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देश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का हमला, PM मोदी की चुप्पी पर जयराम रमेश ने उठाए सवाल

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नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने रविवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चढ़ावे में कथित हेराफेरी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “चुप्पी” पर सवाल उठाए और कहा कि देश “आस्था से विश्वासघात” के लिए भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कभी माफ नहीं करेगा। कांग्रेस महासचिव (प्रभारी संचार) जयराम रमेश ने उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच, फॉरेंसिक ऑडिट, जवाबदेही तय करना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पार्टी की मांगों को फिर से दोहराया। रमेश ने ‘एक्स’ पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, “चंदा चोरी: आस्था से धोखा। भगवान श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण का खुलासा हुए आज एक माह बीत चुका है, पर हर चीज का श्रेय लेने वाले प्रधानमंत्री मोदी जवाबदेही के नाम पर मौन मोदी बने हुए हैं।”

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने वालों की पोल अब हर रोज नए तथ्यों से खुल रही है। रमेश ने कहा कि चढ़ावा चोरी के मामले में रोजाना लाखों रुपये गायब होने की बात मामले को रफा-दफा करने के लिए बनाए गए विशेष जांच दल (एसआईटी) को भी माननी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया, “भगवान श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं हो सकता, पर फिर भी यह राम द्रोही सरकार असली गुनाहगारों को बचाने में लगी है।

रमेश ने कहा कि कांग्रेस पहले से ही कहती आई है कि एसआईटी, प्राथमिकी और इस्तीफे बस देशवासियों की आंखों में धूल झोंकने के प्रयास हैं। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मामले को दबाने की सरकारी कोशिशों से स्पष्ट हो गया है कि चंपत राय और अन्य मंदिर न्यासियों के पास कुछ गहरे राज हैं, जिसके कारण मोदी सरकार उनपर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और उनका दबदबा आज भी क़ायम है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस की निम्नलिखित मांग हैं: उच्चतम न्यायालय की देखरेख में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, फॉरेंसिक ऑडिट, जवाबदेही तय हो, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

 रमेश ने आरोप लगाया, “प्रधानमंत्री जी, देश जानना चाहता है: यह चुप्पी क्यों? मोदी जी के संरक्षण में भाजपा-आरएसएस द्वारा सुनियोजित तरीके से आस्था के नाम पर किए जा रहे इस विश्वासघात के लिए देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।” कांग्रेस ने शनिवार को चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में प्रधानमंत्री मोदी को घेरने की कोशिश की। पार्टी ने इस मुद्दे पर उनकी “चुप्पी” पर सवाल उठाए और कहा कि वह संसद के आगामी सत्र में उनसे जवाब मांगेगी। कांग्रेस नेताओं ने देश भर में 26 जगहों पर संवाददाता सम्मेलन किये। 

उन्होंने दावा किया कि “चढ़ावे में हेराफेरी” की एसआईटी रिपोर्ट “बड़ी समस्या का बस एक छोटा सा हिस्सा” है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से “बड़े लोग आजादी से घूम रहे हैं”, उससे पता चलता है कि उन्हें “प्रधानमंत्री मोदी का पूरा संरक्षण और आशीर्वाद” हासिल है। कांग्रेस और दूसरे विरोधी दलों के हमलों के बीच, भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि चढ़ावा चोरी के मामले में दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, पार्टी ने आरोप लगाया है कि जो विपक्षी दल कभी राम मंदिर निर्माण के समर्थन में नहीं थे, वे अब हिंदुओं को बांटने के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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खेल

भारत ने दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड को हराया:बारिश के कारण DLS से फैसला, गुरनूर बरार को 4 विकेट, सीरीज में 2-0 की बढ़त

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वेलिंगटन, एजेंसी। बारिश से प्रभावित दूसरे वनडे में भारत ने न्यूजीलैंड को डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम से 4 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने 5 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है।

वेलिंगटन में बारिश के कारण मुकाबला 47 ओवर का कर दिया गया था। टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी चुनी। न्यूजीलैंड की टीम 41 ओवर में 134 रन पर सिमट गई। डेरिल मिचेल ने सबसे ज्यादा 55 रन बनाए। भारत के लिए गुरनूर बरार ने 30 रन देकर 4 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए।

135 रन का पीछा करते हुए भारत ने 26 ओवर में 7 विकेट पर 113 रन बनाए थे, तभी बारिश के कारण खेल रोकना पड़ा। इस समय DLS के तहत भारत का पार स्कोर 109 रन था। टीम इससे 4 रन आगे थी और इसी आधार पर जीत मिली। श्रेयस अय्यर ने 30, केएल राहुल ने नाबाद 26 और रोहित शर्मा ने 23 रन बनाए।

