6 फिल्मों- तिरंगा, परिंदा, प्रहार, क्रांतिवीर, खामोशी, अंकुश का जिक्र, इनमें से 2 को नेशनल अवॉर्ड
मुंबई, एजेंसी। नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई लोगों ने नाना को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर को कहा कि वे बेहतरीन कलाकार थे। उन्होंने अलग-अलग किरदारों से दर्शकों का दिल जीता। मोदी ने अपने बयान में नाना की फिल्मों के नामों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा,
नाना पाटेकर का जीवन तिरंगे की आन-बान और शान की तरह रहा। वो बंधनों में नहीं रहे, परिंदे की तरह फिल्मों के आसमान में उड़े। उन्होंने समाज में व्याप्त अव्यवस्था पर अपनी फिल्मों के माध्यम से करारा प्रहार किया। वे एक ऐसे क्रांतिवीर थे, जिन्होंने बुराइयों के विरुद्ध काम किया। उनकी वाणी जितनी तेज थी, उनकी खामोशी भी उतनी ही प्रभावी थी। वो देशविरोधियों पर निरंतर अंकुश के समर्थक थे।
पीएम मोदी ने अपने बयान में नाना पाटेकर की 6 फिल्मों तिरंगा, परिंदा, प्रहार, क्रांतिवीर, खामोशी और अंकुश का जिक्र किया। इनमें ‘परिंदा’ और ‘क्रांतिवीर’ के लिए नाना पाटेकर को नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था। बॉलीवुड, राजनीति, खेल और साहित्य जगत की कई हस्तियों ने भी पाटेकर को श्रद्धांजलि दी है। अक्षय कुमार, विराट कोहली, रवीना टंडन, रजनीकांत, परेश रावल, मनोज बाजपेयी, कंगना रनौत और सुनील शेट्टी समेत कई सितारों ने उनके निधन पर दुख जताया है।
राहुल गांधी बोले- दर्शकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होने लिखा “प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। अपने अभिनय और किरदारों से उन्होंने भारतीय सिनेमा पर और दर्शकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी है। इस पीड़ा के समय में मेरी गहरी संवेदनाएं उनके शोकाकुल परिजनों, मित्रों और समर्थकों के साथ हैं।”
RSS प्रमुख बोले- अभिनय की मिसाल पेश की
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि एक अभिनेता के रूप में नाना ने अपनी एक अलग और खास पहचान बनाई थी।
अपने लंबे कलात्मक सफर के दौरान उन्होंने न सिर्फ अभिनय की मिसाल पेश की, बल्कि कई सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों को सकारात्मक चर्चा करने के लिए भी प्रेरित किया।
शाहरुख खान ने कहा- आपका प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा
शाहरुख खान ने नाना पाटेकर को याद करते हुए लिखा, जब मैं पहली बार नाना जी से मिला, तो झिझक और घबराहट में अपने बालों को ठीक करने लगा। उन्होंने तुरंत मेरा हाथ हटाया और कहा- ‘हीरो की तरह बाल मत बना, तू एक्टर है’!
