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कोरबा की बेटी संजू देवी ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया देश-प्रदेश का गौरव – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी से फोन पर की आत्मीय बातचीत, स्वर्णिम सफलता के लिए दी बधाई

मुख्यमंत्री ने कहा – संजू देवी की उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए बनेगी प्रेरणा

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को पराजित कर जीता स्वर्ण पदक

भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत में कोरबा की संजू देवी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

कोरबा, 26 सितंबर 2026। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्वर्णिम सफलता में कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की रहने वाली भारतीय महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी (संजू यादव) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत ने फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल किया।

भारतीय महिला कबड्डी टीम की इस ऐतिहासिक सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोरबा की बेटी संजू देवी से फोन पर आत्मीय बातचीत की और उन्हें स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने संजू के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संजू देवी ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और खेल कौशल के बल पर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता में छत्तीसगढ़ की बेटी की भागीदारी प्रदेश के लिए विशेष गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि संजू की सफलता प्रदेश की उन बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का सपना देखते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां आज शिक्षा, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परिचय दे रही हैं। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार से निकलकर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने और अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा बनना संजू देवी की मेहनत और संघर्ष का परिणाम है। प्रदेश सरकार राज्य की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, ताकि गांवों, आदिवासी अंचलों और छोटे शहरों की प्रतिभाएं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
संजू देवी का जन्म 19 दिसंबर 2002 को हुआ। उनके पिता रामजी यादव ड्राइवर एवं दैनिक मजदूरी का कार्य करते हैं, जबकि माता श्रीमती अमरिका बाई गृहिणी हैं। उनका मूल निवास ग्राम केराकछार, पाली ब्लॉक, जिला कोरबा है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली संजू ने अपने खेल के जुनून और निरंतर मेहनत के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है।
संजू ने कक्षा पांचवीं से अपने गांव के स्कूल में कबड्डी खेलना शुरू किया था। उनकी प्रतिभा को जिला कबड्डी संघ के कोच अनुज प्रताप सिंह ने पहचाना और उन्हें प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया। इसके बाद संजू ने कबड्डी में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई। वर्तमान में वे बहतराई बालिका आवासीय खेल अकादमी, बिलासपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में भी संजू ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने शासकीय महाविद्यालय, कटघोरा से उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा आईटीआई की पढ़ाई भी पूरी की है। कबड्डी में वे मुख्य रूप से रेडर की भूमिका निभाती हैं।
संजू देवी के अंतरराष्ट्रीय करियर में वर्ष 2025 भी महत्वपूर्ण रहा। ढाका, बांग्लादेश में आयोजित महिला कबड्डी वर्ल्ड कप में उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और टीम की स्वर्ण पदक जीत में योगदान दिया। वे 2025 की विश्व कप विजेता भारतीय टीम की सदस्य रहीं और टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन को भी विशेष रूप से सराहा गया। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला टीम की घोषित 12 सदस्यीय टीम में भी संजू देवी शामिल रहीं।
एशियन गेम्स 2026 में संजू ने प्रतियोगिता के शुरुआती मुकाबलों में भी भारतीय टीम के आक्रमण में अहम भूमिका निभाई। बांग्लादेश के खिलाफ भारत की 42-21 की जीत में उनके सफल रेड निर्णायक रहे। सेमीफाइनल में नेपाल के खिलाफ भारत की 48-24 की जीत में भी संजू देवी ने लगातार प्रभावी रेड कर टीम की जीत में योगदान दिया।
संजू देवी की यह उपलब्धि कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। गांव के स्कूल से कबड्डी का सफर शुरू करने वाली संजू ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी पहचान बनाई है। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने परिवार, कोरबा और छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी स्वर्णिम सफलता के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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इंडियन पब्लिक स्कूल चैतमा में स्वास्थ्य जागरूकता की अनूठी पहल

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विद्यार्थियों एवं स्टाफ के दांतों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, नियमित देखभाल के लिए किया गया जागरूक

कोरबा/चैतमा। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके बेहतर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में इंडियन पब्लिक स्कूल चैतमा द्वारा सराहनीय पहल करते हुए विद्यालय परिसर में विशेष दंत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यालय के सभी विद्यार्थियों एवं स्टाफ के दांतों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण किया गया।
शिविर में मैक्स डेंटल केयर के दंत चिकित्सक डॉ. राहुल मिश्रा एवं डॉ. शिखा एक्का ने विद्यार्थियों एवं स्टाफ के दांतों की जांच की तथा दांतों की स्वच्छता, नियमित ब्रश करने की सही विधि, खान-पान में सावधानी और दांतों से संबंधित समस्याओं से बचाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। विद्यार्थियों को स्वस्थ दांतों के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए नियमित रूप से दंत परीक्षण कराने की सलाह भी दी गई।