भारत ने 4 रन से जीता मुकाबला

वेलिंगटन में बारिश के कारण भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला रद्द हो गया। भारत ने DLS मेथड से 4 रन से जीत दर्ज की। न्यूजीलैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 134 रन पर ऑलआउट हो गई थी। बारिश के कारण मैच दोबारा शुरू नहीं हो सका और भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।

बारिश की वजह से भारत ने 26 ओवर की बल्लेबाजी की और मैच जीत लिया।

बारिश की वजह से भारत ने 26 ओवर की बल्लेबाजी की और मैच जीत लिया।

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देश

राहुल बोले-E20 बना 420, पब्लिक की कार से पेट्रोल चोरी:20% की जगह 31.2% एथेनॉल मिला, कंपनियों ने कहा- जांच नियमों के मुताबिक नहीं

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नई दिल्ली, एजेंसी। पेट्रोल में तय सीमा से ज्यादा एथेनॉल मिलने के आरोप पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने X पर लिखा- ‘E20 अब 420 बन गया है, जनता की गाड़ी से पेट्रोल चोरी हो रहा है।’

राहुल के मुताबिक, कर्नाटक सरकार ने 7 जिलों से पेट्रोल के 14 सैंपल लेकर मान्यता प्राप्त लैब में जांच कराई। इनमें 11 सैंपल में एथेनॉल की मात्रा 20% से ज्यादा मिली। इंडियन ऑयल के एक सैंपल में यह 31.2% और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सैंपल में 30.5% थी।

हालांकि, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने जांच के नतीजों पर सवाल उठाए हैं। कंपनियों का कहना है कि सैंपल की जांच तय कानूनी और तकनीकी मानकों के मुताबिक नहीं हुई।

राहुल बोले- कस्टमर के पास कोई विकल्प नहीं

  • ज्यादा एथेनॉल वाला पेट्रोल इस्तेमाल करने से गाड़ियों का माइलेज घट सकता है और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। आम लोग महंगे पेट्रोल के पैसे दे रहे हैं, लेकिन उनकी गाड़ियां इतनी ज्यादा एथेनॉल वाले पेट्रोल के लिए नहीं बनी हैं। इससे गाड़ियों को नुकसान हो सकता है और बार-बार मैकेनिक के पास जाना पड़ सकता है।
  • ग्राहकों को यह नहीं बताया जा रहा कि उनकी गाड़ी में कितना एथेनॉल मिला पेट्रोल डाला जा रहा है। ऐसे में उनके पास कोई विकल्प भी नहीं है।
  • देशभर में बिक रहे पेट्रोल में वास्तव में कितनी मात्रा में एथेनॉल मिलाया जा रहा है। उन्होंने तय सीमा से ज्यादा एथेनॉल मिलाने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

तीन तेल कंपनियों ने जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल

कर्नाटक सरकार के विभाग ने दावा किया था कि राज्य के कुछ पेट्रोल पंपों पर बिक रहे पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 26% से 31% के बीच थी।

इस पर इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने कहा कि कर्नाटक समेत देशभर में सप्लाई किया जा रहा E20 पेट्रोल भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के तय मानक आईएस 17021 के मुताबिक है। यह मानक एथेनॉल मिले पेट्रोल के लिए तय किया गया है।

कंपनियों ने अक्टूबर में लिए गए सैंपल की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2005 के सरकारी आदेश और 2024 की मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस में सैंपल लेने, उन्हें सुरक्षित रखने, जांच कराने और रिपोर्ट देने के नियम तय हैं।

किस कंपनी के पेट्रोल में कितना एथेनॉल मिला?

लैब जांच में सामने आया कि सभी बड़ी तेल कंपनियों के पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 20% की लिमिट से काफी ज्यादा थी। बेंगलुरु अर्बन सहित 7 जिलों के सैंपलों में IOCL के पेट्रोल में सबसे ज्यादा 31.2% तक एथेनॉल मिला। इसके अन्य सैंपल में 20.8% एथेनॉल पाया गया।

वहीं, HPCL के पावर पेट्रोल में 30.5% और नॉर्मल पेट्रोल में 27% एथेनॉल पाया गया। BPCL के स्पीड पेट्रोल में 26.5% और अन्य सैंपल में 24.2% और 22.6% एथेनॉल मिला।

इसके अलावा, नायरा के पेट्रोल में 26.1%, शेल के पेट्रोल में 25.5% और MRPL के पेट्रोल में 19.2% तक एथेनॉल दर्ज किया गया।

गाड़ी मालिकों को रू.1 लाख करोड़ का नुकसान

कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिजवान अरशद ने कहा कि केंद्र सरकार को देश की जनता के सामने साफ करना चाहिए कि उन्हें असल में कितना एथेनॉल वाला ईंधन दिया जा रहा है। कर्नाटक सरकार के आंकड़ों के मुताबिक…

