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कोरबा

तहसील-कार्यालय के सामने किसान ने पीया जहर:गंभीर हालात में बिलासपुर रेफर

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धान नहीं बेच पा रहा था, कोरबा में 24 घंटे के अंदर दूसरी घटना

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मंगलवार को एक और किसान से सुसाइड की कोशिश की है। धान नहीं बेच पाने से परेशान किसान ने तहसील कार्यालय के बाहर जहर पी लिया। जिसे इलाज के लिए बिलासपुर में भर्ती किया गया है। मामला हरदी बाजार थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित किसान का नाम बैसाखू मरकाम (60) है और वह झांझ गांव का रहने वाला है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में रकबा कम दिखाने के कारण वह ज्यादा धान नहीं बेच पा रहा था। उसने अब महज 15 क्विंटल धान ही बेचा था। सुधार कार्य के लिए वह तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था।

यह 24 घंटे के भीतर जिले में ऐसी दूसरी घटना है। इससे पहले धान बिक्री के लिए टोकन नहीं मिलने से परेशान किसान ने कीटनाशक पी लिया था। उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। आरोप है कि किसान पटवारी से लेकर तहसील ऑफिस तक के चक्कर काटे। जनदर्शन में भी शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

किसान को डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज देकर बिलासपुर रेफर किया।

किसान को डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज देकर बिलासपुर रेफर किया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक और जिला पंचायत प्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे।

मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक और जिला पंचायत प्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, किसान बैसाखू मरकाम के पास 3 एकड़ 27 डिसमिल खेत है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में जमीन रकबा कम शो कर रहा था। ऐसे में किसान अब तक मात्र 15 क्विंटल धान ही बेच पाया था। सुधार कार्य कराने के लिए वह तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था।

लेकिन किसान का काम नहीं हो रहा था। जिससे वह परेशान था। मंगलवार दोपहर वह हरदी बाजार तहसील कार्यालय पहुंचा। कुछ ही देर बाद उसने दफ्तर के सामने खुदकुशी के इरादे से जहर पी लिया।

किसान को बिलासपुर के सिम्स रेफर किया गया है।

किसान को बिलासपुर के सिम्स रेफर किया गया है।

किसान की बिगड़ी हालत

किसान की हालत बिगड़ने पर आसपास के लोगों ने प्रशासन और परिजनों को सूचित किया। इसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां पुलिस और परिजन भी पहुंचे। पीड़ित की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज देने के बाद उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने खुद की गाड़ी से भिजवाया अस्पताल

मामले में जिला पंचायत प्रतिनिधि मुकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही मैं और जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मुकेश जायसवाल मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस आने में देरी होने पर उपाध्यक्ष ने खुद की गाड़ी से किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरदी बाजार भिजवाया।

ननकी राम कंवर ने जताया दुख

भाजपा की वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने कहा कि हरदी बाजार क्षेत्र के किसानों को धान खरीदी में प्रशासन की ओर से उलझन पैदा करना और किसानों को परेशान होने के बाद यदि कोई अंतिम प्रयास कर आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा है, तो यह अत्यंत दुखद है।

उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन को किसानों की समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और उनका समाधान करना चाहिए। दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस विषय में मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और राजस्व मंत्री सहित कलेक्टर कोरबा से चर्चा करेंगे।

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कोरबा

CMD के गेवरा दौरे के बिच भू विस्थापित श्रमिकों के विभिन्न मांगो को लेकर अजय जायसवाल के नेतृत्व मे खदान मे लगातार 6 घंटे काम ठप कर किया जमकर विरोध प्रदर्शन

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कोरबा/गेवरा। आज एक तरफ गेवरा खदान के दौरे मे SECL बिलासपुर CMD कोरबा प्रवास पर रहे वही दूसरी ओर अजय जायसवाल भू विस्थापित श्रमिकों सहित स्थानीय बेरोजगारों रोजगार सहित विभिन्न मांगो को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए।

