बीजेपी छत्तीसगढ़ के प्रभारी नितिन नबीन बने BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष:छत्तीसगढ़ में भाजपा को दिला चुके सत्ता, प्रदेश प्रभारी की संभाल रहे जिम्मेदारी
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी और बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। रविवार को भाजपा के पार्लियामेंट्री बोर्ड के इस फैसले की जानकारी राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने दी। नबीन की उम्र 45 साल है, वे 2010 से बांकीपुर सीट से विधायक हैं।
नबीन नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव तक यह जिम्मेदारी संभालेंगे। भाजपा ने साल 2020 में जेपी नड्डा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था। 2024 में उनका कार्यकाल खत्म हुआ था, तब से वे एक्सटेंशन पर थे। नड्डा अभी केंद्र में स्वास्थ्य मंत्रालय संभाल रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में बीजेपी को सत्ता दिलाने में नितिन नबीन अहम रोल निभा चुके हैं। वह फिलहाल प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं हैं। नितिन नबीन की नियुक्ति को संगठन मजबूत करने और राज्यों में बेहतर समन्वय के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
वहीं कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि नितिन नबीन को बधाई। ये भाजपा का अपना निर्णय है कि किसे अध्यक्ष बनाए, किसे कार्यकारी अध्यक्ष बनाए। हालांकि इससे यह साबित होता है कि जिस दिन फुल-टाइम प्रेसिडेंट बनाया जाएगा, पार्टी के तानाशाही रवैए के खिलाफ बगावत शुरू हो जाएगी।
छत्तीसगढ़ में लोकसभा-विधानसभा में दिला चुके जीत
नितिन नबीन बिहार सरकार में मंत्री हैं। BJP के पुराने नेता नबीन किशोर सिन्हा के बेटे हैं। नितिन बांकीपुर विधानसभा सीट से पांच बार MLA चुने गए हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा को बड़े अंतर से हराया था।
वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेशनल जनरल सेक्रेटरी भी रह चुके हैं। 2023 में उन्हें पहली बार छत्तीसगढ़ BJP का को-इंचार्ज बनाया गया था, जब ओम माथुर इंचार्ज थे। नितिन नबीन की हालिया कामयाबी छत्तीसगढ़ विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव में BJP को जीत दिलाना रही है।
छत्तीसगढ़ बीजेपी के नेताओं के साथ नितिन नबीन। (फाइल फोटो)
बीजेपी छत्तीसगढ़ के प्रभारी भी नबीन
नितिन नबीन का छत्तीसगढ़ से भी गहरा नाता रहा है। वे छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी है। छत्तीसगढ़ में उन्होंने संगठन विस्तार, चुनावी तैयारी और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय में उनकी भूमिका को अहम माना गया था।
छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में पार्टी को मजबूत करने में उनके अनुभव का लाभ मिला है। नितिन नबीन की नियुक्ति को भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को और सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नितिन नबीन पांचवीं बार विधायक बने
नितिन नबीन भाजपा के अनुभवी और जमीन से जुड़े नेताओं में गिने जाते हैं। वह लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं। वर्तमान में पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने बांकीपुर सीट से जीत दर्ज कर पांचवीं बार विधानसभा में प्रवेश किया है।
नितिन नबीन वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं। पहले भी वे कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। भाजपा संगठन में नितिन नबीन की सक्रिय भूमिका लंबे समय से रही है। संगठनात्मक कार्यों में उनकी दक्षता और चुनावी रणनीति की समझ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है।
अगर नबीन ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बने तो, सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे
फिलहान नितिन नबीन को पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। उनकी उम्र 45 साल है। भविष्य में नितिन को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो वे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले सबसे युवा व्यक्ति होंगे।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर जताई कड़ी नाराजगी, शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
बच्चों के भविष्य से जुड़ा है विद्यालय निर्माण, गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं -कलेक्टर
सूरजपुर, 25 अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व निरीक्षण जांच में पाई गई कमियों के सुधार की स्थिति की जानकारी ली। निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर प्रयोगशाला, रसोईघर, शौचालय सहित अन्य कक्षों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की फिनिशिंग एवं गुणवत्ता में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। कलेक्टर श्रीमती जमील ने निर्माण कार्य की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र पाटले, अनुविभागीय अधिकारी प्रतापपुर रमेश मोर सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि 420 सीटर एकलव्य आवासीय विद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के आदिवासी विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। विद्यालय में आवासीय व्यवस्था के साथन अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। साथ ही दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेगा।