माइलेज गिरने से नुकसान: अगर पेट्रोल में ज्यादा एथेनॉल की वजह से माइलेज में 10% की गिरावट आती है, तो देशभर के गाड़ी मालिकों को सालाना रू.62,000 करोड़ का नुकसान होगा।

मेंटेनेंस का अतिरिक्त खर्च: गाड़ियों के इंजन खराब होने और सर्विसिंग बार-बार कराने की वजह से रू.39,000 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

तेल कंपनियों ने सैंपल दोबारा जांच के लिए देने की मांग की

तेल कंपनियों के मुताबिक, नियमों के तहत पेट्रोल के 1-1 लीटर के 6 सैंपल लिए जाते हैं। इनमें से 2 सैंपल पेट्रोल पंप संचालक को रसीद देकर दिए जाते हैं, 2 तेल कंपनी या संबंधित विभाग के पास रखे जाते हैं और बाकी 2 जांच के लिए तय लैब में भेजे जाते हैं।

कंपनियों ने कहा कि सैंपल के लेबल पर संबंधित पक्षों के हस्ताक्षर होने चाहिए। जांच रिपोर्ट तय समय में पेट्रोल पंप संचालक और तेल कंपनी को दी जानी चाहिए।

तीनों कंपनियों ने कर्नाटक सरकार से सैंपल लेने की प्रक्रिया के दस्तावेज, हर पेट्रोल पंप की जांच रिपोर्ट और जांच के तरीके की जानकारी मांगी है।

कंपनियों ने कर्नाटक सरकार से सैंपल दोबारा जांच के लिए देने को कहा है। उन्होंने मांग की है कि जांच अधिकृत लैब में हो और इसमें राज्य सरकार व तेल कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहें। कंपनियों का कहना है कि उनके यहां से सप्लाई होने वाला E20 पेट्रोल बीआईएस के मानकों के मुताबिक है।

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देश

जज से बोले आरोपी- बुलेट प्रूफ जैकेट-हथकड़ी पहनाकर यूपी भेजें:वरना एनकाउंटर हो जाएगा, कोर्ट ने इजाजत दी, कहा- पुलिस ध्यान रखे, अनहोनी न हो

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शामली, एजेंसी। हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के दो आरोपियों ने फर्जी एनकाउंटर की आशंका जताते हुए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से सुरक्षा मांगी है। आरोपियों ने कोर्ट से कहा कि उन्हें यूपी के शामली ले जाते समय हथकड़ी, बेड़ियां और बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाई जाए, क्योंकि यूपी पुलिस उनका फर्जी एनकाउंटर कर सकती है।

इस पर कोर्ट ने जेल प्रशासन को दोनों की पेशी के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए साथ ही कहा कि रास्ते में कोई अनहोनी न हो।

दोनों आरोपी फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। दोनों को 12 नवंबर, 2026 को शामली कोर्ट में पेश किया जाना है। शामली में 26 अगस्त को हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

26 अगस्त को शामली में वारदात के बाद लोगों ने अंकित का शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था।

26 अगस्त को शामली में वारदात के बाद लोगों ने अंकित का शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था।

अंकित को 5 गोलियां लगी थीं। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

अंकित को 5 गोलियां लगी थीं। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

अंकित की स्कॉर्पियो के अगले शीशे पर 3 गोलियां लगी थीं। सड़क पर कई कारतूस पड़े थे।

अंकित की स्कॉर्पियो के अगले शीशे पर 3 गोलियां लगी थीं। सड़क पर कई कारतूस पड़े थे।

नवंबर 2026 में हत्याकांड की साजिश में शामिल योगेश उर्फ टुंडा और दीपक उर्फ तीतर को गिरफ्तार करके कैराना कोर्ट में पेश किया था।

26 अगस्त को यूपी के शामली में एक जिम के बाहर हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

31 अगस्त 2026 को यूपी पुलिस और एसटीएफ ने कैराना में मुठभेड़ में शूटर मुहित और सुमित को मार गिराया था।

अक्टूबर 2026 फरार चल रहे आरोपी आर्यन सिंधु और सत्यम उपाध्याय की संपत्ति कुर्क की गई थी।

6 साल पहले शादी, पत्नी सरकारी टीचर

अंकित बालियान शामली के बंतीखेड़ा गांव के रहने वाले थे। वह हरियाणा के सोनीपत में रहते थे। हालांकि, पिछले कई महीनों से वह परिवार के साथ अपने गांव में रह रहे थे। उसके पिता सतबीर रिटायर्ड फौजी हैं, जबकि मां अमरेश गृहिणी हैं।

अंकित 4 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। अंकित की शादी 6 साल पहले सीमा के साथ हुई थी। सीमा दिल्ली में सरकारी टीचर हैं। दोनों के बच्चे नहीं थे।

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