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कोरबा

खनन प्रभावित वन भूमि के पुनरुद्धार में वैज्ञानिक वानिकी को सर्वोच्च प्राथमिकता : वन मंत्री केदार कश्यप

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वन मंत्री केदार कश्यप ने ली सार्वजनिक व निजी उपक्रमों तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक

वैज्ञानिक पुनरुद्धार, स्थानीय प्रजातियों के रोपण और वन्यजीव संरक्षण पर दिए सख्त निर्देश

कोरबा 21 अगस्त 2026। खनिज संसाधनों के उपयोग के बाद वन भूमि को उसकी प्राकृतिक पहचान लौटाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। खनन समाप्त होने के बाद केवल पौधे लगा देना ही वन भूमि का पुनरुद्धार नहीं है, बल्कि उसे वैज्ञानिक तरीके से पुनर्स्थापित कर पुनः एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के वन व जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने एनटीपीसी के प्रशासनिक भवन में सार्वजनिक एवं निजी उपक्रमों के प्रतिनिधियों तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में वन संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम के प्रावधानों और स्वीकृत शर्तों के अनुरूप खनन एवं परियोजनाओं से प्रभावित वन भूमि के पुनरुद्धार के सम्बंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस  अवसर पर विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पांडे,  प्रधान मुख्य वन संरक्षक (लैंड मैनेजमेंट) सुनील मिश्रा,  पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, हिंडालको, एसईसीएल, एनटीपीसी, बालको, अडानी  सहित प्रमुख  सार्वजनिक व निजी औद्योगिक एवं खनन उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी तथा वन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का दोहन और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलना चाहिए। विकास के लिए संसाधनों का उपयोग आवश्यक है, लेकिन इसके साथ प्रकृति को हुई क्षति की भरपाई और वन भूमि को पुनः स्वस्थ स्वरूप प्रदान करना भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रधान मुख्य वन संरक्षक द्वारा जारी तकनीकी एवं व्यावहारिक दिशा-निर्देशों को सभी संबंधित कंपनियों एवं अधिकारियों को इनका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
श्री कश्यप ने कहा कि वन भूमि केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि जैव विविधता, वन्यजीवों, जल स्रोतों और स्थानीय समुदायों के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है। इसलिए खनन एवं औद्योगिक गतिविधियों के बाद इसके पुनरुद्धार में दीर्घकालिक पर्यावरणीय दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। वन मंत्री ने सभी औद्योगिक एवं खनन कंपनियों को अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी  मद का प्रभावी और संवेदनशील उपयोग करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों एवं स्थानीय समुदायों के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक उन्नयन के लिए सीएसआर गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए। स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में ठोस और सकारात्मक बदलाव लाने वाले कार्यों को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि विकास का लाभ प्रभावित क्षेत्रों के समुदायों तक भी प्रभावी रूप से पहुंचे।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि वन भूमि के उपयोग के बाद उसका पुनरुद्धार किसी औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहना चाहिए। रेस्टोरेशन एवं रिक्लेमेशन के प्रत्येक कार्य में वैज्ञानिक वानिकी सिद्धांतों, स्थानीय पारिस्थितिकी और स्थल की प्राकृतिक विशेषताओं को केंद्र में रखा जाए। संबंधित कंपनियों को निर्देशित किया गया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में केवल तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियों का एकरूप पौधरोपण करने के बजाय स्थानीय एवं देशज प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाए। प्रजातियों का चयन क्षेत्र की जलवायु, मृदा, स्थल-गुण, जल उपलब्धता और स्थानीय वन संरचना के अनुरूप किया जाए, जिससे लगाए गए पौधे दीर्घकाल में स्थायी वन के रूप में विकसित हो सकें और प्राकृतिक पुनरुत्पादन को भी बढ़ावा मिले।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री पांडे ने निर्देशित किया कि वैज्ञानिक पुनरुद्धार का दायरा केवल ओवरबर्डन डंप तक सीमित न रखा जाए। खनन के दौरान खोदे गए एवं प्रभावित संपूर्ण क्षेत्र में भूमि सुधार, मृदा संरक्षण और पौधरोपण का कार्य वैज्ञानिक सिल्वीकल्चरल तकनीकों के अनुसार किया जाए। उन्होंने मृदा की स्थिरता बनाए रखने, भू-क्षरण रोकने तथा खनन के बाद भूमि को पुनः वन विकास के लिए सक्षम बनाने के लिए स्थल-विशिष्ट तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की रोपण योजनाओं की भी समीक्षा की गई। निगम को निर्देशित किया गया कि वह केवल फास्ट-ग्रोइंग प्रजातियों पर निर्भर रहने के बजाय क्षेत्र की पारिस्थितिकीय आवश्यकताओं के अनुरूप स्थानीय एवं देशज प्रजातियों को प्राथमिकता दे। वन विकास का उद्देश्य केवल पौधों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्वस्थ, विविधतापूर्ण और दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ वन तैयार करना होना चाहिए। वन एवं वन्यजीव संरक्षण को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ विषय बताते हुए बैठक में वन्यजीवों के आवास और उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। खनन प्रभावित क्षेत्रों में वन्यजीवों के आवास संरक्षण, सुरक्षित आवागमन तथा प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां विकसित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने कहा गया कि पुनरुद्धार की योजनाएं क्षेत्र की जैव विविधता और स्थानीय वन्यजीवों की आवश्यकताओं के अनुरूप हों।
वन विभाग के मैदानी अमले को भी रेस्टोरेशन कार्यों की निगरानी के लिए जवाबदेह बनाया गया। संबंधित वन मंडलाधिकारी एवं उनके अधीनस्थ अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर कार्यों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने तथा इसकी जानकारी विभागीय अभिलेखों में दर्ज करने के निर्देश दिए गए। पुनरुद्धार कार्यों की गुणवत्ता, पौधों की उत्तरजीविता, भूमि की स्थिति और निर्धारित वैज्ञानिक मानकों के पालन की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने कहा गया।
बैठक में वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि खनन के बाद वन भूमि की बहाली केवल कागजी अनुपालन नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण परिणाम होना चाहिए। स्थानीय प्रजातियों की स्थापना, मृदा संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों को साथ लेकर चलने वाली समग्र रेस्टोरेशन व्यवस्था के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों को पुनः स्वस्थ एवं टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

