नई दिल्ली, एजेंसी। एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान पूरा हो चुका है। आखिरी दिन घुड़सवारी के दो गोल्ड मेडल इवेंट हैं लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी शिरकत नहीं कर रहा है। भारत ने जापान के आइची-नागोया में 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल जीते हैं।
उज्बेकिस्तान ने भी भारत के बराबर ही गोल्ड जीते हैं लेकिन ज्यादा सिल्वर के आधार पर भारत चौथे स्थान पर है। रविवार को अगर उज्बेकिस्तान कोई गोल्ड नहीं जीतता है तो भारत चौथे स्थान पर ही फिनिश करेगा।
आगे 5 पॉइंट्स में पढ़िए 2026 एशियन गेम्स का निचोड़
2002 के बाद पहली बार भारत की लड़कियों को ज्यादा मेडल
बॉक्सिंग, रेसलिंग में बेहतर हुआ प्रदर्शन, शूटिंग-एथलेटिक्स में पिछड़े
टीम इवेंट्स में धाक, हॉकी में गोल्ड के साथ ओलिंपिक टिकट भी
चीन की बादशाहत को 44 साल से कोई चैलेंज नहीं
53 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 76 एशियन रिकॉर्ड टूटे
2002 के बाद पहली बार भारत की लड़कियों को ज्यादा मेडल
भारत ने इस बार लड़कियों के इवेंट में 11 तो लड़कों के इवेंट में 7 गोल्ड जीते। 3 गोल्ड मिक्स्ड इवेंट में आए। इससे पहले 2002 में बुसान में हुए एशियन गेम्स में भारत की लड़कियां आगे रही थीं। तब भारत ने लड़कियों के इवेंट में 6 और लड़कों के इवेंट में 5 गोल्ड जीते थे।
बॉक्सिंग, रेसलिंग में बेहतर हुआ प्रदर्शन, शूटिंग-एथलेटिक्स में पिछड़े
भारत ने 2023 में चीन के ग्वांगझू में हुए एशियन गेम्स में 28 गोल्ड के साथ 106 मेडल जीते थे। तब भारत ने शूटिंग में 7 और एथलेटिक्स में 6 गोल्ड जीते थे। इस बार शूटिंग में 3 और एथलेटिक्स में 1 ही गोल्ड आया। यानी इन दो खेलों में ही भारत को 9 गोल्ड का नुकसान हो गया। भारत ने पिछली बार स्कॉश में 2 और टेनिस, बैडमिंटन और घुड़सवारी में 1-1 गोल्ड जीता था। इन खेलों में इस बार भारत को कोई गोल्ड नहीं मिला।
बॉक्सिंग और रेसिलिंग में अच्छे प्रदर्शन ने कुछ हद तक गोल्ड में कमी की भरपाई की है। पिछली बार भारत को इन दोनों खेलों में एक भी गोल्ड नहीं मिला था। इस बार बॉक्सिंग में 3 और रेसलिंग में 2 गोल्ड आए हैं। आर्चरी में भारत ने पिछले प्रदर्शन को दोहराया है।
टीम इवेंट्स में धाक कायम, हॉकी में गोल्ड के साथ 2 ओलिंपिक टिकट भी
टीम इवेंट्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के गोल्ड मेडल जीते हैं। हॉकी में एशियाड गोल्ड जीतने पर सीधे ओलिंपिक का टिकट मिलता है, लिहाजा भारत की दोनों हॉकी टीम लॉस एंजिल्स में होने वाले 2028 ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर गई है। यह पहला मौका है जब भारत की दोनों वर्गों की हॉकी टीमों ने एक ही इवेंट में गोल्ड जीता है।
मेडल टैली में 44 साल से चीन की चौधराहट कायम
चीन ने इस बार 169 गोल्ड सहित 341 मेडल जीते हैं। नंबर-2 पर रहे जापान ने 83 गोल्ड जीते हैं। चीन से आधे से भी कम। चीन 1982 से अब तक हर एशियन गेम्स में टेबल टॉपर रहा है।
भारत ने पोजीशन के लिहाज से पिछले एशियन गेम्स के प्रदर्शन की बराबरी की है। लेकिन, इस बार 7 गोल्ड सहित कुल 21 मेडल की कमी आई है।
53 वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटे, भारतीय तीरंदाजी टीम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की
इस एशियन गेम्स में अलग-अलग इवेंट्स में कुल 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 76 एशियन रिकॉर्ड टूटे हैं। साथ ही 166 नए गेम्स रिकॉर्ड भी बने। भारतीय विमेंस कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन के खिलाफ 238 पॉइंट्स बनाए। यह वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी है।
चिकाथा तनिपार्थी, प्रथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड जीता।
कोरबा/पाली। जापान में आयोजित एशियाई खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर पाली ब्लॉक के ग्राम केराकछार की बेटी संजू देवी यादव ने देश और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि पर पाली के शिव मंदिर चौक में आयोजित अभिनंदन समारोह में खेल जगत, सामाजिक क्षेत्र और विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े लोगों ने संजू देवी यादव का स्वागत किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
अभिनंदन समारोह में पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर मरकाम के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत पाली अध्यक्ष अजय जायसवाल सहित क्षेत्र के गणमान्य नेता, समाजसेवी एवं आमजन उपस्थित थे।
