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कोरबा

महतारी वंदन योजना से महिलाएं परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने सहित समाज की प्रगति में दे रही योगदान’

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’महतारी वंदन योजना से सशक्त भविष्य की ओर बढ़ते कदमः श्रीमती शैलनंदिनी“
महतारी वंदन योजनाः महिलाओं के लिए स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण का मार्गः सरिता महंत

परिवार की आय में वृद्धि और बच्चों की शिक्षा में निभा रही अहम भूमिका :- श्रीमती केसरी ठाकुर

कोरबा । महिलाओं का सशक्तिकरण समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाओं की आर्थिक सशक्तता से न केवल उनके परिवार का कल्याण होता है, बल्कि  समाज में सकारात्मक बदलाव आता है जो हर क्षेत्र में समृद्धि का संचार करती हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना से राज्य की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। योजना का लाभ पाकर महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं, बल्कि परिवार और समाज में भी अपने स्थान को सशक्त बनाती हैं। जिससे वे अपने जीवन को बेहतर बनाने के साथ-साथ समग्र समाज की प्रगति में भी सहायक बन रही हैं।
कोरबा नगरीय क्षेत्र के आरामशीन निहारिका की रहने वाली श्रीमती शैलनंदनी, श्रीमती केसरी ठाकुर एवं श्रीमती सरिता महंत ने  महतारी वंदन योजना की सराहना करते हुए कहा इससे हम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होने का एक बेहतरीन अवसर मिला है। योजना ने हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाया है और अब हम अपने परिवारों को आर्थिक सहयोग देने के साथ-साथ समाज में भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं। हितग्राही श्रीमती शैलनंदनी ने कहा कि  “गृहस्थ जीवन में अपनी छोटी छोटी आवश्यकताओं की पूर्ति करने में दिक्कतें आती थीं, लेकिन महतारी वंदन योजना ने हमें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। इस योजना के तहत मिल रही सहायता ने हमें न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है, बल्कि हमारा मनोबल भी बढ़ाया है। जिससे जीवन की मुश्किलें आसान हो गई हैं। साथ ही बच्चों की शिक्षा, दीक्षा और अन्य आवश्यकताएं पूरी करने के लिए भी सक्षम हो रही हैं। इससे हम अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने में समर्थ हैं और उनका शिक्षण समान स्तर पर सुनिश्चित कर रही हैं।
श्रीमती सरिता महंत ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग तैयार कर रही है। इस योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज में उनके महत्व को भी पहचान दिलाई है। श्रीमती महंत ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से हम न केवल अपने परिवार की आय वृद्धि  में अहम  योगदान निभा रही हैं, बल्कि समाज में अपनी भूमिका को सशक्त बना रही हैं। अब हम आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं, जिससे समाज में महिलाओं की स्थिति और भी मजबूत हो रही है।
श्रीमती केसरी ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार की “महतारी वंदन योजना  महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम  है, जिससे महिलाएं  परिवार की आय में बढ़ोतरी कर रही हैं और साथ ही बचत भी जमा कर रही हैं, जो हमारे भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाता है।“ उन्होंने कहा कि योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ ही अपने बच्चों के उच्च शिक्षा एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए काम आती है। महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त किया है, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की आय बढ़ाने और बच्चों की शिक्षा में योगदान देने का अवसर भी प्रदान किया है। जिससे एक समृद्ध और सशक्त समाज की नींव तैयार होती है।

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रबी सीजन में टोकन और क्यूआर कोड से उर्वरक वितरण शुरू

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नई डिजिटल व्यवस्था से खाद की उपलब्धता और बिक्री पर रहेगी निगरानी

कोरबा 05 नवंबर 2026। रबी सीजन 2026-27 में रासायनिक उर्वरकों का पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिले में आज से ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (एफएफएस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोकन आधारित व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत किसान मोबाइल ऐप से खाद की प्री-बुकिंग कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद उर्वरक दिया जाएगा।

नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना, वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। एफएफएस सॉफ्टवेयर के जरिए विक्रेताओं के स्टॉक, उर्वरक की प्राप्ति, दैनिक बिक्री और शेष उपलब्धता का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की बिक्री और स्टॉक की जानकारी के आधार पर अधिकारी मांग, आपूर्ति और वितरण की नियमित समीक्षा कर सकेंगे।
जिले के किसान आधार कार्ड या फार्मर आईडी की सहायता से ऐप में लॉगिन कर सकते हैं। ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान घर बैठे खाद की प्री-बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग के बाद 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन कराना जरूरी होगा। निर्धारित समय में स्कैन नहीं कराने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
आज मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टोकन जारी किए गए। नई प्रक्रिया के तहत उर्वरक प्राप्त करने वाले किसानों ने व्यवस्था को सहज बताया। इसके सुचारू संचालन के लिए कृषि विभाग और सहकारी समितियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से एफएफएस ऐप के माध्यम से ही खाद की बुकिंग और खरीदी करने की अपील की है। ऐप पर टोकन बनाने में किसी प्रकार की समस्या आने पर किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या सहकारी समिति के अधिकारियों-कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।

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सेवा सेतु से बढ़ी शासकीय सेवाओं तक पहुंच, नागरिकों को मिल रही सुविधा

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आवेदन के तीन दिन में मिला आय प्रमाण पत्र, सेवा सेतु से आसान हुई राह

समय और धन दोनों बचे, तीन दिन में मिल गया प्रमाण पत्र” – सुश्री पायल नेटी

कोरबा  05 नवम्बर 2026। आवश्यक शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए पहले नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने, बार-बार आने-जाने और अपना समय व धन खर्च करने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु पहल से शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो रही है। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बन रही है।
पाली तहसील अंतर्गत ग्राम नांनबांका निवासी सुश्री पायल नेटी, पुत्री भगवान सिंह नेटी, को भी इस सुविधा का लाभ मिला। उन्होंने 30 सितंबर को आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम सुतर्रा स्थित अशोक च्वाइस सेंटर के माध्यम से आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन के महज तीन दिन बाद, 3 अक्टूबर को उनका आय प्रमाण पत्र जारी हो गया। कम समय में प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें अनावश्यक भागदौड़ और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
पायल नेटी अपने अनुभव साझा करते हुए बताती हैं, “पहले आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालयों में जाना पड़ता था। आने-जाने में समय लगता था और पैसे भी खर्च होते थे। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन करने पर मुझे केवल तीन दिन में आय प्रमाण पत्र मिल गया। इसके लिए न तो अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ी और न ही बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। इससे मेरे समय और धन दोनों की बचत हुई है।”
पायल के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से जरूरी शासकीय दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हुई है। च्वाइस सेंटर के जरिए आवेदन की सुविधा मिलने से लोगों को अपने आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे शासकीय सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच बढ़ रही है और उनका समय भी बच रहा है।
सेवा सेतु की इस पहल की सराहना करते हुए पायल नेटी एवं उनके पिता भगवान नेटी ने बताया सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं का लाभ लेना पहले की तुलना में काफी सरल हुआ है। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर महज तीन दिनों में आय प्रमाण पत्र जारी होना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा, “सरकार की इस पहल से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है। कम समय में जरूरी प्रमाण पत्र मिल जाने से भागदौड़ कम हुई है और समय व धन की बचत भी हो रही है। मैं चाहती हूं कि ऐसी सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। जनसुविधा को प्राथमिकता देने वाली इस पहल के लिए उन्होंने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।

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कोरबा

आयुष्मान योजना में अनियमितता पर हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल का पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित

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अस्पताल को नए मरीज भर्ती नहीं करने और योजना से संबंधित प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश

कोरबा 05 नवंबर 2026। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों की नियमित निगरानी एवं जांच की जा रही है। इसी क्रम में 30 सितंबर 2026 को कटघोरा स्थित हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल ( HOSP22P147364) का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जांच दल ने अस्पताल में कई अनियमितताएं पाईं। इनमें मरीजों के परिजनों से नगद राशि लिए जाने संबंधी बयान, भर्ती अभिलेखों में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होना, भर्ती फाइलों में दर्ज 68 मोबाइल नंबरों का गलत अथवा उपयोग में नहीं होना, नवजात शिशुओं के उपचार से संबंधित अनियमितताएं तथा पैथोलॉजी और अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़े अभिलेख उपलब्ध न होना शामिल है।
इन अनियमितताओं के संबंध में अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक एवं तथ्यों के अनुरूप नहीं पाया गया। मरीजों से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने बताया कि अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा जुलाई 2026 में जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 6.4.1 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल, कटघोरा का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित किया गया है। इस अवधि में अस्पताल को योजना के तहत नए मरीज भर्ती नहीं करने तथा अस्पताल एवं परिसर से योजना से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

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