Connect with us

छत्तीसगढ़

रायपुर : रोगियों की सेवा को पुण्य कार्य मानकर पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता से निभाएं अपना दायित्व : मुख्यमंत्री साय

Published

on

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, वार्ड बॉय और वार्ड आया के पदों पर हुई नियुक्तियां

प्रदेश के 14 जिलों में सेवाएं देंगे नवनियुक्त स्वास्थ्यकर्मी, जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

मुख्यमंत्री ने कहा – स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

रायपुर, 27 अक्टूबर 2026। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और प्रत्येक नागरिक तक बेहतर उपचार की पहुंच सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। हमारी सरकार का प्रयास है कि शहरों के साथ-साथ गांवों, जनजातीय अंचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में भी लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  ने आज राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यकम में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए यह बात कही।  

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सेवाभाव, संवेदनशीलता और पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में सेवा का अवसर मिलना अपने आप में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अस्पताल आने वाला प्रत्येक व्यक्ति और उसका परिवार स्वास्थ्यकर्मियों की ओर बड़ी आशा और विश्वास से देखता है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी केवल अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सेवाभाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि रोगियों की सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं है। आप अपनी ड्यूटी को केवल नौकरी न मानें, बल्कि जनसेवा और पुण्य का कार्य समझकर पूरी ईमानदारी, मनोयोग और समर्पण से कार्य करें। आपके अच्छे व्यवहार, तत्परता और सेवाभाव से मरीजों और उनके परिजनों का स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य जीवन में आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने की पहली आवश्यकता है। स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है। जब हमारे नागरिक स्वस्थ होंगे, तभी वे अपनी पूरी क्षमता के साथ परिवार, समाज और प्रदेश की प्रगति में योगदान दे सकेंगे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने पर भी लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद बीते 25 वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। राज्य सरकार इस यात्रा को और गति देते हुए नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विकास, आवश्यक उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य अमले को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। हमारा लक्ष्य ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को आवश्यकता के समय सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।

14 जिलों में सेवाएं देंगे 520 नवनियुक्त स्वास्थ्यकर्मी

स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों के कुल 520 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों में स्टाफ नर्स के 208, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरुष के 95, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला के 94, फार्मासिस्ट के 25, वार्ड बॉय के 50 तथा वार्ड आया के 48 पद शामिल हैं। नवनियुक्त कर्मचारी प्रदेश के 14 जिलों में अपनी सेवाएं देंगे। इन नियुक्तियों से संबंधित जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिन 14 जिलों में नवनियुक्त कर्मचारियों को सेवाएं देनी हैं, उनमें अधिकांश जिले जनजातीय बहुल हैं। इसलिए उनकी जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के निरंतर विस्तार से सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि भौगोलिक दूरी किसी भी नागरिक के लिए बेहतर इलाज प्राप्त करने में बाधा न बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में सेवा देने वाले स्वास्थ्यकर्मी सरकार और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इन क्षेत्रों में सेवाभाव और संवेदनशीलता के साथ किया गया कार्य अनेक परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि जहां भी उनकी पदस्थापना हो, वहां लोगों के विश्वास पर खरा उतरते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को मिल रहे अवसर : स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल

स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी 520 कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरी की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। डॉक्टर, नर्स सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न पदों पर आवश्यकता के अनुरूप आगे भी भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, अनुशासन और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं संजीव झा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

Continue Reading

खेल

रणजी ट्रॉफी…छत्तीसगढ़ ने पहली पारी में 216 रन बनाए:अमनदीप खरे 74 रन बनाकर नाबाद, आंध्र प्रदेश की पहली पारी 231 रन पर सिमटी

Published

on

रायपुर। रणजी ट्रॉफी 2026-27 में छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बीच खेले जा रहे मुकाबले के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ ने पहली पारी में 8 विकेट पर 216 रन बना लिए हैं। टीम अभी आंध्र प्रदेश से 15 रन पीछे है। अमनदीप खरे 74 रन बनाकर नाबाद हैं। उनके साथ क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज के सामने टीम को बढ़त दिलाने की चुनौती होगी।