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राहुल गांधी के नेतृत्व में 01 नवम्बर को आयोजित महारैली में कोरबा से पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी हुए शामिल

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कोरबा। इण्डिया ब्लाॅक के तत्वाधान में एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में 01 नवम्बर को आयोजित महारैली में कोरबा से पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी शामिल हुए।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में इस महारैली का आयोजन हुआ। रैली में कोरबा जिले से सैकड़ों पदाधिकारी शामिल हुए। जिसमें मुख्य रुप से पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, प्रदेश सचिव बी.एन. सिंह, सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल, श्याम सुंदर सोनी, जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर, मनोज चौहान, ओबीसी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष गजानंद साहू, राजेश मानिकपुरी, ब्लाॅक अध्यक्ष पालूराम साहू, पार्षद रवि सिंह चंदेल, सुखसागर निर्मलकर, अमरदास, हरविन्दर सिंह, राकेश पंकज, विवेक श्रीवास, अश्वनी पटेल, पवन यादव, उमेश यादव, पुष्पेन्द्र यादव, अर्जुन यादव, सुखदेव, दीपक यादव सहित अनेकों कांग्रेस नेता दिल्ली पहुॅंचे हैं।

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लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ! कोसाबाड़ी से घंटाघर तक निकली भाजपा की विशाल यात्रा

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कोरबा में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन! ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, 10 हजार से अधिक कार्यकर्ता हुए शामिल!