सुरजपुर/25 अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशानुसार अवैध खनन एवं परिवहन पर कार्यवाही की जा रही है इसी कड़ी में माइनिंग अधिकारी के नेतृत्व में अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 11 गाडि़यों पर कार्यवाही की गई।प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत खड़गाँव एरिया में 3 गिट्टी हयवा अवैध परिवहन करते और राजापुर में 8 टिप्पर रेत के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर कार्यवाही की गई और जप्त कर थाने में सुपुर्द किया गया है।
जिला पंचायत CEO ने थमाया कारण बताओ नोटिस, मचा हड़कम्प
कोरबा। 15वें वित्त की राशि में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बगैर लाखों रुपए के फंड का बंदरबाट किए जाने की शिकायत में प्रशासनिक जांच में अनुपस्थित रहकर अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने वाले अथवा आधा अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने वाले अनुशासनहीन पाली ब्लॉक के 23 पंचायत सचिवों पर निलंबन की तलवार लटक रही है। उच्च अधिकारियों के आदेश निर्देश की अवहेलना तथा शासकीय कार्य में अनुशासनहीनता / उदासीनता एवं घोर लापरवाही पर जिला पंचायत सीईओ ने सबंधित पंचायत सचिवों का कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम-1999 के विरुद्ध कदाचार की श्रेणी में पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। समय सीमा में संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित पंचायत सचिवों के विरुद्ध एकतरफा निलंबन की अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ के नोटिस से सबंधित पंचायत सचिवों में हड़कम्प मचा है।
यहाँ बताना होगा कि जनपद पंचायत पाली के अंर्तगत आने वाले 24 ग्राम पंचायत क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द, नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15वें मद से ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों की व्यापक लोकहित में ग्रामसभा कार्यवाही पंजी, उपस्थिति पंजी, व्यय प्रमाणक, देयक व्हाउचर, इनवाईस बिल, टी.डी.एस. कटौती, जमा राशि एवं गुणवत्ता का परीक्षण कर भौतिक सत्यापन कराए जाने संबंधी शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी। ऊक्त शिकायती प्रकरण में जांच दल के समक्ष वांछित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने, आधा/अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने अथवा जांच दल के समक्ष अपना बयान प्रस्तुत नहीं करने वाले 23 ग्राम पंचायतों क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द, नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली के जनसूचना अधिकारी पंचायत सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जनपद पंचायत पाली के सीईओ द्वारा उप संचालक पंचायत को 03.09.,2026 को ही अभिमत समेत प्रतिवेदन भेजा जा चुका है।
उप संचालक पंचायत द्वारा प्रकरण लटकाए रखने आगामी कार्रवाई हेतु सक्षम अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा के समक्ष समय पर प्रस्तुत नहीं करने पर राज्यपाल राजभवन एवं मुख्य सचिव छग शासन तक शिकायत पहुंची थी। मीडिया में भी उक्त प्रशासनिक संरक्षण सुर्खियां बनी थी। शासनादेश के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। जिला पंचायत सीईओ ने आधा/अधूरा अभिलेख उपलब्ध कराने अथवा जांच दल के समक्ष अपना बयान प्रस्तुत नहीं करने वाले 8 ग्राम पंचायतों के सचिव क्रमशः बतरा, उड़ता, पुलालीकला, केराझरिया, पोटापानी, तिवरता, धौराभांठा, सिरकीखुर्द व जांच दल को अभिलेख (रिकार्ड)उपलब्ध नहीं कराने, समक्ष अपना कथन बयान दर्ज नहीं कराने वाले 16 पंचायत सचिवों नगोई, केराकछार, नुनेरा, खैराडूबान, धतूरा, दमिया, चोढ़ा, चैतमा, सगुना, डोड़की, सेंद्रीपाली, उतरदा, रंगोले, मुरली, बक्साही एवं सराईपाली का कृत्य घोर अनुशासन हीन पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि पंचायत सचिवों का यह कृत्य उच्च अधिकारियों के आदेश निर्देश की अवहेलना तथा शासकीय कार्य में अनुशासनहीनता / उदासीनता एवं घोर लापरवाही का प्रतीक है और छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील नियम-1999 के विरुद्ध है, जो कि कदाचार की श्रेणी में आता है। अतः आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए निलंबन करने की कार्यवाही क्यों न किया जाये ? सचिवों को इस संबंध में अधोहस्ताक्षरकर्ता अधिकारी के समक्ष 03 दिवस के भीतर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। समय सीमा में संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर सम्बंधितों के विरुद्ध एकतरफा अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बहरहाल निलंबन नोटिस से पूरे जिले में पंचायत विभाग में हड़कम्प मचा है। अगर सभी पंचायत सचिवों पर निलंबन के कार्रवाई की गाज गिरती है तो जिले में अब तक कि यह सबसे बड़ी कार्रवाई होगी। सन्निकट भविष्य में भी यह कार्रवाई एक नजीर बनेगी। एक लोकसेवक के कर्तव्यों के सर्वथा विपरीत कार्य व्यवहार ने 23 पंचायत सचिवों को निलंबन के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।