पोड़ी उपरोड़ा में विभिन्न विभागों में संचालित विकास कार्यो व निर्मित किए जा रहे भवनों का लिया जायजा निर्माणाधीन एक्लव्य विद्यालय, स्कूल, आश्रम, पीडीएस भवन, सहित अन्य संस्थाओं का अवलोकन कर कार्य प्रगति की ली जानकारी निर्माण कार्यों में लाएं गति, गुणवत्ता का रखे विशेष ध्यानः कलेक्टर कुणाल दुदावत आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों की गतिविधियां बढ़ाने और व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के दिए निर्देश कोरबा। जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में संचालित निर्माणाधीन परियोजनाओं की जमीनी स्थिति जानने कलेक्टर कुणाल दुदावत आज पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के विभिन्न स्थानों का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षा, आदिवासी विकास, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों के चल रहे निर्माण कार्यों एवं संस्थानों का मौके पर पहुंचकर अवलोकन किया। इस दौरान निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और उपलब्ध व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी लेते हुए अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी अधूरे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यो में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने एवं निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति लाने हेतु निर्देशित किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन, एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा मनोज बंजारे सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पोड़ी के विद्यालय भवन, किचन एवं डाइनिंग ब्लॉक, बालक एवं बालिका छात्रावास भवन सहित प्रस्तावित परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण ड्राइंग का अवलोकन करते हुए स्थल का साइट लेवलिंग कराने, प्लिंथ लेवल सुरक्षित ऊंचाई तक विकसित करने, बाउंड्री वॉल निर्माण में तेजी लाने तथा लाइन शिफ्टिंग का कार्य शीघ्रता से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी एजेंसी से मैनपावर बढ़ाकर निर्माण में अपेक्षित प्रगति लाने और प्रत्येक चरण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने निर्देशित किया।
निर्माण कार्यों में लापरवाही पर एसडीओ एवं सब इंजीनियर को नोटिस जारी करने के निर्देश
इसी प्रकार पोड़ी उपरोड़ा में निर्माणाधीन 100 सीटर बालक आश्रम का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने निर्मित भवन के सभी कक्षों एवं परिसर का अवलोकन किया। धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अतिरिक्त श्रमिक लगाकर शेष सभी कार्य आगामी तीन माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों के प्रति उदासीनता पाए जाने पर संबंधित एसडीओ एवं सब इंजीनियर के विरुद्ध नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए। लमना में निर्माणाधीन हायर सेकेंडरी स्कूल एवं माध्यमिक शाला भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, तकनीकी स्वीकृति में निर्धारित सामग्रियों का ही उपयोग करने की हिदायत दी। उन्होंने विद्यालय में प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय भवन निर्माण के लिए शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा परिसर के पुराने भवन में लीकेज, सीपेज एवं अन्य आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए। समेलीभांठा के प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने संस्थान में दर्ज एवं उपस्थित बच्चों की जानकारी ली और भवन की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने भवन के लीकेज एवं सीपेज की मरम्मत, रंग-रोगन, फर्श पर टाइल्स लगाने सहित आवश्यक सुधार कार्यों के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान पोड़ी उपरोड़ा में निर्माणाधीन चिकित्सक आवास एवं कोनकोना में ट्रेनिंग सेंटर भवन का भी अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने सम्बंधित निर्माण एजेंसी को निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। तानाखार में निर्माणाधीन उचित मूल्य दुकान भवन का निरीक्षण कर शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।
तानाखार पंचायत के ग्राम मांझीपारा के आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर ने बच्चों की उपस्थिति, ग्रोथ चार्ट, विभिन्न पंजियों तथा पोषण संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र में दर्ज गर्भवती महिलाओं एवं उन्हें वितरित किए जा रहे रेडी-टू-ईट आहार की जानकारी भी ली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को बच्चों की आयु के अनुरूप शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां बढ़ाने, नियमित रूप से सीखने की नई गतिविधियां संचालित करने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए और अधिक सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए।
BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में वित्त मंत्री ने कहा-विकसित भारत के लक्ष्य के लिए स्वस्थ युवा आबादी सबसे बड़ी ताकत
नवा रायपुर में देशभर से आए कैंसर विशेषज्ञों का किया स्वागत, चिकित्सा क्षेत्र में शोध और विशेषज्ञ सेवाओं को बढ़ावा देने पर दिया जोर
रायपुर, 20 सितम्बर 2026। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी आज नवा रायपुर में बाल्को मेडिकल सेंटर, eCancer तथा टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा आयोजित चतुर्थ वार्षिक BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में शामिल हुए। कॉन्क्लेव की थीम “Restoring Balance to Cancer Care” पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कैंसर केयर, स्वास्थ्य सेवाओं की भविष्य की चुनौतियों और देश की युवा आबादी को स्वस्थ बनाए रखने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। देश की औसत आयु करीब 29 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु करीब 24 वर्ष है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यह युवा आबादी भारत की आर्थिक प्रगति की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस युवा शक्ति का स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आने वाले 10-20 वर्षों में भारत की जनसांख्यिकी में तेजी से बदलाव होगा और आबादी की औसत आयु बढ़ेगी। ऐसे में स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने बड़ी चुनौती होगी कि देश आर्थिक रूप से विकसित होने से पहले अस्वस्थ न हो जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मानव संसाधन किसी भी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। इसलिए स्वास्थ्य क्षेत्र में समय रहते तैयारी, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ सेवाओं और शोध को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।
