नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयेाजित हुआ निगम का सुशासन तिहार शिविर
कोरबा। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज सोमवार को नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगलानगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयोजित सुशासन तिहार शिविर को संबोधित करते हुये आज कहा कि प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जनसमस्याओं के निराकरण हेतु सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं गांव-गांव, गली-गली घूमकर जनसमस्याओं से रूबरू हो रहे हैं, उनका निराकरण करा रहे हैं तथा प्रदेश में सम्पूर्ण सुशासन की सरकार की संकल्पना को साकार कर रहे हैं।
यहां उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ कोरबा जिले एवं नगर पालिक निगम केारबा क्षेत्र में भी सुशासन तिहार मनाया जा रहा है तथा इसके अंतर्गत शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। आज निगम का सातवॉं व अंतिम सुशासन तिहार शिविर सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने शिविर में उपस्थिति प्रदान करते हुये महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर आयुक्त आशुतोष पाण्डेय तथा पार्षदों व जनप्रतिनिधियों के साथ शिविर में लगाये गये जिले के विभिन्न विभागों व नगर पालिक निगम केारबा के विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर महापौर, सभापति व आयुक्त के साथ ही पार्षद नरेन्द्र देवांगन, भानुमति जायसवाल, रामाधार पटेल, आरती सिंह, प्रेमप्रकाश साहू, बहत्तर सिंह कंवर, मुकुंद सिंह कंवर, रामकुमार साहू, मनीष मिश्रा आदि जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। इस अवसर पर दिये गये अपने उद्बोधन में उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विगत 11 वर्षाे के अपने कार्यकाल में देश का सम्मान विश्व स्तर पर बढ़ाया है, जिसके लिये हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति दिल से आभार व्यक्त करते हैं, वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने कार्याे व योजनाओं से लगातार जनकल्याण का कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि हमारी सरकार जनहितकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर विश्वास रखती है तथा सरकार जो कहती है, वह करती भी है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है, उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है तथा उनकी बरसों पुरानी समस्याएं दूर हो रही हैं। उन्होने कहा कि नगर निगम कोरबा क्षेत्र में बड़ी सफलता के साथ सुशासन तिहार का आयोजन किा गया है, जिसके लिये मैं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर तथा निगम के सभी पार्षदों को बधाई देता हूॅं।
10 वर्ष की समस्याएं हो रही दूर इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जगह-जगह जनसमस्या निवारण शिविर लगाये जा रहे हैं तथा विगत 10 वर्ष की समस्याएं दूर की जा रही हैं। उन्होने कहा कि शासन प्रशासन का यह प्रथम लक्ष्य है कि जनताजनार्दन की सभी समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए, केवल कागजी कार्यवाही न हों। महापौर श्रीमती राजपूत ने आगे कहा कि कोरबा के सभी 67 वार्डाे मंे बिना किसी भेदभाव के बडे़ पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं तथा उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन इन कार्याे हेतु लगातार फंड की व्यवस्था करा रहे हैं।
इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि यह हमारी सरकार है जो समस्याओं का निराकरण भी बडे़ उल्लास के साथ सुशासन तिहार के रूप में करती है, सुशासन तिहार का यह आयोजन जनताजनार्दन को एक अच्छा शासन प्रशासन देने का संकल्प है, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एक मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्याे व नीतियों से छत्तीसगढ़ में सुशासन स्थापित कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद है कि उन्होने मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक के लिये शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन कराया है, अब योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राहियों को मिल रहा है, बिचौलिया प्रथा समाप्त हो गई है। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन कोरबा क्षेत्र के एक-एक विकास कार्याे पर एक-एक समस्याओं पर लगातार नजर रख रहे हैं तथा उनके उत्साहवर्धन के परिणाम स्वरूप अधिकारी कर्मचारी भी पूरे उत्साह के साथ कार्य कर रहे हैं।
