वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में हार के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी में मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। विदेश मंत्री मार्को रूबियो ट्रम्प का साथ छोड़ने पर विचार कर रहे हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, रूबियो अपने भविष्य के विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इससे इनकार किया है।
दूसरी ओर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी ट्रम्प से दूरी बना रहे हैं। वेंस 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी में ट्रम्प से नाराज वोटरों को अपने साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं।
मिडटर्म चुनाव के नतीजे…
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स
हाउस में कुल 435 सीटें हैं। सभी सीटों पर चुनाव हुए। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 253 और ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने 157 सीटें जीती हैं। 25 सीटों पर अंतिम नतीजे आनी बाकी है। डेमोक्रेट्स को जरूरी बहुमत मिल चुका है।
सीनेट
सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। अब तक 33 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 20 और रिपब्लिकन पार्टी ने 13 सीटें जीती हैं।
बची हुई 2 सीटों पर अंतिम नतीजे आना बाकी है। इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं।
गवर्नर चुनाव
कुल 36 सीटों में से 34 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। 22 डेमोक्रेट्स और 12 रिपब्लिकन ने सीटें जीती हैं। 2 राज्यों में अंतिम नतीजे आना बाकी है।
क्वेटा, एजेंसी। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के कमांडर-इन-चीफ बशीर जेब को पद से हटा दिया गया है। बशीर जेब ने पाकिस्तान में कई बड़े हमलों की साजिश रचकर पहचान बनाई थी।
बलूचिस्तान में हथियारबंद लड़ाकों के साथ बशीर जेब के वीडियो वायरल हुए तो उनकी तुलना फिल्म ‘धुरंधर’ के किरदार हमजा अली मजारी से होने लगी। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नाकाम ऑपरेशन और महिला आत्मघाती हमलावरों के इस्तेमाल को लेकर संगठन में उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ रही थी।
बशीर जेब बलूचिस्तान में हथियारबंद लड़ाकों के साथ (फोटो AI से इन्हांस की गई है।)
पिछले महीने ही हटाए गए, खबर अब आई
BLA ने 3 नवंबर को प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि बशीर जेब अब संगठन के कमांडर-इन-चीफ नहीं रहेंगे। यह बयान बलूचिस्तान पोस्ट में प्रकाशित हुआ था।
संगठन ने कहा कि बशीर जेब के पास मौजूद सभी प्रशासनिक, सैन्य और नीतिगत फैसले लेने के अधिकार अब सीनियर कमांड काउंसिल को सौंप दिए गए हैं। नया कमांडर नियुक्त होने तक संगठन के सभी बड़े फैसले यही परिषद लेगी।
बलूचिस्तान पोस्ट के मुताबिक, बशीर जेब को हटाने का फैसला 16 अक्टूबर को हुई BLA की शीर्ष समितियों की बैठक में लिया गया था। बैठक में शामिल कमांडरों ने सर्वसम्मति से नेतृत्व में बदलाव को मंजूरी दी थी।
BLA ने इस बदलाव को संगठन के नियमों के मुताबिक शांतिपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन बताया। संगठन का दावा है कि बशीर जेब को हटाने के फैसले से न तो संगठन में कोई बंटवारा हुआ और न ही कमांडरों के बीच टकराव की स्थिति बनी।
BLA के कमांडर चीफ रहे बशीर जेब से जुड़े वीडियो का स्क्रीनशॉट। (AI के जरिए क्वालिटी इन्हांस की गई है।)
हटाने की वजह और बशीर जेब का ठिकाना साफ नहीं
BLA ने बशीर जेब को पद से हटाने के पीछे कोई खास वजह नहीं बताई है। संगठन ने सिर्फ इतना कहा कि यह फैसला उसके 2018 में बनाए गए संवैधानिक नियमों के तहत लिया गया है। इन नियमों के मुताबिक, कोई भी कमांडर जीवनभर संगठन के शीर्ष पद पर नहीं रह सकता।
वहीं, बशीर जेब के मौजूदा ठिकाने के बारे में भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं है कि वे अभी आजाद हैं, हिरासत में हैं या कहीं और चले गए हैं। उनके घायल होने या किसी दूसरी जगह इलाज कराने की खबरों की भी पुष्टि नहीं हुई है।
बशीर जेब की लीडरशिप में BLA के बड़े हमले
