नई दिल्ली,एजेंसी। स्मृति मंधाना ने वनडे क्रिकेट इतिहास में भारत से सबसे तेज सेंचुरी लगा दी है। नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शनिवार को उन्होंने महज 50 गेंद पर शतक लगाया। विमेंस वनडे में उन्होंने खुद के ही 70 बॉल पर सेंचुरी के रिकॉर्ड को सुधारा। यह विमेंस वनडे में ओवरऑल दूसरा सबसे तेज शतक रहा। ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग 45 गेंद पर सेंचुरी लगा चुकी हैं।
इंडिया विमेंस फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के सामने 413 रन के टारगेट का पीछा कर रही है। टीम ने 20 ओवर के बाद 2 विकेट खोकर 206 रन बना लिए हैं। प्रतिका रावल और हरलीन देओल के विकेट के बाद हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना ने भारत को संभाल लिया।
ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग करते हुए 47.5 ओवर में 412 रन बना दिए। बेथ मूनी ने नहज 57 गेंद पर शतक लगाया। वहीं जॉर्जिया वोल ने 81 और एलिस पेरी ने 68 रन की पारी खेली। भारत से अरुंधत्ति रेड्डी ने 3 विकेट लिए। रेणुका ठाकुर और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लिए।
मंधाना ने विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा
वनडे क्रिकेट में मेंस और विमेंस दोनों वर्ग में स्मृति मंधाना ने भारत से फास्टेस्ट सेंचुरी का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने मेंस टीम के विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही 2013 में 52 गेंद पर शतक लगाया था।
स्मृति मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में लगातार दूसरी सेंचुरी लगाई।
भारत के खिलाफ पहली बार 400 रन बने
विमेंस क्रिकेट में भारत के खिलाफ पहली बार ही किसी टीम ने वनडे में 400 रन बनाए। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने ही भारत के खिलाफ 371 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपने बेस्ट स्कोर की बराबरी भी की, टीम ने 1997 के वर्ल्ड कप में डेनमार्क के खिलाफ भी 412 रन ही बनाए थे।
वोल ने 81, पेरी ने 68 रन बनाए
दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया विमेंस ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी। कप्तान एलिसा हीली ने महज 18 गेंद पर 30 रन बना दिए। वे 5वें ओवर में आउट हुईं। उनके बाद जॉर्जिया वोल और एलिस पेरी ने सेंचुरी पार्टनरशिप की और टीम को 150 तक पहुंचा दिया।
वोल 68 बॉल पर 81 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने अपनी पारी में 14 चौके लगाए। पेरी ने फिर नंबर-4 पर उतरीं बेथ मूनी के साथ पारी संभाली। दोनों के बीच भी सेंचुरी पार्टनरशिप हुईं, पेरी 68 रन बनाकर आउट हुईं। पेरी ने 7 चौके और 2 छक्के लगाए।
जॉर्जिया वोल ने 14 चौके लगाकर 81 रन बनाए।
मूनी ने 57 गेंद पर शतक लगाया
मूनी ने तेजी से बैटिंग की और महज 57 गेंद पर शतक लगा दिया। यह विमेंस वनडे में तीसरी सबसे तेज सेंचुरी की बराबरी रही। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया की ही कैरेन रोल्टन ने 2000 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी 57 गेंद पर ही शतक लगाया था। फास्टेस्ट सेंचुरी का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की ही पूर्व कप्तान मेग लैनिंग के नाम है। जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ महज 45 गेंद पर शतक लगा दिया था। मंधाना ने इसी मुकाबले में सेकेंड फास्टेस्ट सेंचुरी का रिकॉर्ड बनाया।
बेथ मूनी ने विमेंस वनडे में दूसरा सबसे तेज शतक लगाया।
आखिर में बिखर गई ऑस्ट्रेलिया विमेंस
मूनी ने एश्ले गार्डनर के साथ फिफ्टी पार्टनरशिप की और टीम को 300 के पार पहुंचाया। गार्डनर ने 24 गेंद पर 39 रन बनाए। उनके बाद ताहलिया मैक्ग्रा 14 ही रन बना सकीं। मूनी भी 75 गेंद पर 138 रन बनाकर आउट हुईं। वे 45वें ओवर में छठे विकेट के रूप में पवेलियन लौटीं। उनके बाद टीम ने 33 रन बनाने में ही आखिरी 4 विकेट गंवा दिए।
ऑस्ट्रेलिया विमेंस ने 47.5 ओवर में 412 रन बनाकर 10 विकेट भी गंवा दिए। भारत के लिए अरुंधत्ति रेड्डी ने 86 रन देकर 3 विकेट लिए। दीप्ति शर्मा और रेणुका ठाकुर को 2-2 विकेट मिले। क्रांति गौड़ और स्नेह राणा के हाथ 1-1 सफलता लगी। राधा यादव ने 4 ओवर में 48 रन दिए, लेकिन वे कोई विकेट नहीं ले सकीं।
इंडिया विमेंस ने 13 गेंद पहले ही ऑस्ट्रेलिया को ऑलआउट कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया ने अपने बेस्ट स्कोर की बराबरी की
ऑस्ट्रेलिया विमेंस ने वनडे में दूसरी बार ही 400 रन का आंकड़ा पार किया। टीम 1997 में डेनमार्क के खिलाफ भी 412 रन ही बना चुकी हैं। विमेंस क्रिकेट में न्यूजीलैंड ने 4 और भारत ने 1 बार 400 से ज्यादा रन बनाए हैं। टॉप-3 स्कोर न्यूजीलैंड के नाम हैं। टीम ने 2018 में आयरलैंड के खिलाफ 491 रन बनाए थे, यह हाईएस्ट स्कोर है।
इंडिया विमेंस का बेस्ट स्कोर 435 रन है, भारत ने भी आयरलैंड के खिलाफ ही यह स्कोर बनाया था। आयरलैंड के खिलाफ विमेंस वनडे में सबसे ज्यादा 4 बार 400 से ज्यादा रन बने हैं। पाकिस्तान, भारत और डेनमार्क के खिलाफ 1-1 बार यह रिकॉर्ड बना।
ऑस्ट्रेलिया विमेंस ने दूसरी बार ही विमेंस वनडे में 400 रन का आंकड़ा पार किया।
मंधाना ने भारत के लिए फास्टेस्ट वनडे फिफ्टी लगाई
413 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी इंडिया विमेंस को स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने 3.3 ओवर में 32 रन की पार्टरनशिप कर ली। प्रतिका 10 रन बनाकर आउट हुईं। मंधाना ने फिर हरलीन देओल के साथ फिफ्टी पार्टनरशिप कर स्कोर 80 के पार पहुंचा दिया। हरलीन 11 रन बनाकर आउट हुईं।
मंधाना ने तेजी से खेलना जारी रखा और महज 23 गेंद पर फिफ्टी लगा दी। यह भारत के लिए वनडे में सबसे कम गेंदों पर अर्धशतक का रिकॉर्ड है। मंधाना ने ऋचा घोष का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2021 में 26 गेंद पर फिफ्टी लगा दी थी। इंटरनेशनल में यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज की डिएंड्रा डॉटिन के नाम है। जिन्होंने महज 20 गेंद पर श्रीलंका के खिलाफ फिफ्टी लगा रखी है।
शुरुआती 10 ओवर में भारत ने 2 विकेट खोकर 96 रन बनाए। यह पहले पावरप्ले में इंडिया विमेंस का हाईएस्ट स्कोर है। इससे पहले इसी साल टीम ने आयरलैंड के खिलाफ पावरप्ले-1 में 90 रन बनाए थे। मंधाना ने कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ पारी को संभाला।
कैंसर अवेयरनेस के लिए पिंक जर्सी पहनकर उतरी इंडिया विमेंस
इंडिया विमेंस टीम ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस के लिए आज पिंक कलर की जर्सी पहनकर खेलने उतरी। भारतीय क्रिकेट में पहली बार ही किसी भी वर्ग की टीम ने कैंसर अवेयरनेस के लिए इंटरनेशनल लेवल पर अलग जर्सी पहनी।
ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस के लिए इंडिया विमेंस टीम पिंक जर्सी पहनकर खेलने उतरी।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फिलहाल वनडे सीरीज 1-1 से बराबर है। ऑस्ट्रेलिया विमेंस ने अब तीसरे मैच में 412 रन बनाकर भारत के सामने वर्ल्ड कप से पहले बड़ा टारगेट रख दिया।
UTT 24वीं छत्तीसगढ़ राज्य एवं अंतर जिला टेबल टेनिस प्रतियोगिता-2026: सीनियर महिला वर्ग में समाया पांडे पहली बार विजेता बनी तथा होप्स (UNDER-11) में शिवाय मेघानी एवं इशी मिश्रा विजेता बने
सीनियर पुरुष , जुनियर (UNDER-17) एवं कैडेट (UNDER-13) के मुकाबले अंतिम चरण में
रायपुर। छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम एवं सेन्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के सहयोग से दिनांक 22 से 25 अक्टूबर 2026 तकसप्रे शाला टेबल टेनिस हाल, बुढ़ापारा, रायपुर में आयोजित “UTT 24वीं छत्तीसगढ़ राज्य एवं अंतर जिला टेबल टेनिस प्रतियोगिता-2026” कल सीनियर महिला एकल वर्ग तथा यूथ UNDER-11 (होप्स) बालक एवं बालिका एकल वर्ग संपन्न हुयी । उक्त प्रतियोगिता के सम्बन्ध में आयोजन सचिव विनय बैसवाड़े ने जानकारी दी की प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, रायपुर अंचल (छ.ग. एवं उड़ीसा) के अंचल प्रमुख कृष्ण मोहन थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजनांदगांव जिला टेबल टेनिस संघ के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंग बग्गा ने किया तथा विशेष अतिथि छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ के सचिव सार्थक शुक्ला थे। मंच पर अयोजन सचिव विनय बैसवाड़े, मुख्य निर्णायक विमल नायर उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रायपुर महानगर टेबल टेनिस संघ के सचिव शकील साजिद ने किया।
प्रतियोगिता में समाया पांडे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीनियर महिला एकल में पहली बार विजेता बनी| प्रतियोगिता में कल खेले गये फायनल मैच के परिणाम निम्नानुसार है:-
प्रतियोगिता में आज सीनियर पुरुष एकल वर्ग, यूथ UNDER-17 (जुनियर) तथा यूथ UNDER-13 (कैडेट) बालक एवं बालिका एकल वर्ग के अंतिम दौर के मुकाबले खेले जा रहे हैं जिसमें फायनल के मुकाबले खेले जा रहे हैं। प्रतियोगिता में अभी तक खेले गए मैचों के परिणाम निम्नानुसार है:-सीनियर पुरुष वर्ग:- सेमीफायनल – सागर घाटगे ने (रायपुर) ने अरिंदम देबनाथ (रायपुर) को 4 -3 तथा रामजी कुमार (रायपुर) ने विशाल डेकाटे (रायपुर) को 4-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
यूथ UNDER-17 (जुनियर) बालक वर्ग:-
सेमीफायनल – आर्यन सिंह (रायपुर) ने विहान अग्रवाल (रायपुर) को 3-0 तथा दीक्षांत कुमार जांगड़े (बिलासपुर) ने
श्रेष्ठ मिश्रा (रायपुर) को 3-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। यूथ UNDER-17 (यूथ) बालिका वर्ग:- सेमीफायनल – समाया पांडे (रायपुर) ने लावण्या पांडे (रायपुर) को 3-0 तथा वेदी कछवाहा (रायपुर) ने सौबाना रक्षिता (दुर्ग) को 3-0 से हराकर फायनल में प्रवेश किया ।
यूथ UNDER-13 (कैडेट) बालक वर्ग:-
सेमीफायनल – विवान बैसवाड़े (रायपुर) ने अथर्व साहू (दुर्ग)को 3-2 तथा आदित्य सोनी (दुर्ग) ने शिवाय मेघानी (बिलासपुर) को 3-0 से हराकर फाइनल मे प्रवेश किया।
यूथ UNDER-13 (कैडेट) बालिका वर्ग:- सेमीफायनल – इशी मिश्रा (रायपुर) ने अक्षिता बीनू (बिलासपुर) को 3-2 तथा सौबाना रक्षिता (दुर्ग) ने आरुषि मढ़रिया (दुर्ग) को 3-0 से हराकर फाइनल मे प्रवेश किया ।
प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक अंतर्राष्ट्रीय अंपायर विमल नायर, सहायक मुख्य निर्णायक अजीत बेनर्जी, शिशिर गुप्ता एवं पी.एन. मजुमदार हैं।
उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रतियोगिता के आयोजन सचिव विनय बैसवाड़े ने दी।
दो स्वर्ण एवं पाँच रजत सहित कुल सात पदक जीतकर विद्यार्थियों ने बढ़ाया विद्यालय का गौरव कोरबा। अंतरविद्यालयीन किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026, कोरबा में एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल, मड़वारानी के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण एवं पाँच रजत सहित कुल सात पदक जीतकर विद्यालय एवं क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया।
प्रतियोगिता में दीपेश यादव एवं देव बरेठ ने स्वर्ण पदक प्राप्त किए, जबकि अभिनव वैष्णव, धनराज पटेल, आयुष खांडेय, नितिश सिंह तंवर एवं विवेक दास महंत ने रजत पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा, मेहनत और खेल कौशल का शानदार परिचय दिया।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विद्यालय के अध्यक्ष पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने सभी विजेता विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, साहस और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनकी कठिन मेहनत, दृढ़ संकल्प और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी निरंतर अभ्यास करते हुए उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करने तथा विद्यालय एवं देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्राचार्य सुभाष चंद्र अनंत ने भी विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यालय के विद्यार्थी भविष्य में भी अपनी प्रतिभा से नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेंगे।
इस शानदार सफलता पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त विद्यालय परिवार ने पदक विजेता विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। एनकेएम लायंस पब्लिक स्कूल, मड़वारानी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद एवं अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।
क्राइस्टचर्च, एजेंसी। भाई बच गए। लोग या तो टीवी-मोबाइल बंद कर चुके थे या बस सिर झुकाए देखे जा रहे थे। कुछ बचा ही नहीं था। 31 बॉल में 69 रन बनाने थे। 6 विकेट गिर गए थे। क्या ही होता।
लेकिन तिलक और नीतीश मैदान पर थे। बस इन्हीं दोनों को लग रहा होगा कि चलो कुछ तूफानी करते हैं। और फिर अगले 40 मिनट क्रीज पर रहे, 30 बॉल में 69 रन बना डाले। बस एक बॉल बची थी मैच की और दौड़कर दो रन ले लिए। नीतीश ने आधी पिच से ही भींची हुई बाईं मुट्ठी ऊपर कर बता दिया कि जीत गए हम।
सामने न्यूजीलैंड की टीम थी। फील्ड क्राइस्टचर्च का था। लक्ष्य 181 रन का था। भारतीय टीम 14.5 ओवर में 112 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी। तिलक और नीतीश ने यहीं से मोर्चा संभाला। तिलक ने 26 गेंदों में 51 और नीतीश ने 13 गेंदों पर 26 रन बनाए। न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया। बढ़त 2-0 की हो गई है। कुल 5 टी-20 होने हैं।
आखिरी ओवर में जीता भारत
भारत को आखिरी ओवर में जीत के लिए 11 रन चाहिए। जैकब डफी के 20वें ओवर में तिलक वर्मा ने चौका लगाया और 25 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की। आखिरी ओवर की पांचवीं बॉल पर नीतीश कुमार रेड्डी ने 2 रन लेकर भारत को जीत दिलाई। जैकब डफी की पांचवीं गेंद वाइड रही, जिसके बाद भारत को 2 गेंदों पर 2 रन चाहिए थे। तिलक वर्मा ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए।