छत्तीसगढ़ में रोजगार मेला, 8700 पदों पर भर्ती:36 कंपनियां-प्लेसमेंट संस्थाएं पहुंचीं, कई राज्यों में जॉब का मौका, कैंडिडेट्स ने व्यवस्था पर जताई नाराजगी
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में 10वीं से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई कर चुके और प्रशिक्षित युवाओं के लिए निजी कंपनियों में नौकरी का अवसर है। रायपुर के बूढ़ापारा स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में 7 और 8 अक्टूबर को राज्यस्तरीय रोजगार मेला आयोजित किया गया है। मेले में 36 एम्पलॉय और प्लेसमेंट संस्थाओं के जरिए 8,720 खाली पदों पर भर्ती की जा रही है।
मेले में गुजरात समेत कई राज्यों की कंपनियां पहुंची हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से भी युवा शामिल हुए। प्रदेश के कई युवाओं को अलग-अलग सेक्टर में जॉब ऑफर हुए हैं। 8 अक्टूबर को चयनित युवाओं को ऑफर लेटर दिए जाएंगे। वहीं रोजगार मेले में पहुंचे कुछ कैंडिडेट्स ने खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
36 एम्पलॉय और प्लेसमेंट संस्थाओं के जरिए 8,720 खाली पदों पर भर्ती की जा रही है।
दूर-दराज से आए कैंडिडेट्स ने खाने-पीने की व्यवस्था पर नाराजगी जताई है।
ऑपरेटर, इंजीनियर समेत कई पदों पर नौकरी
मशीन ऑपरेटर, फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, इंजीनियर, क्वालिटी इंस्पेक्टर, सेल्स एग्जीक्यूटिव, कंप्यूटर ऑपरेटर, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव, नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षा गार्ड, ड्राइवर, डिलीवरी बॉय और अप्रेंटिस समेत कई पदों पर नौकरी का मौका है।
इनमें टेक्निकल और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में करीब 4,800, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट में 1,600, सिक्योरिटी में 650 और हेल्थकेयर व केयर सर्विसेज में करीब 580 पद शामिल हैं। रोजगार मेले में 10वीं-12वीं पास से लेकर ITI, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट युवा आवेदन कर सकते हैं।
रोजगार मेले में पहुंचे युवाओं के लिए नाश्ते-पानी और दिव्यांगों के लिए ट्राईसाइकिल की व्यवस्था की गई है।
इन कंपनियों में हैं खाली पद
राज्यस्तरीय रोजगार मेले में कई कंपनियों ने भर्ती के लिए रिक्तियां उपलब्ध कराई हैं। इनमें क्वेस कॉर्प, रैंडस्टैड इंडिया, राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स-सतलज टेक्सटाइल्स, वर्धमान टेक्सटाइल्स, जेनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरटेल पेमेंट्स बैंक, इंस्टाकार्ट, स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल, स्वतंत्र माइक्रोफिन, एनआईआईटी, आइसेक्ट, शांता टेक्नो, राजत इक्विपमेंट्स और फर्स्ट फ्लाई कॉर्पोरेट समेत कई कंपनियां शामिल हैं।
विभाग की ओर से अन्य कंपनियों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। अभ्यर्थी अपनी प्रोफाइल अपडेट कर रोजगार मेले में उपलब्ध पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। उद्योग और नियोजक मेले में भागीदारी के लिए 7999385638 और 7000397968 पर संपर्क कर सकते हैं।
कैंडिडेट्स बोले- मैनेजमेंट पर ध्यान देने की जरूरत
भिलाई से आए स्टूडेंट मानस ने बताया कि उन्होंने डिप्लोमा के आधार पर यहां पंजीयन कराया है। कैंप में कई कंपनियां इंटरव्यू ले रही हैं। वह अब तक तीन-चार से पांच कंपनियों में इंटरव्यू दे चुके हैं। कुछ कंपनियां उनकी डिटेल नोट कर रही हैं और आगे बुलाने की बात कह रही हैं।
मानस ने कहा कि इस तरह के कैंप में फैसिलिटीज और मैनेजमेंट पर थोड़ा और ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि कैंप में सबसे ज्यादा दिक्कत पानी की व्यवस्था को लेकर महसूस हुई। गर्मी और डिहाइड्रेशन को देखते हुए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए थी।