कोरबा। भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को ” लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ” के समर्थन में विशाल पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा में उमड़े 10 हजार से अधिक जनसैलाब ने शहर में भाजपा की ताकत और कार्यकर्ताओं के उत्साह का प्रदर्शन किया। कोसाबाड़ी स्थित हनुमान मंदिर से शुरू हुई यह पदयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मैदान पहुंचकर संपन्न हुई।

पदयात्रा में प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, जिला सह प्रभारी बृजेंद्र शुक्ला, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत सहित प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तर के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। पूरे मार्ग में लोकतंत्र के समर्थन और पार्टी के राजनीतिक संदेश को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया।

भाजपा की इस पदयात्रा का उद्देश्य वोट चोरी के आरोपों एवं मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच लोकतांत्रिक प्रक्रिया के समर्थन में पार्टी का पक्ष जनता तक पहुंचाना रहा। पदयात्रा के दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और मतदाता सूची के शुद्धिकरण को निष्पक्ष चुनाव के लिए आवश्यक बताया।

लखनलाल देवांगन ने कांग्रेस पर साधा निशाना, बोले— चुनावी हार से बौखलाई है कांग्रेस

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने पदयात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि कोरबा जिले के कोने-कोने से बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाती है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी उनकी राजनीतिक हताशा को प्रदर्शित करती है।

देवांगन ने कहा कि कांग्रेस SIR को लेकर बेवजह सवाल खड़े कर रही है, जबकि मतदाता सूची को शुद्ध और व्यवस्थित बनाने के लिए पुनरीक्षण आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी पराजय से कांग्रेस बौखलाई हुई है। वोट चोरी का आरोप लगाने वाली कांग्रेस को पहले अपने राजनीतिक इतिहास और भ्रष्टाचार के मामलों पर आत्ममंथन करना चाहिए।

गोपाल मोदी बोले— जनता का भरोसा प्रधानमंत्री मोदी के साथ, कांग्रेस फैला रही भ्रम

भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कार्यकर्ताओं एवं पदयात्रा में शामिल नागरिकों का स्वागत-अभिनंदन करते हुए कहा कि खराब मौसम के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर भ्रम फैलाने तथा अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाया।

SIR का समर्थन करते हुए गोपाल मोदी ने सवाल किया कि मृत, स्थानांतरित और निवास बदल चुके मतदाताओं के नामों का सत्यापन करना गलत कैसे हो सकता है? उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया के लिए जरूरी है। कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए बेचैन है, जबकि भाजपा का लक्ष्य विकसित भारत का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि भाजपा की असली ताकत जनता का विश्वास और समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत है।

महापौर संजू देवी का कांग्रेस पर हमला— SIR पर भ्रम फैलाने से नहीं मिलेगी सत्ता

महापौर संजू देवी राजपूत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश का नेतृत्व करते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मतदाता सूची पुनरीक्षण पर राजनीति करने के बजाय जनता के वास्तविक मुद्दों पर बात करनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भी कटाक्ष किया।

बृजेंद्र शुक्ला बोले— वोट चोरी का आरोप लगाने वाली कांग्रेस पहले अपना इतिहास देखे

भाजपा जिला प्रभारी बृजेंद्र शुक्ला ने कांग्रेस के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास पर नजर डालनी चाहिए। पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी की शुरुआत कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता, शुभचिंतक और मजबूत विचारधारा है।

दिग्गज नेताओं और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

पदयात्रा में सह संभाग प्रभारी रायपुर डॉ. राजीव सिंह, राज्य हाथकरधा संघ अध्यक्ष भोजराम देवांगन, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीना शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष पवन गर्ग एवं मनोज शर्मा, नगर पंचायत छुरीकला अध्यक्ष पदमिनी प्रीतम देवांगन, नगर पालिका दीपका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत, नगर पालिका बांकी मोंगरा अध्यक्ष सोनी झा, वरिष्ठ नेता ज्योतिनंद दुबे, पूर्व विधायक रामदयाल उईके, एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन एवं हितानंद अग्रवाल सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