स्वस्थ आबादी विकसित भारत की आधारशिला
श्री चौधरी ने कहा कि आर्थिक विकास की गति के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की आर्थिक विकास यात्रा की रीढ़ है, लेकिन इस आबादी को स्वस्थ रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के साथ-साथ जागरूकता, समय पर जांच, शुरुआती पहचान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर निरंतर काम किया जाना चाहिए।
वित्त मंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन के शुरुआती वर्षों में पूरे प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। उन्होंने बताया कि लगभग 25-26 वर्ष पहले राज्य पीएमटी में करीब 50वीं रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी मेडिकल सीट प्राप्त करना कठिन होता था, क्योंकि पूरे राज्य में रायपुर में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। उन्होंने कहा कि उस स्थिति से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है और आने वाले दो वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 20 से अधिक होने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है।
नवा रायपुर में देशभर से आए विशेषज्ञों का स्वागत
श्री चौधरी ने बाल्को मेडिकल सेंटर और सर्जिकल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से छत्तीसगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. यशवंत कश्यप, डॉ. दिवाकर पांडे, डॉ. आलोक कुमार स्वाइन और डॉ. अभिनव इंगले सहित आयोजन से जुड़े चिकित्सकों को धन्यवाद दिया तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों का नवा रायपुर में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रीन कैपिटल सिटी है और यह एक ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित की जा रही है। नवा रायपुर के नियोजित विकास, हरित क्षेत्र और मनोरंजन सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने देशभर से आए चिकित्सकों से कॉन्क्लेव के साथ-साथ शहर को भी देखने और समझने का आग्रह किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर के विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन प्रदेश में चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं तथा कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई तकनीकों और बेहतर उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं।
कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र में कैंसर केयर को अधिक प्रभावी, संतुलित और मरीज-केंद्रित बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
प्रशिक्षक सौरभ कुमार जैन एवं कल्पना सिंह ने शिक्षकों को सिखाए प्रभावी कक्षा प्रबंधन के गुण
कोरबा, 20 सितंबर 2026। खरहरकुड़ा, मडवारानी स्थित नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), भुवनेश्वर के उत्कृष्टता केंद्र द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘क्षमता निर्माण कार्यक्रम’ रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 19 और 20 सितंबर को आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य विषय ‘प्रभावी कक्षा प्रबंधन’ (Classroom Management) रहा, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में सैनिक स्कूल अंबिकापुर के संस्कृत शिक्षक सौरभ कुमार जैन एवं डीपीएस की प्राचार्या श्रीमती कल्पना सिंह ने मुख्य स्रोत व्यक्ति (Resource Persons) के रूप में शिरकत की। दोनों विशेषज्ञों ने अपने व्यावहारिक अनुभवों और गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण और कक्षा प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराया।
सौरभ कुमार जैन ने विभिन्न गतिविधियों और व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए बताया कि कक्षा प्रबंधन केवल अनुशासन बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक अनुकूल और सकारात्मक वातावरण तैयार करने की सतत प्रक्रिया है। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को समझते हुए विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों, समय प्रबंधन और संसाधनों के सही उपयोग के गुर सिखाए।
वहीं, श्रीमती कल्पना सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कक्षा में सकारात्मक वातावरण निर्मित करने, विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के व्यावहारिक उपाय साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के चेयरमैन पीएमजेएफ़ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल तथा प्राचार्या शोमा सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए इस तरह के आयोजनों को शिक्षकों के पेशेवर विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और आए हुए स्रोत व्यक्तियों व प्रतिभागी शिक्षकों का मार्गदर्शन व उत्साहवर्धन किया।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न interactive गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और कक्षा प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किए। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने की कार्रवाई, विभागीय जांच के आदेश
कोरबा,20 सितंबर 2026। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने जनपद पंचायत कटघोरा अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितता एवं अमानक निर्माण पाए जाने पर उप अभियंता रामकुमार पोर्ते को 18 सितंबर 2026 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, उनके विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई है।
कलेक्टर द्वारा 06 सितंबर 2026 को किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सलोरा ‘क’ में निर्माणाधीन पीडीएस दुकान-सह-गोदाम तथा ग्राम पंचायत जेंजरा में आंगनबाड़ी भवन एवं प्राथमिक शाला भवन निर्माण कार्यों में निर्धारित प्राक्कलन, मानक एवं गुणवत्ता के अनुरूप कार्य नहीं पाया गया। इस संबंध में जारी कारण बताओ सूचना पत्र के जवाब को असंतोषप्रद पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।
विभागीय जांच के लिए श्रीमती यामिनी देवांगन, कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग कोरबा को जांचकर्ता अधिकारी तथा बाबूलाल यादव, अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जनपद पंचायत पाली को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि में श्री पोर्ते का मुख्यालय ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, कोरबा निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।