मुलापाडु के डीवीआर स्टेडियम में 26 से 29 अक्टूबर तक खेले जा रहे इस मुकाबले में आंध्र प्रदेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम पहली पारी में 73.2 ओवर में 231 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। एसवी राहुल ने सबसे ज्यादा 89 रन बनाए। शशिकांत ने 31 और शेख राशिद ने 24 रन का योगदान दिया।

जयंत ने 4 और अजय मंडल ने लिए 3 विकेट

छत्तीसगढ़ की ओर से गेंदबाजी में जयंत यादव ने 4 विकेट लेकर आंध्र प्रदेश की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। अजय मंडल ने 3 और धर्मेंद्र सिंह जडेजा ने 2 विकेट लिए।

अमनदीप की नाबाद पारी से छत्तीसगढ़ को उम्मीद

आंध्र प्रदेश के 231 रन के जवाब में छत्तीसगढ़ की शुरुआत के बाद मध्यक्रम के बल्लेबाज अमनदीप खरे ने पारी संभाली। वह 74 रन बनाकर नाबाद है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

रायपुर : मंत्रिपरिषद के निर्णय: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

Published

on

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज  सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में मंत्री परिषद की बैठक
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज  सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में मंत्री परिषद की बैठक

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

रायपुर. 27 अक्टूबर 2026। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने नवीन विश्राम भवन में पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1.    मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों से दिनांक 15 नवम्बर 2026 से धान खरीदी करने का निर्णय लिया है। उक्त अवधि में 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की जावेगी। किसान हित में बड़ा फैसला लेते हुए एग्रीस्टेक आईडी युक्त विगत वर्ष के पंजीकृत सभी कृषकों को धान विक्रय हेतु मान्य किया है, इन किसानों को पृथक से पंजीयन की कोई आवश्यकता नहीं होगी। 

एग्रीस्टेक में पंजीयन होने के कारण किसानों को धान विक्रय हेतु पृथक से ऋण पुस्तिका समिति में लाने की आवश्यकता नहीं होगी। डिजिटल क्राप सर्वे के माध्यम धान के रकबे का ऑनलाईन निर्धारण डिजिटल रूप से सुनिश्चित हुआ है। वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने हेतु बायोमैट्रिक आधारित धान की खरीदी की जावेगी। किसानों को बेहतर एवं सुगम व्यवस्था प्रदान किये जाने हेतु 360 नये उपार्जन केन्द्र प्रारंभ किये जा रहे हैं, फलस्वरूप इस वर्ष 3100 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से धान खरीदी सुश्चित की जायेगी। धान खरीदी हेतु समितियों में समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये है। 

मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में अतिशेष धान की धान की नीलामी के माध्यम से निराकरण करने के संबंध में मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक के निर्णय का अनुसमर्थन किया है। 

2.    मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) योजना के अंतर्गत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत को पूर्ववत जारी रखने का निर्णय लिया है। साथ ही, योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक विद्युत खपत की पात्रता अवधि को 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दिया गया है। इस निर्णय से लगभग 7.25 लाख घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को योजना के तहत बिजली बिल में मिल रही रियायत का लाभ निरंतर प्राप्त होता रहेगा।

3.    छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद् ने बिटुमिन (डामर) की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि को देखते हुए छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित तथा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण एवं संधारण कार्यों के अनुबंधकों को मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि में अनुबंधकों द्वारा वास्तव में क्रय एवं उपयोग की गई बिटुमिन की मात्रा पर छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों के लिए कुल 130.88 करोड़ रुपये की राहत राज्य शासन द्वारा बजट से अनुदान के रूप में दी जाएगी। वहीं, राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण एवं संधारण कार्यों के ऐसे अनुबंध, जिनकी निविदाएं 1 अप्रैल 2026 से पूर्व प्राप्त हुई हैं, उनमें 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक क्रय कर उपयोग किए गए बिटुमिन पर भी मूल्य राहत प्रदान की जाएगी। इस पर लगभग 70 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त व्यय का अनुमान है।

इस निर्णय से डामरीकरण से संबंधित लंबित सड़क निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने में सहायता मिलेगी। साथ ही, भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

