चोरी के दो अलग-अलग प्रकरणों का खुलासा, 03 आरोपी गिरफ्तार एवं 01 विधि से संघर्षरत बालक निरुद्ध
कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र से चोरी की 02 तथा सक्ती जिले के नगरदा थाना क्षेत्र से चोरी की 02 मोटरसाइकिलें बरामद
हीरो शोरूम की छत एवं दरवाजे का ताला तोड़कर मोटरसाइकिल चोरी करने से लेकर भैसमा बाजार में खड़ी बाइक पार करने तक की वारदातों का खुलासा
दोनों प्रकरणों के आरोपियों से नगरदा क्षेत्र में चोरी की गई एक-एक अतिरिक्त मोटरसाइकिल का भी पता चला
शोरूम से लेकर बाजार तक चोरी की वारदातें, उरगा पुलिस ने आरोपियों को दबोचा
कोरबा। कोरबा जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों एवं वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में थाना उरगा पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में उरगा पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के दो अलग-अलग प्रकरणों का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध किया है। आरोपियों के कब्जे एवं निशानदेही पर कुल 04 चोरी की मोटरसाइकिलें तथा एक मोटरसाइकिल का साइलेंसर बरामद किया गया है। बरामद मोटरसाइकिलों में दो कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र तथा दो सक्ती जिले के नगरदा थाना क्षेत्र से चोरी की गई थीं।
प्रकरण क्रमांक 01: हीरो शोरूम की छत तोड़कर नई बाइक और 15 बैटरियां चोरी
थाना उरगा में अपराध क्रमांक 581/2026, धारा 331(4), 305(ए), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत दर्ज प्रकरण में प्रार्थी जितेन्द्र कुमार टण्डन, निवासी ग्राम सिलियारी भाठा, ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 10 अक्टूबर 2026 की शाम ग्राम तुमान स्थित शांति हीरो होंडा एजेंसी को बंद कर घर जाने के बाद अज्ञात चोरों ने दुकान की छत का टीन एवं पीछे के दरवाजे का ताला तोड़कर एक बिना नंबर की नई एचएफ डीलक्स प्रो मोटरसाइकिल तथा एक्साइड कंपनी की 15 बैटरियां चोरी कर ली थीं।
विवेचना के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक बिना नंबर की मोटरसाइकिल लेकर घूम रहे हैं। सूचना पर उरगा पुलिस टीम ने बरपाली के भट्ठी रोड में घेराबंदी कर संदेहियों शुभम कुमार कंवर एवं विनय कुमार कंवर को पकड़ा। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने ग्राम तुमान स्थित शांति हीरो एजेंसी से मोटरसाइकिल एवं बैटरियां चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों ने चोरी की मोटरसाइकिल का साइलेंसर निकालकर घर में छिपा दिया था, जबकि बैटरियों को पकड़े जाने के डर से हसदेव नदी के गहरे पानी में फेंक देना बताया। पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल एवं उसका साइलेंसर बरामद कर विधिवत जप्त किया।
इस प्रकरण में आगे की पूछताछ के दौरान आरोपियों से सक्ती जिले के नगरदा थाना क्षेत्र से चोरी की गई एक अन्य मोटरसाइकिल के संबंध में भी जानकारी प्राप्त हुई, जिसे पुलिस ने बरामद किया।
प्रकरण क्रमांक 02: भैसमा बाजार से बाइक चोरी, नगरदा क्षेत्र की एक और वारदात उजागर
थाना उरगा में अपराध क्रमांक 596/2026, धारा 303(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत दर्ज दूसरे प्रकरण में प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 25 अक्टूबर 2026 की शाम लगभग 7:30 बजे उसने अपनी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 AT 9778 को भैसमा चौक के पास सड़क किनारे खड़ा किया था। लगभग एक घंटे बाद लौटने पर मोटरसाइकिल गायब मिली।
विवेचना के दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि सागौन बाड़ी, भैसमा के पास दो संदेही चोरी की मोटरसाइकिल लेकर जा रहे हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर महेन्द्र चौहान एवं एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा। पूछताछ में महेन्द्र चौहान ने अपने नाबालिग साथी के साथ मिलकर भैसमा बाजार से मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार किया।
आरोपियों से सघन पूछताछ के दौरान सक्ती जिले के नगरदा थाना क्षेत्र से चोरी की गई एक अन्य मोटरसाइकिल के संबंध में भी जानकारी प्राप्त हुई। पुलिस ने भैसमा से चोरी गई मोटरसाइकिल सहित नगरदा क्षेत्र से चोरी की गई एक अन्य मोटरसाइकिल बरामद कर विधिवत जप्त की।
कुल बरामदगी: कोरबा की 02 और सक्ती की 02 मोटरसाइकिलें
उरगा पुलिस की कार्रवाई में कुल 04 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं।
थाना उरगा, जिला कोरबा क्षेत्र से चोरी की 02 मोटरसाइकिलें: ग्राम तुमान स्थित शोरूम से चोरी गई एचएफ डीलक्स प्रो तथा भैसमा बाजार से चोरी गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 AT 9778।
थाना नगरदा, जिला सक्ती क्षेत्र से चोरी की 02 मोटरसाइकिलें: दोनों प्रकरणों के आरोपियों से एक-एक अतिरिक्त चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई।
अन्य बरामदगी: एचएफ डीलक्स प्रो मोटरसाइकिल का साइलेंसर।
गिरफ्तार आरोपियों एवं निरुद्ध बालक का विवरण
प्रथम प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी
शुभम कुमार कंवर, पिता जय नंदन कंवर, उम्र 18 वर्ष, निवासी ठरकपुर पुरैना, थाना उरगा, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़)।
विनय कुमार कंवर, पिता नेहरू सिंह कंवर, उम्र 19 वर्ष, निवासी पुराना रिस्दा, बालको; स्थायी पता पचपेड़ी, थाना उरगा, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़)।