चीनी वाणिज्य दूतावास, कराची- नवंबर 2018: BLA के लड़ाकों ने चीनी वाणिज्य दूतावास पर हमला किया। इसमें 2 पुलिसकर्मियों समेत 4 लोग मारे गए। तीनों हमलावर भी मारे गए।
पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल, ग्वादर- मई 2019: BLA के चार हमलावरों ने होटल पर हमला किया। इसमें 4 होटल कर्मचारी और नौसेना का एक जवान मारा गया।
पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज, कराची-जून 2020: BLA के चार हमलावरों ने स्टॉक एक्सचेंज पर हमला किया। इसमें 4 सुरक्षाकर्मी और 1 पुलिसकर्मी समेत 5 लोग मारे गए। चारों हमलावर भी मारे गए।
चीनी नागरिकों के काफिले पर हमला, ग्वादर- अगस्त 2021: BLA के आत्मघाती हमलावर ने चीनी नागरिकों और उनकी सुरक्षा में तैनात जवानों के काफिले को निशाना बनाया।
ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी कॉम्प्लेक्स- मार्च 2024: BLA की मजीद ब्रिगेड के लड़ाकों ने परिसर पर हमला किया। इसमें दो लोग घायल हुए।
पीएनएस सिद्दीकी नेवल एयर बेस, तुरबत-मार्च 2024: BLA की मजीद ब्रिगेड ने पाकिस्तानी नौसेना के एयर बेस को निशाना बनाया।
जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का अपहरण-मार्च 2025: BLA ने बलोचिस्तान में यात्री ट्रेन को रोककर यात्रियों को बंधक बना लिया। इसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बचाव अभियान चलाया।
BLA ने मई में क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास हमला किया था। इसमें जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतर गए थे।
BLA के लगातार हमलों से बलूचिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पाकिस्तान की सेना और सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। सेना प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व में सुरक्षा बलों को संगठन के खिलाफ लगातार अभियान चलाने पड़े। ऐसे में बशीर जेब को अचानक पद से हटाए जाने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऑपरेशन हेरोफ-2 की नाकामी से BLA में बढ़े मतभेद
बशीर जेब को हटाने की एक वजह संगठन की सैन्य रणनीति को लेकर अंदरूनी मतभेद भी हो सकती है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन हेरोफ-2 के नतीजों को लेकर BLA के शीर्ष कमांडरों में कई महीनों से नाराजगी थी।
ऑपरेशन हेरोफ-2 की शुरुआत 31 जनवरी 2026 को हुई थी। इसके तहत BLA ने बलोचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों पर एक साथ कई हमले किए थे। लेकिन पाकिस्तानी सेना की जवाबी कार्रवाई में संगठन को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
बड़ी संख्या में लड़ाकों को एक साथ उतारने पर विवाद
PICSS के मुताबिक, ऑपरेशन के नतीजों को लेकर बशीर जेब और BLA की विशेष आत्मघाती इकाई मजीद ब्रिगेड के प्रमुख कैप्टन रहमान गुल के बीच मतभेद पैदा हो गए थे।
संगठन के अंदरूनी मामलों की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से PICSS ने बताया कि रहमान गुल ने बशीर जेब की हमले करने की रणनीति पर सवाल उठाए थे। उनका मानना था कि एक साथ कई जगहों पर बड़ी संख्या में लड़ाकों को भेजने से वे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के निशाने पर आसानी से आ गए।
रहमान गुल इसके बजाय छोटे-छोटे समूहों में लड़ाकों को भेजने के पक्ष में थे। उनका मानना था कि ऐसे समूह अचानक हमला करके तुरंत अपनी जगह बदल सकते हैं। इससे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के लिए उन्हें पकड़ना मुश्किल होता।
एक हफ्ते में 215 लड़ाके मारे जाने का दावा
ऑपरेशन हेरोफ-2 के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने BLA के खिलाफ जवाबी अभियान चलाए। PICSS के अनुमान के मुताबिक, इन कार्रवाइयों में एक हफ्ते के भीतर BLA के कम से कम 215 लड़ाके मारे गए थे। वहीं, संगठन ने 96 लड़ाकों की मौत स्वीकार की थी।
थिंक टैंक के मुताबिक, एक साथ बड़ी संख्या में लड़ाकों को अलग-अलग जगहों पर तैनात करने से पाकिस्तानी सेना को उनके ठिकानों और गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिली। इससे सुरक्षा बलों के लिए उन पर कार्रवाई करना आसान हो गया।
महिला आत्मघाती हमलावरों के इस्तेमाल पर भी नाराजगी
बशीर जेब के नेतृत्व में BLA ने आत्मघाती हमलों का इस्तेमाल बढ़ा दिया था। इनमें महिला आत्मघाती हमलावरों को भी शामिल किया गया। इस रणनीति की संगठन के बाहर और अंदर दोनों जगह आलोचना हुई।
BBC उर्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन में लोगों का मानना था कि महिला आत्मघाती हमलावरों के इस्तेमाल से पूरे बलोच आंदोलन को नुकसान पहुंचा। खासकर बलोचिस्तान के बाहर इस आंदोलन को मिलने वाला समर्थन कमजोर हुआ।
पाकिस्तानी रिसर्चर मलिक सिराज अकबर के मुताबिक BLA ऐसा जानबूझकर कर रहा था, क्योंकि महिला हमलावरों वाले हमलों को मीडिया में ज्यादा जगह मिलती है।
कायद-ए-आजम यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ खुर्रम इकबाल ने बीबीसी उर्दू से कहा कि BLA के हमले जितने हिंसक होते गए, बलोचिस्तान के बाहर उसे मिलने वाला समर्थन उतना ही कम होता गया। उनके मुताबिक, आत्मघाती हमलों को दुनिया में अच्छा नहीं माना जाता।
ट्रेनिंग के दौरान BLA की महिला लड़ाके। (फाइल)
फरवरी से ही फैसलों में घटने लगा था जेब का दखल
PICSS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन मतभेदों का असर फरवरी 2026 से ही दिखने लगा था। बशीर जेब को धीरे-धीरे संगठन के बड़े फैसले लेने की प्रक्रिया से अलग किया जाने लगा। इसके बाद कैप्टन रहमान गुल की सैन्य अभियानों और संगठन के दूसरे कामकाज में भूमिका बढ़ गई।
हालांकि, BLA ने बशीर जेब को हटाने की वजह के तौर पर ऑपरेशन हेरोफ-2 या कमांडरों के बीच किसी विवाद का जिक्र नहीं किया है। यह जानकारी थिंक टैंक की रिपोर्ट और उसके सूत्रों पर आधारित है।
ऑकलैंड, एजेंसी। भारत ने पहले वनडे में न्यूजीलैंड को 5 विकेट से हरा दिया। इसी के साथ टीम इंडिया 5 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है।
ऑकलैंड के ईडन पार्क में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। अर्शदीप सिंह के 4 विकेट की बदौलत न्यूजीलैंड की टीम 40.2 ओवर में 185 रन पर ऑलआउट हो गई। गुरनूर बरार ने भी 3 विकेट लिए।
बारिश के कारण भारत को 32 ओवर में 143 रन का रिवाइज्ड टारगेट मिला। टीम ने 22.4 ओवर में 5 विकेट खोकर इसे हासिल कर लिया। विराट कोहली ने 51 गेंदों पर 74 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 13 चौके और 1 छक्का लगाया। कप्तान शुभमन गिल ने 56 गेंदों पर 37 रन बनाए।
कोहली ने चेज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया
विराट कोहली वनडे रन चेज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। कोहली के अब चेज में 8,741 रन हो गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के 8,720 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
अंशुल कंबोज प्लेयर ऑफ द मैच
प्लेयर ऑफ द मैच अंशुल कंबोज ने कहा कि उनकी रणनीति पिच के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय सही लाइन और लेंथ पर लगातार गेंदबाजी करने की थी। अंशुल ने 10 ओवर में महज 22 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्होंने 2 मेडन ओवर भी डाले।
नमन धीर ने चौका लगाकर भारत को जीत दिलाई
23वें ओवर की चौथी गेंद पर नमन धीर ने चौका लगाकर टीम को जीत दिलाई।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने पहले ही ओवर में रोहित शर्मा का विकेट गंवा दिया था। इसके बाद विराट कोहली और शुभमन गिल ने दूसरे विकेट के लिए 113 रन की साझेदारी की।
कोहली ने बल्लेबाजी के साथ फील्डिंग में भी योगदान दिया और दो कैच पकड़े।
विराट कोहली और शुभमन गिल के बीच 113 रन की साझेदारी हुई।
वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को हार मिली है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है।
वहीं, मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद ने जीत हासिल की। इसके साथ ही वह अमेरिकी इतिहास में सीनेटर चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बन गए हैं।
ट्रम्प ने अब्दुल को खुले मंच से ‘जिहादी’ कहा था। 25 अक्टूबर को मिशिगन में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रम्प ने कहा था,
मैं यहां एक जिहादी और मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्य को अमेरिकी सीनेटर बनने से रोकने आया हूं।
