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व्यंग्य : स्मार्टफोन में पति आकर्षण, वीडियो कॉल पर दर्शन

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एक समय था, जब करवा चौथ पर पत्नियाँ सुबह से ही पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती थीं। दिनभर भूखी-प्यासी रहकर शाम को चाँद का इंतजार करती थीं। अब जमाना डिजिटल हो गया है। चाँद निकले या न निकले, मोबाइल की स्क्रीन चमकनी चाहिए। आखिर आधुनिक प्रेम की असली रोशनी अब चाँद में नहीं, स्मार्टफोन में बसती है!

पहले पत्नियाँ छलनी से चाँद देखकर पति का चेहरा निहारती थीं। अब पति दूसरे शहर में हों, विदेश में हों या ऑफिस में बैठकर बॉस की डाँट खा रहे हों, वीडियो कॉल पर दर्शन देना उनका परम कर्तव्य है। पत्नी ने छलनी उठाई, मोबाइल का कैमरा खोला और पतिदेव स्क्रीन पर प्रकट! व्रत भी पूरा, तकनीक का सदुपयोग भी पूरा।

मगर इस डिजिटल प्रेम में भी कुछ खतरे हैं। नेटवर्क चला जाए तो पति की लंबी उम्र का मामला बफरिंग में अटक सकता है। वीडियो कॉल के बीच आवाज गायब हो जाए तो पत्नी को पति का मौन प्रेम नहीं, कोई नई साजिश नजर आने लगती है। और यदि पतिदेव ने कैमरा बंद कर दिया, तो सवाल उठता है-चाँद छिपा है या पतिदेव कोई राज छिपा रहे हैं?

पहले पति बाजार से साड़ी, मिठाई और गहने लाकर पत्नी को खुश करते थे। अब ऑनलाइन ऑर्डर देकर स्क्रीनशॉट भेज देते हैं-‘प्रिय, तुम्हारा उपहार रास्ते में है।’ पत्नी भी मुस्कराकर कह देती है-‘ठीक है, लेकिन डिलीवरी का इंतजार तुम्हारी लंबी उम्र से भी लंबा नहीं होना चाहिए!’

सोशल मीडिया ने तो करवा चौथ को प्रेम से अधिक प्रदर्शन का त्योहार बना दिया है। किसकी साड़ी महँगी, किसकी मेहँदी गहरी और किसका पति अधिक रोमांटिक-इसकी प्रतियोगिता देर रात तक चलती है।

सच तो यह है कि तकनीक दूरियाँ मिटा सकती है, रिश्तों की गर्माहट नहीं खरीद सकती। करवा चौथ का असली चाँद मोबाइल में नहीं, पति-पत्नी के विश्वास में चमकता है। वरना स्क्रीन पर चेहरा हजार बार दिख जाएगा, मगर दिल में जगह बनाने के लिए नेटवर्क नहीं, सच्चा प्रेम चाहिए!

संजय एम तराणेकर

(कवि, लेखक व समीक्षक)

इन्दौर-452011 (मध्य प्रदेश)

मो. 98260 25986

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केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़कर 63% हुआ:48 लाख कर्मचारियों, 68 लाख पेंशनर्स को फायदा, नई दरें 1 जुलाई, 2026 से लागू

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नई दिल्ली, एजेंसी। दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता 3% बढ़ा दिया है। बुधवार 28 अक्टूबर को हुई कैबिनेट मीटिंग में DA बढ़ोतरी पर फैसला हुआ।

इस बढ़ोतरी से महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर 63% हो जाएगा। इससे लगभग 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। नई दरें 1 जुलाई, 2026 से लागू मानी जाएंगी। सरकार इसपर 10 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी।

अप्रैल में 2% बढ़ा था DA

इससे पहले सरकार ने अप्रैल में कर्मचारियों के डीए और पेंशनर्स के लिए DR में 2 फीसदी का इजाफा किया था। उस बढ़ोतरी के साथ DA की दर 60% पर पहुंच गई थी। अब 3 फीसदी की ताजा बढ़ोतरी के बाद यह आंकड़ा 63 फीसदी हो गया है।

सरकार के इस फैसले से त्योहारों के सीजन में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा और पिछले महीनों का एरियर भी खाते में आएगा।

कर्मचारियों की सैलरी पर कितना असर पड़ेगा

डीए बढ़ने से सैलरी में बढ़ोतरी बेसिक पे के आधार पर तय होती है

  • मिनिमम बेसिक सैलरी वालों के लिए: अगर किसी कर्मचारी की बेसिक पे रू.18,000 है, तो 3% की बढ़ोतरी के हिसाब से हर महीने रू.540 का इजाफा होगा।
  • हायर पे-स्केल वालों के लिए: अगर किसी वरिष्ठ अधिकारी की बेसिक सैलरी रू.56,100 है, तो उनकी मासिक सैलरी में लगभग रू.1,683 की सीधी बढ़ोतरी होगी।
  • एरियर का भुगतान: चूंकि यह फैसला जुलाई से प्रभावी है, इसलिए कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का बकाया (Arrears) भी आगामी सैलरी के साथ दिया जाएगा।

साल में दो बार रिवाइज होता है भत्ता

केंद्र सरकार हर साल कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए डीए और डीआर में दो बार संशोधन करती है। पहला संशोधन आमतौर पर जनवरी से और दूसरा जुलाई से प्रभावी होता है।

सरकार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर महंगाई का आकलन करती है और उसी अनुपात में भत्ते बढ़ाने का निर्णय लेती है।

बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए मिलता है अलाउंस

DA सरकारी कर्मचारियों के रहन-सहन के खर्च को संतुलित करने के लिए दिया जाने वाला अलाउंस है। यह कर्मचारी की बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में तय होता है।

वहीं, DR रिटायर्ड कर्मचारियों यानी पेंशनर्स को उनकी बेसिक पेंशन पर दिया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य रोजमर्रा की चीजों के बढ़ते दामों के असर को कम करना है।

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150 किमी. की रफ्तार से आगे बढ़ रहा चक्रवात अर्नब:आंध्र और ओडिशा में भारी बारिश शुरू, एमपी-यूपी और बिहार में भी अलर्ट

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चेन्नई/भुवनेश्वर/भोपाल/जयपुर/लखनऊ, एजेंसी। बंगाल की खाड़ी में चक्रवात अर्नब 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराने की आशंका है।

आंध्र प्रदेश के 16 जिलों में भारी बारिश का रेडअलर्ट जारी किया गया है। तटीय इलाकों में लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है। आंध्र-ओडिशा में करीब 4,000 शेल्टर बनाए गए हैं।

विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों पर मंगलवार और बुधवार को 21 उड़ानें रद्द कर दी गईं।

आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश शुरू हो गई है। समुद्र में नौकाएं ले जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। स्कूल भी बंद हैं।

मौसम विभाग ने तेलंगाना, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, बिहार और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अंडमान-निकोबार सहित तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

ओडिशा के पुरी में तेज बारिश

एअर इंडिया ने विशाखापत्तनम-विजयवाड़ा की फ्लाइट के लिए एडवाइजरी जारी की

चक्रवात अर्नब के चलते एअर इंडिया ने विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा आने-जाने वाली फ्लाइट के यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन ने यात्रियों से फ्लाइट का स्टेटस जांचने और एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय रखने की अपील की है।

एअर इंडिया ने कहा कि खराब मौसम के कारण सड़क से एयरपोर्ट पहुंचने में भी परेशानी हो सकती है।

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बारिश

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में भी चक्रवात के असर से कुछ इलाकों मे बारिश हुई है। समुद्र में लहरें तेज हैं और हालात खराब बने हुए हैं।

तमिलनाडु के कई इलाकों में लगातार बारिश

तिरुचिरापल्ली में लगातार हो रही भारी बारिश से खेत पानी में डूब गए हैं।

तिरुचिरापल्ली में लगातार हो रही भारी बारिश से खेत पानी में डूब गए हैं।

डिंडीगुल जिले के पहाड़ी इलाके में भूस्खलन से पेरियाकुलम-कोडाइकनाल सड़क का एक हिस्सा धंस गया।

डिंडीगुल जिले के पहाड़ी इलाके में भूस्खलन से पेरियाकुलम-कोडाइकनाल सड़क का एक हिस्सा धंस गया।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल

28 अक्टूबर

  • आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और ओडिशा में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। विदर्भ में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
  • बिहार, झारखंड, असम, मेघालय, बंगाल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और कर्नाटक में बारिश का यलो अलर्ट है।

29 अक्टूबर

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट है।
  • महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा, कर्नाटक, विदर्भ, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, बंगाल, असम और मेघालय में बारिश का यलो अलर्ट है।

राज्यों से मौसम की खबर

उत्तराखंड: सभी जिलों में दो दिन तक मौसम शुष्क, 28 अक्टूबर से बदलेगा मौसम

उत्तराखंड के सभी जिलों में अगले दो दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद 28 अक्टूबर से मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश के साथ 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।

हिमाचल: 29-30 अक्टूबर को बारिश-बर्फबारी के आसार, 11 शहरों का टेंपरेचर 10॰C से नीचे लुढ़का

हिमाचल प्रदेश में सुबह-शाम और रात के समय ठंड बढ़ने लगी है। प्रदेश के 11 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। ट्राइबल एरिया में ठंड का असर ज्यादा है। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री और केलांग में पारा माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क चुका है।

राजस्थान: 2 दिन बाद बारिश का अलर्ट, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से तेज हवा भी चलेगी

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का राजस्थान में भी असर दिखेगा। इस चक्रवात से आने वाली समुद्री हवा से आधे राजस्थान में बादल छा सकते हैं। कई जिलों में तेज हवा चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

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सोनिया बोलीं- नहीं चाहती थी कि राजीव PM बनें:मेरी किताब आएगी तो तमाशा होगा

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नई दिल्ली, एजेंसी। सोनिया गांधी ने कहा- जब राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाया जा रहा था, तब मैं इस फैसले के खिलाफ थीं। कभी नहीं चाहती थीं कि राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनें।

मेरी किताब आने पर कुछ ‘तमाशा’ जरूर होगा। दशकों से लोग मेरी कहानी बता रहे, अब मेरी बारी है अपनी कहानी बताने की।

सोनिया गांधी पर लिखी गई किताब ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ 10 नवंबर को रिलीज होगी। उन्होंने मंगलवार को X पर इसका नया वीडियो पोस्ट किया।

यह X पर पिछले हफ्ते जुड़ने के बाद सोनिया गांधी की दूसरी पोस्ट है। वीडियो में वह किताब के पन्ने पलटते हुए अपनी कहानी खुद बताने की बात कहती हैं।

सोनिया ने 5 दिन में सोशल मीडिया पर तीसरा वीडियो पोस्ट किया। 22 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर और 24 अक्टूबर को एक्स पर डेब्यू किया था।

सोनिया ने कहा- बहुत सी बातें मनगढ़ंत थीं

सोनिया ने कहा, बहुत सी बातें या तो मनगढ़ंत थीं या फिर उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था। इसलिए मुझे लगा कि अब मुझे खुद अपनी कहानी लिखनी चाहिए और तथ्यों और घटनाओं को ठीक वैसे ही बताना चाहिए, जैसे वे असलियत में घटी थीं।

राजीव से रेस्टोरेंट में मिलीं सोनिया, वहीं प्यार हुआ

शनिवार को X पर सोनिया ने पहले पोस्ट में लिखा- कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से पहली मुलाकात ने दोस्ती का रास्ता खोला।

सोनिया ने कहा-

यहीं से प्यार की शुरुआत हुई, हमने साथ मिलकर यादों की एक दुनिया बनाई।

सोनिया ने किताब खोलकर बताया- इसमें प्रियंका की कई तस्वीरें हैं।

सोनिया ने किताब खोलकर बताया- इसमें प्रियंका की कई तस्वीरें हैं।

सोनिया की जिंदगी के किस्से

पहली मुलाकात में ही राजीव पसंद आ गए

सोनिया ने बताया कि राजीव गांधी से पहली बार मिलने पर उन्हें तुरंत लगा कि वह ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके साथ वह रहना चाहेंगी। बाद में उन्हें पता चला कि राजीव भी ऐसा ही महसूस करते थे। दोनों की दोस्ती पार्टियों, घूमने और छात्रों की बैठकों में साथ समय बिताने से आगे बढ़ी।

उन्होंने कहा

वह बहुत सौम्य दिखने वाले व्यक्ति थे। बेशक, वह बहुत अच्छे दिखते थे। लेकिन उनका सौम्य स्वभाव साफ नजर आता था।

इंदिरा से पहली मुलाकात और नए परिवार में ढलना

राजीव से शादी के बाद सोनिया ने नेहरू-गांधी परिवार में अपनी जगह बनाई। आत्मकथा में अपनी सास और तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी से पहली मुलाकात और भारत में परिवार के साथ जीवन बिताने के अनुभवों का जिक्र है।

उन्होंने लिखा कि यहां की भाषा, खानपान और संस्कृति से तालमेल बैठाना भी जीवन का हिस्सा था। किताब में हिंदी सीखने, साड़ी पहनने और भारतीय जीवनशैली अपनाने के बारे में भी लिखा है।

इंदिरा और राजीव की हत्या के बाद बदली जिंदगी

1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने। सात साल बाद, 1991 में राजीव की भी हत्या कर दी गई। सोनिया ने बताया कि अपनों को खोने के दर्द ने उन्हें सार्वजनिक जीवन और राजनीति की ओर धकेला। इससे पहले वह अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक नजरों से दूर रखना चाहती थीं।

राजीव की हत्या के बाद भी राजनीति से दूर रहीं

1991 में राजीव की हत्या के बाद भी सोनिया राजनीति से दूर रहीं। पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने। 1996 तक कांग्रेस कमजोर होने लगी और पार्टी में कई गुट बन गए।

1997 में कांग्रेस को एकजुट करने के लिए सोनिया ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली। 62 दिन बाद 1998 में वे कांग्रेस अध्यक्ष बन गईं। सोनिया 2017 तक अध्यक्ष रहीं, जो पार्टी के इतिहास में सबसे लंबा कार्यकाल है।

पीएम बनने का मौका मिला, लेकिन मनमोहन सिंह को चुना

2004 में कांग्रेस ने 14 सहयोगी दलों के साथ UPA बनाया। चुनाव के बाद लेफ्ट समेत कई दलों के समर्थन से UPA को 335 सांसदों का समर्थन मिला। सहयोगियों ने सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन किया, लेकिन उन्होंने 18 मई 2004 को पद ठुकरा दिया। इसके बाद मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने।

हालांकि, NDA ने सोनिया के विदेशी नागरिक का मुद्दा उठाकर उनके पीएम बनने का विरोध किया। इसके कारण सोनिया ने पीएम पद ठुकरा दिया और मनमोहन सिंह को पीएम बनाने का प्रस्ताव रखा। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बनें। हालांकि, कहा जाता है कि पर्दे के पीछे रहकर सरकार की बागडोर सोनिया के हाथों में ही थी।

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