वे कभी झूठी तारीफ नहीं करते थे और न ही वह बोलते थे जो आप सुनना चाहते हैं, बल्कि वे हमेशा वही सच बोलते थे जो आपके लिए सुनना जरूरी था। यही नाना पाटेकर थे बेबाक, सीधे, कड़वे लेकिन सच्चे और एक बेहद खूबसूरत मुस्कान वाले इंसान। नाना, आपकी वह शिद्दत, हंसी, पागलपन और प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा।
अक्षय कुमार बोले- यकीन करना मुश्किल है कि आप चले गए
अक्षय कुमार ने नाना के साथ (वेलकम) और हाल ही में (हाउसफुल 5) में काम किया था। उन्होंने कहा कि नाना उन दुर्लभ कलाकारों में थे, जिन्हें दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं थी। अक्षय ने उनकी आवाज, इंटेंसिटी और हर परफॉर्मेंस में ईमानदारी को याद किया। उन्होंने लिखा कि नाना की कमी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
विराट कोहली बोले- उनका काम पीढ़ियों तक जिंदा रहेगा
विराट कोहली ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने लिखा, “भारतीय सिनेमा के एक सच्चे दिग्गज। उनका काम और विरासत आने वाली पीढ़ियों तक जिंदा रहेगी। नाना पाटेकर जी, आपकी आत्मा को शांति मिले। ॐ शांति।”
रणवीर और विक्की कौशल ने जताया शोक
अभिनेता विक्की कौशल ने भी दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर अपना दुख जताया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर नाना पाटेकर की एक तस्वीर शेयर करते हुए एक बेहद भावुक संदेश में लिखा, “नाना काका”।
रजनीकांत और परेश रावल ने शोक जताया
तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं हो रहा कि उनके प्यारे दोस्त नानाजी अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने परिवार और करीबियों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। वहीं अभिनेता परेश रावल ने उन्हें याद करते हुए लिखा, “भाऊ, नाना साहेब। बेहद ईमानदार और गंभीर इंसान। आपके लिए हमेशा प्यार और सम्मान रहेगा। ओम शांति।”
सचिन बोले- किरदार में सच्चाई लेकर आते थे नाना
सचिन तेंदुलकर ने लिखा कि वे नाना पाटेकर को एक बेहद सीधे और जमीन से जुड़े इंसान के रूप में याद करते हैं। उनके काम में भी वही ईमानदारी नजर आती थी।
चाहे मराठी सिनेमा हो या हिंदी, वे अपने निभाए हर किरदार में बिल्कुल सच्चाई और स्वाभाविकता लेकर आते थे। उनके निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। उनके परिवार और करीबियों के प्रति मेरी संवेदनाएं, ओम शांति।
रितेश देशमुख बोले- एक युग का अंत
रितेश देशमुख ने नाना के निधन पर कहा कि उनके पास शब्द नहीं हैं और यह खबर सुनकर ऐसा लगा जैसे उन पर ट्रक चढ़ गया हो। रितेश ने उन्हें बेमिसाल अभिनेता बताया। उन्होंने (ब्लफमास्टर) और (हाउसफुल 5) में नाना के साथ काम किया था। रितेश ने कहा कि नाना के साथ मराठी फिल्म में काम करना उनकी अधूरी इच्छा रह गई।
हेमा मालिनी ने कहा- इंडस्ट्री ने सितारा खो दिया
अभिनेत्री हेमा मालिनी ने लिखा कि आज हमने फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा सितारा खो दिया है, जिन्होंने अपने अनूठे अभिनय के दम पर एक खास पहचान बनाई थी और जिन्हें अभिनय की पूरी पाठशाला माना जाता था। उन्होंने लिखा कि फिल्म जगत को इस महान कलाकार की कमी हमेशा खलेगी।
वहीं कमल हसन ने कहा नाना पाटेकर जी के निधन की खबर दिल तोड़ने वाली है। वे एक बेहतरीन कलाकार होने के साथ-साथ उससे भी बेहतर इंसान थे। उनमें गजब की ऊर्जा और खासियत थी, जिससे वे अपने आसपास के लोगों का जीवन बेहतर बनाते थे।
पर्दे से अलग, महाराष्ट्र में किसानों की मदद करना और कारगिल युद्ध के दौरान उनकी स्वयंसेवक सेवा, उनके कर्तव्य और जिम्मेदारी के प्रति गहरी भावना को दर्शाती है। उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए अनुपम खेर
अनुपम खेर ने अपने दोस्त नाना पाटेकर के जाने पर दर्द साझा करते हुए बताया कि जब उन्हें यह दुखद खबर मिली, तब वे अपने प्ले का शो खत्म कर स्टेज से विंग्स में ही पहुंचे थे। उन्होंने लिखा कि उस समय उस खबर के गम को संभालते हुए मुस्कुराना, लोगों से मिलना और तस्वीरें खिंचवाना उनके लिए बहुत कठिन था, लेकिन उन्हें लगा कि नाना भी यही चाहते कि वे अपना काम और लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी करें।
अनुपम खेर ने अपने और नाना के अनोखे रिश्ते को याद करते हुए लिखा कि नाना बिना किसी दिखावे के हर बात को सीधे अंदाज में कह देते थे। उन्होंने भावुक होकर बताया कि दो महीने पहले हुई मुलाकात में उन्होंने नाना से उनके घर आने का वादा किया था, लेकिन वह मुलाकात अब अधूरी रह गई।
अनुपम खेर ने अपने दोस्त नाना पाटेकर को याद कर सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया।
मिथुन ने कहा- उन्होंने बहुत से लोगों की चुपचाप मदद की
अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि नाना उनके सबसे करीबी दोस्तों में से एक थे और लोग भले ही उनके गुस्से या मिजाज की बातें करते थे, लेकिन सच यह है कि गुस्सा तभी आता है जब काम ठीक से और व्यवस्थित तरीके से नहीं होता।
मिथुन ने आगे कहा कि नाना दिल के बेहद अच्छे इंसान थे और उन्होंने बहुत से लोगों की चुपचाप मदद की थी। उनकी दोस्ती फिल्मों की सीमा से कहीं परे थी और वे दोनों एक-दूसरे के साथ एक खास जुड़ाव महसूस करते थे।
आखिरी फिल्म के निर्देशक आदित्य ने दी श्रद्धांजलि
नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म ‘शक्ति शालिनी’ के निर्देशक आदित्य सरपोतदार ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया और सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर उन्हें याद किया।
उन्होंने पुणे स्थित फार्महाउस की एक याद साझा करते हुए लिखा कि नाना काका ने खुद पेड़ पर झूला बांधा था और वे बेफिक्र होकर उस पल का आनंद ले रहे थे। आदित्य ने कहा कि वे नाना को हमेशा उनकी जिंदादिली, उत्सुकता और बच्चों जैसी अद्भुत भावना के साथ याद रखना चाहेंगे।
राजपाल यादव बोले- हमने उनसे अदाकारी सीखी
राजपाल यादव ने कहा कि इतने वर्षों तक जिनकी अदाकारी को देखा और सराहा, उनके साथ फिर से काम करना एक बेहद खास अनुभव था। उन्होंने कहा कि नाना भाऊ को सिर्फ उनके किरदारों के जरिए ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी जानने का मौका मिला और उनकी सादगी तथा अपनेपन की यादें हमेशा साथ रहेंगी।
सुनील शेट्टी ने कहा- सिनेमा अब पहले जैसा नहीं रहेगा
अभिनेता सुनील शेट्टी ने अपनी श्रद्धांजलि में लिखा कि यह खबर बेहद हैरान करने वाली है। आप जितनी भी ऊंचाइयों पर पहुंचे, अपनी जड़ों से हमेशा जुड़े रहे। बिना किसी झिझक के अपनी बात कहने वाले, बेहद ईमानदार और अपनी कला के उस्ताद नाना जी जैसा दूसरा कोई नहीं हो सकता। दुनिया में सिर्फ एक ही नाना थे और हमेशा वही रहेंगे। उनके बिना सिनेमा अब कभी पहले जैसा नहीं रहेगा।
रवीना टंडन ने याद की ‘गुलाम-ए-मुस्तफा’ की शूटिंग
अभिनेत्री रवीना टंडन ने एक लंबे नोट में लिखा कि नाना पाटेकर का जाना उनके लिए एक गहरा झटका है। उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं कि एक दिन हर इंसान को जाना है, लेकिन फिर भी इस नुकसान को सहना आसान नहीं होता। रवीना ने बताया कि उनके और नाना के बीच आपसी सम्मान और प्यार भरा रिश्ता था।
वे बेहद निडर, मजबूत और दयालु इंसान थे। फिल्म ‘गुलाम-ए-मुस्तफा’ के एक सीन का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा कि नाना की समझ और मार्गदर्शन ने उनके अभिनय में गहराई लाने में बहुत मदद की थी, जिसके लिए वे हमेशा उनकी आभारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यादों से भी बढ़कर अपनी ताकत और व्यक्तित्व की छाप छोड़ जाते हैं, नाना पाटेकर भी उन्हीं में से एक थे।
मनोज बाजपेयी बोले- मुंबई आने वाले युवाओं को उम्मीद देते थे नाना
अभिनेता मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि नाना पाटेकर जी के निधन की खबर पर यकीन कर पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि मुंबई आकर फिल्मों में अपनी जगह बनाने का सपना देखने वाले हम जैसे कई लोगों को नाना जी के सफर से हिम्मत मिलती थी। उन्होंने यह विश्वास दिलाया कि अगर आप अपनी कला, अपनी पहचान और खुद के प्रति सच्चे हैं, तो अपनी जगह खुद बना सकते हैं। मनोज ने लिखा कि हमने अपने समय का एक बेहतरीन अभिनेता खो दिया है, उनकी कमी हमेशा खलेगी।
कंगना रनोट बोलीं- हमेशा फिट और सेहतमंद दिखते थे नाना
अभिनेत्री कंगना रनोट ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह बेहद दुखद और दर्दनाक खबर है। नाना पाटेकर हमेशा इतने फिट और सेहतमंद नजर आते थे कि इस खबर पर यकीन करना मुश्किल लग रहा है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।
प्रकाश राज बोले- बातचीत और बहसें हमेशा याद रहेंगी
एक्टर प्रकाश राज ने नाना को याद करते हुए कहा कि वह उनके साथ बिताए पलों, बातचीत, बहसों और नाना के हाथ का बना खाना हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने नाना से मिली सीख को भी याद किया और कहा कि उनकी जिंदगी में आने के लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।
वहीं फिल्म निर्माता प्रकाश झा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा नाना पाटेकर न केवल पेशेवर रूप से, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर भी उनके बेहद करीब थे और दोनों ने आपस में बहुत कुछ साझा किया है।
प्रकाश झा ने कहा कि वे एक-दूसरे पर काफी निर्भर थे और उनके जाने से एक ऐसा बड़ा खालीपन आ गया है, जिसे वे समझ नहीं पा रहे कि कैसे भर पाएंगे। उन्होंने दुखी मन से कहा कि आज का दिन उनके लिए बहुत दुखद है।
मेहुल कुमार बोले- नाना पाटेकर हमेशा जमीन से जुड़े इंसान रहे
दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में डायरेक्टर मेहुल कुमार ने नाना पाटेकर को याद करते हुए कहा कि उनके साथ तिरंगा, क्रांतिवीर और कोहराम जैसी तीन यादगार फिल्में कीं। उन्होंने बताया कि नाना बेहद जमीन से जुड़े और सच्चाई के साथ चलने वाले इंसान थे। फिल्मों की सफलता और कई अवॉर्ड मिलने के बाद भी उनका व्यवहार कभी नहीं बदला।
मेहुल कुमार ने बताया कि नाना ने किसी और डायरेक्टर के साथ तीन फिल्में नहीं की थीं। क्रांतिवीर को लेकर दिलीप कुमार ने भी कहा था कि नाना को लोग हमेशा इस किरदार के नाम से याद रखेंगे।
डायरेक्टर मेहुल कुमार और नाना पाटेकर।
उन्होंने बताया कि कोहराम के दौरान अमिताभ बच्चन को शुरुआत में नाना के साथ काम करने में थोड़ा संकोच था, लेकिन नाना और अमिताभ की बाद में अच्छी दोस्ती हो गई। वहीं (तिरंगा) के सेट पर नाना और राज कुमार के बीच भी अच्छी बॉन्डिंग बन गई थी।
