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छत्तीसगढ़

राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी:एक घंटे TI के चैंबर में बैठे रहे कांग्रेसी, दर्ज नहीं हुई FIR, आश्वासन लेकर बैरंग लौटे

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दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। कांग्रेस नेता और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भाजपा प्रवक्ता पिंटू महादेवन ने लाइव टीवी डिबेट में खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है। इस बयान ने पूरे देशभर में कांग्रेसियों का गुस्सा भड़का दिया है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में भी मंगलवार को माहौल गरमा गया।

जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर और पूर्व विधायक अरुण वोरा के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसी दुर्ग के सिटी कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने भाजपा प्रवक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर जोरदार हंगामा किया। करीब एक घंटे तक पुलिस थाने के अंदर बैठे रहे, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई। सिर्फ जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन मिला और नेता-कार्यकर्ता खाली हाथ लौट गए।

दुर्ग कोतवाली थाना परिसर के बाहर जमा हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता।

दुर्ग कोतवाली थाना परिसर के बाहर जमा हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता।

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा था- राहुल गांधी के सीने पर गोली मारी जाएगी

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि, भाजपा केरल प्रवक्ता पिंटू महादेवन ने एक टीवी डिबेट में न सिर्फ राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला किया, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी तक दे डाली। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के सीने पर गोली मारी जाएगी। यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर हमला है। विपक्ष के नेताओं को जान से मारने की धमकी देने पर भी आज शासन कुछ नहीं कर रही है।

एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर अड़े रहे कांग्रेसी नेता।

एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर अड़े रहे कांग्रेसी नेता।

1 घंटे चैंबर के अंदर बैठे रहे कांग्रेसी नेता, बैरंग लौटे

राहुल गांधी को जान से धमकी देने के मामले में मंगलवार को कांग्रेस के नेताओं ने सड़क और थाने में जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। बीजेपी प्रवक्ता पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस के तमाम बड़े नेता दुर्ग कोतवाली थाना प्रभारी के चैंबर में करीब 1 घंटे तक बैठे रहे, लेकिन पुलिस ने बीजेपी प्रवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया।

पुलिस के आला अफसरों ने कांग्रेसी नेताओं को आश्वासन दिया कि वे मामले की जांच कर बाद में एफआईआर दर्ज करेंगे। इस आश्वासन के बाद कांग्रेस के पदाधिकारी थाना प्रभारी को ज्ञापन देकर लौट आए।

दुर्ग थाना प्रभारी से चर्चा करते पूर्व विधायक अरूण वोरा।

दुर्ग थाना प्रभारी से चर्चा करते पूर्व विधायक अरूण वोरा।

हिंसा भड़काने वाली भाषा का कर रहे इस्तेमाल

जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि, भाजपा और उससे जुड़े लोग लगातार सोशल मीडिया और मंचों पर राहुल गांधी के खिलाफ हिंसा भड़काने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह आपराधिक कृत्य है।

भाजपा नेतृत्व को साफ करना चाहिए कि, क्या वे इस तरह की जहरीली राजनीति का समर्थन करते हैं या फिर इन लोगों पर कार्रवाई करेंगे। ठाकुर ने कहा कि यह सिर्फ राहुल पर हमला नहीं, लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। भाजपा यह स्पष्ट करें कि उनकी पार्टी और सरकार का क्या रुख है? बीजेपी पार्टी नेता, कार्यकर्ता खुले तौर पर जान से मारने की धमकियों और हिंसा की राजनीति का समर्थन कर रहे हैं।

बिना किसी राजनीति दबाव में आए पुलिस को करना चाहिए FIR

पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि, राहुल गांधी करोड़ों भारतीयों की उम्मीद और लोकतांत्रिक चेतना की आवाज हैं। उनके खिलाफ दिया गया यह बयान बेहद भयावह है। यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।

कांग्रेस ऐसी राजनीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। पुलिस प्रशासन किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में आए बिना तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी करे। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेसजन लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

गांधी परिवार में हुई शहादत का किया जिक्र

कांग्रेस नेताओं ने दुर्ग में गांधी परिवार के बलिदानों का जिक्र करते हुए कहा कि, इंदिरा गांधी ने राष्ट्रीय एकता के लिए अपनी जान दी, राजीव गांधी ने शांति और आधुनिक भारत के सपने के लिए बलिदान दिया। अब राहुल गांधी को धमकी देना सिर्फ एक व्यक्ति की सुरक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि यह उस विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों को चुनौती देना है जिसके लिए उनका परिवार अपनी जान तक कुर्बान कर चुका है।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ स्थापना का 26 वर्ष: एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा के बच्चों ने बिखेरी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की अनुपम छटा

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कोरबा। 01 नवम्बर 2000 का वह स्वर्णीम दिन, जब प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश से अलग कर विकास का नया द्वार खोल दिया और यहां की छत्तीसगढ़ी संस्कृति को अलग पहचान दी। 26 साल का युवा छत्तीसगढ़ अब विकास की नई इबारत लिख रहा है। आज प्रदेश के कोने-कोने में इसका जश्न मनाया जा रहा है। तीन दिन तक प्रदेश में चलने वाला राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की संस्कृति, यहां की विरासत और यहां की प्रगति को रेखांकित कर रहा है।


इसी कड़ी में आज मड़वारानी के पास स्थित ग्राम खरहरकुड़ा में संचालित छत्तीसगढ़ का सर्वोत्कृष्ट ग्रामीण अंचल में सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम का विद्यालय एनकेएम लायंस पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल के बच्चों ने राज्य स्थापना दिवस को अपनी प्रस्तुति से खास बना दिया और नन्हें-मुन्ने बच्चों ने फैंसी ड्रेस, छत्तीसगढ़ी गीत, संगीत एवं नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत को आकार दिया। बच्चों की प्रस्तुति इतनी आकर्षक थी कि बच्चों की तालियों से सांस्कृति हॉल गुंजायमान हो गया।


डायरेक्टर ने दी राज्य स्थापना पर बधाई


एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने बच्चों सहित क्षेत्र एवं जिलेवासियों को राज्य स्थापना पर बधाई दी और कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ पूरे विश्व में सबसे सुंदर, शांत और सद्भाव को समेटे हुए अलौकिक प्रदेश है, जहां कोई एक बार आता है-यहीं का होकर रह जाता है। यहां की संस्कृति और विरासत जहां लोगों को आकर्षित करते हैं, वहीं यहां का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटन के रूप में लोगों को एक बार नहीं बार-बार आने के लिए लालायित करता है। यहां के निवासी का मधुर व्यवहार ऐसा, कि लोग यहां आकर रम जाते हैं। ऐसी है हमारी छत्तीसगढ़ महतारी की अनमोल भूमि।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के 26 साल…बजट 23 गुना:निवेश में 247 गुना उछाल, नक्सलवाद खत्म, स्टील-सीमेंट और बिजली उत्पादन में बढ़ी ताकत

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रायपुर, एजेंसी। 1 नवंबर 2000 को मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ देश का 26वां राज्य बना। उस समय प्रदेश के सामने कई चुनौतियां थीं। सड़क, बिजली और दूसरी सुविधाओं की कमी थी। उद्योग कम थे, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं भी सीमित थीं। दूर-दराज के गांवों और आदिवासी इलाकों तक विकास पहुंचाना भी बड़ी चुनौती थी।

बस्तर और सरगुजा के कई इलाकों में नक्सलवाद के कारण विकास के काम भी प्रभावित हो रहे थे। अब 26 साल बाद प्रदेश में काफी बदलाव आया है। बजट का आकार 23 गुना से ज्यादा और निवेश 247 गुना बढ़ने का दावा है। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और विकास के काम पहुंचे हैं। लाल आतंक को खत्म करने की दिशा में भी बड़ी कामयाबी मिली है।

26 साल में छत्तीसगढ़ का बजट 23 गुना बढ़ा।

26 साल में छत्तीसगढ़ का बजट 23 गुना बढ़ा।

7,294 करोड़ से शुरू हुआ बजट का सफर, अब 1.72 लाख करोड़

राज्य गठन के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के कार्यकाल में वित्त मंत्री रामचंद्र सिंहदेव ने वर्ष 2001-02 में पहला बजट पेश किया था। इसका आकार 7,294 करोड़ रुपए था।

2002-03 में बजट बढ़कर 8,471 करोड़ और 2003-04 में 9,978 करोड़ रुपए हो गया। 2003 में सत्ता परिवर्तन के बाद वित्त मंत्री अमर अग्रवाल के कार्यकाल में 2004-05 का बजट 10,555 करोड़ और 2006-07 में 13,185 करोड़ रुपए रहा।

इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वित्त विभाग संभाला और लगातार 12 बजट पेश किए। इस दौरान 2007-08 में 16,473 करोड़ रुपए का बजट 2017-18 में बढ़कर 88,599 करोड़ रुपए हो गया।

2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद भूपेश बघेल ने वित्त विभाग संभाला। उनके कार्यकाल में बजट एक लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा। 2023 में भाजपा सरकार आने के बाद भी बजट में लगातार विस्तार हुआ। वर्ष 2026-27 में इसका आकार 1.72 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

देश के शीर्ष उद्योगपतियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की जताई इच्छा।

देश के शीर्ष उद्योगपतियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की जताई इच्छा।

निवेश 247 गुना बढ़ा, खनन से 19 हजार करोड़ की उम्मीद

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में खनिज संसाधनों की बड़ी भूमिका रही है। कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट और चूना पत्थर आधारित उद्योगों ने प्रदेश को औद्योगिक पहचान दी है।

राज्य गठन के बाद बिजली, इस्पात और सीमेंट उद्योगों का विस्तार हुआ। 25 साल की विकास यात्रा के आंकड़ों में निवेश 247 गुना बढ़ने का दावा किया गया है। 2026-27 के बजट में खनन से 19 हजार करोड़ रुपए राजस्व मिलने का अनुमान है।

राज्य गठन के समय 7 जिला अस्पताल और 1 मेडिकल कॉलेज था, अब 30 जिला अस्पताल और 16 मेडिकल कॉलेज हैं।

