ननद के निधन के बाद 9 वर्षों से उसके बच्चे को अपना दूध पिलाकर कर रही परवरिश, सरपंच ने श्रीफल, साड़ी एवं प्रमाण पत्र देकर किया सम्मान
कोरबा/रामपुर। करतला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नोनदरहा में ग्राम स्वास्थ्य समिति एवं ग्राम पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर माता यशोदा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ग्राम पंचायत सरपंच पुनिराम राठिया की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। समारोह में अपने ननद के निधन के बाद उसके बच्चे को अपने बच्चे की तरह अपनाकर पिछले नौ वर्षों से उसका पालन-पोषण करने वाली माता सनकुंवर राठिया को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रीमती नीलाबाई कलमसिंह राठिया, पूर्व जनपद सदस्य श्रीमती त्रिवेणी राठिया, उपसरपंच विसातराम राठिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा पंच श्रीमती रतियानो बाई, गुड्डी बाई राठिया सहित ग्राम स्वास्थ्य समिति के सदस्य, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा गर्भवती एवं शिशुवती माताएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के पुष्पगुच्छ से स्वागत के साथ हुई। इसके बाद स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक श्रीमती गेंदबाई साहू ने माता यशोदा सम्मान समारोह की उपयोगिता एवं विश्व स्तनपान सप्ताह के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवजात शिशु के जन्म के एक घंटे के भीतर मां का पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) पिलाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिशु को जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध दिया जाना चाहिए तथा छह माह पूर्ण होने के बाद स्तनपान के साथ उपयुक्त ऊपरी आहार शुरू किया जाना चाहिए।
नौ वर्षों से निभा रही हैं मां का फर्ज
माता यशोदा सम्मान समारोह का उद्देश्य ऐसी माताओं के त्याग, ममता और समर्पण को सम्मान देना है, जो बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पालन-पोषण के लिए प्रेरणादायी भूमिका निभाती हैं। इसी भावना के तहत ग्राम नोनदरहा की श्रीमती सनकुंवर राठिया को सम्मानित किया गया।
बताया गया कि करीब नौ वर्ष पूर्व उनकी ननद का निधन हो गया था। उस समय उनके बच्चे की जिम्मेदारी परिवार के सामने एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे कठिन समय में सनकुंवर राठिया ने बच्चे को अपने बच्चे की तरह अपनाया और अपने स्वयं के बच्चे के साथ उसे भी अपना दूध पिलाकर बड़ा किया। उन्होंने मातृत्व की भावना को केवल जन्म देने तक सीमित न रखते हुए ममता, त्याग और जिम्मेदारी का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जो समाज के लिए प्रेरणादायी है।
इस मानवीय एवं संवेदनशील कार्य के लिए सरपंच पुनिराम राठिया ने माता सनकुंवर राठिया को श्रीफल, साड़ी एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। वहीं जनपद सदस्य श्रीमती नीलाबाई कलमसिंह राठिया ने माता सनकुंवर को साड़ी भेंट की तथा बच्चे को नगद राशि देकर प्रोत्साहित किया। मितानिनों द्वारा भी बच्चे के लिए कपड़े भेंट कर सम्मान एवं स्नेह व्यक्त किया गया।
मां और बच्चे की देखभाल पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की एएनएम श्रीमती प्रेमलता कंवर ने माताओं को स्तनपान के महत्व, मां एवं बच्चे की उचित देखभाल तथा शिशु के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने माताओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, शिशु के पोषण पर ध्यान देने तथा छह माह तक केवल स्तनपान कराने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन मदन लाल श्रीवास, मितानिन प्रशिक्षक द्वारा किया गया। समारोह में प्रमुख रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कुमारी सुमन यादव नोनदरहा ,मितानिन उर्मिला राठिया, दिलेश्वरी, अंबालिका, नीराबाई, रूखमणी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुरुति पटेल, महेश्वरी गोस्वामी, सक्रिय महिला रुकसाना बानो, रजनी राठिया सहित ग्राम स्वास्थ्य समिति के सदस्य, गर्भवती महिलाएं एवं शिशुवती माताएं उपस्थित रहीं।
समारोह में उपस्थित लोगों ने माता सनकुंवर राठिया के त्याग और ममता की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी है। कार्यक्रम ने न केवल स्तनपान के महत्व का संदेश दिया, बल्कि मातृत्व की संवेदना, त्याग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया।
CMD के गेवरा दौरे के बिच भू विस्थापित श्रमिकों के विभिन्न मांगो को लेकर अजय जायसवाल के नेतृत्व मे खदान मे लगातार 6 घंटे काम ठप कर किया जमकर विरोध प्रदर्शन
कोरबा/गेवरा। आज एक तरफ गेवरा खदान के दौरे मे SECL बिलासपुर CMD कोरबा प्रवास पर रहे वही दूसरी ओर अजय जायसवाल भू विस्थापित श्रमिकों सहित स्थानीय बेरोजगारों रोजगार सहित विभिन्न मांगो को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए।
आज दिनांक 27/10/2026 को गेवरा खदान मे कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC सहित अन्य कंपनी मे कार्यरत भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा 6 महीने पूर्व से हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट, भविष्य निधि ,सुरक्षा, बोनस, पेमेंट स्लिप, जॉइनिंग लेटर सहित 2 महीने से लंबित भुगतान को लेकर कई बार पत्राचार किया जा चूका है, परन्तु प्रबंधन और कंपनी के द्वारा किसी प्रकार का सुनवाई नहीं किया, जिसको लेकर भू विस्थापित श्रमिकों के द्वारा अजय जायसवाल पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरबा को सूचित किया। तत्पश्चात अजय जायसवाल के द्वारा आज खदान पहुंच भू विस्थापितों के विभिन्न मुद्दे को लेकर खदान मे धरने पर बैठ गए और सभी श्रमिकों के द्वारा 6 घंटा काम बंद कर काम ठप कर आंदोलन कर दिया गया, जिसके उपरांत SECL प्रबंधन और pnc कंपनी के अधिकारी वार्ता हेतु पहुंचे और हड़ताल स्थगित करने निवेदन किया गया। तत्पश्चात दिनांक 29/10/2026 को 12 बजे SECL गेवरा CGM ऑफिस मे वार्ता करते हुए मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया, साथ ही वार्ता मे विभिन्न मुद्दों पर बात करने सहमति बनी, जिसमे सभी –
1 श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार पेमेंट 2 सभी श्रमिकों का id कार्ड, सुरक्षा, 3 पेमेंट स्लिप 4 स्थानीय बेरोजगरों को रोजगार 5 जॉइनिंग लेटर, सहित बोनस पर बात करने और मांग पूरा करने का आश्वासन दिया गया। उक्त हड़ताल मे भू विस्थापित श्रमिकों के साथ अजय जायसवाल पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा, शेत मसीह सांसद प्रतिनिधि, मधुसूदन दस नेता प्रतिपक्ष बांकी मोंगरा, गोविंदा सारथी, कमलेश प्रजापति, संतोष यादव, प्रकाश सागर, फिरोज, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत,संजय यादव, सुजीत महंत, गौरव साहू, अनिल सागर, सहित कम्पनी मे कार्यरत हेल्फर, ड्राइवर सहित ग्रामीण सैकड़ो की संख्या मे उपस्थित रहे।
कोरबा। प्रथम जिला व अपर सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव गरिमा शर्मा ने जिला जेल कोरबा के बंदियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। न्यायाधीश शर्मा जेल में बंदियों की भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। बंदियों से व्यक्तिगत चर्चा कर, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं का अवलोकन किया। न्यायाधीश शर्मा ने कहा कि पात्र बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता देंेगे। बंदियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी दिवसों में न्यायालयों में उपस्थित कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंदियों को उनके अधिकारों और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। प्राधिकरण का मानना है कि जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना केवल एक दायित्व नहीं बल्कि समाज में समानता और न्याय का अधिकार भी है।
कोरबा/पाली। पाली-लाफा मार्ग पर कई अंधे मोड़ हैं, इनके आसपास सड़क किनारे पेड़ों की डंगाल की छंटनी नहीं कराने पर सड़क हादसे का डर बना हुआ है। 8 किलोमीटर सड़क के रास्ते पर 5 से अधिक मोड़ है, जहां पर सुरक्षित आवाजाही में खतरा बना हुआ है। सामने से आ रहे वाहन पेड़ों की झुकी डंगाल के कारण नजर नहीं आते हैं और वाहनों के टकराने से सड़क दुर्घटना हो चुकी है। चैतुरगढ़ स्थित मां महिषासुर मर्दिनी का ऐतिहासिक मंदिर जाने का भी यह रास्ता है। पाली से चैतुरगढ़ की दूरी लगभग 32 किलोमीटर है। इसी मार्ग पर लाफा तक कई अंधे मोड़ से चालकों का सफर मुश्किल हो रहा है। चैतुरगढ़ में मां महिषासुर मर्दिनी का मंदिर होने के साथ यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है।
इस कारण जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण छत्तीसगढ़ का कश्मीर भी कहा जाता है। पर्यटक पाली-लाफा मार्ग से चैतुरगढ़ के लिए आवाजाही करते हैं। जिला पंचायत सदस्य कौशल नेटी ने मांग की है कि पाली से लाफा होते हुए चैतुरगढ़ जाने वाले मार्ग का निरीक्षण कराया जाए। सड़क किनारे दृश्यता रोकने वाली डालियों की नियमानुसार कटाई-छंटाई कराई जाए। दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील मोड़ों को चिह्नित किया जाए। वहां जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएं।