूतियों ने रियाद पर मिसाइल हमले की कोशिश की

सऊदी अरब ने कहा कि हूतियों ने उसकी राजधानी रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने की कोशिश की। सऊदी सेना के मुताबिक, उसने मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया।

हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि संगठन ने सऊदी अरब पर कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन भी भेजे। उनके मुताबिक, रियाद और सऊदी तेल कंपनी अरामको की यानबू स्थित सुविधाओं को निशाना बनाया गया।

इस हमले के बाद सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

ईरान की नोबेल विजेता बोलीं- जंग और दमन की कीमत लोग चुका रहे

ईरान की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नर्गिस मोहम्मदी ने कहा है कि देश में चल रही जंग, आर्थिक संकट और सरकारी दमन का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने AP से बातचीत में कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।

मोहम्मदी ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में समाज में सरकारी दमन और बढ़ा है। आर्थिक दबाव के साथ लोगों पर बढ़ती पाबंदियों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

मोहम्मदी ने कहा कि इसके बावजूद कई ईरानी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर युवा पीढ़ी का जिक्र किया, जो अपने अधिकारों को समझती है और विरोध करने से पीछे नहीं हट रही।

नर्गिस मोहम्मदी खुद भी लंबे समय तक जेल में रहीं

नर्गिस मोहम्मदी कई सालों से मानवाधिकारों के लिए आवाज उठाती रही हैं और कई बार जेल जा चुकी हैं। उन्हें 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था।

दिसंबर में हिरासत के दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों पर मारपीट का आरोप लगाया था। बाद में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जमानत पर रिहा कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि अब उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।

Continue Reading

विदेश

2026 का केमिस्ट्री नोबेल फ्रांस-जापान के वैज्ञानिकों को मिला:अणुओं के मिरर इमेज की 100 साल पुरानी गुत्थी सुलझाई; दवाएं बनाने में मदद मिली

Published

on

स्टॉकहोम, एजेंसी। 2026 का केमिस्ट्री नोबेल पुरस्कार फ्रांस के वैज्ञानिक हेनरी बी. कागन और जापान के केन्सो सोआई को दिया गया है। दोनों वैज्ञानिकों ने रसायन विज्ञान की करीब 100 साल पुरानी गुत्थी सुलझाई है।

हेनरी बी. कागन और केन्सो सोआई ने यह समझाने में बड़ी मदद की कि मिरर इमेज जैसे दिखने वाले दो अणुओं में से सिर्फ एक को कैसे बनाया जा सकता है। यह खोज खास तौर पर दवाएं बनाने में काम आ रही है।

नोबेल पुरस्कार के विजेताओं को दिसंबर में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में सम्मानित किया जाएगा। उन्हें मेडल, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि दी जाएगी। 2026 में नोबेल पुरस्कार की राशि करीब 11.5 करोड़ रुपए है।

मिरर इमेज जैसे क्यों होते हैं अणु

इसे आसान तरीके से समझिए। हमारे दोनों हाथ लगभग एक जैसे दिखते हैं, लेकिन बायां हाथ दाएं हाथ की जगह नहीं ले सकता। कुछ अणु भी ऐसे ही होते हैं। इनके दो रूप होते हैं, जो एक-दूसरे की मिरर इमेज होते हैं।

दिक्कत यह है कि वैज्ञानिक जब ऐसे अणु बनाते हैं, तो कई बार दोनों रूप साथ बन जाते हैं। जबकि दवा बनाने में दोनों की जरूरत नहीं होती।

किसी दवा का एक रूप बीमारी पर असर कर सकता है, जबकि उसकी मिरर इमेज वाला दूसरा रूप कम असरदार या नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए वैज्ञानिकों की कोशिश थी कि जिस रूप की जरूरत है, वही बने।

कागन ने बताया- मिरर अणुओं में से जरूरत वाले को कैसे बनाया जाए

हमारे शरीर में अमीनो एसिड से प्रोटीन बनता है। अमीनो एसिड के दो रूप हो सकते हैं, जो एक-दूसरे की मिरर इमेज होते हैं। लेकिन शरीर प्रोटीन बनाने के लिए इनमें से सिर्फ एक रूप का इस्तेमाल करता है।

