Connect with us

छत्तीसगढ़

महासमुंद में मजदूरों की तस्करी का बड़ा नेटवर्क पकड़ाया:10 ठिकानों पर छापा, 1.48 करोड़ कैश बरामद, एडवांस देकर दूसरे राज्यों में भेजते थे

Published

on

महासमुंद, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में पुलिस ने मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क की कड़ियां छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा और दूसरे राज्यों तक जुड़ी हैं। पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपए कैश बरामद किए गए।

छापेमारी में मजदूरों के पलायन से जुड़े रजिस्टर और डायरियां, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मॉर्गेज से जुड़े दस्तावेज और नोट गिनने की मशीन समेत कई सामान जब्त किए गए हैं।

मामले में पुलिस ने मुकेश चंद्राकर, लता सवर, नंदू मोहंती, पीयूष अग्रवाल और मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस मुकेश चंद्राकर को नेटवर्क का मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड बता रही है।

महासमुंद में मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई।

महासमुंद में मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई।

पुलिस की कार्रवाई में 1.48 करोड़ रुपए से ज्यादा नकद बरामद किया गया।

पुलिस की कार्रवाई में 1.48 करोड़ रुपए से ज्यादा नकद बरामद किया गया।

छापेमारी में मजदूरों के पलायन से जुड़े रजिस्टर और दस्तावेज भी जब्त।

छापेमारी में मजदूरों के पलायन से जुड़े रजिस्टर और दस्तावेज भी जब्त।

अस्पताल के मेमो से शुरू हुई जांच

पूरे मामले की जांच 21 सितंबर 2026 को सरकारी अस्पताल से मिले एक मेमो के बाद शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक, मेमो में एक नाबालिग के शारीरिक शोषण और गर्भवती होने की जानकारी सामने आई थी।

इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी और मजदूरों के संगठित पलायन से जुड़े नेटवर्क के बारे में सुराग मिलने की बात पुलिस ने कही। इसके बाद संदिग्ध ठिकानों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच शुरू की गई।

नेटवर्क से जुड़े 10 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार।

नेटवर्क से जुड़े 10 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार।

एडवांस पैसे देकर दूसरे राज्यों में भेजने का आरोप

पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े लोग आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और मजदूरों को एडवांस पैसे देने का लालच देते थे। इसके बाद मजदूरों को छत्तीसगढ़ से दूसरे राज्यों में ईंट भट्ठों और दूसरे कामों के लिए भेजा जाता था।

पुलिस का आरोप है कि कुछ मामलों में मजदूरों पर डर, दबाव और धमकी का इस्तेमाल किया गया। उनसे कठिन परिस्थितियों में काम कराने और उनकी आवाजाही पर नियंत्रण रखने की बात भी जांच में सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों में बड़ी संख्या में मजदूरों का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस इन दस्तावेजों को कथित बंधुआ मजदूरी और मजदूरों के पलायन से जोड़कर जांच कर रही है।

मजदूरों के रिकॉर्ड वाली डायरियां और रजिस्टर पुलिस ने जांच के लिए जब्त किए।

मजदूरों के रिकॉर्ड वाली डायरियां और रजिस्टर पुलिस ने जांच के लिए जब्त किए।

10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध लोगों और ठिकानों की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने 10 जगहों पर एक साथ कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में कैश के अलावा मजदूरों से जुड़े रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए।

पुलिस के मुताबिक, बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से नेटवर्क की कार्यप्रणाली और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

5 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में मुकेश चंद्राकर, लता सवर, नंदू मोहंती, पीयूष अग्रवाल और मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मुकेश चंद्राकर को नेटवर्क का मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

जांच में मजदूरों को एडवांस रकम देकर दूसरे राज्यों में भेजे जाने की बात सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि वहां कुछ मजदूरों से दबाव में काम कराया जाता था और उनकी आवाजाही पर नियंत्रण रखा जाता था।

पुलिस अब जब्त दस्तावेजों, मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच कर रही है

पुलिस अब जब्त दस्तावेजों, मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच कर रही है

1.48 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश बरामद

पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपए कैश बरामद किए हैं। मौके से नोट गिनने की मशीन भी मिली है।

पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन, दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य नेटवर्क के कथित आर्थिक लेन-देन और अलग-अलग राज्यों में मजदूरों की आवाजाही की पूरी कड़ी का पता लगाना है।

छापेमारी में मजदूरों के पलायन से जुड़े रजिस्टर और दस्तावेज भी जब्त।

छापेमारी में मजदूरों के पलायन से जुड़े रजिस्टर और दस्तावेज भी जब्त।

यह सामान जब्त किया गया

  • 1,48,54,750 रुपए कैश
  • मजदूर पलायन से जुड़े रजिस्टर और डायरियां
  • कई मोबाइल फोन
  • बैंक पासबुक और चेकबुक
  • एटीएम कार्ड
  • मॉर्गेज से जुड़े दस्तावेज
  • नोट गिनने की मशीन
मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान बरामद नकदी और सामान।

मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान बरामद नकदी और सामान।

नाबालिगों और महिलाओं के शोषण के पहलू की भी जांच

पुलिस अब मानव तस्करी के साथ नाबालिगों की तस्करी, बाल मजदूरी और महिलाओं और नाबालिग बालिकाओं के कथित शोषण के पहलुओं की भी जांच कर रही है। जब्त मोबाइल फोन, बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नेटवर्क में कुल कितने लोग शामिल हैं, कितने मजदूरों को अलग-अलग राज्यों में भेजा गया और पूरे नेटवर्क का आर्थिक लेन-देन कितना बड़ा है।

खल्लारी थाने में दर्ज है केस

मामले में खल्लारी थाने में अपराध क्रमांक 104/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने BNS की धारा 143(2), 143(3), 143(4), 3(5) और संगठित अपराध से जुड़ी धारा 111 के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जब्त दस्तावेजों, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है।

Continue Reading

कोरबा

इंडियन पब्लिक स्कूल चैतमा में स्वास्थ्य जागरूकता की अनूठी पहल

Published

on

विद्यार्थियों एवं स्टाफ के दांतों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, नियमित देखभाल के लिए किया गया जागरूक

कोरबा/चैतमा। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके बेहतर स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में इंडियन पब्लिक स्कूल चैतमा द्वारा सराहनीय पहल करते हुए विद्यालय परिसर में विशेष दंत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यालय के सभी विद्यार्थियों एवं स्टाफ के दांतों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण किया गया।
शिविर में मैक्स डेंटल केयर के दंत चिकित्सक डॉ. राहुल मिश्रा एवं डॉ. शिखा एक्का ने विद्यार्थियों एवं स्टाफ के दांतों की जांच की तथा दांतों की स्वच्छता, नियमित ब्रश करने की सही विधि, खान-पान में सावधानी और दांतों से संबंधित समस्याओं से बचाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। विद्यार्थियों को स्वस्थ दांतों के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए नियमित रूप से दंत परीक्षण कराने की सलाह भी दी गई।

विद्यालय के डायरेक्टर राकेश मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर को प्राचार्य संतोष देवनाथ एवं एडमिनिस्ट्रेटर कुणाल महापात्र की निगरानी में व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया गया। विद्यालय प्रबंधन द्वारा शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के साथ स्वस्थ दांत भी विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य का महत्वपूर्ण आधार हैं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में हेडमास्टर जयराम सर सहित शिक्षिकाओं सुषमा कैवर्त, अंजलि महंत, कीर्ति भारिया एवं अन्य सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का सक्रिय सहयोग एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इंडियन पब्लिक स्कूल चैतमा द्वारा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास को भी प्राथमिकता देते हुए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ऐसे उपयोगी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

धमतरी में बारिश के बीच 3 हादसे, छात्र डूबा:गणेश विसर्जन के दौरान डूबे छात्र का शव मिला, छात्रा और रिटायर्ड वनकर्मी लापता

Published

on

धमतरी, एजेंसी। धमतरी जिले में लगातार बारिश के बाद तेज बहाव के कारण हुए अलग-अलग हादसों में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि एक छात्रा और रिटायर्ड वनकर्मी लापता हैं। तीनों घटनाओं में पुलिस और SDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

ग्राम माकरदोना के 15 वर्षीय हिमांशु कुमार शुक्रवार को गणेश विसर्जन के दौरान तालाब में डूब गए थे। घटना के बाद उनकी तलाश के लिए गोताखोरों को लगाया गया। शनिवार दोपहर गोताखोरों ने हिमांशु का शव बरामद कर लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

बाढ़ का पानी देखने गई छात्रा नाली में बही

वहीं, मेघा गांव की 15 वर्षीय छात्रा तारनी निषाद हादसे का शिकार हो गईं। बताया गया कि वह पेट्रोल पंप के पास बाढ़ का पानी देखने गई थीं। इसी दौरान नाली में पैर फिसलने से वह तेज बहाव में बह गईं। घटना की सूचना के बाद SDRF की टीम उनकी तलाश कर रही है।

रिटायर्ड वनकर्मी भी लापता, नदी किनारे मिले सामान

सिहावा क्षेत्र के सिरसिदा गांव निवासी 65 वर्षीय रिटायर्ड वनकर्मी बाबूलाल साहू भी लापता हैं। उनके मोबाइल, शॉल, डंडा और टॉवेल बालका नदी के किनारे मिले हैं। सामान मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस और SDRF की टीमें नदी क्षेत्र में उनकी तलाश कर रही हैं।

तेज बहाव वाले इलाकों में लोगों से सावधानी की अपील

लगातार बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों और जलाशयों में पानी बढ़ा हुआ है। प्रशासन और पुलिस की ओर से लोगों से तेज बहाव वाले नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है। बच्चों को ऐसे स्थानों के पास नहीं जाने की विशेष सलाह दी गई है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

घरेलू हिंसा में पति ही नहीं, रिश्तेदार भी आरोपी:छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बहू और मायके पक्ष की याचिका खारिज की; कहा- साथ रहना जरूरी नहीं

Published

on

बिलासपुर, एजेंसी। ‘घरेलू हिंसा के मामलों में आरोपी सिर्फ पति ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। परिवार के बाकी सदस्य और रिश्तेदार भी शिकायत में आरोपी बनाए जा सकते हैं।’ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बहू और उसके मायके पक्ष के रिश्तेदारों की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की है।

जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने कहा कि, किसी व्यक्ति को घरेलू हिंसा के मामले से शुरुआती स्तर पर केवल इस आधार पर बाहर नहीं किया जा सकता कि, वह शिकायतकर्ता के साथ एक ही घर में नहीं रहता है।

साझा घर में रहने और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े विवादों में आरोपों की वास्तविकता साक्ष्यों और गवाहों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए इस स्तर पर कार्यवाही खत्म करना उचित नहीं है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बहू और उसके मायके पक्ष के रिश्तेदारों की याचिका खारिज की।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बहू और उसके मायके पक्ष के रिश्तेदारों की याचिका खारिज की।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, रायपुर निवासी निर्मला अग्निवंशी और उनकी बेटी श्रुति अग्निवंशी ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 12 के तहत निचली अदालत में शिकायत की थी। शिकायत में उनकी बहू अनीशा अग्निवंशी के साथ उसके मायके पक्ष के सुषमा सिंह, अभिषेक सिंह, अविनाश सिंह, अंजू सिंह और अलका सिंह को भी पक्षकार बनाया गया था।

शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि, बहू और उसके मायके पक्ष के लोग उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने मानसिक प्रताड़ना देने और उन्हें परिवार से अलग करने के लिए दबाव बनाने के आरोप भी लगाए।

‘एक साथ नहीं रहते, इसलिए कानून लागू नहीं’

बहू और उसके परिजनों की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि वे शिकायतकर्ताओं के साथ साझा घर में नहीं रहते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत कार्यवाही नहीं की जा सकती।

निचली अदालत ने यह तर्क स्वीकार नहीं किया। इसके बाद सत्र न्यायालय में भी उन्हें राहत नहीं मिली। दोनों अदालतों ने माना कि साझा घर और पारिवारिक संबंधों से जुड़े तथ्य साक्ष्यों के आधार पर तय किए जाने का विषय हैं। इसके बाद बहू और उसके परिजनों ने हाईकोर्ट का रुख किया।

हाईकोर्ट ने ट्रायल को जरूरी माना

हाईकोर्ट ने निचली अदालत और सत्र न्यायालय के आदेशों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने माना कि मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता का परीक्षण साक्ष्य और गवाहों के परीक्षण के बाद ही किया जा सकता है। इसलिए इस चरण पर कार्यवाही को समाप्त करना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी।

क्या है घरेलू हिंसा अधिनियम

घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 का उद्देश्य घरेलू संबंधों में महिलाओं को शारीरिक, मानसिक, यौन और आर्थिक हिंसा से कानूनी संरक्षण देना है। कानून में घरेलू संबंध और साझा घर से जुड़े प्रावधान महत्वपूर्ण हैं।

किसी मामले में कौन व्यक्ति कानून के दायरे में आएगा और लगाए गए आरोप साबित होते हैं या नहीं, यह संबंधित मामले के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करता है। इस मामले में भी हाईकोर्ट ने अंतिम दोष तय करने के बजाय यह माना कि आरोपों की जांच ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677