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कोरबा

लिव-इन-पार्टनर ने गर्लफ्रेंड को मारकर सेप्टिक टैंक में छिपाया:रक्षाबंधन पर घर नहीं आई तो भाइयों ने ढूंढा, बदबू से खुला राज

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में लिव-इन पार्टनर ने महिला की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में छिपा दिया। रक्षाबंधन पर महिला के घर नहीं पहुंचने पर उसके भाइयों ने खोजबीन शुरू की, तब बदबू आने पर इस हत्या का राज खुला।

घटना श्यांग थाना क्षेत्र के ग्राम बरपाली की है। आरोपी मनोज उरांव (40) के साथ करीब दो साल से संतोषी (33) लिव-इन में रह रही थी। मनोज नशे का आदी बताया जा रहा है। वारदात के बाद आरोपी फरार है।

शक के आधार पर सेप्टिक टैंक को खोला गया।

शक के आधार पर सेप्टिक टैंक को खोला गया।

सेप्टिक टैंक के अंदर मिला महिला का शव।

सेप्टिक टैंक के अंदर मिला महिला का शव।

महिला की लाश सड़ चुकी है, उससे बदबू आ रही थी।

महिला की लाश सड़ चुकी है, उससे बदबू आ रही थी।

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल, संतोषी की शादी 2001 में करतला क्षेत्र में हुई थी। उसके 4 बच्चे हैं। लेकिन करीब 15 साल पहले पति की मौत के बाद वह अपने ससुराल में रह रही थी। इसके बाद करीब दो साल से वह मनोज के साथ लिव-इन में रहने लगी थी। मनोज की पत्नी की भी मौत हो चुकी है।

आरोप है कि, 27 अगस्त को किसी बात को लेकर विवाद के बाद पार्टनर ने उसकी पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को घर के पीछे बने सेप्टिक टैंक में डालकर ढक्कन बंद कर दिया। घटना के अगले दिन रक्षाबंधन था।

महिला के मायके नहीं पहुंचने पर उसके भाइयों ने पार्टनर से पूछताछ की। उसने बताया कि महिला एक दिन पहले ही कहीं चली गई है। कई दिन बाद भी वह घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। 19 सितंबर को भाई रामभरोस और बाकी परिजन मनोज के घर पहुंचे।

सेप्टिक टैंक से बदबू आई तो हुआ शक

परिजन घर के पीछे पहुंचे तो सेप्टिक टैंक का ढक्कन आधा खुला था। अंदर से तेज बदबू आ रही थी। संदेह होने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद श्यांग थाना प्रभारी लक्ष्मण खूंटे टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

रविवार सुबह कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सेप्टिक टैंक खोला गया। इसमें एक सड़ी-गली लाश मिली। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

नशे में हुआ था विवाद, मारपीट के बाद मौत

पुलिस के मुताबिक, महिला की पहचान संतोषी के रूप में हुई है। मनोज ने संतोषी के साथ मारपीट की थी। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। आरोप है कि देर शाम उसने फिर संतोषी की पिटाई की, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

फॉरेंसिक और मेडिकल कॉलेज की टीम पहुंची

घटना की जानकारी मिलने के बाद फॉरेंसिक एक्सपर्ट और मेडिकल कॉलेज की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस शव की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। हत्या के पूरे घटनाक्रम और आरोपी की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है।

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कोरबा

SECL मुख्यालय बिलासपुर में विधायक प्रेमचंद पटेल की अगुवाई में भूविस्थापितों की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न, 4-5 दिनों में मिलेगा लिखित आश्वासन

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दीपका महाप्रबंधक कार्यालय में तालाबंदी आंदोलन के बाद बिलासपुर में सीएमडी सभागार में हुई मैराथन चर्चा

बसाहट, मुआवजा, मकान नापी, सोलसियम और अविलंब नौकरी जैसी प्रमुख मांगों पर SECL प्रबंधन के साथ बनी सकारात्मक सहमति

बिलासपुर/कोरबा। कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल के कुशल नेतृत्व में हरदीबाजार, रेंकी और सराईसिंगार के भूविस्थापितों की वर्षों पुरानी जायज मांगों को लेकर एसईसीएल (SECL) मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी सभागार में एक महत्वपूर्ण व उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई ।

उल्लेखनीय है कि 19 सितंबर को भूविस्थापितों ने अपनी मांगों के समर्थन में दीपका महाप्रबंधक के मुख्य गेट पर 8 घंटे तक ऐतिहासिक तालाबंदी आंदोलन किया था, तीन दौर की वार्ता के बाद एसडीएम कटघोरा नितिन दुबे और जीएम दीपका की मध्यस्थता से आज 21 सितंबर सोमवार को बिलासपुर मुख्यालय में बैठक आयोजित करने की सहमति बनी थी।

सोमवार को आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में एसईसीएल प्रबंधन की ओर से निदेशक (कार्मिक/डीएचआर) बीरंची दास निदेशक (तकनीकी/पीएंडपी), मोहपात्रा जीएम (एलएंडआर), बिपिन कुमार लाल और दीपका जीएम अशोक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे ।

बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं और भूविस्थापितों की मांगों पर गंभीरता से चर्चा हुई, तथा सहमति बनी:-

  1. पूर्ण विकसित बसाहट:- सुपेतपारा बाईपास के पास उतरदा की जमीन पर सहमति न बनने के पश्चात, जयंती नगर को ही पूर्ण रूप से सर्वसुविधायुक्त विकसित कर भूविस्थापितों को बसाहट देने पर सहमति बनी ।
  2. मकान नापी एवं सोलसियम मुआवजा:- 2004-2010 अधिग्रहण के पश्चात खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के नापी के आधार पर मकान मालिकों को सोलसियम सहित मुआवजा देने पर गहन विचार हुआ ।
  3. ड्रोन सर्वे के मकानों पर 100% मुआवजा:- ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों को नया मानकर की गई 60% कटौती के निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए, उन्हें पूर्ण सोलसियम के साथ 100% मुआवजा राशि स्वीकृत करने पर सार्थक चर्चा हुई ।
  4. 2004 अधिग्रहण नीति के तहत नौकरी:- वर्ष 2004 के अधिग्रहण के समय लागू नीतियों के तहत हर खाते पर नौकरी देने के विषय पर एसईसीएल प्रबंधन ने विचार कर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया ।
  5. अधिग्रहण एवं बसाहट:- शेष बचे 212 एकड़ भूमि के अधिग्रहण और बसाहट के संदर्भ में भी जल्द रुख स्पष्ट किया जाएगा ।
  6. अन्य गांवों के लंबित मामले:- अमगांव, दर्राखांचा, जोकही, डबरी, मलगांव और सुवाभोड़ा के भूविस्थापितों के बचे हुए रोजगार, मुआवजा व बसाहट से जुड़े प्रकरणों को 15 दिनों के भीतर अविलंब निपटाने पर पूर्ण सहमति बनी ।
  7. मकान न तोड़े जाने का निर्देश:- जब तक मुआवजा राशि का पूर्ण भुगतान नहीं हो जाता, तब तक हरदीबाजार में किसी भी मकान को नहीं तोड़ा जाएगा ।

बैठक के अंत में एसईसीएल निदेशकों की टीम ने आश्वस्त किया कि भूविस्थापितों द्वारा उठाए गए सभी विषयों पर गहराई से विचार कर आगामी 4 से 5 दिनों के भीतर लिखित में आधिकारिक निर्णय सौंप दिया जाएगा ।

बैठक में विधायक प्रेमचंद पटेल के साथ हरदीबाजार सरपंच लोकेश्वर कंवर, उपसरपंच रेखा जायसवाल, श्यामू जायसवाल, रघुराज सिंह उईके, नरेश टंडन, व्यास राठौर, महेंद्र राठौर, राजेश जायसवाल, शिव यादव, फिरोज खान, जगदीश अग्रवाल, अनिल टंडन, मन्नु राठौर, राजाराम राठौर, प्रदीप पांडेय, ममता ओग्ररे, प्रेम डिक्सेना, शशीधर सोनी, सुरेंद्र राठौर, प्रदीप राठौर, इंद्रभूषण ओढ़े, सुधीर कंवर, चंद्रिका प्रजापति, दिलीप राठौर, कमलेश राठौर, पंकज धुर्वा, रमन कुल्हाड़े ,गणेश श्रीवास सहित भारी संख्या में भूविस्थापित ग्रामीण उपस्थित रहे ।

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कोरबा

दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं दिव्यांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने जनपदवार शिविरों का आयोजन

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25 सितंबर तक जिले के पांचों जनपद पंचायत क्षेत्रों में लगेंगे विशेष शिविर

कोरबा, 21 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जिले के दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए जनपद पंचायतवार विशेष मूल्यांकन एवं परीक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों को स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया तथा पात्रतानुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की सुविधा एक ही स्थान पर प्रदान की जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनपद पंचायत कटघोरा में 23 सितंबर, जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा में 24 सितंबर तथा जनपद पंचायत कोरबा में 25 सितंबर 2026 को शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा चयनित स्थान पर आयोजित होंगे।
शिविर में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण हेतु उपस्थित कराने, दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड के लिए पंजीयन कराने, शिविर स्थल तक दिव्यांगजनों को लाने-ले जाने की व्यवस्था करने तथा आवश्यक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी संबंधित जनपद पंचायतों को सौंपी गई है। नगर पालिका, नगर पंचायत एवं नगर पंचायत क्षेत्रों के अधिकारियों को भी अपने क्षेत्र के दिव्यांगजनों की शिविर में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर स्थल पर चिकित्सकीय दल एवं विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाकर चलित चिकित्सा इकाई के माध्यम से आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के लिए आवश्यक प्रपत्रों की व्यवस्था तथा सहायक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा द्वारा शिविर में पंजीयन एवं आवश्यक समन्वय की व्यवस्था की जाएगी। जनसंपर्क विभाग द्वारा शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
शिविर में आने वाले दिव्यांगजनों को दो रंगीन पासपोर्ट आकार के फोटो, आधार कार्ड एवं पेन कार्ड की छायाप्रति तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र की छायाप्रति साथ लाना होगा। दिव्यांगजनों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि को संबंधित शिविर में उपस्थित होकर शासन की सुविधाओं का लाभ उठाएं।
दिव्यांगजनों के लिए यह शिविर प्रमाण पत्र से लेकर आवश्यक सहायक उपकरण तक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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प्रतिभा को प्रोत्साहन, सपनों को संबल-स्वामी विवेकानंद शिक्षा प्रोत्साहन योजना से विद्यार्थियों को मिल रही मदद

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सुश्री ज्योति कंवर को मिली उच्च शिक्षा के लिए रूपये 53 हजार 500 की आर्थिक सहायता
कलेक्टर
कुणाल दुदावत ने बढ़ाया मेधावी छात्रा का हौसला

कोरबा, 21 सितंबर 2026। कोरबा जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के सपनों को साकार करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिले में खनन प्रभावित क्षेत्रों के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां उनकी प्रतिभा और लक्ष्य के मार्ग में बाधा न बनें।
कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन एवं कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में डीएमएफटी कोरबा अंतर्गत स्वामी विवेकानंद जिला खनिज न्यास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के माध्यम से जिले के अनेक मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करना है।
इसी क्रम में आज विकासखंड पाली अंतर्गत ग्राम मुड़कछार निवासी सुश्री ज्योति कंवर को उच्च शिक्षा के लिए रूपये 53 हजार 500 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ज्योति कंवर को सहायता राशि का चेक प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत एवं समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
सुश्री ज्योति कंवर ने कक्षा 12वीं की शिक्षा प्रयास आवासीय विद्यालय से पूर्ण करने के बाद राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की। उनकी मेहनत और प्रतिभा के परिणामस्वरूप उनका चयन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, महासमुंद में हुआ है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के उनके इस सपने को पूरा करने में डीएमएफटी की शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण साबित होगी।
आर्थिक सहयोग प्राप्त होने पर सुश्री ज्योति कंवर ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उन्हें अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।

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