विद्यालय के डायरेक्टर राकेश मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर को प्राचार्य संतोष देवनाथ एवं एडमिनिस्ट्रेटर कुणाल महापात्र की निगरानी में व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया गया। विद्यालय प्रबंधन द्वारा शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के साथ स्वस्थ दांत भी विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य का महत्वपूर्ण आधार हैं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में हेडमास्टर जयराम सर सहित शिक्षिकाओं सुषमा कैवर्त, अंजलि महंत, कीर्ति भारिया एवं अन्य सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का सक्रिय सहयोग एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इंडियन पब्लिक स्कूल चैतमा द्वारा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास को भी प्राथमिकता देते हुए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ऐसे उपयोगी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

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हाथियों के झुंड ने रौंदी फसल, दंतैल ने तोड़ा मकान:केंदई-एतमानगर-जटगा से पसान पहुंचे 30 हाथी, मोहनपुर और बनिया में अलग-अलग झुंड

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कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज में हाथियों की सक्रियता बढ़ गई है। केंदई, एतमानगर और जटगा रेंज में घूम रहे करीब 30 हाथियों का झुंड अब पसान क्षेत्र के लैंगी, मोहनपुर और बनिया पहुंच गया है। हाथी अलग-अलग झुंडों में बंटकर पांच से ज्यादा स्थानों पर घूम रहे हैं।

बीती रात हाथियों ने कई ग्रामीण इलाकों में खेतों में लगी धान की फसल रौंद दी। अब हाथी दिन में भी फसल खा रहे हैं और रात के समय गांवों के आसपास पहुंच रहे हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है और ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।

झुंड से अलग दंतैल ने कच्चा मकान तोड़ा

झुंड से अलग हुए एक दंतैल हाथी ने मोहनपुर और पोड़ीकला के बीच जंगल में थुहानाला के पास रात में ग्रामीण के कच्चे मकान को कई जगह से तोड़ दिया। घटना के समय मकान मालिक परदेशी अपने परिवार के साथ एक ही कमरे में डरे हुए दुबके रहे।

हाथी के हमले से मकान को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात रही कि घटना में किसी की जनहानि नहीं हुई।

अकेले घूम रहे दंतैल से ज्यादा खतरा

ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों का बड़ा झुंड आमतौर पर गांव के ज्यादा करीब नहीं आता। सबसे ज्यादा खतरा झुंड से अलग होकर घूमने वाले दंतैल हाथियों से बना हुआ है। पसान रेंज में सक्रिय हाथियों के दल में दो अकेले हाथी भी शामिल हैं, जो झुंड से अलग घूम रहे हैं। इनके लगातार स्थान बदलने के कारण वन विभाग के सामने इनकी निगरानी चुनौती बनी हुई है।

गांवों में मुनादी, जंगल नहीं जाने की सलाह

हाथियों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। हाथियों की मौजूदगी वाले गांवों में टीम की ओर से मुनादी कराई जा रही है।

ग्रामीणों को जंगल और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा रात में अकेले जंगल या खेतों की ओर नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। विभाग की टीम हाथियों की लोकेशन पर लगातार नजर रख रही है।

करतला रेंज में भी 9 हाथी पहुंचे

इधर, कोरबा वनमंडल के करतला रेंज में भी 9 हाथी बेहरसुआं क्षेत्र में पहुंच गए हैं। ये हाथी पहले लबेद के आसपास घूम रहे थे।

वहीं, चिकनीपाली के पहाड़ पर 9 हाथियों का एक और दल अभी भी मौजूद है। इस तरह जिले के अलग-अलग वन क्षेत्रों में हाथियों की लगातार मौजूदगी बनी हुई है, जिससे वन विभाग को निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना पड़ रहा है।

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कोरबा के घर में घुसा सांप,महिला को डसने का शक:कॉमन वुल्फ स्नेक का रेस्क्यू, सर्प मित्र ने बताया- यह जहरीला नहीं

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कोरबा। कोरबा के मानिकपुर इलाके में आधी रात एक घर में सांप घुसने से हड़कंप मच गया। रात करीब 3:30 बजे बिस्तर पर सांप देखकर घर की महिला चीखने लगी। परिजनों को आशंका हुई कि सांप ने महिला को डस लिया है। इसके बाद मोहल्ले में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस सिपाही हितेश राव ने तुरंत वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के जितेंद्र सारथी को सूचना दी। सारथी ने पहले महिला को अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद वे खुद मौके पर पहुंचे और सावधानी से सांप को पकड़ लिया।

करैत जैसा दिखता है, लेकिन जहरीला नहीं

रेस्क्यू के बाद सांप की पहचान कॉमन वुल्फ स्नेक के रूप में हुई। रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी के मुताबिक, यह सांप जहरीला नहीं होता। उन्होंने बताया कि इसका रंग-रूप करैत जैसा दिखाई देता है, इसलिए कई बार लोग इसे जहरीला समझ लेते हैं।

सांप को लेकर अस्पताल पहुंचे रेस्क्यूअर

सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद जितेंद्र सारथी सीधे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टर से मिलकर स्पष्ट किया कि पकड़ा गया सांप जहरीला नहीं था। यह जानकारी मिलने के बाद महिला और उसके परिवार ने राहत की सांस ली।

डॉक्टरों ने भी महिला की हालत ठीक बताई। घटना के बाद समय पर सूचना देने और रेस्क्यू टीम तक बात पहुंचाने में सिपाही हितेश राव की भूमिका की भी सराहना की जा रही है।

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