इसके अलावा जिला महामंत्री संजय शर्मा एवं अजय विश्वकर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह, प्रफुल्ल तिवारी, योगेश जैन, लक्की नंदा, रुक्मणी नायर, रेणुका राठिया, सतीश झा, अजय कंवर, कमला बरेठ, कमला किंडो, विवेक मार्कंडेय, अजय दुबे, नवीन अरोड़ा, अर्जुन गुप्ता, मनोज राठौर, विकास अग्रवाल, शैलेन्द्र यादव, संजय राठौर, नीरज ठाकुर, प्रदीप सिंह, अविनाश दुबे, डॉ. विजय राठौर, कुलसिंह कंवर, प्रीति स्वर्णकार, अखिलेश पांडेय, रामनारायण सराफ, राजेश लहरे, उत्तम सिंह रंधावा, अंजना सिंह, वैभव शर्मा, बी.डी. शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भाजपा की इस विशाल पदयात्रा के माध्यम से पार्टी ने लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती, मतदाता सूची के शुद्धिकरण और जनजागरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उत्साहपूर्ण माहौल और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की सहभागिता के साथ पदयात्रा का समापन हुआ।

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सख्त फैसला लेने में भूतपूर्व गृहमंत्री सरदार पटेल की निर्णय क्षमता अद्भूत

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सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनाई कांग्रेस एवं कुर्मी समाज ने

कोरबा। भारत के प्रथम गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151 वीं जयंती जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा शहर द्वारा तुलसी नगर स्थित सरदार पटेल स्मारक एवं जिला कांग्रेस कार्यालय टीपी नगर में मनाई गई। यहां कांग्रेसजनों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए उन्हें शत-शत नमन किया।

भारत की आजादी के बाद विभिन्न रियासतों के भारत में विलय कराने की प्रक्रिया के साहसिक फैसले का स्मरण करते हुए पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद ने सरदार पटेल की निर्णय क्षमता को अद्भुत बताया। उन्होंने बताया कि भारत के हित में काफी अच्छे कार्य सरदार पटेल की ओर से किए गए। इसी के आधार पर इन्हें लौह पुरुष की उपाधि हासिल हुई। वे अपने कार्यों के जरिए सदियों तक भारतीयों के मन मस्तिष्क में बसे रहेंगे।

कुर्मी समाज के जिला अध्यक्ष आर. के. वर्मा ने कहा कि इतिहास में कई महापुरुष हुए हैं जिनमें वल्लभभाई पटेल का नाम लिया जाता है, उन्होंने अपने प्रदर्शन से देश को काफी ऊंचाई दी।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी ने कहा कि सरदार पटेल ने गृहमंत्री की भूमिका में भारत के लिए अनेक शानदार कार्य किये और विदेशों में हमारे देश का मान बढ़ाया। कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करते हुए जिस तरह उन्होंने अनेक राजे-राजवाड़ों का विलीनीकरण भारतीय परिसंघ में कराया। वह अपने आप में महान कार्य था। इसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा

आयोजित कार्यक्रम में रामधन राजवाड़े, संजय राजवाड़े, पवन सिंह, मालिक राम कश्यप, राकेश वर्मा पार्षद वार्ड 21, पूर्णिमा बघेल, शोभा चंद्रा, रीमा वर्मा, रंजना राजवाड़े, सुशील वर्मा, महेंद्र कौशिक, मनीष शर्मा, हिमांशु सिंह, सुभद्रा सिंह, डॉ. रामगोपाल यादव, रज्जाक खान, निजामुद्दीन, इंद्राणी गुप्ता, अरमान अली, राजकुमार कश्यप, बसीर खान, राकेश देवांगन, ज्योति शर्मा, पवन चौहान, जवाहर निर्मलकर, रामकुमार चंद्रा, किरण, अवधेश कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने लौह पुरुष सरदार पटेल जी के योगदान पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

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