रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में धनतेरस पर बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। प्रदेश के सभी जिलों में सोने-चांदी, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन और पटाखों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ी।
व्यापारिक संगठनों के मुताबिक, प्रदेशभर में 12 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार हुआ। सबसे ज्यादा रौनक ऑटोमोबाइल सेक्टर में रही, जहां बाइक-स्कूटी से लेकर कार, ट्रैक्टर और कॉमर्शियल वाहनों तक की रिकॉर्ड खरीदारी हुई।
रायपुर से बिलासपुर, दुर्ग रायगढ़ और जगदलपुर तक बाजार गुलजार रहे। प्रदेश में 1.30 लाख से ज्यादा दोपहिया, 10 हजार से अधिक कारें और करीब 10 हजार ट्रैक्टर, कॉमर्शियल वाहन, जेसीबी और थ्री-व्हीलर बिकने का अनुमान है।
अकेले बिलासपुर में करीब 1000 करोड़ रुपए के कारोबार का अनुमान कारोबारियों ने लगाया है। दुर्ग जिले में लगभग 300 करोड़, रायगढ़ जिले में 30 से 38 करोड़ और जगदलपुर में 30 से 35 करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है।
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद सराफा बाजार में सिक्कों, मूर्तियों और गहनों की मांग बनी रही। बर्तन बाजार में पीतल, तांबे और कांसे के बर्तन बिके, तो इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में टीवी, फ्रिज और सजावटी लाइट की खरीदारी हुई।
पटाखा बाजार भी देर रात तक गुलजार रहे। बिलासपुर में एक ही दिन में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा के पटाखे बिकने का दावा किया गया है। कारोबारियों के मुताबिक, इस बार की खरीदारी ने पिछले वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए।
सोने-चांदी खरीदारों की दुकानों पर उमड़ी भीड़।
धनतेरस पर बाजार में चांदी की भी चमक रही।
कार समेत 1.50 लाख से ज्यादा गाड़ियां बिकीं हैं।
रायपुर में 12 हजार दोपहिया और 3 हजार कारों की बिक्री
छत्तीसगढ़ चैंबर, कैट, फिक्की और सीआईआई के मुताबिक, रायपुर में धनतेरस और दिवाली पर करीब 2 से 2.5 हजार करोड़ रुपए का कारोबार हुआ।
वहीं, राडा के अनुसार राजधानी में करीब 12 हजार दोपहिया और 3 हजार कारें बिकीं। प्रदेशभर में वाहनों की कुल बिक्री 1.50 लाख से ज्यादा रही।
राडा अध्यक्ष कैलाश खेमानी के मुताबिक, कई वर्षों बाद प्रदेश में दिवाली के दौरान 1.50 लाख से ज्यादा वाहनों की बिक्री हुई है।
वहीं, छत्तीसगढ़ क्रेडाई अध्यक्ष पंकज लाहोटी ने बताया कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में सुधार और अवैध प्लॉटिंग पर रोक का असर रियल एस्टेट कारोबार पर दिख रहा है।
बिलासपुर में 1000 करोड़ के कारोबार का अनुमान
बिलासपुर में धनतेरस पर ऑटोमोबाइल से लेकर सराफा बाजार तक खरीदारों की भीड़ रही। कारोबारियों के मुताबिक, शहर में करीब 1000 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है।
एक ही दिन में 500 से ज्यादा कारों की डिलीवरी हुई, जबकि करीब 200 कारों की बुकिंग की गई। सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद सिक्के, मूर्तियां और फैंसी ज्वेलरी की मांग रही।
गोलबाजार और शनिचरी बाजार के बर्तन दुकानों में भी सुबह से देर रात तक ग्राहक पहुंचे। तांबे, पीतल और कांसे के बर्तनों की जमकर बिक्री हुई। सराफा दुकानों में रात करीब 12 बजे तक खरीदारी चलती रही।
इलेक्ट्रॉनिक्स और पटाखा बाजार में भी भीड़
तेलीपारा और जूना बिलासपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में सजावटी लाइट, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे सामान की मांग रही। बड़े इलेक्ट्रिकल स्टोर में पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ दिखाई दी।
शहर में मुंगेली नाका स्थित ग्रीन पार्क मैदान, रिवर व्यू रोड और बुधवारी बाजार में पटाखों की दुकानें लगाई गई हैं। शुक्रवार को सुबह से देर रात तक यहां खरीदारों की भीड़ रही।
कारोबारियों ने एक ही दिन में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा के पटाखे बिकने का दावा किया है।
दुर्ग में 300 करोड़ का कारोबार
चेंबर महामंत्री अजय भसीन के अनुसार, दुर्ग में ग्राहक धनतेरस की खरीदारी केवल एक दिन में न कर तीन दिनों में बांटकर करते हैं।
इस बार शुक्रवार, शनिवार और रविवार का संयोग मिलने के कारण खरीदारी का सकारात्मक असर बाजारों में लगातार तीन दिनों तक दिखाई दे रहा है।
उन्होंने बताया कि, धनतेरस के मुख्य दिन ही जिले में लगभग 300 करोड़ का कारोबार हो चुका है। शनिवार और रविवार की खरीदारी को मिलाकर यह आंकड़ा आसानी से 500 करोड़ के पार पहुंच जाएगा।
रायगढ़ में 30 से 38 करोड़ का सराफा कारोबार
रायगढ़ में धनतेरस पर करीब 30 से 38 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। CAIT (कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) के सचिव मनीष उदासी के मुताबिक, सराफा बाजार में 12 से 15 करोड़ रुपए, ऑटोमोबाइल सेक्टर में 9 से 11 करोड़।
इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल बाजार में 4 से 5 करोड़, बर्तन बाजार में 2.5 से 3.5 करोड़ और कपड़ा, होम डेकोर सहित अन्य कारोबार में 2.5 से 3.5 करोड़ रुपए की बिक्री हुई। कुल कारोबार का अनुमान इन सभी सेक्टरों के आंकड़ों को जोड़कर लगाया गया है।
रायगढ़ में धनतेरस पर करीब 30 से 38 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है।
जगदलपुर में 30 से 35 करोड़ की खरीदारी
जगदलपुर में भी धनतेरस पर बाजारों में रौनक रही। कारोबारियों के मुताबिक, शहर में करीब 30 से 35 करोड़ रुपए के कारोबार का अनुमान है।
सोने-चांदी के छोटे आभूषणों के साथ ऑटोमोबाइल सेक्टर में ज्यादा खरीदारी हुई। इस साल 24 कैरेट सोने करीब 1 लाख 47 हजार रुपए तोला और चांदी का भाव करीब 1 लाख 90 हजार रुपए प्रति किलो रहा।
आज नरक चतुर्दशी, कल मनाई जाएगी दिवाली
धनतेरस के बाद आज (शनिवार) नरक चतुर्दशी और कल (रविवार) दिवाली मनाई जाएगी। नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली भी कहा जाता है।
इस दिन दीपक जलाने, घर की साफ-सफाई और भगवान श्रीकृष्ण, यमराज और हनुमान जी की पूजा का महत्व है।
ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज तिवारी के अनुसार, इस दिन सूर्योदय से पहले स्नान कर घर की सफाई की जाती है। इसके बाद घर के द्वार और कोनों में दीपक जलाए जाते हैं।
मान्यता है कि यम दीप जलाने से परिवार पर आने वाली विपत्तियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
कोरबा। कोरबा जिले के खैरभवना गांव में दशहरा कार्यक्रम के दौरान एक युवक की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। गंभीर हालत में उसे पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल और फिर सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
घटना लेमरू थाना क्षेत्र के सतरेंगा के खैरभवना गांव की है। दीपावली से पहले यहां गुरुवार रात रावण दहन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया था। सतरेंगा निवासी राकेश कंवर अपने भाई राजू कंवर के साथ कार्यक्रम देखने पहुंचा था।
रात करीब 2 बजे कार्यक्रम के दौरान अचानक लाइट चली गई। इसी दौरान राकेश स्टेज के पीछे अंधेरे में गया। तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया और मौके से भाग निकला।
पुलिसकर्मी ने घायल हालत में देखा
हमले में राकेश गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। कार्यक्रम स्थल पर लेमरू थाना पुलिस की तैनाती थी। एक आरक्षक की नजर उस पर पड़ी तो वह उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू ले गया।
प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। वहां से डॉक्टरों ने उसे सिम्स बिलासपुर भेज दिया। फिलहाल उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
भाई बोला- किसी से विवाद नहीं हुआ था
राकेश के छोटे भाई ने बताया कि रावण दहन या सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान किसी से कोई विवाद नहीं हुआ था। उसे यह भी पता नहीं चल पाया कि उसके भाई पर कब, कैसे और किसने हमला किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि रावण दहन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान युवक की गर्दन पर हमला किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अज्ञात हमलावर की तलाश की जा रही है।
दशहरा मैदान में चाकू से हमले में हुई थी युवक की मौत
इससे पहले कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र स्थित दशहरा मैदान में भी रावण दहन कार्यक्रम के दौरान चाकू से हमला हुआ था। उस घटना में एक युवक की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
कोरबा। दीपावली पर सुरक्षा के लिए कोरबा के बांकीमोंगरा पुलिस ने नगर के प्रमुख रास्तों और बाजारों में पैदल मार्च किया। थाना प्रभारी राम कुमार साव के नेतृत्व में पुलिस ने दुकानदारों से मुलाकात की।
पुलिस ने ज्वेलरी शॉप और बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालकों से सुरक्षा के इंतजाम मजबूत रखने को कहा। दुकानदारों को सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त रखने, संदिग्ध लोगों पर नजर रखने और ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई।
चौक-चौराहों पर जवान तैनात
राम कुमार साव ने कहा कि त्योहार के दौरान बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस लगातार निगरानी करेगी। पुलिस पेट्रोलिंग टीम सक्रिय रहेगी और हथियारों से लैस जवान सुरक्षा संभालेंगे।
सर्राफा बाजार में भी पुलिस ने खास चौकसी रखी है। व्यापारियों को नकदी के लेन-देन में सावधानी बरतने और अनजान लोगों पर भरोसा न करने की हिदायत दी गई।
बाजारों में पैदल मार्च कर सुरक्षा का लिया जायजा
कोरबा शहर में कोतवाली थाना, सीएसईबी चौकी, मानिकपुर चौकी और सिविल लाइन थाना पुलिस ने भी अपने-अपने इलाकों में गश्त की। चौक-चौराहों पर जवान तैनात किए गए हैं।
पुलिस ने आम लोगों और व्यापारियों से सतर्क रहने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की है। किसी संदिग्ध व्यक्ति या घटना की जानकारी संबंधित थाना-चौकी या कंट्रोल रूम को देने को कहा गया है।
कोरबा। कोरबा के नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा में विकास कार्यों को लेकर पक्षपात का आरोप लगा है। कांग्रेस के पार्षदों ने भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में जनहित के कार्यों में भेदभाव किए जाने की शिकायत कलेक्टर से की है।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
10 महीने बाद पुराना टेंडर निरस्त कर जारी किया नया टेंडर
नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास सहित पार्षद तेजप्रताप सिंह, राजकुमार मिश्रा, राकेश अग्रवाल, संदीप डहरिया, शाहिद कुजूर और हेमंत शहानी ने संयुक्त रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। पार्षदों का आरोप है कि करीब 10 महीने पहले बीटी सड़क निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया था। इसके करीब 10 महीने बाद पुराने टेंडर को निरस्त कर नया टेंडर जारी किया गया।
पार्षदों के मुताबिक, उन्हें बताया गया कि नया टेंडर जारी होने के बाद ही काम शुरू होगा और पुराने ठेकेदार ने काम करने से मना कर दिया है। नए टेंडर खुलने की तारीख 19 नवंबर 2026 निर्धारित है। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने कथित तौर पर नियमों को दरकिनार कर भाजपा पार्षदों के वार्डों में भूमिपूजन कराने के साथ काम भी पूरे करा लिए।
कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में एक साल से काम अटके
कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि उनके वार्डों में करीब एक साल से टेंडर का हवाला देकर विकास कार्यों को टाला जा रहा है। उन्हें लगातार आश्वासन दिया जा रहा है कि जल्द काम शुरू होगा, लेकिन अब तक काम नहीं हुए हैं। उनका आरोप है कि नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के वार्ड देखकर जनहित के कार्य कराए जा रहे हैं।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
पार्षदों ने कहा कि बांकी मोंगरा नगर पालिका के अस्तित्व में आने के बाद से ही क्षेत्र में कई समस्याएं बनी हुई हैं। वर्तमान में जनहित के कार्यों में खुलकर पक्षपात किया जा रहा है। विकास कार्यों में दलगत राजनीति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कार्य करने वाली फर्म, स्वीकृति देने वाले अधिकारियों तथा काम कराने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।