पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार, आईटीआई रामपुर में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 का जिला स्तरीय शुभारंभ
जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए 7 अक्टूबर तक विचार आमंत्रित, 9 अक्टूबर को होगा प्रस्तुतिकरण’
कंटेंट क्रिएटर्स हब की घोषणा की मंत्री लखनलाल देवांगन ने
कोरबा, 26 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार, आईटीआई रामपुर में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चौलेंज 2026 का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने विद्यार्थियों और युवाओं से प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर कुणाल दुदावत, एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन और गोपाल मोदी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह चैलेंज युवाओं को अपनी प्रतिभा, रचनात्मक सोच और नए विचार प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है। विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं को देखें, उनके व्यावहारिक समाधान खोजें और अपने विचार प्रतियोगिता में प्रस्तुत करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोरबा के विद्यार्थी अच्छे नवाचार कर जिले का नाम रोशन करेंगे। उपयोगी नवाचारों को प्रोत्साहन मिलने के साथ व्यापक स्तर पर अपनाए जाने का अवसर भी मिल सकता है।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान प्रारंभ हुआ है और यह 17 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के दीर्घायु की कामना के लिए आयोजित दीप प्रज्ज्वलन में कोरबा के नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और जिले में साढ़े पाँच लाख से अधिक दीप जलाए गए। अभियान के दौरान स्वच्छता, रक्तदान, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं ग्रामीणों से जुड़ी गतिविधियों सहित विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इन कार्यक्रमों को समय पर और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न करने का प्रयास किया जा रहा है।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज अभियान की महत्वपूर्ण पहल है। छात्र और छात्राएँ कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता सहित किसी भी क्षेत्र की समस्या पर उपयोगी विचार दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं से प्रतियोगिता के पोर्टल पर आवेदन करने और अपने विचार प्रस्तुत करने को कहा। जिला स्तरीय पुरस्कारों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 75 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 50 हजार रुपये है। चौथे से दसवें स्थान तक चयनित प्रतिभागियों को 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे।
मंत्री श्री देवांगन ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीब कल्याण और विकास सहित हर क्षेत्र में प्रगति की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार और नवाचार इस लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि कोरबा के प्रतिभागी जिला तथा जोनल स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे। अपने संबोधन में उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स हब की घोषणा करते हुए इसके लिए दो करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी भी दी। जिले की सड़कों के संबंध में उन्होंने कहा कि बारिश के बाद सड़क कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
नवाचार के लिए तैयार मॉडल आवश्यक नहीं – कलेक्टर
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जोनल स्तर के चैलेंज के साथ कोरबा में जिला स्तरीय प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि नवाचार का आरंभ किसी समस्या को पहचानने और उसका बेहतर समाधान सोचने से होता है। प्रतिभागियों को अपना विचार प्रस्तुत करने के लिए तैयार मॉडल बनाना आवश्यक नहीं है। वे सेवा वितरण में सुधार का सुझाव, किसी समस्या का समाधान या अपने नवाचार की रूपरेखा प्रस्तुत कर सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि कृषि और भूजल संरक्षण, कानून व्यवस्था, महिला एवं बाल विकास, नगरीय विकास, स्वास्थ्य, रक्षा, ऊर्जा, अधोसंरचना, उभरती तकनीक तथा शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में विचार आमंत्रित हैं। उदाहरण के रूप में उन्होंने किसानों की सहायता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन, नागरिक सेवाओं को सरल बनाने तथा कॉलेजों और उद्योगों के बीच बेहतर जुड़ाव से संबंधित समाधानों का उल्लेख किया। उन्होंने प्रतिभागियों से कोरबा की स्थानीय समस्याओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। श्री दुदावत ने बताया कि विद्यार्थी, प्राध्यापक, शिक्षक, शोधकर्ता, स्टार्टअप, स्व-सहायता समूह, एमएसएमई और अन्य उद्यमी भी प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। विचार तैयार करने के लिए प्रतिभागी अध्ययन, शोध और एआई जैसे उपलब्ध साधनों का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि पहला प्रयास सफल होने की चिंता में अपने विचारों को रोकें नहीं; उन्हें सामने लाने से ही आगे सुधार और नए समाधान का रास्ता खुलता है। कलेक्टर ने बताया कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए 7 अक्टूबर तक विचार लिए जाएंगे। 