अभनपुर से आए कैंडिटेट ओमप्रकाश नौरंगे ने बताया उन्होंने अकाउंटेंट से जुड़े पद, फील्ड वर्क और सुपरवाइजर पोस्ट के लिए अलग-अलग काउंटर पर जाकर जानकारी ली। जिन कंपनियों के काउंटर पर गए, वहां रजिस्ट्रेशन के साथ नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कराया।
कंपनियों की ओर से बताया गया कि उनकी डिटेल आगे फॉलो की जाएगी और इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
खाने-पीने की व्यवस्था पर नाराजगी
ओमप्रकाश ने आयोजन स्थल में खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि वे सुबह से कैंप में हैं और काफी देर से लाइन में लगे हुए हैं। भूख लगी है, लेकिन खाने की व्यवस्था ठीक नहीं है। पानी की सुविधा को लेकर भी परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि पानी के लिए टैंकर तो खड़े किए गए हैं, लेकिन पानी पीने के लिए गिलास भी नही है। कैंप की व्यवस्था व्यवस्थित तरीके से नहीं की गई है। दूर-दराज से आने वाले कई अभ्यर्थी और स्टूडेंट भी यहां पहुंचे हैं। ऐसे में उनके लिए पीने के पानी और खाने की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए थी।
प्रमुख उद्योगों से लगातार किया जा रहा संपर्क
संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण हेमंत रमेश नंदनवार (आईएएस) ने बताया कि राज्यस्तरीय रोजगार मेले में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभाग प्रमुख उद्योगों और नियोजकों से लगातार संपर्क कर रहा है।
अब तक 36 नियोजकों और प्लेसमेंट संस्थाओं से 8,720 रिक्त पदों की जानकारी मिली है। उपलब्ध रिक्तियों को ई-रोजगार पोर्टल पर प्रदर्शित किया जा रहा है। मेले में ऑनलाइन आवेदन और चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए भी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।
ई-रोजगार पोर्टल से कर सकेंगे आवेदन
इच्छुक अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल https://www.erojgar.cg.gov.in/ पर उपलब्ध रिक्तियों को देखकर अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर अभ्यर्थियों की प्रोफाइल के आधार पर नियोजक शॉर्टलिस्टिंग और प्रारंभिक चयन भी कर सकेंगे।
नमो सेवा गाथा पर विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुति, लगभग 495 लोग हुए शामिल कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेजेस अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पाली में ‘नमो सेवाकृअनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और नमो सेवा गाथा पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुति से ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, पालक और छात्र-छात्राएं उत्साहित नजर आए। कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और पालकों सहित लगभग 495 लोग उपस्थित रहे।
कोरबा, 7 अक्टूबर 2026। समाज कल्याण विभाग द्वारा आज प्रतीक जैन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा, ओएसडी तरुण कुमार किरण की उपस्थिति में पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की गई। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से दी गई इस सहायता से उनके आवागमन में सुविधा होगी और वे दैनिक कार्य अधिक सुगमता से कर सकेंगे। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाले हितग्राहियों में रेल्वे कॉलोनी, कोरबा निवासी 55 वर्षीय सैय्यद याकूब, पिता सैय्यद अब्दुल कादर, सुभाष ब्लॉक, कोरबा निवासी 44 वर्षीय श्रीमती सुनीता दास, पिता बाबू राज, शांति नगर, कुसमुंडा निवासी 34 वर्षीय श्रीमती सीमा कुमारी, पिता अदरू, तथा गुरसिया, कटघोरा निवासी 20 वर्षीय प्रदीप कुमार उरांव, पिता हरिराम शामिल हैं। ट्राईसाइकिल मिलने पर हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उनकी गतिशीलता बढ़ेगी और वे अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
