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कोरबा

गेवरा क्षेत्रीय इकाई में सदस्यता सत्यापन 2026 संपन्न, कोयला मजदूर सभा (HMS) का सूपड़ा साफ, INTUC रही यूनियनों में शीर्ष पर

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वर्ष 2025 की नंबर-1 यूनियन HMS लुढ़ककर 5वें स्थान पर पहुंची, कामगारों का यूनियनों से बढ़ा मोहभंग – NOTA बना सबसे बड़ा विकल्प

कोरबा/गेवरा। एसईसीएल (SECL) की प्रतिष्ठित गेवरा क्षेत्रीय इकाई गेवरा क्षेत्र में दो दिवसीय यूनियन सदस्यता सत्यापन 10/09/2026 एवं 11/09/2026 का कार्य शांतिपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कुल 454 मेनपावर वाली इस क्षेत्रीय इकाई में कुल 355 कर्मचारियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, इस सत्यापन परिणाम ने कोयला खदान मजदूर राजनीति में एक बड़ा उलटफेर ला दिया है ।

सत्यापन परिणाम 2026

कुल मेनपावर: 454
सत्यापन तिथियां 10/09/2026 एवं 11/09/2026

क्र. संगठन का नाम / विकल्प 10/09/26 (दिन 1) 11/09/26 (दिन 2) कुल मत (2026) स्थिति / रैंक

  1. NOTA (अस्वीकृति/वोट नहीं पड़े) 26 09 134 (35+99) सर्वोच्च (नंबर-1)
  2. SEKMC (इंटक / INTUC) 81 40 121 द्वितीय (यूनियनों में प्रथम)
  3. SKMS (एटक / AITUC) 70 28 98 तृतीय
  4. BKKMS (बीएमएस / BMS) 52 28 80 चतुर्थ
  5. कोयला मजदूर सभा (KMS – HMS) 13 08 21 पंचम (भारी गिरावट)
    कुल मतदान (Total Votes) 242 113 355 78.19% मतदान

प्रमुख बिंदु और चुनावी विश्लेषण

HMS को लगा करारा झटका (112 वोटों का सीधा नुकसान) वर्ष 2025 के सदस्यता सत्यापन में 133 वोट पाकर प्रथम स्थान पर रहने वाली कोयला मजदूर सभा (HMS) इस बार मात्र 21 वोटों पर सिमट गई, पिछले वर्ष के मुकाबले 112 वोटों का भारी नुकसान झेलते हुए HMS सीधे प्रथम स्थान से धकेले जाकर 5वें स्थान (अंतिम) पर पहुंच गई है ।

INTUC का ट्रेड यूनियनों में दबदबा कायम

यूनियनों के बीच प्रतिस्पर्धा में SEKMC (इंटक) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 मत प्राप्त किए और ट्रेड यूनियनों में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद SKMS (एटक) 98 मतों के साथ दूसरे और BKKMS (बीएमएस) 80 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रही ।

यूनियनों के प्रति कर्मचारियों का आक्रोश, NOTA पड़ा भारी

इस बार सत्यापन में सबसे चौंकाने वाला पहलू NOTA (35 प्रत्यक्ष वोट + 99 गैर-मतदाता = 134) का शीर्ष पर रहना रहा। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि क्षेत्र के कामगार वर्तमान पारंपरिक यूनियनबाजी से असंतुष्ट हैं ।

गेवरा क्षेत्रीय इकाई के परिणाम यह स्पष्ट संदेश देते हैं कि श्रमिक अब केवल वादों पर नहीं बल्कि जमीनी काम और प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन कर रहे हैं। HMS के अभेद्य किले का ढहना और NOTA का उभार स्थापित यूनियनों के लिए आत्मचिंतन का बड़ा विषय है ।

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कोरबा

पाली-तानाखार क्षेत्र को मिली एंबुलेंस सेवा, हुई रवाना

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कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह की पहल से पाली-तानाखार क्षेत्र के लोगों को एंबुलेंस सेवा की सुविधा मिली है। भाजपा कार्यालय से एंबुलेंस को उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल व महापौर संजूदेवी राजपूत समेत पार्टी के जिला पदाधिकारियों ने रवाना किया।

इस सेवाभावी पहल से ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच मजबूत होगी। क्योंकि आपात स्थिति में ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सेवाओं की मदद में लाभकारी होगी। यह सेवा गंभीर मरीजों, दुर्घटना पीड़ितों, गर्भवती महिलाओं, अस्पताल तक तत्काल पहुंच की जरूरत वाले मरीजों के लिए उपयोगी रहेगी। भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, संभाग संगठन प्रमाण प्रभारी रामू रोहरा, अभिषेक शुक्ला अनिल केसरवानी, डॉ राजीव सिंह, पूर्व महापौर जोगेश लांबा समेत अन्य मौजूद रहे।

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कोरबा

सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्य का भूमिपूजन

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कोरबा। बिंझरा के राजगवलिन मंदिर परिसर में जिला पंचायत कोरबा के अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस निर्माण कार्य से मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं व स्थानीय ग्रामीणों को स्वच्छता एवं सुविधाओं का लाभ मिलेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ स्वच्छता को बढ़ावा देना भी प्राथमिकता है। सामुदायिक शौचालय के निर्माण से मंदिर परिसर में स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इस मौके पर जनपद सदस्य चतुर्भुज नायक, मंदिर संचालन समिति के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।

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कोरबा

छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को कोरबा तक लाने 37 साल पड़ गए कम

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कोरबा। रेलवे बोर्ड छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को दोनों दिशाओं से चलाने की मंजूरी दे चुका है, पर जोन व डिवीजन में बैठे अफसरों की मनमानी के कारण यह गाड़ी तीन दशक बाद भी वापसी में कोरबा तक नहीं आ सकी है।

इस गाड़ी को वापसी में कोरबा तक लाने 37 साल की लंबी अवधि भी कम पड़ गई है। अफसरों की अदूरदर्शिता का खामियाजा यहां से अमृतसर जाने वाले यात्री भुगत रहे हैं। यही नहीं अमृतसर की ओर से कोरबा आने वाली इस गाड़ी के यात्रियों को बिलासपुर में अपनी यात्रा समाप्त करनी पड़ रही है, वहां के कोरबा आने यात्रियों को साधन तलाशने जद्दोजहद करनी पड़ती है।

रेल संघर्ष समिति की मांग भी पूरी नहीं हुई: रेल संघर्ष समिति कोरबा रेल प्रबंधन से विस्तार करने की मांग करता रहा है। मांग को पूरा कराने सांसद, विधायकों के साथ रेलवे के अधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है। समिति की मांग रही है कि कम से कम अपनी ही समीक्षा बैठक में किए निर्णय का पालन करते हुए छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को कोरबा तक चलाया जाए पर इस मांग को भी रेलवे के अधिकारी खारिज करते आ रहे हैं।

6 घंटे इंतजार करो या अन्य विकल्प चुनने की मजबूरी 18238 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस अमृतसर से बिलासपुर की 2013 किमी की दूरी तय करती है। अमृतसर से रोज शाम 4.10 बजे छूटने के बाद तीसरे दिन सुबह 10.55 बजे बिलासपुर पहुंचती है। इस गाड़ी में जो यात्री कोरबा के होते हैं, उन्हें वहां भटकना पड़ता है। बिलासपुर से कोरबा आने के लिए सुबह 9.35 बजे के बाद शाम को 5.10 बजे सवारी गाड़ी मिलती है। ऐसे में उनके पास 6 घंटा बिलासपुर में बैठने या फिर अन्य साधन चुनने का ऑप्शन ही रहता है।

समीक्षा बैठक का निर्णय गया रद्दी की टोकरी में 27 दिसंबर 2023 को बिलासपुर में रेल मंडल प्रबंधक प्रवीण पाण्डेय ने वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक व वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता के साथ बैठक बुलाकर गाड़ियों के परिचालन की समीक्षा की थी। बैठक में अधिकारियों ने निर्णय लिया था छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को बिलासपुर के स्थान पर कोरबा तक चलाया जाएगा। अफसरों ने प्रचार प्रसार भी किया, लेकिन बाद में उस निर्णय की कापी रद्दी की टोकरी में डाल दी।

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