4.    मंत्रिपरिषद ने राज्य के शासकीय सेवकों एवं उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत शासकीय सेवकों को उपचार के समय अस्पताल में चिकित्सा व्यय का भुगतान स्वयं करने और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। सूचीबद्ध अस्पतालों में उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी तथा पूर्व-अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इस निर्णय से विशेष रूप से गंभीर बीमारी और आपातकाल की स्थिति में शासकीय सेवकों एवं उनके परिवारों को तत्काल उपचार के साथ बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

5.    मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास की योजना, परियोजना तैयारी, गुणवत्ता, निगरानी और संधारण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं आधुनिक बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026’ के प्रारूप (मिशन गाइडलाइन्स) को मंजूरी प्रदान की है। मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए संचालित होगा, जिसके लिए कुल 500 करोड़ रूपए, अर्थात 100 करोड़ रूपए प्रतिवर्ष का प्रावधान प्रस्तावित है। 

लोक निर्माण विभाग इसका नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (CGRIDCL) क्रियान्वयन एजेंसी होगी।

मिशन के तहत प्रदेश का सड़क नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार करने, अधोसंरचना की आवश्यकताओं का डेटा आधारित आकलन, परियोजनाओं के सर्वेक्षण एवं DPR की अग्रिम तैयारी, WAMISऔर ई-माप पुस्तिका के माध्यम से कार्यों का डिजिटलीकरण, GIS आधारित समेकित नियोजन, गुणवत्ता एवं सड़क सुरक्षा ऑडिट तथा PPP और नवीन वित्तीय मॉडल को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे परियोजनाओं की प्राथमिकता वस्तुनिष्ठ आधार पर तय होगी, निविदा से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी होने से समय और लागत में होने वाली वृद्धि को कम करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। मिशन को लागू करने से संबंधित आवश्यक कार्यवाही के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है।

6.    मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में पर्यटन के समग्र विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन’ को मंजूरी प्रदान की है। ‘पर्यटन से समृद्धि’ के ध्येय के साथ मिशन का संचालन अगले 5 वर्षों तक किया जाएगा, जिसके लिए लगभग 500 करोड़ रूपए का प्रावधान प्रस्तावित है। मिशन के माध्यम से पर्यटन स्थलों पर बेहतर अधोसंरचना, कनेक्टिविटी, सुविधाएं, सुरक्षा एवं स्वच्छता विकसित करने के साथ होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे जहां स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे वहीं छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

7.    मंत्रिपरिषद् ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित 9 प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लिये जाने के लिए उपसमिति की 30 सितंबर 2026 की बैठक में की गई अनुशंसा के अनुसार आगामी कार्यवाही की अनुमति प्रदान की है।

8.    मंत्रिपरिषद् ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में शामिल कुंवरगढ़ अपने प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों और तालाबों के लिए जाना जाता है। समय के साथ इसका नाम कूंरा प्रचलित हो गया था। स्थानीय नागरिक लंबे समय से नगर पंचायत को उसकी ऐतिहासिक पहचान कुंवरगढ़ के नाम से पुनः पहचान दिलाने की मांग कर रहे थे, जिस पर मंत्रिपरिषद द्वारा यह निर्णय लिया गया है। 

9.    मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की है। इसके तहत राज्य के विशाल कोयला भंडार के मूल्यवर्धित उपयोग और आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रूपए अथवा उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। 

10.    मंत्रिपरिषद ने 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (CRCL) के माध्यम से किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

लगभग 8,000 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में 25 प्रतिशत, यानी करीब 2,000 करोड़ रूपए की अंशपूंजी होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन और रेल मंत्रालय द्वारा लगभग 1,000-1,000 करोड़ रूपए का योगदान दिया जाएगा। राज्य शासन की हिस्सेदारी मिनरल डेवलपमेंट फंड/डीएमएफ/राज्य बजट के माध्यम से वहन की जाएगी। इस रेल परियोजना से रेल सुविधा से वंचित क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी तथा उद्योग, पर्यटन, रोजगार और कृषि उपज के लिए नए बाजारों तक पहुंच का विस्तार होगा।

