रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा, वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सक्रिय भागीदारी का लिया संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ आयोजन, नागरिकों और युवाओं ने उत्साह से निभाई सहभागिता
जशपुर, 07 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जशपुर के रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में आयोजित सभा में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया।
संकल्प सभा के पश्चात पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में रणजीता स्टेडियम से ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। राष्ट्रसेवा और विकसित भारत के संकल्प के साथ निकली इस यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और जनभागीदारी के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने का संदेश दिया गया।
रणजीता स्टेडियम से संगम चौक तक निकली सेवा ज्योति यात्रा
सेवा ज्योति यात्रा रणजीता स्टेडियम से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक होते हुए संगम चौक पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान विकसित भारत, राष्ट्रसेवा और सामूहिक सहभागिता का संदेश प्रमुखता से सामने आया। इसमें विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कृष्ण कुमार राय सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, युवाओं और आम नागरिकों ने सहभागिता की।
विकसित भारत का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से होगा साकार: मंत्री राजेश अग्रवाल
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा और राष्ट्रसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होना महत्वपूर्ण अवसर है। इन वर्षों में राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए देश के विकास और जनकल्याण को नई दिशा देने के निरंतर प्रयास हुए हैं।
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य व्यापक जनभागीदारी से ही साकार होगा। सरकार के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता, अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता और राष्ट्र के विकास में योगदान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, सामूहिक प्रयास और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।
उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दें। गांव, शहर, समाज और प्रदेश के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की सकारात्मक भागीदारी अंततः विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का हुआ वर्चुअल प्रसारण
रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण भी किया गया। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ प्रारंभ हुई अपनी जनसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख किया। उन्होंने देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनता के विश्वास और आशीर्वाद को अपनी शक्ति बताया। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि इन 25 वर्षों में प्राप्त अनुभव और जनविश्वास देश की जनता की पूंजी है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रसेवा को सर्वाेपरि बताते हुए कहा कि जीवन की प्रत्येक घटना सीख देती है और चुनौतियां संकल्प को मजबूत बनाती हैं। साधन और संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सपने और हौसले बड़े होने चाहिए। उन्होंने कर्तव्य और निरंतर कर्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
युवा ऊर्जा और सामूहिक शक्ति से विकसित भारत की ओर बढ़ेगा देश
प्रधानमंत्री ने देश के विकास में युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की बढ़ती ताकत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभा, सामर्थ्य और क्षमता की पहचान वैश्विक स्तर पर बढ़ी है और देश की सामूहिक शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में अपनी पूरी ऊर्जा, क्षमता और सामर्थ्य के साथ योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी, कर्तव्यबोध, राष्ट्रसेवा और युवा शक्ति की भूमिका का संदेश प्रमुखता से दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
नमो सेवा गाथा पर विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुति, लगभग 495 लोग हुए शामिल कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेजेस अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पाली में ‘नमो सेवाकृअनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और नमो सेवा गाथा पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुति से ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, पालक और छात्र-छात्राएं उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और पालकों सहित लगभग 495 लोग उपस्थित रहे।