आइची- नागोया/नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स में 21वां गोल्ड मेडल जीत लिया है। पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से हराया।
शनिवार को भारत ने मेंस क्रिकेट, आर्चरी, गोल्फ और कुश्ती में भी 1-1 गोल्ड जीता। भारत अब 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल के साथ टैली में चौथे स्थान पर आ गया है।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत के डबल गोल
फाइनल मैच में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने डबल गोल किए। उन्होंने 11वें और 57वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किए।
हरमनप्रीत के अलावा, जुगरात 23वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर, 42वें मिनट में हार्दिक ने पेनल्टी स्ट्रोक पर और 54वें मिनट में शिलानंद ने फील्ड गोल किया।
मलेशिया की ओर से इकलौता गोल शेलो सिल्वरियस ने 14वें मिनट में दागा। उन्होंने फील्ड गोल किया।
गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह।
भारत ने हॉकी में जीता गोल्ड, लगातार दूसरी बार चैंपियन
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। भारत ने पहली बार लगातार दो एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का गोल्ड जीता है।
एशियन गेम्स के एक ही संस्करण में पहली बार भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीता है।
गोल्ड मेडल सेलिब्रेट करते भारतीय टीम के खिलाड़ी।
रेसलिंग: अंतिम पंघाल को सिल्वर मिला, फाइनल हारीं
अंतिम पंघाल ने विमेंस 53kg कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता है। गोल्ड मेडल मुकाबले में उन्हें जापान की मोए कियोका ने 9-1 से हराया। अंतिम ने हांगझोउ एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीता था।
रेसलिंग : अंतिम गोल्ड मेडल मैच में 0-2 से पिछड़ी
महिलाओं के 53 किग्रा फाइनल में जापान की मोए कियोका ने शुरुआत में ही अंतिम पंघाल का लेग टेकडाउन कर उन्हें मैट से बाहर किया और एक अंक हासिल किया। इसके बाद भी दोनों के बीच ज्यादा एक्शन नहीं हुआ।
अंतिम ने लेग अटैक की तीन बार कोशिश की, लेकिन कियोका हर बार बच निकलीं। अंतिम को पैसिविटी के लिए चेतावनी के बाद कियोका को एक और अंक मिला। पहले पीरियड के बाद कियोका 2-0 से आगे हैं।
गोल्ड मेडल मैच के दौरान अंतिम।
रेसलिंग: दीपक पुनिया ने जीता ब्रॉन्ज, लगातार दूसरी बार एशियाड में मेडल
दीपक पुनिया ने पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने मंगोलिया के गंखुयाग गनबातर को 2-1 से हराया।
आखिरी तीन मिनट में दोनों पहलवानों के बीच कड़ी टक्कर हुई। रेफरी ने दीपक को एक अंक दिया, लेकिन वे बढ़त बचाने में सफल रहे।
दीपक ने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में मेडल जीता है। उन्होंने 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी ब्रॉन्ज जीता था।
ब्रॉन्ज मेडल मैच के दौरान दीपक पुनिया।
रेसलिंग: अमन सहरावत ने जीता गोल्ड, नॉर्थ कोरिया के हान को हराया
भारत के अमन सहरावत ने पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती का गोल्ड मेडल जीत लिया। उन्होंने फाइनल में नॉर्थ कोरिया के हान को हराया।
अमन ने पहले पीरियड में हान के हमलों का बचाव किया और 6-1 की बढ़त बनाई। इसके बाद हान ने लगातार 6 अंक लेकर 7-6 की बढ़त हासिल कर ली।
अमन ने फिर 4 अंक की शानदार चाल चली और बढ़त हासिल की। कोरिया का रिव्यू खारिज होने पर अमन को एक अतिरिक्त अंक भी मिला। उन्होंने अंत तक बढ़त बनाए रखी।
यह एशियन गेम्स में भारत का दूसरा रेसलिंग गोल्ड है। इससे पहले सुजीत कलकल ने गोल्ड जीता था।
जीत के बाद तिरंगे के साथ अमन सहरावत।
क्रिकेट: भारत ने जीता गोल्ड, पाकिस्तान को 19 रन से हराया
भारत ने मेंस क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। भारत के 211 रन के जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी।
पाकिस्तान के हसन नवाज ने शानदार पारी खेलते हुए 96 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। भारत की ओर से अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और शिवम दुबे के रन जीत में बेहद अहम रहे।
यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का 19वां गोल्ड मेडल है। इसके साथ ही भारत ने क्रिकेट के दोनों गोल्ड अपने नाम कर लिए हैं। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने भी गोल्ड जीता था।
तीरंदाजी: नीरज चौहान ने जीता ब्रॉन्ज
रिकर्व मेंस इंडिविजुअल में भारत के नीरज चौहान ने ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। दबाव में नीरज ने शानदार निशाने लगाए। अपने साथी खिलाड़ी धीरज बोम्मदेवरा को हराकर पदक अपने नाम किया। मुकाबले के बाद दोनों भारतीय तीरंदाजों ने एक-दूसरे को गले लगाया।
इसके साथ ही एशियन गेम्स में भारत का रिकर्व अभियान 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज के साथ खत्म हुआ। रिकर्व की सभी कैटेगरी में भारत ने मेडल जीता।
कंपाउंड में भारत ने 3 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज जीता। इस तरह तीरंदाजी में भारत ने कुल 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज, यानी 9 मेडल अपने नाम किए।
नीरज चौहान ब्रॉन्ज मेडल मैच में निशाना लगाते हुए।
प्रणवी उर्स ने जीता गोल्ड, पहली भारतीय महिला गोल्फर बनीं
नागोया में भारत की प्रणवी उर्स ने विमेंस इंडिविजुअल गोल्फ में गोल्ड मेडल जीता। वह एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं। उन्होंने चार राउंड में 15 अंडर 265 का स्कोर किया।
प्रणवी ने फाइनल राउंड में 70 का स्कोर किया। तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बाद उन्होंने तीन बर्डी लगाकर वापसी की और एक शॉट की बढ़त से गोल्ड जीता।
भारत ने विमेंस टीम इवेंट में सिल्वर जीता। प्रणवी के साथ अदिति अशोक और दीक्षा डागर टीम में थीं। भारत का स्कोर 14 अंडर 546 रहा, जबकि चीन ने 22 अंडर 538 के साथ गोल्ड जीता।
प्रणवी का गोल्ड एशियन गेम्स गोल्फ में भारत का 2002 के बाद पहला गोल्ड है। इससे पहले शिव कपूर ने पुरुषों का इंडिविजुअल गोल्ड जीता था।
गोल्ड मेडल के साथ प्रणवी उर्स।
भारत को एशियाड में 200वां गोल्ड
भारत ने एशियन गेम्स के इतिहास में 200वां गोल्ड जीत लिया है। उसके 263 सिल्वर और 392 ब्रॉन्ज हो गए हैं। इंडिया के अब तक 855 मेडल हो गए हैं।
कुमकुम ने 3 मेडल जीते, तीनों पहली बार दिलाए
कुमकुम ने अपने डेब्यू एशियन गेम्स में रिकर्व तीरंदाजी में 3 मेडल जीते। वे महिला टीम और महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड, जबकि मिक्स्ड टीम में सिल्वर जीता।
विमेंस टीम इवेंट में भारत का पहला गोल्ड।
रिकर्व व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला।
मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत का पहला मेडल आया। धीरज के साथ सिल्वर।
तीरंदाजी: 17 साल की कुमकुम मोहोड ने रिकर्व में जीता
भारत की 17 साल की कुमकुम मोहोड एशियन गेम्स चैंपियन बन गईं। उन्होंने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। कुमकुम ने शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया की ओह ये जिन को हराया।
कुमकुम महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए एशियन गेम्स मेडल जीतने वाली पहली तीरंदाज हैं। उन्होंने पहली बार इस स्पर्धा में भारत को गोल्ड दिलाया है।
महिलाओं के रिकर्व इंडिविजुअल्स इवेंट के फाइनल में निशाना लगाती कुमकुम।
कटनी, चांपा, बिलासपुर, दुर्ग सहित स्थानीय पहलवानों ने लिया हिस्सा, विजेता को 10 हजार रुपए की नगद राशि
कोरबा। वार्ड क्रमांक 15 स्थित ब्लॉक एसईसीएल के हनुमान मंदिर के पास प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 2 अक्टूबर को पारंपरिक दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शुक्रवार को दोपहर 3 बजे से शुरू हुए दंगल में बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी एवं क्षेत्रवासी पहुंचे। प्रतियोगिता में दूर-दराज क्षेत्रों से आए पहलवानों के साथ स्थानीय पहलवानों ने भी अपनी कुश्ती कला और शारीरिक दमखम का प्रदर्शन किया।
दंगल में कटनी (मध्यप्रदेश), चांपा-जांजगीर, बिलासपुर, दुर्ग सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पहलवानों ने अखाड़े में एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। पहलवानों के बीच हुए रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। मुकाबलों के दौरान पहलवानों ने अपनी ताकत, फुर्ती और कुश्ती के दांव-पेंच दिखाकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। आयोजन समिति की ओर से दंगल में शामिल सभी पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं प्रतियोगिता में विजेता रहे पहलवान को 500 रुपए से 2000 तक नगद राशि देकर समित द्वारा सम्मानित किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि क्षेत्र में पारंपरिक खेलों और कुश्ती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष दंगल का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन से युवा पहलवानों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलने के साथ ही लोगों को पारंपरिक कुश्ती से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।