9 अक्टूबर को प्रतिभागियों को अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। जोनल प्रतियोगिता में आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है। जोनल स्तर पर 10 क्षेत्रों में कुल 50 विजेताओं का चयन किया जाएगा। प्रत्येक क्षेत्र में तीन सामान्य श्रेणी, एक महिला श्रेणी और एक 21 वर्ष से कम आयु वर्ग का विजेता होगा। प्रत्येक विजेता को 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इस प्रकार कुल पुरस्कार राशि पाँच करोड़ रुपये होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्राप्त विचारों को उपयोगी सुझावों के रूप में भी देखेगा और चयनित समाधानों को लागू करने की संभावनाओं पर विचार करेगा।
आसपास की समस्या का सरल समाधान भी नवाचार – गोपाल मोदी
गोपाल मोदी ने कहा कि नवाचार का अर्थ केवल नई तकनीक विकसित करना नहीं है। घर, मोहल्ले, शहर या जिले की किसी समस्या को कम समय में बेहतर ढंग से हल करने का विचार भी नवाचार है। उन्होंने खेती में हल के साथ ट्रैक्टर और मशीनों के उपयोग का उदाहरण देते हुए बताया कि काम करने के तरीकों में सुधार से समय और श्रम की बचत होती है। इसी तरह किसी सेवा को लोगों के लिए अधिक उपयोगी बनाने वाला बदलाव भी महत्वपूर्ण हो सकता है। श्री मोदी ने विद्यार्थियों से अपने क्षेत्र की जरूरतें पहचानने और लोगों को वास्तविक लाभ पहुँचाने वाले समाधान प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने युवाओं से सेवा की भावना को प्राथमिकता देने तथा स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प में योगदान देने का आह्वान किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने कहा कि जिले को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की सोच और सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से नए विचार प्रस्तुत कर जिले के विकास में योगदान देने की अपील की। नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि अधिक से अधिक युवा प्रतियोगिता से जुड़ें और अपने नवाचार से कोरबा का नाम रोशन करें। कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं और अन्य प्रतिभागियों से चौलेंज में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। इस अवसर पर पूर्व महापौर जोगेश लांबा, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे,रोजगार अधिकारी दीपेश भारती, सतीश प्रकाश सिंह, प्राचार्य लाइवलीहुड अरुणेंद्र मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आईटीआई, लाइवलीहुड सहित महाविद्यालय के विद्यार्थी, माय भारत युवा के वॉलिंटियर्स उपस्थित थे। आवेदन संबंधी जानकारी जोनल प्रतियोगिता के लिए इच्छुक प्रतिभागी े sevainnovationchallenge.in पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन में सहायता के लिए जिला नोडल अधिकारी विजय कारे, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, कोरबा से मोबाइल नंबर 8109363862 पर संपर्क किया जा सकता है। ’कंटेंट क्रिएटर्स हब से जिले के युवाओं को मिलेगा लाभ’ मंत्री श्री देवांगन द्वारा कोरबा में कंटेन्ट क्रिएटर हब की घोषणा की गई है। कंटेन्ट क्रिएटर हब बनने से जिले के यू ट्यूबर्स, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर का कार्य करने वाले युवाओं को लाभ मिलेगा।
कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज में हाथियों की सक्रियता बढ़ गई है। केंदई, एतमानगर और जटगा रेंज में घूम रहे करीब 30 हाथियों का झुंड अब पसान क्षेत्र के लैंगी, मोहनपुर और बनिया पहुंच गया है। हाथी अलग-अलग झुंडों में बंटकर पांच से ज्यादा स्थानों पर घूम रहे हैं।
बीती रात हाथियों ने कई ग्रामीण इलाकों में खेतों में लगी धान की फसल रौंद दी। अब हाथी दिन में भी फसल खा रहे हैं और रात के समय गांवों के आसपास पहुंच रहे हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है और ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।
झुंड से अलग दंतैल ने कच्चा मकान तोड़ा
झुंड से अलग हुए एक दंतैल हाथी ने मोहनपुर और पोड़ीकला के बीच जंगल में थुहानाला के पास रात में ग्रामीण के कच्चे मकान को कई जगह से तोड़ दिया। घटना के समय मकान मालिक परदेशी अपने परिवार के साथ एक ही कमरे में डरे हुए दुबके रहे।
हाथी के हमले से मकान को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात रही कि घटना में किसी की जनहानि नहीं हुई।
अकेले घूम रहे दंतैल से ज्यादा खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों का बड़ा झुंड आमतौर पर गांव के ज्यादा करीब नहीं आता। सबसे ज्यादा खतरा झुंड से अलग होकर घूमने वाले दंतैल हाथियों से बना हुआ है। पसान रेंज में सक्रिय हाथियों के दल में दो अकेले हाथी भी शामिल हैं, जो झुंड से अलग घूम रहे हैं। इनके लगातार स्थान बदलने के कारण वन विभाग के सामने इनकी निगरानी चुनौती बनी हुई है।
गांवों में मुनादी, जंगल नहीं जाने की सलाह
हाथियों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। हाथियों की मौजूदगी वाले गांवों में टीम की ओर से मुनादी कराई जा रही है।
ग्रामीणों को जंगल और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा रात में अकेले जंगल या खेतों की ओर नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। विभाग की टीम हाथियों की लोकेशन पर लगातार नजर रख रही है।
करतला रेंज में भी 9 हाथी पहुंचे
इधर, कोरबा वनमंडल के करतला रेंज में भी 9 हाथी बेहरसुआं क्षेत्र में पहुंच गए हैं। ये हाथी पहले लबेद के आसपास घूम रहे थे।
वहीं, चिकनीपाली के पहाड़ पर 9 हाथियों का एक और दल अभी भी मौजूद है। इस तरह जिले के अलग-अलग वन क्षेत्रों में हाथियों की लगातार मौजूदगी बनी हुई है, जिससे वन विभाग को निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना पड़ रहा है।
कोरबा। कोरबा के मानिकपुर इलाके में आधी रात एक घर में सांप घुसने से हड़कंप मच गया। रात करीब 3:30 बजे बिस्तर पर सांप देखकर घर की महिला चीखने लगी। परिजनों को आशंका हुई कि सांप ने महिला को डस लिया है। इसके बाद मोहल्ले में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस सिपाही हितेश राव ने तुरंत वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के जितेंद्र सारथी को सूचना दी। सारथी ने पहले महिला को अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद वे खुद मौके पर पहुंचे और सावधानी से सांप को पकड़ लिया।
करैत जैसा दिखता है, लेकिन जहरीला नहीं
रेस्क्यू के बाद सांप की पहचान कॉमन वुल्फ स्नेक के रूप में हुई। रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी के मुताबिक, यह सांप जहरीला नहीं होता। उन्होंने बताया कि इसका रंग-रूप करैत जैसा दिखाई देता है, इसलिए कई बार लोग इसे जहरीला समझ लेते हैं।
सांप को लेकर अस्पताल पहुंचे रेस्क्यूअर
सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद जितेंद्र सारथी सीधे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टर से मिलकर स्पष्ट किया कि पकड़ा गया सांप जहरीला नहीं था। यह जानकारी मिलने के बाद महिला और उसके परिवार ने राहत की सांस ली।
डॉक्टरों ने भी महिला की हालत ठीक बताई। घटना के बाद समय पर सूचना देने और रेस्क्यू टीम तक बात पहुंचाने में सिपाही हितेश राव की भूमिका की भी सराहना की जा रही है।
कोरबा। कोरबा में एसईसीएल की मानिकपुर खदान के विस्तार के लिए पर्यावरण जनसुनवाई हुई। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल पहुंचे। उन्होंने खदान विस्तार से पहले इलाके की समस्याओं को सुलझाने की मांग रखी।
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि जब तक पुराने लंबित मामले नहीं निपटाए जाते, तब तक खदान विस्तार को मंजूरी नहीं मिलनी चाहिए। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि पहले के सभी भू-विस्थापितों के मुआवजा और पुनर्वास के लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार में अनिवार्य रूप से प्राथमिकता दी जाए।
ग्रामीणों ने प्रदूषण रोकने और ट्रकों को त्रिपाल से ढकने की मांग की
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खदान चलने से इलाके में प्रदूषण हो रहा है। कोयला ले जाने वाले वाहन बिना त्रिपाल के चलते हैं, जिससे पूरे इलाके में धूल उड़ती है। लोगों ने मांग की कि सभी कोयला परिवहन वाहनों को पूरी तरह त्रिपाल से ढकना जरूरी किया जाए और धूल व वायु प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
जनसुनवाई में दूसरे वक्ताओं ने भी अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि खदान विस्तार से पहले इलाके में वायु, जल, ध्वनि और धूल प्रदूषण की वैज्ञानिक और पारदर्शी जांच की जाए। इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक हो, ताकि लोगों को असली स्थिति का पता चल सके।
मजदूरों को सुरक्षा उपकरण और बेहतर अस्पताल की मांग
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी शिकायत की। उन्होंने कहा कि खदान क्षेत्र में पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं नहीं हैं। मजदूर बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करने को मजबूर हैं। सभी मजदूरों को जरूरी स्वास्थ्य सुरक्षा उपकरण दिए जाएं और इलाके में बेहतर अस्पताल की सुविधा मिले।
इसके साथ ही, ग्रामीणों ने स्थानीय लोगों की शिकायतों के जल्दी समाधान के लिए एक पारदर्शी शिकायत निपटान व्यवस्था बनाने की मांग भी रखी।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक भू-विस्थापितों के अधिकार, मजदूरों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक खदान विस्तार की प्रक्रिया आगे न बढ़े।