आयुक्त ने सर्वमंगला नगर जोन व निगम के उपलब्धियों पर रखा प्रतिवेदन
इस अवसर पर आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने सर्वमंगला नगर जोन के विकास कार्याे व नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा प्राप्त उपलब्धियों पर अपना विस्तृत प्रतिवेदन शिविर में रखा। उन्होने बताया कि सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत वर्ष 2023 से अब तक 05 करोड़ 83 लाख रूपये की लागत से 54 कार्य स्वीकृत किये गये थे, जिनमें 28 कार्य पूर्ण हो गये हैं, 13 कार्य प्रगति पर है तथा 13 कार्य निविदा में हैं। इस मौके पर उन्होने प्रधानमंत्री आवास योजना, विभिन्न पेंशन योजनाओं, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, सम्पत्तिकर व जलकर की वसूली, श्रद्धांजलि योजना, विभिन्न राशन कार्ड आदि से लाभान्वित कराये गये हितग्राहियों के संबंध में विस्तार से जानकारी शिविर में प्रस्तुत की। आयुक्त श्री पाण्डेय ने इस मौके पर कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित हों, इसके लिये कलेक्टर कुणाल दुदावत ने वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित की है, जो आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करा रही हैं, आयुक्त श्री पाण्डेय ने आगे बताया कि सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत मॉं सर्वमंगला मंदिर परिसर को प्लास्टिक फ्री जोन बनाया गया है, वहीं शहर के सबसे ज्यादा स्थलों को कचरा मुक्त स्थल बनाकर सजाया, संवारा गया है।
हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित
शिविर के दौरान शासन के विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को योजनाओं के लाभ से लाभान्वित किया गया। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत व उपस्थित अतिथियों द्वारा हितग्राही चन्द्रशेखर व विष्णु प्रसाद को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवासगृह की चाबी प्रदान की गई। इसी प्रकार हितग्राही शांता बाई व प्रभा यादव को राशन कार्ड, गोपी देवगन को वृद्धावस्था पेंशन तथा गौरीशंकर साहू व मोहनबाई रत्नाकर को श्रवण यंत्र प्रदान किये गये।
इस अवसर पर भानुमति जायसवाल, रामाधार पटेल, आरती सिंह, प्रेमप्रकाश साहू, बहत्तर सिंह कंवर, मुकुंद सिंह कंवर, रामकुमार साहू, मनीष मिश्रा, प्रफुल्ल तिवारी, माधव जायसवाल, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, उपायुक्त पवन वर्मा, कार्यपालन अभियंता राकेश मसीह, जोन कमिश्नर सुनील टांडे, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी आदि के साथ नगर निगम कोरबा व जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण एवं काफी संख्या में आमनागरिकगण उपस्थित थे।
ई-कचरा प्रबंधन दिवस पर हुई कई गतिविधियां, निकाली जागरूकता रैली कोरबा। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय एवं इको क्लब फॉर मिशन लाइफ के निर्देशानुसार शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बुंदेली में ई-कचरा प्रबंधन दिवस बहुत ही उत्साहपूर्वक मनाया गया। बच्चों को ई-कचरा क्या होता है, यह क्यों खतरनाक है और इसका निपटारण कैसे किया जाना चाहिए, इस बारे में विस्तार से बताया गया। स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को खराब मोबाइल, चार्जर, बैटरी, की-बोर्ड, माउस, एलईडी बल्ब, टूटी हुई पेन ड्राइव आदि को दिखाया गया और समझाया गया कि इन्हें सामान्य कचरे में नहीं फेंकना चाहिए। विद्यालय में कराई गई प्रमुख गतिविधियाँ पोस्टर, बैनर एवं स्लोगन निर्माण कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों ने सभी शिक्षकों के मार्गदर्शन में बहुत ही आकर्षक पोस्टर और बैनर तैयार किए। बच्चों ने अपने हाथों से नारे लिखे –
ई-कचरा मत फैलाओ, धरती को स्वच्छ बनाओ
मेरा कचरा, मेरी जिम्मेदारी
ई-वेस्ट को करो मैनेज, सुरक्षित होगा फ्यूचर हमारा इन पोस्टरों को विद्यालय की दीवारों पर प्रदर्शित किया गया। जागरूकता रैली विद्यालयीन गतिविधियों के पश्चात बच्चों ने हाथों में पोस्टर, बैनर और स्लोगन की तख्तियां लेकर शाला परिसर एवं ग्राम धनरास में जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान बच्चों ने ‘ई-कचरा हटाओ – पर्यावरण बचाओÓ के नारे लगाए और ग्रामीणों को भी ई-कचरा घर में न रखने की अपील की। ई-कचरा संग्रहण अभियान (मुख्य आकर्षण) इस दिवस की सबसे महत्वपूर्ण गतिविधि यह रही कि इससे एक दिन पूर्व ही सभी बच्चों को अपने-अपने घरों से एक अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक वस्तु लाने को कहा गया था। निर्देशानुसार प्रत्येक बच्चों ने अपने घर से एक-एक ई-कचरा लाया – जैसे किसी ने पुरानी बैटरी, किसी ने टूटा चार्जर, किसी ने खराब ईयरफोन, किसी ने सेल, किसी ने छोटा बल्ब लाया। विद्यालय में विशेष रूप से काले रंग का डस्टबिन शिक्षिकाओं के द्वारा बनाया गया था, जो ई-कचरे के लिए निर्धारित था। सभी बच्चों ने कतारबद्ध होकर अपनी लाई हुई सामग्री को उसी काले डस्टबिन में डाला। बच्चों को बताया गया कि इस एकत्रित कचरे को विकासखंड स्तर पर अधिकृत रीसाइक्लिंग एजेंसी के माध्यम से उचित वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाएगा, ताकि यह मिट्टी और पानी को प्रदूषित न कर सके। इस प्रकार की गतिविधियां केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि व्यावहारिक रूप से बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख दे गई। अंत में सभी बच्चों ने ई-कचरा न फैलाने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ ली। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधान पाठक सम्मेेलाल यादव, शिवनंदन लाल राजवाड़े CAC संकुल केंद्र बुंदेली, श्रीमती रेशमा ठाकुर, श्रीमती दिव्या साहू, श्रीमती प्रभा साहू, दीपक मिश्रा, श्रीमती चंद्रिका साहू आदि उपस्थित थे।
SECL गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय मे कांग्रेस नेता अजय जायसवाल की अगुवाई मे हुई मीटिंग मे SECL प्रबंधन द्वारा PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत कर्मचारियों के विभिन्न मांगो को जल्द पूरा करने पर बनी सहमति
कोरबा। SECL गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा वेतन, बोनस, दो माह से लंबित वेतन, भर्ती प्रक्रिया मे स्थानीय बेरोजगारों को पहली प्राथमिकता सहित अन्य मांगो को लेकर 27/10/2026 को खदान मे 6 घंटे काम ठप कर पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा अजय जायसवाल के नेतृत्व मे आंदोलन किया गया था।
SECL प्रबंधन के द्वारा 29/10/2026 को SECL गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय मे 12 बजे मीटिंग आहूत की गयी थी जिसमे आज अजय जायसवाल सहित भू विस्थापित श्रमिक गेवरा CGM कार्यालय पहुंचे जहाँ मुख्य महाप्रबंधक के अनुपस्थित होने पर प्रबंधन के द्वारा मीटिंग करने की बात कही गयी, जिसको लेकर अजय जायसवाल के द्वारा अपमान बताकर मुख्य महप्रबंधक के उपस्थिति मे मीटिंग करने को लेकर वही गेट मे श्रमिकों के साथ धरने पर बैठ गए और महाप्रबंधक का इंतजार करने लगे। आनन फानन मे महाप्रबंधक को कार्यालय आने पर मजबूर होना पड़ा, तत्पश्चात 1 घंटा बाद महाप्रबंधक के आने तक गेट जाम रखा गया फिर महाप्रबंधक के आने पर मीटिंग मे शामिल हुए।
प्रबंधन और कंपनी के अधिकारी उपस्थित रहे जहाँ हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, कंपनी के द्वारा भू विस्थापितो के ऊपर किये जा रहे शोषण, दो माह से लंबित वेतन, सुरक्षा, आई कार्ड पेमेंट स्लिप भर्ती प्रक्रिया मे स्थानीय लोगो को प्राथमिकता सहित अन्य मुद्दों पर बात हुई जिसमे SECL गेवरा के मुख्य महाप्रबंधक अशोक कुमार को अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा के द्वारा उक्त सभी समस्याओ का कड़ाई से पालन करने और भू विस्थापित श्रमिकों के वेतन विसंगती सहित श्रमिकों के ऊपर हो रहे शोषण की पुनरावृति होने पर दोबारा खदान बंद करा आंदोलन करने की चेतावनी दी। तत्पश्चात मुख्य महाप्रबंधक गेवरा द्वारा भू विस्थापित श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, पेमेंट स्लिप प्रदान करने, सुरक्षा उपकरण प्रदान करने दिवाली से पहले सभी कर्मचारियों को बोनस प्रदान करने और भर्ती प्रक्रिया मे स्थानीय भू विस्थापित को पहली प्राथमिकता देने पर सहमति बनी उक्त मीटिंग मे मधु सूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, शेत मसीह, सांसद प्रतिनिधि, कमलेश प्रजापति, गोविंदा सारथी,विक्की राज,अनिल कुमार, संतोष यादव, सुजीत महंत, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत सहित कंपनी मे कार्यरत कर्मचारी काफ़ी संख्या मे उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता डॉ. निखिल कुमार कनोडिया ने सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर दिया जोर
बिलासपुर/कोरबा। आज दिनाँक 31 अक्टूबर 2026 केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC), भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत एसईसीएल में 26 अक्टूबर से 01 नवंबर 2026 तक आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत आज एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में ‘संकल्प सिद्धि समारोह’ का आयोजन किया गया। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) द्वारा इस वर्ष की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि (Probity for Prosperity)’ निर्धारित की गई है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. निखिल कुमार कनोडिया (भा.पु.से.), पुलिस महानिरीक्षक एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी संचालन) रमेश चंद्र महापात्र तथा निदेशक (तकनीकी योजना/परियोजना) नृपेंद्र नाथ सहित एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा एसईसीएल के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के निरीक्षण से हुई। यहां उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली एवं डिजिटल निगरानी व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात अतिथियों ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह (VAW) गैलरी का अवलोकन किया, जहां सतर्कता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पहलों, जागरूकता अभियानों एवं गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया था। इसके बाद ‘एक पेड़ सतर्कता के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। तत्पश्चात ऑडिटोरियम में दीप प्रज्ज्वलन एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह का शुभारंभ किया गया।
मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों एवं विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिथियों का पौधा, शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया।
मुख्य वक्ता डॉ. निखिल कुमार कनोडिया ने अपने संबोधन में संस्थानों में सुशासन के लिए सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नैतिक आचरण को आवश्यक बताया। उन्होंने अपने दीर्घ प्रशासनिक अनुभवों को साझा करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यों में ईमानदारी एवं निष्पक्षता बनाए रखने तथा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने विशेष रूप से स्कूली एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों से संवाद किया और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं और उनमें प्रारंभ से ही ईमानदारी, नैतिकता एवं सत्यनिष्ठा के संस्कार विकसित करना आवश्यक है।
निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कार्यस्थल पर सत्यनिष्ठा एवं नैतिक मूल्यों के पालन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ भी दिलाई।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न वर्गों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। स्कूली विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताएं तथा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं, एसईसीएल कर्मचारियों के लिए वाद-विवाद, निबंध, स्लोगन, कविता, प्रश्नोत्तरी एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में एसईसीएल सतर्कता विभाग की वार्षिक पत्रिका ‘स्पंदन’ एवं ‘हैंडबुक ऑन सिस्टमैटिक इम्प्रूवमेंट मेजर्स (Handbook on Systemic Improvement Measures)’ का विमोचन किया गया। इन प्रकाशनों में संगठन की गतिविधियों एवं प्रणालीगत सुधार के उपायों को संकलित किया गया है।
समारोह के दौरान संगीत समूह एवं ओडिशी नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में मंच संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) पंकज पाणी पांडेय द्वारा एवं अंत में महाप्रबंधक (सतर्कता) संजय प्रसाद दुबे ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इसके साथ ही एसईसीएल से सेवानिवृत्त पांच अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके सेवाकाल में दिए गए योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें देवेंद्र प्रसाद (महाप्रबंधक, उत्खनन) , श्रीमती प्रवीणा गांधी (प्रबंधक, मानव संसाधन कर्मचारी स्थापना विभाग), असीम जूलियस (सब स्टेशन अटेंडेंट, बसंत विहार), श्रीमती सुपर्णा दासगुप्ता (सीनियर डीईओ, बसंत विहार स्वास्थ्य केंद्र), प्रवीण कुमार दीक्षित (वरिष्ठ तकनीकी निरीक्षक, गुणवत्ता नियंत्रण विभाग) एवं शामिल रहे।