ट्रम्प ने अब्दुल पर आतंकियों का साथ देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अगर अल-सैयद सीनेटर बनते हैं, तो उन्हें संसद में जाने से पहले मेटल डिटेक्टर से गुजरना चाहिए। उन्होंने 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए अल-सैयद की तुलना विमान हाईजैक करने वाले आतंकियों से भी की।
अमेरिकी सीनेट के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद जीत के बाद पत्नी सारा जुकाकू को गले लगाते हुए।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स
हाउस में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुए हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 231 सीटें जबकि ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने 144 सीटें जीती हैं।
सीनेट
सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 33 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं।
इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 20 और रिपब्लिकन पार्टी ने 13 सीटें जीती हैं। बाकी 2 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं।
गवर्नर
कुल 36 सीटों में से 34 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। 22 डेमोक्रेट्स और 12 रिपब्लिकन ने सीटें जीती हैं। 2 राज्यों में वोटों की गिनती जारी है।
डेमोक्रेट्स की जीत पर कई देशों के नेता खुश
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की नीतियों से नाराज कुछ देशों के नेताओं ने डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत का स्वागत किया है।
स्पेन: प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा कि अमेरिकी लोगों ने नफरत फैलाने, जलवायु परिवर्तन को न मानने और अमीर-ताकतवर लोगों के दबदबे के खिलाफ वोट दिया है।
नॉर्वे: नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर ने कहा कि अमेरिका में अब ऐसे लोग अपनी बात रख रहे हैं, जिनकी सोच नॉर्वे से मिलती है। हाल ही में ट्रम्प ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने को लेकर नॉर्वे को गाली दी थी।
दक्षिण अफ्रीका: राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने कहा कि इन चुनावों से दुनिया के देशों के रिश्तों में एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है। ट्रम्प पहले दक्षिण अफ्रीका पर वहां के गोरे लोगों के खिलाफ नरसंहार करने का आरोप लगा चुके हैं।
यूरोपीय संसद: यूरोपीय संसद की उपाध्यक्ष क्रिस्टेल शाल्डेमोस ने कहा कि चुनाव के नतीजों से उन्हें थोड़ी उम्मीद जगी है। उन्हें लगता है कि अब अमेरिका यूक्रेन की और मदद कर सकता है।
मिसिसिपी में सीनेट चुनाव में सिर्फ 43 वोटों का अंतर
अमेरिका के मिसिसिपी में सीनेट चुनाव का मुकाबला बेहद करीबी हो गया है। यहां रिपब्लिकन पार्टी की मौजूदा सांसद सिंडी हाइड-स्मिथ और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार स्कॉट कोलम के बीच सिर्फ 43 वोटों का अंतर है। अब तक करीब 96% वोटों की गिनती हो चुकी है।
अगर कोलम यह सीट जीतते हैं तो इसे मिडटर्म चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर माना जाएगा। निर्दलीय उम्मीदवार टाय पिंकिंस को करीब 2.1% वोट मिलने का अनुमान है। उनके वोटों की संख्या दोनों मुख्य उम्मीदवारों के बीच के अंतर से कहीं ज्यादा है।
अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार स्कॉट कोलम मिसिसिपी में समर्थकों से मिलते हुए।
ईरानी सुप्रीम लीडर बोले- चुनाव नतीजों से फर्क नहीं पड़ता, दुश्मनी बनी रहेगी
ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने कहा है कि अमेरिका मिडटर्म चुनाव के नतीजों से ईरान के साथ उसके रिश्तों में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका में डेमोक्रेट्स की सरकार आए या रिपब्लिकन की, ईरान के प्रति उसकी दुश्मनी बनी रहेगी।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, खामेनेई ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान बिना किसी शर्त के उसके सामने झुक जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के कमजोर होने की रफ्तार अब और बढ़ गई है।
तेहरान में एक महिला ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की तस्वीर हाथ में लेकर खड़ी है। यहां अमेरिका को ईरान से बाहर निकाले जाने की 47वीं सालगिरह मनाई गई।
नेवाडा के पहले अश्वेत गवर्नर होंगे आरोन फोर्ड
आरोन फोर्ड अपनी पत्नी बर्ना रोड्स-फोर्ड के साथ अपने समर्थकों से बात करते हुए।
नेवाडा में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार आरोन फोर्ड ने गवर्नर का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के मौजूदा गवर्नर जो लोम्बार्डो को हराया।
फोर्ड नेवाडा के पहले अश्वेत गवर्नर होंगे। फोर्ड ने चुनाव प्रचार में महंगे घर, पेट्रोल और रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों को मुद्दा बनाया था।
उन्होंने लैटिन अमेरिकी मूल के वोटर्स पर भी ध्यान दिया। राज्य में करीब 20% वोटर्स इसी समुदाय से हैं।
फोर्ड ने मजदूर यूनियनों को मजबूत करने और गरीब लोगों का मेडिकल कर्ज माफ करने का वादा भी किया था।
मिडटर्म चुनाव के नतीजों का रूस पर क्या असर पड़ेगा?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प।
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक रूस की सरकार पर भी अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों का असर पड़ सकता है। इस बारे में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सोमवार को कहा,
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपना कार्यकाल पूरा होने तक पद पर बने रहेंगे और अपनी विदेश नीति पर काम करते रहेंगे।
उनके बयान से साफ संकेत मिला कि चुनाव के नतीजे चाहे जो हों, रूस को अमेरिका की नीति में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।
ट्रम्प ने रूस की हर मांग नहीं मानी है। खासकर यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए रूस अपनी शर्तों पर जिस समझौते की उम्मीद कर रहा था, वह अब तक नहीं हुआ है। इसके बावजूद ट्रम्प की विदेश नीति से रूस को कई फायदे मिले हैं।
हाल ही में ट्रम्प ने रूस पर लगे कुछ प्रतिबंधों को रोक दिया था। उन्होंने रूस से डीजल खरीदने पर भी सहमति जताई थी।
इसके अलावा, वे यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की ज्यादा आलोचना करते रहे हैं, जबकि रूसी राष्ट्रपति पुतिन को लेकर उनका रुख नरम रहा है।
ट्रम्प की हार के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद बाजार में यह अनिश्चितता बढ़ी है कि ट्रम्प ईरान युद्ध को लेकर आगे क्या फैसला लेंगे। इसी चिंता का असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है।
रॉयटर्स के मुताबिक, बुधवार सुबह ब्रेंट क्रूड की कीमत 76 सेंट यानी 0.7% बढ़कर 104.36 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 63 सेंट यानी 0.7% बढ़कर 96.72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे पहले इसकी कीमतों में गिरावट आई थी।
मस्क का तंज- लगता है मेरी शक्तियां काम नहीं आईं
चुनाव नतीजों के कई घंटे बाद मस्क ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,
लगता है इस बार चुनाव में दखल देने वाली मेरी अंतरिक्ष की लेजर किरणें काम नहीं आईं।
दरअसल, मस्क पर चुनाव में दखल देने और नतीजों को प्रभावित करने के आरोप लगते हैं। उनका यह तंज इसी बात को लेकर था।
दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों को जिताने के लिए जमकर पैसा खर्च किया था। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवारों और उसे जुड़े संगठनों पर कम से कम 3380 करोड़ रुपए खर्च किए।
मस्क ने सबसे ज्यादा पैसा टेक्सास के सीनेट चुनाव में लगाया। यहां उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन में करीब 1500 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए। हालांकि, पैक्सटन को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स तालारिको ने हरा दिया।
डेमोक्रेट पार्टी की जीत के बाद जश्न
टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार की जीत के बाद समर्थक खुशी मनाते और नाचते नजर आए।
टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जेम्स तालारिको जीत के बाद जश्न मनाते हुए।
चुनावी नतीजों के दौरान लास वेगास में डेमोक्रेटिक पार्टी की दो समर्थकों ने खुशी से एक-दूसरे को गले लगाया।
डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार ट्रॉय जैक्सन ने चुनावी नतीजे देखने के बाद समर्थकों का शुक्रिया किया।