वैज्ञानिकों का सवाल था कि जब दोनों रूप बन सकते हैं, तो शरीर सिर्फ एक को ही क्यों चुनता है। 1986 में हेनरी बी. कागन ने इसका एक अहम रास्ता बताया।

उन्होंने ऐसा तरीका खोजा, जिससे रासायनिक प्रतिक्रिया में दोनों रूप बराबर नहीं बनते थे। एक रूप दूसरे से काफी ज्यादा बनने लगता था। यानी वैज्ञानिक ऐसी रासायनिक प्रक्रिया तैयार कर सकते हैं, जिसमें जिस अणु की जरूरत है, वही ज्यादा बने और दूसरा कम।

सोआई ने ऐसा अणु बनाया, जो अपने जैसे अणु बनाता था

इसके बाद केन्सो सोआई ने कागन के काम को आगे बढ़ाया। उन्होंने 5-पाइरिमिडिल एल्केनॉल नाम के एक रासायनिक पदार्थ पर प्रयोग किया। उन्होंने ऐसी प्रक्रिया बनाई, जिसमें एक तरह का अणु बनने के बाद वह अपने जैसे दूसरे अणु बनने में मदद करता था।

इसे ऐसे समझिए- शुरुआत में अगर किसी एक तरह के अणु थोड़े ज्यादा बन गए, तो वही अणु आगे और अपने जैसे अणु बनाने में मदद करने लगे। फिर नए बने अणु भी यही काम करने लगे। इस तरह एक तरह के अणुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई।

1995 के प्रयोग में शुरुआत में एक तरह के अणु की मात्रा सिर्फ 2% ज्यादा थी। लेकिन प्रक्रिया चलने के बाद यह बढ़त 87% तक पहुंच गई। यानी शुरुआत का छोटा-सा फर्क बहुत बड़ा हो गया।

इसके बाद 2003 में सोआई ने इसी विचार को और आगे बढ़ाया। उन्होंने ऐसी प्रक्रिया दिखाई, जिसमें एक तरह के अणु की मात्रा बढ़ते-बढ़ते 99.99% तक पहुंच सकती थी। यानी आखिर में लगभग सारे अणु एक ही तरह के बन सकते थे।

Continue Reading

खेल

24 साल बाद लड़कों से आगे भारत की लड़कियां:4 गोल्ड ज्यादा जीते, हॉकी का ओलिंपिक टिकट मिला, 5 पॉइंट में एशियन गेम्स का एनालिसिस

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान पूरा हो चुका है। आखिरी दिन घुड़सवारी के दो गोल्ड मेडल इवेंट हैं लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी शिरकत नहीं कर रहा है। भारत ने जापान के आइची-नागोया में 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल जीते हैं।

उज्बेकिस्तान ने भी भारत के बराबर ही गोल्ड जीते हैं लेकिन ज्यादा सिल्वर के आधार पर भारत चौथे स्थान पर है। रविवार को अगर उज्बेकिस्तान कोई गोल्ड नहीं जीतता है तो भारत चौथे स्थान पर ही फिनिश करेगा।

आगे 5 पॉइंट्स में पढ़िए 2026 एशियन गेम्स का निचोड़

  • 2002 के बाद पहली बार भारत की लड़कियों को ज्यादा मेडल
  • बॉक्सिंग, रेसलिंग में बेहतर हुआ प्रदर्शन, शूटिंग-एथलेटिक्स में पिछड़े
  • टीम इवेंट्स में धाक, हॉकी में गोल्ड के साथ ओलिंपिक टिकट भी
  • चीन की बादशाहत को 44 साल से कोई चैलेंज नहीं
  • 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 76 एशियन रिकॉर्ड टूटे

2002 के बाद पहली बार भारत की लड़कियों को ज्यादा मेडल

भारत ने इस बार लड़कियों के इवेंट में 11 तो लड़कों के इवेंट में 7 गोल्ड जीते। 3 गोल्ड मिक्स्ड इवेंट में आए। इससे पहले 2002 में बुसान में हुए एशियन गेम्स में भारत की लड़कियां आगे रही थीं। तब भारत ने लड़कियों के इवेंट में 6 और लड़कों के इवेंट में 5 गोल्ड जीते थे।

