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छत्तीसगढ़

रायपुर : गणतंत्र दिवस पर श्रमिकों का सम्मान संविधान की भावना को सशक्त करता है – रूपनारायण सिन्हा

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छत्तीसगढ़ योग आयोग में 77वें गणतंत्र दिवस पर गरिमामय ध्वजारोहण समारोह आयोजित

छत्तीसगढ़ योग आयोग में 77वें गणतंत्र दिवस पर गरिमामय ध्वजारोहण समारोह आयोजित

रायपुर। छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष एवं केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त रूपनारायण सिन्हा ने कहा है कि भारतीय संविधान सामाजिक समानता, समरसता और श्रम के सम्मान का मूल संदेश देता है। सीमित संसाधनों में भी अनुशासन, नैतिक मूल्यों और कठिन परिश्रम के साथ जीवन यापन करने वाला श्रमिक वर्ग राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है। ऐसे परिश्रमी नागरिकों का सम्मान करना ही गणतंत्र दिवस की सच्ची भावना को साकार करता है।

श्री सिन्हा 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ योग आयोग कार्यालय, धरमपुरा रायपुर में आयोजित ध्वजारोहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपस्थितजनों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक संतुलन का प्रभावी माध्यम बताया और कहा कि योग के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को स्वस्थ, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा एक अभिनव एवं संवेदनशील पहल करते हुए समाज के श्रमिक वर्ग के सम्मान को केंद्र में रखा गया। सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिश्रम और आत्मनिर्भरता के साथ कार्य कर रहे श्रीमती गायत्री बघेल (भोजनालय संचालिका) एवं नकुल दीप (हलवाई) को समारोह का मुख्य अतिथि बनाया गया। दोनों अतिथियों का संक्षिप्त जीवन परिचय प्रस्तुत कर पुष्पमाला से स्वागत किया गया तथा शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों द्वारा आयोग कार्यालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ योग आयोग के सदस्य पं. राकेश दूबे, समाजसेवी गोपाल टावरी, विनोद देशमुख, योगाचार्य डॉ. सी.एल. सोनावानी, डॉ. ज्योति साहू, अतुल तिवारी, जी.जी. खान, बसंत बाग, सिल्वंत, तरुण ठाकुर, गणेशा जाधव सहित आयोग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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कोरबा

स्पेशल कैम्पेन 6: डिजिटल सेवाओं से सुशासन को मजबूत कर रहा एसईसीएल

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एचएमआईएस और पीपीओ/जीवन प्रमाण पत्र पोर्टल से स्वास्थ्य एवं पेंशन संबंधी सुविधाएं हो रहीं आसान

बिलासपुर/कोरबा। स्पेशल कैम्पेन 6 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) डिजिटल सेवाओं के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और सेवा सुविधाओं की सुगमता को मजबूत कर रही है। कंपनी की हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) और पीपीओ/जीवन प्रमाण पत्र पोर्टल जैसी पहलें कर्मचारियों, पेंशनभोगियों एवं उनके परिजनों के लिए स्वास्थ्य और पेंशन संबंधी सेवाओं तक पहुंच आसान बना रही हैं।

कोयला मंत्रालय के अंतर्गत एसईसीएल की ये पहलें कागजी कार्यवाही कम करने, अभिलेखों के व्यवस्थित प्रबंधन और सेवाओं के त्वरित निस्तारण के माध्यम से अभियान के सुशासन संबंधी उद्देश्यों को गति दे रही हैं।

एचएमआईएस से स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकृत डिजिटल प्रबंधन

एसईसीएल का एचएमआईएस स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन के लिए एक एकीकृत डिजिटल मंच उपलब्ध कराता है। इसमें मरीजों के पंजीयन, चिकित्सकीय परामर्श, उपचार और दवाओं से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज की जाती है। इससे चिकित्सा अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण होता है तथा मरीज के पिछले उपचार की जानकारी प्राप्त करना आसान बनता है।

इस प्रणाली में चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के ऑनलाइन प्रसंस्करण की सुविधा भी उपलब्ध है। अमृत फार्मेसी के एकीकरण और दवा प्रबंधन से जुड़ी सुविधाएं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में सहायता कर रही हैं।

पेंशनभोगियों के लिए पीपीओ और जीवन प्रमाण पत्र की डिजिटल सुविधा

सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा दिवंगत कर्मचारियों के पात्र जीवनसाथियों की सुविधा के लिए एसईसीएल ने केंद्रीकृत पीपीओ/जीवन प्रमाण पत्र पोर्टल विकसित किया है। इसके माध्यम से पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) ऑनलाइन प्राप्त और डाउनलोड किए जा सकते हैं। पोर्टल वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से जमा करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाता है।

इस व्यवस्था से भौतिक दस्तावेजों और मैनुअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होती है। पोर्टल से जुड़ा गवर्नेंस डैशबोर्ड एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में पीपीओ अपलोड और संबंधित अनुपालन की निगरानी में सहायता करता है। इससे कार्यों की प्रगति की समीक्षा तथा प्रशासनिक समन्वय अधिक प्रभावी होता है।

बेहतर अभिलेख प्रबंधन और त्वरित सेवाओं पर जोर

स्पेशल कैम्पेन 6 का क्रियान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। अभियान में स्वच्छता, ई-वेस्ट प्रबंधन, उपलब्ध स्थान के बेहतर उपयोग, अभिलेख प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

एसईसीएल की डिजिटल पहलें इन उद्देश्यों के अनुरूप कागजरहित कार्यप्रणाली, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन और सेवाओं की आसान उपलब्धता को बढ़ावा दे रही हैं। एचएमआईएस और पीपीओ/जीवन प्रमाण पत्र पोर्टल के माध्यम से कंपनी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों एवं उनके परिवारों के लिए आवश्यक सेवाओं को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

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छत्तीसगढ़

रेण नदी में डूबने से परिवार के 4-सदस्यों की मौत:बच्चों को बचाने नदी में कूदा पिता, मौसी के घर घूमने आए थे, नहाते समय डूबे

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सूरजपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की रेण नदी में एक ही परिवार के 4 सदस्यों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में पिता-पुत्र और दो अन्य बच्चे शामिल हैं, जो दशहरा मनाने अपनी मौसी के घर आए थे। शनिवार को उन्हें वापस बिहार लौटना था, लेकिन इससे पहले हादसा हो गया।

शनिवार सुबह सभी सरस्वतीपुर गांव में नदी में नहाने गए थे। इस दौरान बच्चे गहरे पानी में चले गए। उन्हें बचाने के लिए पिता ने भी नदी में छलांग लगा दी, लेकिन वे भी गहरे पानी में डूब गए।

मामला बिश्रामपुर थाना क्षेत्र का है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की मदद से सभी को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक चारों की मौत हो चुकी थी।

नहाने के दौरान डूबने से एक ही परिवार के 4 सदस्य की मौत हो गई।

नहाने के दौरान डूबने से एक ही परिवार के 4 सदस्य की मौत हो गई।

ग्रामीणों की मदद से सभी के शव नदी से बाहर निकाल लिए गए।

ग्रामीणों की मदद से सभी के शव नदी से बाहर निकाल लिए गए।

घटना के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतकों में शामिल

  1. विवेक कुमार सिंह (45), निवासी सूरजपुर
  2. अभिजीत सिंह (20), विवेक सिंह का बेटा
  3. गोपाल कृष्ण (13) पिता जितेंद्र सिंह, निवासी कटिहार, बिहार
  4. कृष्ण गोपाल (14) पिता जितेंद्र सिंह, निवासी कटिहार, बिहार

दशहरा में मौसी के घर घूमने आए थे बच्चे

विवेक कुमार सिंह वर्तमान में चंद्रपुर में किराये के मकान में परिवार के साथ रह रहा था। वहीं, दोनों मृत बच्चे गोपाल कृष्ण और कृष्ण गोपाल सगे भाई हैं। दोनों बच्चे बिहार के कटिहार के रहने वाले हैं। वे अपनी मौसी के घर घूमने आए थे।

चारों एक साथ रेण नदी के सरस्वतीपुर घाट पर तैरने गए थे। बच्चे गहरे पानी में चले गए। उन्हें बचाने की कोशिश में पिता-पुत्र भी डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही बिश्रामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सभी के शव निकाल लिए गए है।

सभी को आज वापस बिहार लौटना था

मृतक विवेक सिंह की पत्नी नेहा सिंह सूरजपुर में ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। उनके पति, बेटे और बहन के दो बच्चे दशहरा मनाने बिहार के कटिहार से यहां आए थे। सभी को आज ही वापस लौटना था।

इससे पहले 24 अक्टूबर की सुबह करीब 9:30 बजे विवेक सिंह अपने बेटे के साथ नेहा सिंह की स्कूटी से मंदिर दर्शन के लिए गए थे। वहां रेण नदी का पाट देखकर उन्होंने दोनों बच्चों को भी बुला लिया। इसके बाद सभी नहाने के लिए नदी में उतर गए।

कपड़े देखकर हुई थी अनहोनी की आशंका

हादसे का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। घाट किनारे खड़ी स्कूटी और पास में पड़े कपड़ों को देखकर लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने स्कूटी के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक नेहा सिंह का पता लगाया। स्थानीय लोगों की मदद से शवों को नदी से निकाल लिया गया है और परिवार को जानकारी दी।

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कोरबा

पूर्व मंत्री जयसिंह ने सिंचाई काॅलोनी दर्री में किया रावण दहन

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कोरबा। विजयादशमी के पावन पर्व के अवसर पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने दर्री स्थित सिंचाई काॅलोनी के मैदान में रावण के पुतले का दहन किया । इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री अग्रवाल ने क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दी ।

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