द्वितीय प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी
महेन्द्र चौहान, पिता अजय चौहान, उम्र 18 वर्ष 4 माह, निवासी नगरदा, थाना नगरदा, जिला सक्ती (छत्तीसगढ़)।
निरुद्ध: द्वितीय प्रकरण में संलिप्त 01 विधि से संघर्षरत बालक।
तीनों आरोपियों को दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। सभी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड की प्रक्रिया की गई।
CMD के गेवरा दौरे के बिच भू विस्थापित श्रमिकों के विभिन्न मांगो को लेकर अजय जायसवाल के नेतृत्व मे खदान मे लगातार 6 घंटे काम ठप कर किया जमकर विरोध प्रदर्शन
कोरबा/गेवरा। आज एक तरफ गेवरा खदान के दौरे मे SECL बिलासपुर CMD कोरबा प्रवास पर रहे वही दूसरी ओर अजय जायसवाल भू विस्थापित श्रमिकों सहित स्थानीय बेरोजगारों रोजगार सहित विभिन्न मांगो को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए।
आज दिनांक 27/10/2026 को गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा 6 महीने पूर्व से हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, भविष्य निधि ,सुरक्षा, बोनस, पेमेंट स्लिप, जॉइनिंग लेटर सहित 2 महीने से लंबित भुगतान को लेकर कई बार पत्राचार किया जा चूका है, परन्तु प्रबंधन और कंपनी के द्वारा किसी प्रकार का सुनवाई नहीं किया, जिसको लेकर भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा अजय जायसवाल पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा को सूचित किया। तत्पश्चात अजय जायसवाल के द्वारा आज खदान पहुंच भू विस्थापितों के विभिन्न मुद्दे को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए और सभी श्रमिकों के द्वारा 6 घंटा काम बंद कर काम ठप कर आंदोलन कर दिया गया, जिसके उपरांत SECL प्रबंधन और pnc कंपनी के अधिकारी वार्ता हेतु पहुंचे और हड़ताल स्थगित करने निवेदन किया गया। तत्पश्चात दिनांक 29/10/2026 को 12 बजे SECL गेवरा CGM ऑफिस मे वार्ता करते हुए मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया, साथ ही वार्ता मे विभिन्न मुद्दों पर बात करने सहमति बनी, जिसमे सभी –
1 श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट 2 सभी श्रमिकों का id कार्ड, सुरक्षा, 3 पेमेंट स्लिप 4 स्थानीय बेरोजगरों को रोजगार 5 जॉइनिंग लेटर, सहित बोनस पर बात करने और मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया। उक्त हड़ताल मे भू विस्थापित श्रमिकों के साथ अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा, शेत मसीह सांसद प्रतिनिधि, मधुसूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, गोविंदा सारथी, कमलेश प्रजापति, संतोष यादव, प्रकाश सागर, फिरोज, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत,संजय यादव, सुजीत महंत, गौरव साहू, अनिल सागर, सहित कम्पनी मे कार्यरत हेल्फर, ड्राइवर सहित ग्रामीण सैकड़ो की संख्या मे उपस्थित रहे।
कोरबा। प्रथम जिला व अपर सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गरिमा शर्मा ने जिला जेल कोरबा के बंदियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। न्यायाधीश शर्मा जेल में बंदियों की भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा कर, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का अवलोकन किया। न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि पात्र बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता देंेगे। बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी दिवसों में न्यायालयों में उपस्थित कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंदियों को उनके अधिकारों और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। प्राधिकरण का मानना है कि जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना केवल एक दायित्व नहीं बल्कि समाज में समानता और न्याय का अधिकार भी है।
कोरबा/पाली। पाली-लाफा मार्ग पर कई अंधे मोड़ हैं, इनके आसपास सड़क किनारे पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं कराने पर सड़क हादसे का डर बना हुआ है। 8 किलोमीटर सड़क के रास्ते पर 5 से अधिक मोड़ है, जहां पर सुरक्षित आवाजाही में खतरा बना हुआ है। सामने से आ रहे वाहन पेड़ों की झुकी डंगाल के कारण नजर नहीं आते हैं और वाहनों के टकराने से सड़क दुर्घटना हो चुकी है। चैतुरगढ़ स्थित मां महिषासुर मर्दिनी का ऐतिहासिक मंदिर जाने का भी यह रास्ता है। पाली से चैतुरगढ़ की दूरी लगभग 32 किलोमीटर है। इसी मार्ग पर लाफा तक कई अंधे मोड़ से चालकों का सफर मुश्किल हो रहा है। चैतुरगढ़ में मां महिषासुर मर्दिनी का मंदिर होने के साथ यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है।
इस कारण जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण छत्तीसगढ़ का कश्मीर भी कहा जाता है। पर्यटक पाली-लाफा मार्ग से चैतुरगढ़ के लिए आवाजाही करते हैं। जिला पंचायत सदस्य कौशल नेटी ने मांग की है कि पाली से लाफा होते हुए चैतुरगढ़ जाने वाले मार्ग का निरीक्षण कराया जाए। सड़क किनारे दृश्यता रोकने वाली डालियों की नियमानुसार कटाई-छंटाई कराई जाए। दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील मोड़ों को चिह्नित किया जाए। वहां जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएं।