रोड साईट व्यवसाय करने वाले छोटे व्यवसायियों को मिली स्थाई दुकानें, अब हटाये जाने का डर नहीं सतायेगा उन्हें
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में बुधवारी बाजार पार्किंग जोन में नवनिर्मित आनंद बाजार वेंडिंग जोन का किया गया लोकार्पण, उद्योग मंत्री व महापौर ने लघु व्यापारियों को दी दुकानों की चाबी
कोरबा। उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर कोरबा के लघु व्यवसायियों को एक बड़ा तोहफा देते हुये उन्हें आनंद बाजार वेंडिंग जोन की सौगात प्रदान की है। अब सड़क के किनारे फुटपाथ आदि पर व्यवसाय करने वाले इन लघु व्यवसायियों को सुविधापूर्ण स्थाई दुकानें मिल चुकी हैं, अब उन्हें बार-बार दुकान हटा दिये जाने का डर भी नहीं सतायेगा तथा निश्चिंत हो कर अपने व्यवसाय का संचालन कर सकेंगे। इस अवसर पर लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने की, वहीं सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन सहित अन्य पार्षदगण व जनप्रतिनिधिगण विशेष रूप से उपस्थित थे।
यहॉं उल्लेखनीय है कि कोरबा शहर में काफी तादात में सड़क के किनारे फुटपाथ आदि में लघु व्यवसायियों द्वारा अपने छोटे-छोटे व्यवसाय संचालित किये जा रहे हैं, किन्तु इन व्यवसायियों को सदैव स्थल से हटा दिये जाने का डर बना रहता है, वहीं दूसरी ओर इससे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है, आवागमन बाधित होता है, जहॉं एक ओर इन लघु व्यवसायियों को दुकानें हटा दिये जाने का भय बना रहता है, वहीं दूसरी ओर वाहन चालकों, आमनागरिकों को भी असुविधा होती है, समय-समय पर इन व्यवसायियों को व्यवसाय प्रभावित होता है तथा उन्हें हर समय एक स्थाई स्थान की आवश्यकता बनी रहती है तथा उनका सपना रहता है कि उन्हें अपने व्यवसाय हेतु एक स्थाई ठिकाना मिल जाए। इन लघु व्यवसायियों के हितों के मद्देनजर नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा बुधवारी बाजार के सामने रोड की दूसरी ओर स्थित पार्किंग स्थल मैदान के किनारे-किनारे चारों ओर 53 दुकानों से युक्त वेंडिंग जोन का निर्माण कराया गया है, इन दुकानों को इन्हीं लघु व्यवसायियों को आबंटित किया गया है व आबंटित किया जा रहा है। आज प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षीय उपस्थिति में उक्त वेंडिंग जोन का लोकार्पण किया गया।
रोड साईट व्यवसायियों के दुख दर्द से भलीभांति परिचित हैं-लखनलाल देवांगन
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि मेरे पिताजी एवं मैं स्वयं सड़क साईट में दुकान लगाकर व्यापार करते थे, अतः मैं रोड साईट में व्यवसाय करने वाले व्यवसायीबंधुओं के दुख दर्द से अच्छी तरह परिचित हूॅं, मेरा संकल्प है कि रोड साईट व्यवसाय करने वाले व्यापारी भाईयों के हितों की सदैव रक्षा की जायेगी, जब तक उन्हें उनके व्यवसाय हेतु स्थाई ठिकाना उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक उन्हें स्थल से हटाया नहीं जायेगा। इस मौके पर उद्योग मंत्री श्री देवंागन ने महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुये कहा कि मेरे जन्म दिवस के अवसर पर आज यह पुन्य का कार्य करने का मौका महापौर के माध्यम से मुझे प्राप्त हुआ है, जिसके लिये मैं उन्हें धन्यवाद देता हूॅं। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने इस मौके पर लघु व्यवसायीबंधुओं को भी बधाई व शुभकामनायें दी तथा उनके व्यवसाय की सफलता तथा उनके लगातार प्रगति की कामना की।
आज मेरे लिये दोहरी खुशी का दिन-महापौर श्रीमती राजपूत
इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज तो मेरे लिये दोहरी खुशी का दिन है, क्योंकि एक ओर कोरबा के लोकप्रिय विधायक व मेरे बडे़ भाई उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन का जन्म दिवस है, तो वहीं दूसरी ओर इस शुभ दिवस पर सड़क के किनारे व्यवसाय करने वाले हमारे छोटे-छोटे व्यवसायी भाईयों को उनके व्यवसाय हेतु स्थाई ठिकाना मिल रहा है। महापौर श्रीमती राजपूत ने आगे कहा कि उद्योग मंत्री श्री देवांगन द्वारा मुझे लगातार मार्गदर्शन दिया जाता है कि शहर के किसी भी छोटे व्यवसायी विशेषकर सड़क के किनारे दुकान लगाकर व्यवसाय करने वाले व्यवसायी भाईयों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हों, जो जहॉ व्यवसाय कर रहे हैं, उन्हें वहॉं से न हटाया जाए, जब तक की उन्हें स्थाई ठिकाना उपलब्ध न करा दिया जाए।
निगम के सभी जोन में बनाये जा रहे वेंडिंग जोन-उद्योग मंत्री देवांगन
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा लघु व्यवसायियों, वेंन्डर्स के हितों की सुरक्षा किये जाने के मद्देनजर दिये गये दिशा निर्देशों के तहत महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के दिशा निर्देशन में नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा अपने सभी जोनांतर्गत वेंडिंग जोन का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि सड़क किनारे व फुटपाथ आदि में व्यवसाय कर अपना जीवन यापन करने वाले छोटे-छोटे व्यवसायियों को उनके व्यवसाय संचालन हेतु स्थाई ठिकाना प्रदान किया जा सके तथा वे भयमुक्त वातावरण में निश्चिन्त होकर अपना व्यवसाय कर सकें।
व्यवसायियों को दी दुकानों की चाबी
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने नवनिर्मित आनंद बाजार वेंडिंग जोन की दुकानों की चाबी व्यवसायियों को प्रदान की। इस मौके पर जिन व्यवसायियों को दुकानों का आबंटन व चाबी दिया गया, उनमें राजू गुप्ता, विनोद कुमार राठौर, नवोदित जैन, मनीष साहू, चंद्रिका देवांगन, मीना देवी, साहेब दास, राजेश सिंह, दीपू कुमार, जीतन दास, लता अभिषेक, मोहम्मद मुस्तफा आदि व्यवसायी शामिल हैं। इस मौके पर लघु व्यवसायियों ने उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत का हार्दिक स्वागत किया तथा उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, लक्ष्मण श्रीवास, पंकज देवांगन, मुकुंद सिंह कंवर, प्रफुल्ल तिवारी, योगेश जैन, मनोज अग्रवाल, रूखमणी नायर, नरेन्द्र पाटनवार, दीनू महाराज, कृष्णा द्विवेदी, दुष्यंत शर्मा, आकाश श्रीवास्तव, मनोज राजपूत, अनिल यादव, सुरेन्द्र राजवाडे़ जोन कमिश्नर भूषण उरांव, अश्वनी दास, अंजुला अनंत, राजू गुप्ता, रामलाल पटेल, शबीर खान,विनोद राठौर, गुलजार सिंह, संजय मानिकपुरी, शैलेन्द्र यादव, प्रीति चौहान, स्वाति कश्यप, एस.के.जैन, संतोष देवांगन आदि सहित काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
विकसित भारत-जी राम जी के तहत रू1.32 करोड़ से अधिक के कार्य स्वीकृत
जल संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार, 180 से अधिक ग्राम पंचायतों में हो रहा निर्माण
मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जल सरंक्षण एवं संवर्धन सम्बंधी संरचनाओं को प्राथमिकता
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026। जिले में गिरते भूजल स्तर को बढ़ाने तथा वर्षा जल के संरक्षण और पुनर्भरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के तहत 234 बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट का निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 32 लाख 97 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन संरचनाओं के निर्माण से जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं, वहीं भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देकर जल संकट की चुनौती से निपटने में भी मदद मिलेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा जल स्रोतों के संरक्षण के लिए विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने में मिलेगी मदद
बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट ऐसी संरचना है, जिसके माध्यम से वर्षा जल को रेत एवं अन्य फिल्टर सामग्री की सहायता से छानकर जमीन के भीतर पहुंचाया जाता है। इससे भूजल पुनर्भरण में मदद मिलती है तथा बोरवेल और आसपास के जलस्रोतों के जलस्तर को बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। ग्राम पंचायतों, शासकीय भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक भवनों में ऐसी संरचनाएं जल संरक्षण की दृष्टि से उपयोगी हैं।
पांचों विकासखंडों में हो रहा निर्माण
जिले की 180 से अधिक ग्राम पंचायतों में मांग एवं आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट का निर्माण कराया जा रहा है। विकासखंडवार स्थिति के अनुसार करतला में 64, कटघोरा में 30, कोरबा में 66, पाली में 13 तथा पोड़ी उपरोड़ा में 61 रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं।
इन संरचनाओं से विशेषकर उन ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल पुनर्भरण को प्रोत्साहन मिलेगा, जहां जलस्तर में गिरावट की समस्या है। वर्षा जल का बेहतर उपयोग होने से जल उपलब्धता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।
विकसित भारत- जी राम जी से जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन के इन प्रयासों के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ जल सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ भविष्य के लिए भी जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।
कोरबा। प्रेस क्लब के सदस्य एवं दैनिक तरूण छत्तीसगढ़ के संपादक सुभाष अग्रवाल के अनुज भ्राता (छोटे भाई) शहर के प्रतिष्ठित नागरिक एवं होटल रिलैक्स इन के संचालक सतीश अग्रवाल पिता स्वर्गीय ओमप्रकाश अग्रवाल का आज सोमवार दिनांक 26/10/2026 की देर शाम 7.30 बजे निधन हो गया। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार कल मंगलवार दिनांक 27/10/2026 को सुबह 11 बजे स्थानीय मोती सागर पारा मुक्तिधाम में संपन्न होगा। इससे पूर्व अग्रोहा मार्ग स्थित उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। उनके निधन पर कोरबा प्रेस क्लब परिवार ने शोक व्यक्त किया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में परम शांति प्रदान करे एवं शोकाकुल परिवार को यह असह्य दुःख सहन करने की शक्ति दे।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में 9 हाथियों का झुंड घूम रहा है। झुंड में नन्हे हाथी के जन्म की खुशी में रविवार को 7 गांवों के ग्रामीणों ने उसकी छठी मनाई और उसका नाम ‘काशी’ रखा।
कार्यक्रम काशीपानी जंगल के कारीपानी मंदिर के नीचे गौठान टिकरापारा में आयोजित किया गया। इसमें रामभाठा, लबेद, पाहराभांठा, काशीपानी, छातापाठ, जामपानी और छुईडुंगा गांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने हाथी के बच्चे के स्वस्थ जीवन की कामना की।
बेबी एलिफेंट का नाम ‘काशी’ रखा गया है।
छठी कार्यक्रम काशीपानी जंगल के कारीपानी मंदिर के नीचे गौठान टिकरापारा में आयोजित किया गया।
रविवार को 7 गांवों के ग्रामीणों ने उसकी छठी मनाई।
जिले में 48 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 9 हाथियों का झुंड फिलहाल काशीपानी के जंगल में घूम रहा है। इसके अलावा कुदमुरा रेंज में 32 हाथी और चचिया क्षेत्र में 7 हाथी मौजूद हैं। हाल के दिनों में हाथियों ने 17 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
20 साल से जंगल में आ रहे हाथी
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 साल से हाथी इस जंगल में आते हैं। वे लंबे समय तक यहां रुकने के बाद वापस चले जाते हैं। यह हाथियों का पुराना कॉरिडोर है।
SDO मणिकांत वर्मा ने ग्रामीणों से हाथियों से छेड़छाड़ नहीं करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फसल नुकसान के मामलों में नियमानुसार मुआवजा दिया जाता है। जनहानि रोकने के लिए सतर्क रहना जरूरी है।
साल 2000 में पहली बार आए थे हाथी
जिले में साल 2000 में पहली बार कुदमुरा रेंज के आमटिकरा गांव में हाथी आए थे। इसके बाद धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़ती गई। कई बार जिले में हाथियों की संख्या 150 तक पहुंच चुकी है।
धिनारा गांव से शुरू हुई छठी मनाने की परंपरा
बेबी एलिफेंट की छठी मनाने की परंपरा धिनारा गांव से शुरू हुई थी। ग्रामीण अब हाथियों को लेकर जागरूक हो रहे हैं। पहले जहां हाथियों को भगवान मानकर पूजा की जाती थी, वहीं अब ग्रामीण सुरक्षित दूरी बनाए रखने पर जोर देते हैं।