कोरबा, 7 अक्टूबर 2026। समाज कल्याण विभाग द्वारा आज प्रतीक जैन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा, ओएसडी तरुण कुमार किरण की उपस्थिति में पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की गई। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से दी गई इस सहायता से उनके आवागमन में सुविधा होगी और वे दैनिक कार्य अधिक सुगमता से कर सकेंगे। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाले हितग्राहियों में रेल्वे कॉलोनी, कोरबा निवासी 55 वर्षीय सैय्यद याकूब, पिता सैय्यद अब्दुल कादर, सुभाष ब्लॉक, कोरबा निवासी 44 वर्षीय श्रीमती सुनीता दास, पिता बाबू राज, शांति नगर, कुसमुंडा निवासी 34 वर्षीय श्रीमती सीमा कुमारी, पिता अदरू, तथा गुरसिया, कटघोरा निवासी 20 वर्षीय प्रदीप कुमार उरांव, पिता हरिराम शामिल हैं। ट्राईसाइकिल मिलने पर हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उनकी गतिशीलता बढ़ेगी और वे अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
सुरक्षित छत और रंगीन दीवारों ने बदला माहौल, बरपाली आंगनबाड़ी में बढ़ी नौनिहालों की उपस्थिति कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। कभी जर्जर भवन की दीवारों और असुविधाओं के बीच संचालित होने वाला आंगनबाड़ी केंद्र अब बच्चों की खिलखिलाहट और रंग-बिरंगे चित्रों से गुलजार है। जहां पहले पालकों को अपने छोटे बच्चों को केंद्र भेजते समय उनकी सुरक्षा की चिंता रहती थी, वहीं अब ग्राम पंचायत बरपाली का नया आंगनबाड़ी भवन नौनिहालों के लिए सुरक्षित, सुंदर और सहज वातावरण बन गया है। जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से 11.69 लाख की लागत से निर्मित नए भवन में पक्की छत, मजबूत दीवार, पक्का फर्श, रंगीन चित्र और बच्चों के लिए खिलौनों सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका असर बच्चों की उपस्थिति में भी दिखाई दे रहा है और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे नियमित रूप से आंगनबाड़ी पहुंच रहे हैं। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बरपाली स्थित इस आंगनबाड़ी केंद्र में वर्तमान में 30 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 6 माह से 3 वर्ष आयु वर्ग के 17 तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 13 बच्चे शामिल हैं। इसके साथ ही 2 गर्भवती महिलाएं, 3 शिशुवती माताएं और 6 किशोरी बालिकाएं भी केंद्र की सेवाओं से लाभान्वित हो रही हैं। नए भवन के बाद बच्चों के लिए उपलब्ध स्थान और वातावरण में आए बदलाव ने केंद्र की गतिविधियों को भी अधिक व्यवस्थित किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला बताती हैं कि पुराने भवन की स्थिति ऐसी थी कि बच्चों को केंद्र में रखते समय उनकी सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। भवन जर्जर होने के कारण पालक भी बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने में सहज महसूस नहीं करते थे। नए भवन के बनने से सबसे बड़ा बदलाव बच्चों की सुरक्षा और उनके सहज वातावरण में आया है। अब पक्की छत, मजबूत दीवार और पक्के फर्श वाले भवन में बच्चे आराम से बैठते हैं, खेलते हैं और विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। श्रीमती शिवकला के अनुसार नए भवन की दीवारों पर बने रंग-बिरंगे चित्र बच्चों को खूब आकर्षित करते हैं। बच्चे चित्रों को देखकर उनके बारे में जानने की उत्सुकता दिखाते हैं और आसपास की वस्तुओं को पहचानने का प्रयास करते हैं। खिलौनों और आकर्षक वातावरण के कारण उनमें केंद्र आने की रुचि भी बढ़ी है। पहले की तुलना में अब बच्चे अधिक संख्या में आंगनबाड़ी पहुंचते हैं और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नियमित उपस्थिति दिखाई देती है। बच्चों के लिए केंद्र अब केवल आने-जाने की जगह नहीं रहा, यहां वे खेलते हुए सीखते हैं और सहज माहौल में अपनी प्रारंभिक शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। आंगनबाड़ी सहायिका श्रीमती चमेली बाई बताती हैं कि नए भवन में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उन्हें भोजन कराने में भी काफी सुविधा हुई है। निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार सुबह बच्चों को मीठा या नमकीन दलिया दिया जाता है। इसके बाद दाल, चावल और सब्जी सहित भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सुरक्षित और सुविधाजनक भवन में बच्चों को भोजन कराने तथा उनकी देखभाल करने में आसानी होती है। बच्चों का नियमित रूप से केंद्र आना उनके लिए भी उत्साह का विषय है।
कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला कहती हैं कि पहले भवन की स्थिति के कारण बच्चों और पालकों में जो संकोच था, वह अब दूर हुआ है। नए भवन ने बच्चों को सुरक्षित जगह दी है और आकर्षक वातावरण ने उनके मन में आंगनबाड़ी के प्रति अपनापन बढ़ाया है। बच्चे सुबह केंद्र आने के लिए उत्साहित रहते हैं और यहां होने वाली गतिविधियों में रुचि के साथ शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए ऐसी बेहतर सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें अपने कार्य में भी संतोष और उत्साह मिलता है। नौनिहालों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।