11.    मंत्रिपरिषद ने रिडेवलपमेंट योजना के द्वितीय चरण में 5 परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है। इसके अंतर्गत शासकीय पोल्ट्री फार्म-दुर्ग, वेटनरी हॉस्पिटल कैम्पस रामानुजगंज, जशपुर में पुलिस लाइन एवं रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि, सक्ती के बुधवारी बाजार तथा धमतरी के रुद्री चौक की शासकीय भूमि एवं जर्जर परिसंपत्तियों का सुनियोजित पुनर्विकास किया जाएगा। परियोजनाओं का क्रियान्वयन पीपीपी मॉडल पर निजी क्षेत्र की भागीदारी से किया जाएगा, जिससे राज्य शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार डाले बिना नई शासकीय परिसंपत्तियों का निर्माण, भूमि का बेहतर उपयोग, राजस्व में वृद्धि तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

12.    मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिले में भंडारण सुविधा के विकास के लिए केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को ग्राम खपरीकला में 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। यह भूमि निर्धारित गाइडलाइन दर के अनुसार बाजार मूल्य के 75 प्रतिशत प्रब्याजि, वार्षिक भू-भाटक तथा निर्धारित अधोसंरचना एवं पर्यावरण उपकर लेकर आवंटित की जाएगी। इस निर्णय से जिले में भंडारण अधोसंरचना का विस्तार होगा और कृषि उपज सहित अन्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ेगी।

13.    मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिले के ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी की स्थापना के लिए कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग को राजगामी संपदा की 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। लगभग 400 करोड़ रूपए के प्रस्तावित निवेश वाली इस परियोजना में किसानों से सीधे उपज की खरीदी की व्यवस्था विकसित की जाएगी। परियोजना से 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा फल उत्पादक किसानों को उनकी उपज के प्रसंस्करण और विपणन के लिए बेहतर सुविधाएं एवं बाजार उपलब्ध हो सकेगा।

14.    मंत्रिपरिषद ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विभागाध्यक्ष कार्यालय के लिए 3 नए पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की है। इनमें आयुक्त/संचालक का एक पद, अपर संचालक का एक पद तथा विशेषज्ञ (अपर संचालक स्तर) का एक पद शामिल है। इन पदों के सृजन से विभाग को प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व, बेहतर समन्वय एवं पर्यवेक्षण के साथ लोक प्रशासन और विधि संबंधी विषयों में विशेषज्ञता मिलेगी तथा सुशासन से जुड़ी नीतिगत एवं सुधारात्मक पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी।

15.    मंत्रिपरिषद् ने वन मुख्यालय (विभागाध्यक्ष कार्यालय), अरण्य भवन, नवा रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (पे-लेवल-16) का एक अस्थायी पद एक वर्ष के लिए सृजित करने की स्वीकृति दी है। इससे पीएम गति-शक्ति, प्रगति एवं परिवेश पोर्टल से जुड़े कार्यों के त्वरित निष्पादन, समन्वय और पर्यवेक्षण में मदद मिलेगी।

16.    मंत्रिपरिषद ने स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला, सह प्राध्यापक, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के प्रयोजन के लिए नियमित सेवा मानने का निर्णय लिया है। इसके आधार पर उनके पात्र परिवारजन को परिवार पेंशन, एरियर्स तथा नियमानुसार ब्याज के भुगतान की स्वीकृति प्रदान की गई है।

