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छत्तीसगढ़

झीरम केस, ड्राइवर ने बताया-लखमा 10-15 कह रहे थे:हमले से पहले बार-बार कॉल, गोंडी में बातचीत, नंदकुमार ने हिंदी में पूछा तो कहा- डीजल-डीजल

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रायपुर, एजेंसी। झीरम घाटी हमले के 13 साल बाद 16 सितंबर को जगदलपुर की विशेष NIA कोर्ट ने 10 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। इस मामले की सुनवाई के दौरान दर्ज गवाहियों में हमले से पहले और घटना के दौरान की कई घटनाक्रम की जानकारी सामने आई हैं।

कोर्ट के आदेश में दर्ज नंदकुमार पटेल के ड्राइवर दशाराम सिदार की गवाही में कवासी लखमा के मोबाइल पर बार-बार फोन आने और गोंडी में बातचीत का जिक्र है। दशाराम के बयान के मुताबिक, बातचीत के दौरान लखमा 10-15 कह रहे थे। तब नंदकुमार ने कहा कि, हिंदी में बात करो। 10-15 क्या है, पूछने पर लखमा ने इसे डीजल-डीजल बताया था।

दशाराम की गवाही के अनुसार, हमले के दौरान नक्सलियों ने नंदकुमार पटेल, दिनेश पटेल और कवासी लखमा को सड़क के किनारे बैठाया और चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद लखमा और नक्सली विनोद के बीच गोंडी में बातचीत हुई। करीब एक घंटे बाद नंदकुमार पटेल और दिनेश पटेल के हाथों को बांधकर उन्हें गोली मार दी गई।

हालांकि, कोर्ट के आदेश में लखमा के फोन कॉल या गोंडी में बातचीत को उनकी साजिश में भूमिका साबित करने वाला अलग निष्कर्ष नहीं बताया गया है। लखमा इस मामले में घायल गवाह के तौर पर पेश हुए थे। उनकी गवाही में उन्होंने बताया था कि नक्सलियों ने नंदकुमार पटेल, दिनेश पटेल, उनका और ड्राइवर का परिचय पूछा था। इसके बाद उन्हें और ड्राइवर को छोड़ दिया, तो दोनों बाइक से दरभा थाने आ गए।

घटना के दौरान मौके पर मौजूद ट्रक ड्राइवर की गवाही में महेंद्र कर्मा की बेहरमी से की गई हत्या का भी जिक्र है। गवाह के मुताबिक नक्सलियों ने महेंद्र कर्मा को हाथ ऊपर करवाकर सड़क पर खड़ा किया और फिर जंगल की तरफ ले गए। गवाह ने दावा किया कि उसने कुछ नक्सलियों को कर्मा को पत्थर, बंदूक और लात-घूंसों से मारते देखा था।

2013 में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा रैली के दौरान नक्सलियों ने जंगल में हमला किया था।

2013 में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा रैली के दौरान नक्सलियों ने जंगल में हमला किया था।

लखमा ने अपनी गवाही में क्या बताया?

कवासी लखमा इस मामले में घायल गवाह के तौर पर कोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने बताया कि सुकमा में दोपहर करीब 12 बजे से 2 बजे तक कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की रैली थी। इसमें वे, नंद कुमार पटेल, अजीत जोगी, विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा समेत कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

रैली खत्म होने के बाद सभी को केशलूर में सभा में शामिल होना था। खाना खाने के बाद करीब 3:25 बजे वे केशलूर के लिए रवाना हुए। झीरम घाटी के पास पहुंचने पर ऊपर की तरफ से बम फटने की आवाज आई। उनकी गाड़ी के आगे फॉलोगार्ड की गाड़ी और उसके आगे एक ट्रक फंसा था, इसलिए काफिला आगे नहीं बढ़ पा रहा था।

इसी दौरान गोली या विस्फोट के छर्रे से उनकी गाड़ी का कांच टूट गया और कांच का टुकड़ा उनके दाहिने कान में लगा। इसके बाद लखमा, नंद कुमार पटेल, उनके बेटे और ड्राइवर गाड़ी से उतरकर घाटी की तरफ जाकर छिप गए। तभी नक्सलियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।

लखमा के मुताबिक, नक्सली गोंडी में चिल्लाकर कह रहे थे कि वहां क्यों छिपे हो और पुलिस वाले हथियार छोड़ दें। लखमा ने भी गोंडी में जवाब दिया कि वहां कोई पुलिस वाला नहीं है, फिर बंदूक कौन छोड़ेगा।

महिला नक्सली और विनोद

लखमा ने आगे अपने बयान में बताया कि इसके बाद नक्सली चारों को पकड़कर ऊपर की तरफ ले गए। वहां मौजूद एक महिला नक्सली कह रही थी कि ऊपर से आदेश आने और विनोद दादा के कहने के बाद ही उन्हें छोड़ा जाएगा।

करीब 15-20 मिनट बाद एक नक्सली वहां आया और सबसे पहले नंद कुमार पटेल से उनका परिचय पूछा। पटेल ने बताया कि वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। इसके बाद उनके बेटे, लखमा और ड्राइवर से भी परिचय पूछा गया।

लखमा ने बताया कि नीचे सड़क पर उनके काफिले की तरफ लगातार गोलियां चल रही थीं। करीब 15 मिनट बाद विनोद नाम का नक्सली वहां आया। उसने पूछा कि क्या वे उसे जानते हैं। जब सभी ने मना किया तो उसने अपना नाम विनोद बताया और कहा कि वहां से भागने की कोशिश न करें, वरना नक्सली उन्हें मार देंगे।

लखमा ने नक्सलियों को गोंडी में जवाब दिया कि वहां कोई पुलिस वाला नहीं है, फिर बंदूक कौन छोड़ेगा।

लखमा ने नक्सलियों को गोंडी में जवाब दिया कि वहां कोई पुलिस वाला नहीं है, फिर बंदूक कौन छोड़ेगा।

लखमा और ड्राइवर को छोड़ दिया, नंद कुमार पटेल और दिनेश को नहीं

लखमा के बयान के अनुसार इसके बाद नंद कुमार पटेल ने विनोद से पूछा कि वह कौन है। इस पर विनोद नाराज हो गया और उसने एक नक्सली से कहा कि इन्हें बांध दो। इसके बाद नंद कुमार पटेल और उनके बेटे को रस्सी से बांध दिया गया। विनोद वहां से उस तरफ चला गया, जहां गोलियां चल रही थीं।

लखमा के अनुसार, करीब एक घंटे तक गोलीबारी होती रही। इसके बाद 40-50 नक्सली वहां आए और सभी को उठाकर ऊपर ले जाने लगे। करीब 10 कदम चलने के बाद उन्हें फिर बैठा दिया गया।

कुछ देर बाद नक्सलियों ने लखमा और ड्राइवर को वहां से जाने के लिए कहा। लखमा ने कहा कि वे चारों साथ जाएंगे। लेकिन नक्सलियों ने मना कर दिया और उन पर बंदूक तान दी। डर के कारण लखमा और ड्राइवर वहां से सड़क की तरफ आ गए।

सड़क पर पहुंचने के बाद उन्हें फिर गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद दोनों सड़क पर पड़ी एक मोटरसाइकिल लेकर दरभा थाने पहुंचे, जहां पहले से काफी भीड़ जमा थी।

महेंद्र ने कहा- हम सरेंडर कर रहे

झीरम की गवाहियों में महेंद्र कर्मा की हत्या का विवरण भी है। मलकीत सिंह गेंदू ने बताया कि गोलीबारी के बीच महेंद्र कर्मा ने लोगों से नीचे लेटने को कहा। बाद में जब माओवादियों ने गोलीबारी रोककर लोगों को बाहर आने के लिए कहा तो कर्मा ने अपनी पहचान बताते हुए कहा कि वे महेंद्र कर्मा हैं और गोलीबारी बंद करने की बात कही।

गवाहों के मुताबिक, माओवादियों ने उन्हें पकड़ लिया और जंगल की ओर ले गए। गवाह फूलोदेवी नेताम ने बताया कि उन्होंने गोलीबारी रोकने के लिए आवाज लगाई थी। इसके बाद कर्मा ने भी सामने आकर कहा कि वह आत्मसमर्पण कर रहे हैं। गवाह के अनुसार, माओवादियों ने कर्मा के हाथ ऊपर करवाए और उन्हें जंगल की तरफ ले गए थे। और उनकी बेरहमी से हत्या की और उनके शव के सामने नाचते रहे।

झीरम में हमले के दौरान फंसे ट्रक ड्राइवर की गवाही में महेंद्र कर्मा की बेरहमी से की गई हत्या का जिक्र है।

झीरम में हमले के दौरान फंसे ट्रक ड्राइवर की गवाही में महेंद्र कर्मा की बेरहमी से की गई हत्या का जिक्र है।

ट्रक में बैठे लोगों ने भी देखा घटनाक्रम

फाल्गुन सिंह ठाकुर ने गवाही में बताया कि वह ट्रक से झीरम घाटी से गुजर रहा था। फायरिंग में ट्रक के टायर और केबिन पर गोलियां लगीं। कुछ लोगों को गोली लगी। इसके बाद नक्सली ट्रक के पास आए और पूछा कि वे पुलिस वाले हैं या नहीं। मोबाइल छीनने के बाद उन्हें जमीन पर लेटने को कहा।

गवाही के मुताबिक बाद में नक्सलियों ने महेंद्र कर्मा को हाथ ऊपर करवाकर सड़क पर खड़ा किया और फिर जंगल की तरफ ले गए। गवाह ने दावा किया कि उसने कुछ नक्सलियों को कर्मा को पत्थर, बंदूक और लात-घूंसों से मारते देखा था।

नाले किनारे रिहर्सल, वायरसेट पर सूचना मिलते ही शुरू हुई फायरिंग

झीरम घाटी हमले की सुनवाई के दौरान अदालत में दर्ज बयानों में नक्सलियों की तैयारी, टीमों की तैनाती और हमले के दौरान की गई कार्रवाई का सिलसिलेवार जिक्र आया है। अभियुक्त चैतु लेकाम उर्फ मुन्ना के बयान में दावा किया गया है कि घटना से करीब एक सप्ताह पहले नक्सली टीमों ने नाले के किनारे सुबह-शाम रिहर्सल की थी। वहीं दूसरे बयान में टीसीओसी की बैठक में अलग-अलग इलाकों की जिम्मेदारी बांटे जाने की बात सामने आई है।

टीसीओसी बैठक में बांटी गई थी जिम्मेदारी

बयान के मुताबिक झीरम घटना से पहले टीसीओसी की बैठक हुई थी। इसमें देवजी, श्याम, रमेश, वेंकटेश, मेनक्का, माधवी, हिड़मा और सुरेंदर समेत अन्य लोग शामिल हुए थे। बैठक में भर्ती, ट्रेनिंग, हमला, एजुकेशन डिप्लॉयमेंट और दक्षिण क्षेत्र की जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई।

इसमें तय किया गया कि किस इलाके में कौन-सी कंपनी जाएगी। वेंकटेश को गंगालूर और श्याम व सुरेंदर को दरभा डिविजन की जिम्मेदारी दी गई। दरभा डिविजन में सीआरसी की प्लाटून, कंपनी-02 के दो सेक्शन और दरभा डिविजन के लोगों को मिलाकर हमले के लिए टीम बनाई गई।

इसकी जिम्मेदारी सुरेंदर, जयलाल, देवा, विनोद और श्याम को दी गई थी। हालांकि, जिस साक्षी ने यह जानकारी दी, उसने प्रतिपरीक्षण में स्वीकार किया कि वह झीरम घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं था।

पीडिया के जंगल से दरभा घाटी तक पहुंचे

अभियुक्त चैतु लेकाम उर्फ मुन्ना के बयान के अनुसार, मई 2013 के पहले सप्ताह में नक्सली पीडिया के जंगल में मौजूद थे। वहां प्लाटून कमांडर हेमला मासा ने बताया कि गणेश अन्ना के कहने पर सभी को दरभा घाटी जाना है।

चैतु के मुताबिक वह अपनी इंसास राइफल के साथ, ज्योति प्रमिला 12 बोर बंदूक और हेमला मासा एके-47 लेकर निकले। रीता तेलाम के पास हैंड ग्रेनेड था। अन्य लोग भी अपने हथियारों के साथ पीडिया से निकले और गम्पुर पहुंचे।

वहां जयलाल कंपनी कमांडर दक्षिण बस्तर की दो प्लाटून लेकर आया, जिनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल थे। इसके बाद टीम डेंगुर, पालनार, गरियुम, ताड़बोड़ा होते हुए कुसुम गांव पहुंची। यहां ओडिशा और दरभा घाटी की नक्सली पार्टी के करीब 150 लोग मौजूद थे।

गांव वालों को चावल लेकर मीटिंग में बुलाने का बयान

रामू बघेल के बयान में भी नक्सलियों की गतिविधियों और ग्रामीणों को उनके लिए काम करने के लिए बुलाने का जिक्र है। उसने बताया कि उसके गांव में सोनाधर, विनोद, सुमित्रा, फूलो और लक्ष्मण ने बैठक लेकर चावल और पैसे की मांग की थी। इसके बाद गांव से चावल लेकर लोग कांदानार में महादेव के पास पहुंचे। फिर उन्हें भडरीमडु की बैठक में वही चावल लेकर आने को कहा गया।

रामू के मुताबिक जंगल में सोनाधर, विनोद, डोकरा, लक्ष्मण, कांदानार का महादेव और चांदामेटा का बोटी मौजूद थे। बाद में उसे और दूसरे ग्रामीणों को एलंगनार के पहले रोककर खाना बनाने के लिए कहा गया। नक्सली सड़क की ओर चले गए।

कर्मा के शरीर पर कम से कम 69 घाव दर्ज किए गए

कोर्ट के आदेश में दर्ज पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, महेंद्र कर्मा के शरीर पर कई गंभीर चोटें थीं। सिर पर धारदार हथियार के घाव, शरीर पर चाकू के घाव, चेहरे पर चोट, पसलियों और अंदरूनी अंगों को नुकसान और पीठ में गोली लगने के निशान मिले।

पोस्टमॉर्टम में दोनों गोली के घाव पीठ की तरफ बताए गए। गोली लगने से पसलियों और फेफड़ों को नुकसान हुआ था। इसके अलावा शरीर के कई हिस्सों में धारदार हथियार और दूसरी चोटों के निशान थे।।

पोस्टमॉर्टम में कर्मा के शरीर पर कम से कम 69 घाव दर्ज किए गए थे। गवाह ने यह भी बताया कि माओवादियों ने कर्मा को मारने के बाद उनके शव पर चाकू से वार किए और उनके आसपास नारे लगाए।

नंदकुमार पटेल को 2 गोलियां मारी गई थी

तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दो गोली के घाव मिले। एक गोली बाएं कंधे की तरफ से लगी और अंदर जाकर पसलियों, फेफड़े और दिल के आसपास के हिस्से को नुकसान पहुंचा।

दूसरी गोली बाएं पेट की तरफ लगी और अंदर आंत, पेट और लीवर तक पहुंची थी। रिपोर्ट में मौत का कारण गोली लगने से हुए शॉक और अधिक रक्तस्राव को बताया गया था।

दिनेश पटेल को सिर पर धारदार हथियार और पीठ में गोली

नंदकुमार पटेल के बेटे दिनेश पटेल की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर कई धारदार हथियार के घाव मिले थे। सिर की हड्डी टूटने और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान का जिक्र है। इसके अलावा पीठ में गोली का घाव था, जिससे पसली और दायां फेफड़ा प्रभावित हुआ था। जांघ पर भी चाकू से चोट के निशान मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सिर और गोली की चोटें मौत के लिए पर्याप्त थीं।

गाड़ियों पर 206 गोलियों के निशान

जांच में वाहनों पर करीब 206 गोलियों के निशान मिलने की बात भी कोर्ट के आदेश की रिपोर्टिंग में सामने आई है। हमले में बड़ी संख्या में हथियार भी लूटे गए थे, जिनमें AK-47, INSAS, 9 एमएम पिस्टल और SLR शामिल थे।

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कोरबा

52 हाथियों का झुंड स्कूल हॉस्टल में घुसा:पसान रेंज में बाउंड्रीवॉल तोड़ी, बगीचा उजाड़ा और धान की फसल रौंदी,किसान का मकान भी क्षतिग्रस्त

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कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गुरुवार देर रात पसान रेंज के तेलियामार गांव में करीब 52 हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। गांव से लगे दीपक स्कूल (मिशन स्कूल) के छात्रावास परिसर में हाथियों के घुसने से वहां रह रहे करीब 160 बच्चों में चीख-पुकार मच गई।

बाउंड्रीवॉल तोड़कर परिसर में घुसे हाथियों ने बगीचे को तहस-नहस कर दिया।

जानकारी के अनुसार, देर रात हाथियों का झुंड गांव के करीब पहुंचा। इसके बाद हाथियों ने स्कूल की बाउंड्रीवॉल तोड़ दी और छात्रावास परिसर में घुस गए। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर हॉस्टल में रहने वाले बच्चे डर गए। पूरी रात बच्चे दहशत में रहे। गांव में भी हाथियों की आवाज सुनकर ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए। अचानक झुंड के गांव के पास पहुंचने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

किसान का मकान क्षतिग्रस्त, धान की फसल रौंदी

हाथियों के झुंड ने गांव के पास स्थित एक किसान के मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा खेतों में तैयार धान की फसल को रौंद दिया। फसल बर्बाद होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। धान की फसल को बचाने के लिए शुक्रवार को ग्रामीण शोर मचाकर हाथियों को भगाने का प्रयास करते रहे।

कटघोरा वन मंडल में 57 हाथियों की मौजूदगी

वन विभाग के मुताबिक, वर्तमान में कटघोरा वन मंडल में कुल 57 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें से 52 हाथियों का झुंड पसान रेंज के तेलियामार और खोहरी के जंगलों में घूम रहा है। वहीं झुंड से अलग हुआ एक दंतैल हाथी बनिया रेंज में है, जबकि जटगा रेंज में तीन हाथियों की मौजूदगी बताई गई है।

अधिकारियों के अनुसार, हाथी आमतौर पर झुंड में रहने के दौरान गांवों के किनारे कम आते हैं, लेकिन धान की फसल पकने के कारण वे खेतों की ओर पहुंच रहे हैं। शाम होते ही हाथी अलग-अलग दिशाओं में चले जाते हैं और सुबह फिर एक जगह एकत्र हो जाते हैं।

10 गांवों में मुनादी, निगरानी बढ़ाई

हाथियों की आवाजाही और संभावित खतरे को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार, आसपास के 10 गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। स्कूल परिसर में हाथियों के घुसने और फसल नुकसान की घटना के बाद ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।

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कोरबा

लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल द्वारा प्रशांति वृद्धाश्रम में आवश्यक सामाग्री का निःशुल्क वितरण

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बुजुर्गों की सेवा और सम्मान ही सच्चे संस्कारों की पहचान – लायन अग्रवाल

कोरबा। मानव सेवा ईश्वर सेवा ध्येय वाक्य के तहत् दिनांक 08 अक्टूबर 2026 को दुरपा रोड सर्वमंगला मंदिर के पास स्थित प्रशांति वृद्धाश्रम में लायंस क्लब कोरबा गुरुकुल एवं नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वाधान में वृद्धजनो´ को आवश्यक सामाग्रियो´ का वितरण रीजन चेयरमेन एमजेएफ लायन पवन अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम में पीएमजेएफ लायन डाॅ.राजकुमार अग्रवाल (पूर्व प्रान्तपाल) एवं प्रशांति वृद्धाश्रम के अध्यक्ष सादिक खान बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

सर्वप्रथम क्लब अध्यक्ष लायन दर्शन अग्रवाल के द्वारा वृद्धाश्रम में निवासरत सभी वृद्धजनो´ का स्वागत किया। तत्पश्चात् क्लब मार्गदर्शक पीएमजेएफ लायन डाॅ. राजकुमार अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि वृद्धजनों की सेवा और सम्मान करना हम सभी का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हमारे परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव हमारे जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं और हमें उनके अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। रीजन चेयरमेन एमजेएफ लायन पवन अग्रवाल ने कहा कि सेवा कार्य किसी एक दिन या अवसर तक सीमित नहीं होना चाहिए। हमें अपनी क्षमता के अनुसार निरंतर सेवा एवं परोपकार के कार्य करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने जीवन में सेवा का कोई न कोई माध्यम अवश्य खोजना चाहिए और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव आगे आना चाहिए। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को मानव सेवा के लिए प्रेरित किया।

उद्बोधन पश्चात् लायन सदस्यो द्वारा प्रशांति वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्धजनो´ को उनकी दैनिक आवश्यकताओं में उपयोगी विभिन्न सामग्री प्रदान की गईं तथा उनका सम्मान करते हुए उनके साथ आत्मीय संवाद किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, संवेदना और सेवा की भावना को समाज में और अधिक मजबूत करना था।

प्रशांति वृद्धाश्रम के अध्यक्ष सादिक खान ने उपस्थित लायन सदस्यो´, शिक्षको´ को संबोधित करते हुए कहा कि यदि हम अपने बच्चों को बचपन से ही माता-पिता एवं बुजुर्गों का सम्मान करना सिखाएं, तो परिवार में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न ही नहीं होंगी, जिनके कारण किसी वरिष्ठजन को वृद्धाश्रम का सहारा लेना पड़े। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि बुजुर्गों की बातों को धैर्यपूर्वक सुनें, उनकी भावनाओं का सम्मान करें और उनके अनुभवों को परिवार की अमूल्य विरासत मानें।

उक्त कार्यक्रम में लायन प्रेमलता अग्रवाल, लायन किरण अग्रवाल, लायन सुरेन्द्र कुमार डनसेना, लायन सुभाष चंद अनंत, लायन पार्वती दास सहित अन्य लायन सदस्य उपस्थित थें।

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कोरबा

माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा में 11 अक्टूबर से जलेंगे आस्था के दीप

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11 अक्टूबर से होगी प्रारंभ, 19 अक्टूबर को होगी सम्पन्न
गज पर सवार होकर आएंगी माँ आदिशक्ति

