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कोरबा में सोते परिवार पर धारदार हथियार से हमला:बुजुर्ग महिला की हत्या, बेटा-बहू गंभीर, पूछताछ में आरोपी परिजन ने जुर्म कबूला

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कोरबा। कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के ग्राम हर्राडीह में शनिवार (25 जुलाई) देर रात एक परिवार पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया। हमले में 65 वर्षीय समारिन बाई धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बेटे हेतराम (45) और बहू प्रमिला (40) गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस ने मामले में मृतका के एक परिजन को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

देर रात घर में घुसकर किया हमला

जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 11 बजे समारिन बाई अपने बेटे और बहू के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक व्यक्ति घर में घुसा और धारदार हथियार से तीनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में समारिन बाई के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हेतराम और प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए।

ग्रामीणों ने पहुंचाई पुलिस को सूचना

हमले की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 तथा पाली थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जबकि दोनों घायलों को शुरुआती इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

परिजन ही निकला आरोपी

घटना की जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतका के एक परिजन को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या और हमले की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस मामले के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।

शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।

शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।

सड़क नहीं होने से खाट पर ले जाना पड़ा शव

घटना के बाद गांव की बदहाल व्यवस्था भी सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि हर्राडीह तक आज भी पक्की सड़क नहीं पहुंची है। यही कारण रहा कि शव और दोनों घायलों को करीब एक किलोमीटर तक खाट और लकड़ी के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ा। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

ग्रामीणों ने इस घटना के बाद गांव तक जल्द पक्की सड़क बनाने की मांग दोहराई है।

कोरबा के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हर्राडीह में शनिवार देर रात एक परिवार पर धारदार हथियार से हमला किया गया। इस घटना में 65 वर्षीय समारिन बाई धनवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके बेटे 45 वर्षीय हेतराम और बहू 40 वर्षीय प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में एक संदेही को गिरफ्तार किया है, जो मृतिका का परिजन बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब 11 बजे समारिन बाई अपने बेटे हेतराम और बहू प्रमिला के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आया और तीनों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में समारिन बाई को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। हेतराम और प्रमिला गंभीर रूप से घायल हो गए।

हमले की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना तुरंत 112 और पाली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायल हेतराम और प्रमिला को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदेह के आधार पर मृतिका के एक परिजन को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

इस घटना का एक दुखद पहलू यह भी सामने आया कि गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण शव और घायलों को खाट व लकड़ी के सहारे लगभग एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा। इसके बाद ही उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जा सका। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है।

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मिनीमाता बांगो बांध से कुल 12017 Cusec पानी छोड़ा जा रहा हसदेव नदी में

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कोरबा। आज दिनांक 04/09/2026 को 06:00 AM बजे से मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर 358.70M एवं 94.24% होने पर 8:00 AM बजे निम्नानुसार गेटों को कम कर बाढ़ के पानी को नियंत्रित किया जा रहा है
गेट न.1 nil
गेट न.2 nil
गेट न.3 nil
गेट न.4 nil
गेट न.5 को 0.10M
गेट न.6 को 0.30M
गेट न.7 को 0.10M
गेट न.8 n
गेट न.9 nil
गेट न.10 nil
गेट न.11 nil
(Total Gate opening 0.50mtr)
कुल Radial गेट से 3017 Cusec तथा
पॉवर प्लांट हाइडल के द्वारा 9000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है इस प्रकार बांध से कुल 12017 Cusec पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है तथा Inflow 14992 Cusec दर्ज की गयी है |

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कोरबा

कटघोरा एवं पोड़ी उपरोड़ा में उर्वरक-कीटनाशक दुकानों का औचक निरीक्षण

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अनियमितता मिलने पर कई विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस, महेश राम कृषि केंद्र में कीटनाशक बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध

कोरबा, 04 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक एवं कीटनाशक दवाएं उपलब्ध कराने तथा कृषि आदानों की बिक्री में अनियमितता, कालाबाजारी एवं ओवर-रेटिंग पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा आज विकासखंड कटघोरा एवं पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र में उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दुकानों में उपलब्ध उर्वरक एवं कीटनाशकों के स्टॉक, मूल्य सूची, विक्रय अभिलेख, लाइसेंस एवं भंडारण व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं एवं कमियां पाए जाने पर कृषि विभाग द्वारा नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की गई।

सर्वमंगला खाद भंडार सहित कई दुकानों को नोटिस

निरीक्षण के दौरान सर्वमंगला खाद भंडार, बाकी मोगरा में अनियमितताएं पाए जाने पर संचालक को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसी प्रकार सोनी कृषि केंद्र, शिव बीज भंडार एवं अंसारी कृषि केंद्र, कसनियां, पोड़ी उपरोड़ा में भी निरीक्षण के दौरान कमियां पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

दो कार्यदिवस में सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी

सोनी कृषि केंद्र कसनियां, शिव बीज भंडार कसनियां एवं अंसारी कृषि केंद्र कसनियां को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं में दो कार्यदिवस के भीतर सुधार सुनिश्चित करें। निर्धारित अवधि में कमियों का निराकरण नहीं किए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विक्रय लाइसेंस निरस्त करने की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

महेश राम कृषि केंद्र में कीटनाशक बिक्री पर प्रतिबंध

महेश राम कृषि केंद्र, रंजना में निरीक्षण के दौरान पाई गई खामियों को गंभीरता से लेते हुए उक्त प्रतिष्ठान से कीटनाशकों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इसके अलावा निरीक्षण अभियान के तहत राजू कृषि केंद्र, रंजना में भी उर्वरक एवं कीटनाशकों के स्टॉक तथा संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की गई।

किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उर्वरक एवं कीटनाशकों की कालाबाजारी, ओवर-रेटिंग, अनियमित बिक्री तथा अमानक कृषि आदानों के विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में निरीक्षण की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

विभाग द्वारा कृषि आदान विक्रेताओं को नियमानुसार स्टॉक एवं विक्रय अभिलेख संधारित करने, निर्धारित मूल्य पर सामग्री का विक्रय करने तथा किसानों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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IPS डांगी केस,शासन को 7 दिन में देना होगा जवाब:हाईकोर्ट का आखिरी मौका, लेटलतीफी पर लगाई फटकार, 29 सितंबर को अगली सुनवाई

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बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सस्पेंडेड IPS अफसर रतनलाल डांगी से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी शासन ने अब तक जवाब और जांच रिपोर्ट पेश नहीं की है। शासन की ओर से देरी पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। जस्टिस एके प्रसाद की बेंच ने शासन को आखिरी मौका देते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने का आदेश दिया है।

वहीं, इस मामले में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली SI की पत्नी ने जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की जांच किसी महिला IAS अधिकारी से कराने की मांग की है। 12 अगस्त 2026 को जारी हाईकोर्ट के आदेश के पालन में शासन की ओर से अब तक जरूरी जानकारी पेश नहीं की जा सकी है।

29 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने राज्य शासन को जवाब देने के लिए अंतिम मौका देते हुए एक सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने सख्त हिदायत दी है कि इस दौरान शिकायत पर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी शपथ पत्र के साथ पेश करनी होगी।

ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारी को 29 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और ऋषभदेव साहू ने पैरवी की।

क्या है मामला ?

कोरबा की महिला योग टीचर ने आईपीएस रतनलाल डांगी पर ऑनलाइन योग क्लास के दौरान अश्लील बातचीत करने और वीडियो कॉल पर आपत्तिजनक हरकत करने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि उसकी बात नहीं मानने पर डांगी ने उसके सब इंस्पेक्टर पति को झूठे आपराधिक मामले में फंसाने और घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में ट्रांसफर कराने की धमकी दी।

पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2025 को सबूतों के साथ डीजीपी से शिकायत की थी। इसके बाद मार्च 2026 में डांगी को सस्पेंड कर दिया गया। मामले की जांच के लिए डीजीपी ने तत्कालीन आईजी आनंद छाबड़ा और तत्कालीन डीआईजी मिलना कुर्रे को जांच अधिकारी बनाया था।

पीड़िता का कहना है कि एक अधिकारी आरोपी के बराबर रैंक के थे, जबकि दूसरी अधिकारी उनसे जूनियर थीं। इसी वजह से उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दोनों को जांच से हटाकर किसी सीनियर IAS अधिकारी (खासकर महिला IAS अधिकारी) से जांच कराने की मांग की है।

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