उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने किया इन विकास कार्येा का भूमिपूजन
कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी जोनांतर्गत वार्ड क्र. 35 एवं 36 को 02 करोड़ 95 लाख रूपये के लागत वाले 07 नये विकास कार्यो की सौगात प्राप्त हुई है, प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में खरमोरा में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान इन सभी विकास कार्यो का भूमिपूजन उनके हाथों किया गया। इस अवसर निगम के सभापति नूतन सिंह ठाकुर एवं पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधिगण विशिष्ट रूप से उपस्थित थे।
नगर पालिक निगम केारबा द्वारा 01 करोड़ 94 लाख 70 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 36 अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग कालोनी में नाली निर्माण तथा जिला चिकित्सालय मुख्य मार्ग तक नाला का निर्माण जिला खनिज न्यास मद से किया जाना हैं। इसी प्रकार मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से 20 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 36 साधराम राठौर घर से राठिया समाज भवन तक सी.सी.रोड एवं नाली का निर्माण कार्य, इसी मद से 20 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 36 स्थित निर्मला स्कूल से विनोद सोनवानी घर तक नाली का निर्माण एवं इसी मद से 05 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 36 डिंगापुर जंगल खटाल में मंच निर्माण का कार्य कराया जाना हैं। इसी प्रकार जिला खनिज संस्थान मद से 35 लाख 80 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 35 अंतर्गत गोकुलनगर गोठान हेतु बाउण्ड्रीवाल शेड, अतिरिक्त कक्ष व शौचालय का निर्माण कार्य, इसी मद से 15 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 35 न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी खरमोरा गेट से मेन रोड तक सी.सी. रोड का निर्माण तथा मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से 05 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 35 मेन रोड खरमोरा हनुमान मंदिर से कमल राठौर के घर तक सी.सी. रोड का निर्माण भी निगम द्वारा किया जाना हैं। प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के करकमलों से इन सभी विकास कार्यो का भूमिपूजन किया गया।
आमजन को अधिकाधिक सुविधाएं देना, हमारा प्रथम लक्ष्य
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि जनताजनार्दन को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना, उनकी समस्त विकास संबंधी समस्याओं का त्वरित रूप से समाधान करना, मेरा प्रथम लक्ष्य है तथा इसी महत्वपूर्ण लक्ष्य को सामने रखकर निगम क्षेत्र में लगातार विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के द्वारा लगातार प्राप्त मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद के परिणाम स्वरूप विगत दो-सवा दो वर्षो के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, जिसमें ढेर सारे कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, कुछ प्रगति पर हैं तथा शेष कार्य निविदा प्रक्रिया में हैं। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार द्वारा दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कराई जा रही है, जिनका लाभ देश व प्रदेश के करोड़ों लोगों को प्राप्त हो रहा है।
बिना भेदभाव के सभी 67 वार्डो में विकास कार्य
इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव तथा उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन व आशीर्वाद से नगर पालिक निगम कोरबा के सभी वार्डो में बिना किसी भेदभाव के व्यापक रूप से विकास कार्य कराये जा रहे हैं, उद्योग मंत्री श्री देवांगन द्वारा विकास कार्यो हेतु लगातार विभिन्न मदों से फंड की व्यवस्था की जा रही है। उन्होने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह संकल्प है कि देश के हर व्यक्ति के पास उसका अपना पक्का मकान हों, जिसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में 26 लाख आवासगृहों की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा तेजी के साथ आवासगृहों का निर्माण कार्य हो रहा है। उन्होने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की बदौलत देश व प्रदेश के सभी वर्ग के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठ रहा है, उनकी समस्याएं दूर हो रही है, सुविधाएं बढ़ रही हैं।
लखनलाल देवांगन के मंत्री बनते ही कोरबा ने पकड़ी विकास की तेज गति
इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि लखनलाल देवांगन जैसे ही कोरबा के विधायक व प्रदेश के मंत्री बने, वे ही कोरबा में विकास ने तेज गति पकड़ ली है तथा विकास की गंगा बह रही है, उन्होने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुये कहा कि आपका जो आशीर्वाद उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत को प्राप्त हुआ है, उसी आशीर्वाद का परिणाम है कि अब कोरबा में तेजी से विकास हो रहा है, सुविधाएं बढ़ रही हैं, जनसमस्याएं समाप्त हो रही हैं।
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान सभापति नूतन सिंह ठाकुर के साथ ही एम.आई.सी.सदस्य अजय गोंड़, पार्षद प्रताप सिंह कंवर, सुकुंदी यादव, चन्द्रकली जायसवाल, वैभव शर्मा, रामकुमार पटवा, गोपाल राठिया, सरस्वती पटेल, ललेश दुबे, ईश्वर सिंह कंवर, छोटेलाल यादव, अनिल डिक्सेना, गुडिया यादव, ममता शर्मा, ईतवार सिंह कंवर, निर्मला कंवर, चंदन कंवर, बजरंग पटेल, हेमंत चन्द्रा, जोन कमिश्नर भूषण उरांव, राहुल मिश्रा, अश्वनी दास आदि के साथ काफी संख्या में आमनागरिकगण उपस्थित थे।
नई डिजिटल व्यवस्था से खाद की उपलब्धता और बिक्री पर रहेगी निगरानी
कोरबा 05 नवंबर 2026। रबी सीजन 2026-27 में रासायनिक उर्वरकों का पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिले में आज से ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (एफएफएस) सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोकन आधारित व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत किसान मोबाइल ऐप से खाद की प्री-बुकिंग कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद उर्वरक दिया जाएगा।
नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना, वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। एफएफएस सॉफ्टवेयर के जरिए विक्रेताओं के स्टॉक, उर्वरक की प्राप्ति, दैनिक बिक्री और शेष उपलब्धता का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की बिक्री और स्टॉक की जानकारी के आधार पर अधिकारी मांग, आपूर्ति और वितरण की नियमित समीक्षा कर सकेंगे। जिले के किसान आधार कार्ड या फार्मर आईडी की सहायता से ऐप में लॉगिन कर सकते हैं। ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान घर बैठे खाद की प्री-बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग के बाद 48 घंटे के भीतर संबंधित दुकान पर टोकन का क्यूआर कोड स्कैन कराना जरूरी होगा। निर्धारित समय में स्कैन नहीं कराने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं। आज मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टोकन जारी किए गए। नई प्रक्रिया के तहत उर्वरक प्राप्त करने वाले किसानों ने व्यवस्था को सहज बताया। इसके सुचारू संचालन के लिए कृषि विभाग और सहकारी समितियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से एफएफएस ऐप के माध्यम से ही खाद की बुकिंग और खरीदी करने की अपील की है। ऐप पर टोकन बनाने में किसी प्रकार की समस्या आने पर किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या सहकारी समिति के अधिकारियों-कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन के तीन दिन में मिला आय प्रमाण पत्र, सेवा सेतु से आसान हुई राह
समय और धन दोनों बचे, तीन दिन में मिल गया प्रमाण पत्र” – सुश्री पायल नेटी
कोरबा 05 नवम्बर 2026। आवश्यक शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए पहले नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने, बार-बार आने-जाने और अपना समय व धन खर्च करने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु पहल से शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो रही है। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बन रही है। पाली तहसील अंतर्गत ग्राम नांनबांका निवासी सुश्री पायल नेटी, पुत्री भगवान सिंह नेटी, को भी इस सुविधा का लाभ मिला। उन्होंने 30 सितंबर को आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम सुतर्रा स्थित अशोक च्वाइस सेंटर के माध्यम से आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन के महज तीन दिन बाद, 3 अक्टूबर को उनका आय प्रमाण पत्र जारी हो गया। कम समय में प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें अनावश्यक भागदौड़ और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली। पायल नेटी अपने अनुभव साझा करते हुए बताती हैं, “पहले आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालयों में जाना पड़ता था। आने-जाने में समय लगता था और पैसे भी खर्च होते थे। अब च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन करने पर मुझे केवल तीन दिन में आय प्रमाण पत्र मिल गया। इसके लिए न तो अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ी और न ही बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। इससे मेरे समय और धन दोनों की बचत हुई है।” पायल के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से जरूरी शासकीय दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हुई है। च्वाइस सेंटर के जरिए आवेदन की सुविधा मिलने से लोगों को अपने आवश्यक कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे शासकीय सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच बढ़ रही है और उनका समय भी बच रहा है। सेवा सेतु की इस पहल की सराहना करते हुए पायल नेटी एवं उनके पिता भगवान नेटी ने बताया सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं का लाभ लेना पहले की तुलना में काफी सरल हुआ है। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने पर महज तीन दिनों में आय प्रमाण पत्र जारी होना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा, “सरकार की इस पहल से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है। कम समय में जरूरी प्रमाण पत्र मिल जाने से भागदौड़ कम हुई है और समय व धन की बचत भी हो रही है। मैं चाहती हूं कि ऐसी सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। जनसुविधा को प्राथमिकता देने वाली इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
अस्पताल को नए मरीज भर्ती नहीं करने और योजना से संबंधित प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश
कोरबा 05 नवंबर 2026। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों की नियमित निगरानी एवं जांच की जा रही है। इसी क्रम में 30 सितंबर 2026 को कटघोरा स्थित हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल ( HOSP22P147364) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जांच दल ने अस्पताल में कई अनियमितताएं पाईं। इनमें मरीजों के परिजनों से नगद राशि लिए जाने संबंधी बयान, भर्ती अभिलेखों में गलत मोबाइल नंबर दर्ज होना, भर्ती फाइलों में दर्ज 68 मोबाइल नंबरों का गलत अथवा उपयोग में नहीं होना, नवजात शिशुओं के उपचार से संबंधित अनियमितताएं तथा पैथोलॉजी और अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़े अभिलेख उपलब्ध न होना शामिल है। इन अनियमितताओं के संबंध में अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक एवं तथ्यों के अनुरूप नहीं पाया गया। मरीजों से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आईं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने बताया कि अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा जुलाई 2026 में जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 6.4.1 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल, कटघोरा का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निलंबित किया गया है। इस अवधि में अस्पताल को योजना के तहत नए मरीज भर्ती नहीं करने तथा अस्पताल एवं परिसर से योजना से संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।