बॉक्सिंग, रेसलिंग में बेहतर हुआ प्रदर्शन, शूटिंग-एथलेटिक्स में पिछड़े

भारत ने 2023 में चीन के ग्वांगझू में हुए एशियन गेम्स में 28 गोल्ड के साथ 106 मेडल जीते थे। तब भारत ने शूटिंग में 7 और एथलेटिक्स में 6 गोल्ड जीते थे। इस बार शूटिंग में 3 और एथलेटिक्स में 1 ही गोल्ड आया। यानी इन दो खेलों में ही भारत को 9 गोल्ड का नुकसान हो गया। भारत ने पिछली बार स्कॉश में 2 और टेनिस, बैडमिंटन और घुड़सवारी में 1-1 गोल्ड जीता था। इन खेलों में इस बार भारत को कोई गोल्ड नहीं मिला।

बॉक्सिंग और रेसिलिंग में अच्छे प्रदर्शन ने कुछ हद तक गोल्ड में कमी की भरपाई की है। पिछली बार भारत को इन दोनों खेलों में एक भी गोल्ड नहीं मिला था। इस बार बॉक्सिंग में 3 और रेसलिंग में 2 गोल्ड आए हैं। आर्चरी में भारत ने पिछले प्रदर्शन को दोहराया है।

टीम इवेंट्स में धाक कायम, हॉकी में गोल्ड के साथ 2 ओलिंपिक टिकट भी

टीम इवेंट्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के गोल्ड मेडल जीते हैं। हॉकी में एशियाड गोल्ड जीतने पर सीधे ओलिंपिक का टिकट मिलता है, लिहाजा भारत की दोनों हॉकी टीम लॉस एंजिल्स में होने वाले 2028 ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर गई है। यह पहला मौका है जब भारत की दोनों वर्गों की हॉकी टीमों ने एक ही इवेंट में गोल्ड जीता है।

मेडल टैली में 44 साल से चीन की चौधराहट कायम

चीन ने इस बार 169 गोल्ड सहित 341 मेडल जीते हैं। नंबर-2 पर रहे जापान ने 83 गोल्ड जीते हैं। चीन से आधे से भी कम। चीन 1982 से अब तक हर एशियन गेम्स में टेबल टॉपर रहा है।

भारत ने पोजीशन के लिहाज से पिछले एशियन गेम्स के प्रदर्शन की बराबरी की है। लेकिन, इस बार 7 गोल्ड सहित कुल 21 मेडल की कमी आई है।

53 वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटे, भारतीय तीरंदाजी टीम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की

इस एशियन गेम्स में अलग-अलग इवेंट्स में कुल 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 76 एशियन रिकॉर्ड टूटे हैं। साथ ही 166 नए गेम्स रिकॉर्ड भी बने। भारतीय विमेंस कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन के खिलाफ 238 पॉइंट्स बनाए। यह वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी है।

चिकाथा तनिपार्थी, प्रथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड जीता।

चिकाथा तनिपार्थी, प्रथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड जीता।

Continue Reading

खेल

एशियाड में भारत को 21वां गोल्ड:मेंस हॉकी फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराया, मेडल टैली में नंबर-4 पर पहुंचा

Published

on

आइची- नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स में 21वां गोल्ड मेडल जीत लिया है। पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से हराया।

शनिवार को भारत ने मेंस क्रिकेट, आर्चरी, गोल्फ और कुश्ती में भी 1-1 गोल्ड जीता। भारत अब 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल के साथ टैली में चौथे स्थान पर आ गया है।

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत के डबल गोल

फाइनल मैच में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने डबल गोल किए। उन्होंने 11वें और 57वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किए।

हरमनप्रीत के अलावा, जुगरात 23वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर, 42वें मिनट में हार्दिक ने पेनल्टी स्ट्रोक पर और 54वें मिनट में शिलानंद ने फील्ड गोल किया।

मलेशिया की ओर से इकलौता गोल शेलो सिल्वरियस ने 14वें मिनट में दागा। उन्होंने फील्ड गोल किया।

गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह।

गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह।

भारत ने हॉकी में जीता गोल्ड, लगातार दूसरी बार चैंपियन

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। भारत ने पहली बार लगातार दो एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का गोल्ड जीता है।

एशियन गेम्स के एक ही संस्करण में पहली बार भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीता है।

गोल्ड मेडल सेलिब्रेट करते भारतीय टीम के खिलाड़ी।

गोल्ड मेडल सेलिब्रेट करते भारतीय टीम के खिलाड़ी।

रेसलिंग: अंतिम पंघाल को सिल्वर मिला, फाइनल हारीं

अंतिम पंघाल ने विमेंस 53kg कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता है। गोल्ड मेडल मुकाबले में उन्हें जापान की मोए कियोका ने 9-1 से हराया। अंतिम ने हांगझोउ एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीता था।

रेसलिंग : अंतिम गोल्ड मेडल मैच में 0-2 से पिछड़ी

महिलाओं के 53 किग्रा फाइनल में जापान की मोए कियोका ने शुरुआत में ही अंतिम पंघाल का लेग टेकडाउन कर उन्हें मैट से बाहर किया और एक अंक हासिल किया। इसके बाद भी दोनों के बीच ज्यादा एक्शन नहीं हुआ।

अंतिम ने लेग अटैक की तीन बार कोशिश की, लेकिन कियोका हर बार बच निकलीं। अंतिम को पैसिविटी के लिए चेतावनी के बाद कियोका को एक और अंक मिला। पहले पीरियड के बाद कियोका 2-0 से आगे हैं।

गोल्ड मेडल मैच के दौरान अंतिम।

गोल्ड मेडल मैच के दौरान अंतिम।

रेसलिंग: दीपक पुनिया ने जीता ब्रॉन्ज, लगातार दूसरी बार एशियाड में मेडल

दीपक पुनिया ने पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने मंगोलिया के गंखुयाग गनबातर को 2-1 से हराया।

आखिरी तीन मिनट में दोनों पहलवानों के बीच कड़ी टक्कर हुई। रेफरी ने दीपक को एक अंक दिया, लेकिन वे बढ़त बचाने में सफल रहे।

दीपक ने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में मेडल जीता है। उन्होंने 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी ब्रॉन्ज जीता था।

ब्रॉन्ज मेडल मैच के दौरान दीपक पुनिया।

ब्रॉन्ज मेडल मैच के दौरान दीपक पुनिया।

रेसलिंग: अमन सहरावत ने जीता गोल्ड, नॉर्थ कोरिया के हान को हराया

भारत के अमन सहरावत ने पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती का गोल्ड मेडल जीत लिया। उन्होंने फाइनल में नॉर्थ कोरिया के हान को हराया।

अमन ने पहले पीरियड में हान के हमलों का बचाव किया और 6-1 की बढ़त बनाई। इसके बाद हान ने लगातार 6 अंक लेकर 7-6 की बढ़त हासिल कर ली।

अमन ने फिर 4 अंक की शानदार चाल चली और बढ़त हासिल की। कोरिया का रिव्यू खारिज होने पर अमन को एक अतिरिक्त अंक भी मिला। उन्होंने अंत तक बढ़त बनाए रखी।

यह एशियन गेम्स में भारत का दूसरा रेसलिंग गोल्ड है। इससे पहले सुजीत कलकल ने गोल्ड जीता था।

जीत के बाद तिरंगे के साथ अमन सहरावत।

जीत के बाद तिरंगे के साथ अमन सहरावत।

क्रिकेट: भारत ने जीता गोल्ड, पाकिस्तान को 19 रन से हराया

भारत ने मेंस क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। भारत के 211 रन के जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी।

पाकिस्तान के हसन नवाज ने शानदार पारी खेलते हुए 96 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। भारत की ओर से अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और शिवम दुबे के रन जीत में बेहद अहम रहे।

यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का 19वां गोल्ड मेडल है। इसके साथ ही भारत ने क्रिकेट के दोनों गोल्ड अपने नाम कर लिए हैं। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने भी गोल्ड जीता था।

तीरंदाजी: नीरज चौहान ने जीता ब्रॉन्ज

रिकर्व मेंस इंडिविजुअल में भारत के नीरज चौहान ने ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। दबाव में नीरज ने शानदार निशाने लगाए। अपने साथी खिलाड़ी धीरज बोम्मदेवरा को हराकर पदक अपने नाम किया। मुकाबले के बाद दोनों भारतीय तीरंदाजों ने एक-दूसरे को गले लगाया।

इसके साथ ही एशियन गेम्स में भारत का रिकर्व अभियान 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज के साथ खत्म हुआ। रिकर्व की सभी कैटेगरी में भारत ने मेडल जीता।

कंपाउंड में भारत ने 3 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज जीता। इस तरह तीरंदाजी में भारत ने कुल 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज, यानी 9 मेडल अपने नाम किए।

नीरज चौहान ब्रॉन्ज मेडल मैच में निशाना लगाते हुए।

नीरज चौहान ब्रॉन्ज मेडल मैच में निशाना लगाते हुए।

प्रणवी उर्स ने जीता गोल्ड, पहली भारतीय महिला गोल्फर बनीं

नागोया में भारत की प्रणवी उर्स ने विमेंस इंडिविजुअल गोल्फ में गोल्ड मेडल जीता। वह एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं। उन्होंने चार राउंड में 15 अंडर 265 का स्कोर किया।

प्रणवी ने फाइनल राउंड में 70 का स्कोर किया। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बाद उन्होंने तीन बर्डी लगाकर वापसी की और एक शॉट की बढ़त से गोल्ड जीता।

भारत ने विमेंस टीम इवेंट में सिल्वर जीता। प्रणवी के साथ अदिति अशोक और दीक्षा डागर टीम में थीं। भारत का स्कोर 14 अंडर 546 रहा, जबकि चीन ने 22 अंडर 538 के साथ गोल्ड जीता।

प्रणवी का गोल्ड एशियन गेम्स गोल्फ में भारत का 2002 के बाद पहला गोल्ड है। इससे पहले शिव कपूर ने पुरुषों का इंडिविजुअल गोल्ड जीता था।

गोल्ड मेडल के साथ प्रणवी उर्स।

गोल्ड मेडल के साथ प्रणवी उर्स।

भारत को एशियाड में 200वां गोल्ड

भारत ने एशियन गेम्स के इतिहास में 200वां गोल्ड जीत लिया है। उसके 263 सिल्वर और 392 ब्रॉन्ज हो गए हैं। इंडिया के अब तक 855 मेडल हो गए हैं।

कुमकुम ने 3 मेडल जीते, तीनों पहली बार दिलाए

कुमकुम ने अपने डेब्यू एशियन गेम्स में रिकर्व तीरंदाजी में 3 मेडल जीते। वे महिला टीम और महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड, जबकि मिक्स्ड टीम में सिल्वर जीता।

  • विमेंस टीम इवेंट में भारत का पहला गोल्ड।
  • रिकर्व व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला।
  • मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत का पहला मेडल आया। धीरज के साथ सिल्वर।

तीरंदाजी: 17 साल की कुमकुम मोहोड ने रिकर्व में जीता

भारत की 17 साल की कुमकुम मोहोड एशियन गेम्स चैंपियन बन गईं। उन्होंने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। कुमकुम ने शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया की ओह ये जिन को हराया।

कुमकुम महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए एशियन गेम्स मेडल जीतने वाली पहली तीरंदाज हैं। उन्होंने पहली बार इस स्पर्धा में भारत को गोल्ड दिलाया है।

महिलाओं के रिकर्व इंडिविजुअल्स इवेंट के फाइनल में निशाना लगाती कुमकुम।

महिलाओं के रिकर्व इंडिविजुअल्स इवेंट के फाइनल में निशाना लगाती कुमकुम।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677