सुरक्षित छत और रंगीन दीवारों ने बदला माहौल, बरपाली आंगनबाड़ी में बढ़ी नौनिहालों की उपस्थिति कोरबा, 07 अक्टूबर 2026। कभी जर्जर भवन की दीवारों और असुविधाओं के बीच संचालित होने वाला आंगनबाड़ी केंद्र अब बच्चों की खिलखिलाहट और रंग-बिरंगे चित्रों से गुलजार है। जहां पहले पालकों को अपने छोटे बच्चों को केंद्र भेजते समय उनकी सुरक्षा की चिंता रहती थी, वहीं अब ग्राम पंचायत बरपाली का नया आंगनबाड़ी भवन नौनिहालों के लिए सुरक्षित, सुंदर और सहज वातावरण बन गया है। जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से 11.69 लाख की लागत से निर्मित नए भवन में पक्की छत, मजबूत दीवार, पक्का फर्श, रंगीन चित्र और बच्चों के लिए खिलौनों सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका असर बच्चों की उपस्थिति में भी दिखाई दे रहा है और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे नियमित रूप से आंगनबाड़ी पहुंच रहे हैं। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बरपाली स्थित इस आंगनबाड़ी केंद्र में वर्तमान में 30 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 6 माह से 3 वर्ष आयु वर्ग के 17 तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 13 बच्चे शामिल हैं। इसके साथ ही 2 गर्भवती महिलाएं, 3 शिशुवती माताएं और 6 किशोरी बालिकाएं भी केंद्र की सेवाओं से लाभान्वित हो रही हैं। नए भवन के बाद बच्चों के लिए उपलब्ध स्थान और वातावरण में आए बदलाव ने केंद्र की गतिविधियों को भी अधिक व्यवस्थित किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला बताती हैं कि पुराने भवन की स्थिति ऐसी थी कि बच्चों को केंद्र में रखते समय उनकी सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। भवन जर्जर होने के कारण पालक भी बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने में सहज महसूस नहीं करते थे। नए भवन के बनने से सबसे बड़ा बदलाव बच्चों की सुरक्षा और उनके सहज वातावरण में आया है। अब पक्की छत, मजबूत दीवार और पक्के फर्श वाले भवन में बच्चे आराम से बैठते हैं, खेलते हैं और विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। श्रीमती शिवकला के अनुसार नए भवन की दीवारों पर बने रंग-बिरंगे चित्र बच्चों को खूब आकर्षित करते हैं। बच्चे चित्रों को देखकर उनके बारे में जानने की उत्सुकता दिखाते हैं और आसपास की वस्तुओं को पहचानने का प्रयास करते हैं। खिलौनों और आकर्षक वातावरण के कारण उनमें केंद्र आने की रुचि भी बढ़ी है। पहले की तुलना में अब बच्चे अधिक संख्या में आंगनबाड़ी पहुंचते हैं और 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नियमित उपस्थिति दिखाई देती है। बच्चों के लिए केंद्र अब केवल आने-जाने की जगह नहीं रहा, यहां वे खेलते हुए सीखते हैं और सहज माहौल में अपनी प्रारंभिक शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। आंगनबाड़ी सहायिका श्रीमती चमेली बाई बताती हैं कि नए भवन में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उन्हें भोजन कराने में भी काफी सुविधा हुई है। निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार सुबह बच्चों को मीठा या नमकीन दलिया दिया जाता है। इसके बाद दाल, चावल और सब्जी सहित भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सुरक्षित और सुविधाजनक भवन में बच्चों को भोजन कराने तथा उनकी देखभाल करने में आसानी होती है। बच्चों का नियमित रूप से केंद्र आना उनके लिए भी उत्साह का विषय है।
कार्यकर्ता श्रीमती शिवकला कहती हैं कि पहले भवन की स्थिति के कारण बच्चों और पालकों में जो संकोच था, वह अब दूर हुआ है। नए भवन ने बच्चों को सुरक्षित जगह दी है और आकर्षक वातावरण ने उनके मन में आंगनबाड़ी के प्रति अपनापन बढ़ाया है। बच्चे सुबह केंद्र आने के लिए उत्साहित रहते हैं और यहां होने वाली गतिविधियों में रुचि के साथ शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए ऐसी बेहतर सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें अपने कार्य में भी संतोष और उत्साह मिलता है। नौनिहालों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की इस पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।