आज दिनांक 27/10/2026 को गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा 6 महीने पूर्व से हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, भविष्य निधि ,सुरक्षा, बोनस, पेमेंट स्लिप, जॉइनिंग लेटर सहित 2 महीने से लंबित भुगतान को लेकर कई बार पत्राचार किया जा चूका है, परन्तु प्रबंधन और कंपनी के द्वारा किसी प्रकार का सुनवाई नहीं किया, जिसको लेकर भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा अजय जायसवाल पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा को सूचित किया। तत्पश्चात अजय जायसवाल के द्वारा आज खदान पहुंच भू विस्थापितों के विभिन्न मुद्दे को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए और सभी श्रमिकों के द्वारा 6 घंटा काम बंद कर काम ठप कर आंदोलन कर दिया गया, जिसके उपरांत SECL प्रबंधन और pnc कंपनी के अधिकारी वार्ता हेतु पहुंचे और हड़ताल स्थगित करने निवेदन किया गया। तत्पश्चात दिनांक 29/10/2026 को 12 बजे SECL गेवरा CGM ऑफिस मे वार्ता करते हुए मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया, साथ ही वार्ता मे विभिन्न मुद्दों पर बात करने सहमति बनी, जिसमे सभी –

1 श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट
2 सभी श्रमिकों का id कार्ड, सुरक्षा,
3 पेमेंट स्लिप
4 स्थानीय बेरोजगरों को रोजगार
5 जॉइनिंग लेटर, सहित बोनस पर बात करने और मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया।
उक्त हड़ताल मे भू विस्थापित श्रमिकों के साथ अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा, शेत मसीह सांसद प्रतिनिधि, मधुसूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, गोविंदा सारथी, कमलेश प्रजापति, संतोष यादव, प्रकाश सागर, फिरोज, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत,संजय यादव, सुजीत महंत, गौरव साहू, अनिल सागर, सहित कम्पनी मे कार्यरत हेल्फर, ड्राइवर सहित ग्रामीण सैकड़ो की संख्या मे उपस्थित रहे।

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कोरबा

न्यायाधीश ने बंदियों को अधिकारों की जानकारी दी

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कोरबा। प्रथम जिला व अपर सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गरिमा शर्मा ने जिला जेल कोरबा के बंदियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। न्यायाधीश शर्मा जेल में बंदियों की भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा कर, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का अवलोकन किया। न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि पात्र बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता देंेगे। बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी दिवसों में न्यायालयों में उपस्थित कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंदियों को उनके अधिकारों और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। प्राधिकरण का मानना है कि जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना केवल एक दायित्व नहीं बल्कि समाज में समानता और न्याय का अधिकार भी है।

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कोरबा

पाली-लाफा रोड पर पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं, मोड़ पर हादसे का डर

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कोरबा/पाली। पाली-लाफा मार्ग पर कई अंधे मोड़ हैं, इनके आसपास सड़क किनारे पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं कराने पर सड़क हादसे का डर बना हुआ है। 8 किलोमीटर सड़क के रास्ते पर 5 से अधिक मोड़ है, जहां पर सुरक्षित आवाजाही में खतरा बना हुआ है। सामने से आ रहे वाहन पेड़ों की झुकी डंगाल के कारण नजर नहीं आते हैं और वाहनों के टकराने से सड़क दुर्घटना हो चुकी है। चैतुरगढ़ स्थित मां महिषासुर मर्दिनी का ऐतिहासिक मंदिर जाने का भी यह रास्ता है। पाली से चैतुरगढ़ की दूरी लगभग 32 किलोमीटर है। इसी मार्ग पर लाफा तक कई अंधे मोड़ से चालकों का सफर मुश्किल हो रहा है। चैतुरगढ़ में मां महिषासुर मर्दिनी का मंदिर होने के साथ यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है।

इस कारण जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण छत्तीसगढ़ का कश्मीर भी कहा जाता है। पर्यटक पाली-लाफा मार्ग से चैतुरगढ़ के लिए आवाजाही करते हैं। जिला पंचायत सदस्य कौशल नेटी ने मांग की है कि पाली से लाफा होते हुए चैतुरगढ़ जाने वाले मार्ग का निरीक्षण कराया जाए। सड़क किनारे दृश्यता रोकने वाली डालियों की नियमानुसार कटाई-छंटाई कराई जाए। दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील मोड़ों को चिह्नित किया जाए। वहां जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएं।

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