कोरबा। हसदेव नदी के तट पर स्थित आस्था का केंद्र माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा में शारदीय नवरात्रि पर11 अक्टूबर से आस्था के दीप प्रज्ज्वलित होंगे। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा नदी के तट पर विश्व कल्याणी जगत माता जगदम्बिका माँ श्री सर्वमंगला देवी की असीम कृपा से प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी शारदीय क्वांर नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर माँ सर्वमंगला देवी के पवित्र स्थल में शुक्ल पक्ष प्रतिपदा दिन रविवार 11 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ एवं शुक्ल पक्ष नवमी दिन सोमवार 19 अक्टूबर 2026 तक माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में सर्वमनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होंगे। शारदीय क्वांर नवरात्रि के नौ दिन तक परिसर में यज्ञोपवित संस्कार, जसगीत गायन, कीर्तन-भजन सहित अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम सम्पन्न होंगे।
मंदिर समिति की अपील ज्योति कलशों के लिए प्राप्त कर लें रसीद
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ज्योति कलश के लिए समय पर रसीद प्राप्त कर लें। तेल ज्योति कलश 901 रुपये और घृत ज्योति कलश 2101 रुपये में प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व के दौरान मंदिर परिसर में भंडारा, धार्मिक अनुष्ठान और विद्वान पंडितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना भी की जाएगी।
धर्मानुरागी मंदिर परिसर से तैल्य ज्योति कलश या घृत ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने रसीद प्राप्त कर लें।
मनोकामना ज्योति कलश के लिए इन स्थानों पर भी करें संपर्क –
माँ सर्वमंगला मंदिर परिसर दुरपा कोरबा, अविनाश स्टेशनरी, दर्री रोड कोरबा, मो. 7697777770, अविनाश ट्रेडर्स, दर्री रोड कोरबा, मो. 98271-89511, जय माँ दक्षिणेश्वरी डेली नीड्स, बजरंग टाकीज के सामने,कोरबा- 9754926033, पवन जनरल स्टोर्स, उरगा-कोरबा, महामाया बुक डिपो, बालको- 243034, शारदा प्रोविजन स्टोर्स, इंदिरा कॉम्पलेक्स, जमनीपाली, एजुकेशन हब, कचहरी चौक, डीडी प्लाजा, जांजगीर – 9098888246, 9098888644, अजय मोबाईल – सब्जी मार्केट के सामने, मंगला चौक बिलासपुर -9098888260, रतन जनरल स्टोर्स, विकास नगर कसमुण्डा-272130, शंकर लाल दुबे, छुरीकला – 7898597355, गोपाल जनरल स्टोर, घुड़देवा- 7771899437, गायत्री मेडिको, निहारिका -9424141437, सरस्वती बुक डिपो, जूनाडीह -275888, मित्तल ऑटोमोबाईल्स, सुराकछार – 9425226745, गणेश ऑटो पार्ट्स एण्ड गणेश पान मसाला, बालको- 9893349692, 7999876704, नरेश चौहान, मुड़ापार 9098156287, सर्वमनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित हेतु तेल्य ज्योति कलश 901/- रू. एवं घृत ज्योति कलश 2100/- रू. जमा कर रसीद प्राप्त करें।
माँ सर्वमंगला देवी की मंगल आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥
जय अम्बे गौरी..॥
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥
जय अम्बे गौरी..॥
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै ।
रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै ॥
जय अम्बे गौरी..॥
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी ।
सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ॥
जय अम्बे गौरी..॥
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योती ॥
जय अम्बे गौरी..॥
शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥
जय अम्बे गौरी..॥
चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे ।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ॥
जय अम्बे गौरी..॥
ब्रह्माणी, रूद्राणी, तुम कमला रानी ।
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥
जय अम्बे गौरी..॥
चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरो ।
बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू ॥
जय अम्बे गौरी..॥
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता,
भक्तन की दुख हरता । सुख संपति करता ॥
जय अम्बे गौरी..॥
भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी । [खड्ग खप्पर धारी]
मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ॥
जय अम्बे गौरी..॥
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती ।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योती ॥
जय अम्बे गौरी..॥
श्री अम्बेजी की आरति, जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपति पावे ॥
जय अम्बे गौरी..॥
बोलो माँ सर्वमंगला देवी की जय…!
नोट:-

प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने बताया शारदीय क्वार नवरात्रि पर्व 11.1०.२०२6, रविवार से प्रारंभ होगा, सर्वमनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलन हेतु तैल्य ज्योति कलश ९01/-रूपये एवं घृत ज्योति कलश हेतु 2100/- रूपये जमा कर रसीद लेवें। सर्वमनोकामना ज्योति कलश का हवन, पूर्णाहुति, सहस्त्रधारा, कपिलातर्पण, सजीयादान, ब्राहम्ण भोज, कन्या भोज 18 अक्टूबर २०२6 रविवार को होगा। जवारा कलश विसर्जन, दिनांक 19.10.2026, सोमवार संध्या 5.00 बजे होगा। माँ सर्वमंगला की मंगल आरती प्रतिदिन प्रात:काल एवं संध्या 7.00 बजे होगी। माँ का भोग प्रसाद प्रतिदिन दोपहर 12.00 बजे होगा। कृपया ज्योति कलश दर्शन कतारबद्ध होकर करें एवं रसीद साथ लावें। कृपया अपने सामानों की रक्षा स्वयं करें। माँ सर्वमंगला देवी का मंगल श्रृंगार प्रति सुबह ०५.00 बजे होगी। प्रतिदिन भजन, कीर्तन एवं माता जसगीत अखंड रूप से चलता रहेगा। श्री सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर में नवरात्रि पर्व पर सुबह-शाम भंडारे का आयोजन रखा गया है। श्री सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर के पास दुकान लगाने के इच्छुक व्यापारीगण सादर आमंत्रित हंै। कृपया पुजारी/ प्रबंधक से संपर्क करें – ज्योति कलश नवरात्रि पर्व का प्रसाद मंदिर परिसर कार्यालय से प्राप्त करें।
अपील:

मंदिर परिसर में नियमों का पालन करें
और शांति से दर्शन करें-
प्लास्टिक थैले का उपयोग न करें।

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