राज्य गठन के समय 7 जिला अस्पताल और 1 मेडिकल कॉलेज था, अब 30 जिला अस्पताल और 16 मेडिकल कॉलेज हैं।

नए PHC सेंटर खोलकर गांवों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

नए PHC सेंटर खोलकर गांवों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

अस्पताल 7 से 30 हुए, मेडिकल कॉलेज 16 तक पहुंचे

स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी संस्थागत सुविधाएं बढ़ी हैं। राज्य गठन के समय प्रदेश में 7 जिला अस्पताल और एक मेडिकल कॉलेज था।

अब जिला अस्पतालों की संख्या 30 और मेडिकल कॉलेजों की संख्या 16 हो गई है। साक्षरता दर भी करीब 65% से बढ़कर 79% तक पहुंची है।

ग्रामीण सड़कों के निर्माण में 98 गुना वृद्धि का दावा किया गया है। सिंचाई का रकबा दोगुना, खरीफ उत्पादन तीन गुना और रबी उत्पादन छह गुना होने की बात भी सामने आई है।

केंद्र और राज्य सरकार ने प्रदेश काे नक्सलमुक्त घोषित कर दिया है।

केंद्र और राज्य सरकार ने प्रदेश काे नक्सलमुक्त घोषित कर दिया है।

केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में सक्रिय रहे कई नक्सलियों ने सरेंडर किया।

केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में सक्रिय रहे कई नक्सलियों ने सरेंडर किया।

नक्सलवाद के खिलाफ अभियान, विकास की पहुंच बढ़ी

प्रदेश के विकास की सबसे बड़ी बाधाओं में नक्सलवाद शामिल रहा है। बस्तर के कई इलाकों में सड़क, स्कूल, अस्पताल और संचार जैसी सुविधाएं पहुंचाना लंबे समय तक चुनौती बना रहा।

सुरक्षा बलों के अभियानों, नए सुरक्षा कैंपों और सरकारी योजनाओं के विस्तार से इन क्षेत्रों में बदलाव आया है। नक्सलवाद के खिलाफ अभियान तेज होने से प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को गति मिली है। लाल आतंक के खात्मे की दिशा में हुई प्रगति को राज्य की 26 साल की यात्रा का अहम पड़ाव माना जा रहा है।

राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2024 से मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ों में 516 नक्सलियों को मार गिराया। इस दौरान 2,587 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के साथ पुनर्वास और विकास कार्यों का दायरा भी बढ़ा है।

आंकड़ों के साथ आम आदमी की जिंदगी का सवाल

26 साल में बजट, निवेश, स्वास्थ्य संस्थानों, सड़क और कृषि उत्पादन के आंकड़े बढ़े हैं। लेकिन विकास का आकलन सिर्फ सरकारी खर्च से नहीं होगा।

ग्रामीण युवाओं को रोजगार, किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी, आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अब भी अहम कसौटियां हैं। राज्य की अगली चुनौती इन आंकड़ों का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाना है।

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छत्तीसगढ़

राज्योत्सव…नया रायपुर में वायुसेना ने दिखाया दम, 8 हजार फीट की ऊंचाई से उतरे कमांडो, 5 हेलिकॉप्टरों ने बनाई हार्ट-डॉल्फिन की आकृति

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में आज भारतीय वायुसेना का एयर शो हुआ। जवान 8 हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट के जरिए उतरे। आकाशगंगा टीम के 8 जवानों ने C-295 विमान से छलांग लगाई।

इसके बाद MI-17 हेलिकॉप्टर से जवान रस्सी के सहारे नीचे उतरने का प्रदर्शन किया। वहीं, सारंग टीम के 5 हेलिकॉप्टरों ने आसमान में डायमंड, हार्ट और डॉल्फिन समेत अलग-अलग आकृतियां बनाई। बता दें कि सारंग टीम ये छत्तीसगढ़ में पहला प्रर्दशन था। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 700 से 800 पुलिस जवानों की तैनाती की गई।

आकाशगंगा की टीम हवा में करतब करते हुए।

आकाशगंगा की टीम हवा में करतब करते हुए।

8 हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट के जरिए उतरते हुए जवान।

8 हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट के जरिए उतरते हुए जवान।

भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलिकॉप्टर का प्रदर्शन।

भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलिकॉप्टर का प्रदर्शन।

हेलिकॉप्टरों से निकलने वाले रंगीन धुएं से बनाया तिरंगा

हेलिकॉप्टरों से निकलने वाले रंगीन धुएं से बनाया तिरंगा

सारंग टीम ने हवा में बनाई हार्ट की आकृती।

सारंग टीम ने हवा में बनाई हार्ट की आकृती।

एयर शो देखने बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे।

एयर शो देखने बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे।

नया रायपुर में 700 से 800 पुलिस जवानों की तैनाती।

नया रायपुर में 700 से 800 पुलिस जवानों की तैनाती।

वायुसेना की 3 टीमों ने आसमान में दिखाया दम।

वायुसेना की 3 टीमों ने आसमान में दिखाया दम।

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