17.    मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के प्रारूप की स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के अंतर्गत प्रतिभा पहचान से लेकर पदक प्राप्ति तक खिलाड़ियों के विकास की क्रमबद्ध व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके लिए वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। विद्यालयों एवं चयन शिविरों के माध्यम से टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी आयोजित कर प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी तथा उन्हें AMS में पंजीकृत किया जाएगा। इसके बाद फीडर सेंटरों में बुनियादी प्रशिक्षण, राज्य खेल अकादमियों में खेल-विशिष्ट उन्नत प्रशिक्षण और उच्च प्रदर्शन केंद्रों में विशेषज्ञ कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस एवं प्रदर्शन विश्लेषण की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। 10 मुख्य खेल विधाओं में कोर एवं डेवलपमेंट समूह बनाकर पदक संभावित खिलाड़ियों को लक्षित सहायता और एक्सपोज़र दिया जाएगा। प्रतियोगिता परिणाम एवं निर्धारित प्रदर्शन मानकों के आधार पर खिलाड़ियों की प्रगति और सहायता की नियमित समीक्षा होगी। प्रथम चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर की स्थापना की जाएगी। नीति के तहत विभिन्न घटकों के एकीकृत क्रियान्वयन से सुदृढ़ खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार किया जा सकेगा।

18.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन किया गया है। इससे भूमि उपयोग सरलीकरण एवं भू-खण्ड सुगमता की पूर्ति होगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहन मिलेगा। औद्योगिक भूमि एवं भवन संबंधी विवादों में कमी आएगी और रिक्त अथवा अतिशेष भूमि का उत्पादक उपयोग एवं पारदर्शी ई-नीलामी से आबंटन सुनिश्चित होगा।

19.    मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 में “कृषक उन्नति योजना” के संशोधन संबंधी कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जाएगी।

कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के स्थान पर प्रति एकड़ के मान से प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इससे किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे फसल विविधीकरण, किसानों की आय तथा उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार होगा। साथ ही उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नवीन कृषि तकनीकों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। 

Continue Reading

कोरबा

CMD के गेवरा दौरे के बिच भू विस्थापित श्रमिकों के विभिन्न मांगो को लेकर अजय जायसवाल के नेतृत्व मे खदान मे लगातार 6 घंटे काम ठप कर किया जमकर विरोध प्रदर्शन

Published

on

कोरबा/गेवरा। आज एक तरफ गेवरा खदान के दौरे मे SECL बिलासपुर CMD कोरबा प्रवास पर रहे वही दूसरी ओर अजय जायसवाल भू विस्थापित श्रमिकों सहित स्थानीय बेरोजगारों रोजगार सहित विभिन्न मांगो को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए।

आज दिनांक 27/10/2026 को गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा 6 महीने पूर्व से हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, भविष्य निधि ,सुरक्षा, बोनस, पेमेंट स्लिप, जॉइनिंग लेटर सहित 2 महीने से लंबित भुगतान को लेकर कई बार पत्राचार किया जा चूका है, परन्तु प्रबंधन और कंपनी के द्वारा किसी प्रकार का सुनवाई नहीं किया, जिसको लेकर भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा अजय जायसवाल पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा को सूचित किया। तत्पश्चात अजय जायसवाल के द्वारा आज खदान पहुंच भू विस्थापितों के विभिन्न मुद्दे को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए और सभी श्रमिकों के द्वारा 6 घंटा काम बंद कर काम ठप कर आंदोलन कर दिया गया, जिसके उपरांत SECL प्रबंधन और pnc कंपनी के अधिकारी वार्ता हेतु पहुंचे और हड़ताल स्थगित करने निवेदन किया गया। तत्पश्चात दिनांक 29/10/2026 को 12 बजे SECL गेवरा CGM ऑफिस मे वार्ता करते हुए मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया, साथ ही वार्ता मे विभिन्न मुद्दों पर बात करने सहमति बनी, जिसमे सभी –

1 श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट
2 सभी श्रमिकों का id कार्ड, सुरक्षा,
3 पेमेंट स्लिप
4 स्थानीय बेरोजगरों को रोजगार
5 जॉइनिंग लेटर, सहित बोनस पर बात करने और मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया।
उक्त हड़ताल मे भू विस्थापित श्रमिकों के साथ अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा, शेत मसीह सांसद प्रतिनिधि, मधुसूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, गोविंदा सारथी, कमलेश प्रजापति, संतोष यादव, प्रकाश सागर, फिरोज, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत,संजय यादव, सुजीत महंत, गौरव साहू, अनिल सागर, सहित कम्पनी मे कार्यरत हेल्फर, ड्राइवर सहित ग्रामीण सैकड़ो की संख्या मे उपस्थित रहे।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677