मेहुल कुमार ने कहा कि नाना सिर्फ एक स्टार नहीं थे, बल्कि अच्छे इंसान भी थे। उन्होंने गरीबों और किसानों की काफी मदद की। उनका नाम हमेशा याद रखा जाएगा।
उदित नारायण बोले- नाना के निधन की खबर सुनकर हिल गया हूं
दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में सिंगर उदित नारायण ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि सुबह-सुबह यह खबर सुनकर उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 75 साल की उम्र में नाना का जाना फिल्म इंडस्ट्री और देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। बतौर एक्टर उनका कोई जवाब नहीं था और बतौर इंसान भी उनकी शानदार पर्सनालिटी थी। उदित ने बताया कि उन्हें नाना के साथ काम करने का मौका मिला था। एक फिल्म की रिकॉर्डिंग के दौरान नाना ने खुद माइक पर गाकर बताया था कि वह गाने को किस तरह चाहते हैं। उदित ने उनके लिए एक टेक में गाना गाया, जिसके बाद नाना ने उनकी तारीफ की थी। उन्होंने (तिरंगा) में भी नाना के साथ काम की यादें साझा कीं।
जूनियर NTR बोले- हर किरदार में दिखती थी ईमानदारी
साउथ स्टार जूनियर NTR ने नाना को भारतीय सिनेमा के बेहतरीन कलाकारों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि नाना के हर किरदार में एक खास ईमानदारी और इंटेंसिटी नजर आती थी। उनकी परफॉर्मेंस अभिनय जैसी नहीं, बल्कि पर्दे पर जिंदगी के सामने आने जैसी लगती थी। NTR ने कहा कि भारतीय सिनेमा में नाना का योगदान पीढ़ियों तक याद किया जाएगा।
नितिन गडकरी ने दोस्ती को किया याद
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनके और नाना पाटेकर के बेहद करीबी और दोस्ताना संबंध थे। उन्होंने नाना के पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर और उनकी खास डायलॉग डिलीवरी को याद किया। गडकरी ने (नाम फाउंडेशन) के जरिए किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए नाना के काम को भी श्रद्धांजलि में याद किया।
शुभेंदु अधिकारी बोले- भारतीय सिनेमा ने खास आवाज खो दी
पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने नाना को भारतीय सिनेमा की बेबाक और खास आवाज बताया। उन्होंने (परिंदा), (क्रांतिवीर), (प्रहार) और (अब तक छप्पन) में उनके अभिनय को याद किया। उन्होंने नाना के सामाजिक काम और ग्रामीण समुदायों के लिए किए गए प्रयासों का भी जिक्र किया।
नाना का करीब पांच दशक का करियर
नाना पाटेकर ने 1978 में गमन से फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा के साथ थिएटर में भी काम किया। परिंदा, क्रांतिवीर, प्रहार, अब तक छप्पन, नटसम्राट, वेलकम और हाउसफुल 5 जैसी फिल्मों में उनके किरदार यादगार रहे। उन्हें तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले थे और 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
मथुरा, एजेंसी। क्रिकेटर विराट कोहली ने 5 करोड़ रुपए लेकर संत प्रेमानंद के आश्रम जाने के आरोपों को नकार दिया है।
कोहली के प्रवक्ता ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि सभी आरोप झूठे, निराधार और तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा कि
कोहली प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए आश्रम सिर्फ गहरी श्रद्धा और सम्मान की वजह से जाते हैं। मीडिया से अपील है कि वह किसी भी दावे को तथ्यों की जांच के बाद ही प्रसारित करे।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने सोमवार को दावा किया था कि कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा को केलीकुंज आश्रम बुलाने के लिए 5 करोड़ रुपए दिए गए थे।
विराट कोहली के प्रवक्ता ने यह बयान सोशल मीडिया पर जारी किया।
फलाहारी महाराज ने कहा- आपकी टीम में साधु भेष में बड़े-बड़े माफिया घुसे
फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने संत प्रेमानंद महाराज को एक चिट्ठी लिखी थी। उन्होंने दावा किया कि संत की टीम के एक साधु गुट ने कोहली को 5 करोड़ रुपए देकर प्रेमानंद महाराज के दरबार में दर्शन के लिए बुलाया था, ताकि महाराज को सेलिब्रिटी बनाया जा सके।
उन्होंने दावा किया कि प्रेमानंद महाराज की टीम में साधु के भेष में भू-माफिया घुस चुके हैं, जो यमुना के डूब क्षेत्र की जमीनें बेच रहे हैं और बच्चों की किडनी चोरी जैसे अपराधों में शामिल हैं। उन्होंने महाराज से गोवर्धन आने और मामले की CBI जांच की मांग करने की अपील की। कहा कि आप वहां सुरक्षित नहीं हैं। सरकार को आपको जेड प्लस सुरक्षा देनी चाहिए।
फलाहारी महाराज का पलटवार- सबके सबूत मौजूद
कोहली के बयान पर फलाहारी महाराज ने पलटवार किया। कहा- पहले न तो महाराज जी विराट कोहली को जानते थे और न ही विराट कोहली महाराज जी को जानते थे। ये तो बीच के लोगों, यानी PR कंपनी और प्रॉपर्टी ग्रुप के लोग विराट कोहली को महाराज जी के पास लाए और महाराज जी की लोकप्रियता के लिए 5 करोड़ रुपए दिए। इन सबके सबूत मौजूद हैं।
विराट कोहली को अपनी कंपनी के अकाउंट्स की जांच करवानी चाहिए और PR कंपनी से जुड़े महाराज जी के सेवक को भी अपने अकाउंट की जांच करवानी चाहिए। सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि पैसों का लेन-देन हुआ था या नहीं।
इसके बाद, जब विराट कोहली दोबारा आए, तो उनके मन में भक्ति जागी और वे महाराज जी के भक्त और सेवक हो गए। फिर उन्होंने महाराज जी के आश्रम में कई गुना धन लगाया। ये बड़े-बड़े आश्रम बने हैं, इसमें विराट कोहली का पैसा लगा है।
तस्वीर 22 जुलाई की है। विराट अनुष्का का हाथ थामकर कीचड़ में चलते नजर आए थे।
नई दिल्ली, एजेंसी। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल और प्रियंका गांधी ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया। इस बार दोनों जंतर-मंतर के 200 मीटर पहले सड़क पर बैठ गए। सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया तो प्रियंका संविधान की कॉपी लेकर सड़क पर लेट गईं।
इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ता की सुरक्षाबलों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। इससे पहले राहुल-प्रियंका विपक्षी सांसदों के साथ सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच के बाद जंतर-मंतर के लिए निकले थे। लंच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया था। इस लंच में सपा के नेता नहीं पहुंचे।
एक दिन पहले इंडिया ब्लॉक के 200 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला था, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद राहुल और प्रियंका ने आकाशवाणी परिसर में 8 घंटे धरना दिया था। इस दौरान राहुल और प्रियंका को दो बार हिरासत में लिया गया। आकाशवाणी परिसर में जबरन घुसने पर दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
विपक्ष का लंच से लेकर हिरासत तक कीतस्वीरें…
दोपहर- 1:30 बजे
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने INDIA ब्लॉक के सांसदों को दोपहर में लंच पर बुलाया। सागर रत्ना रेस्टोरेंट के बाहर खड़े विपक्षी सांसद।
दोपहर- 2:00 बजे
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सागर रत्ना रेस्टोरेंट के अंदर गए।
दोपहर- 2:30 बजे
राहुल ने विपक्षी सांसदों के साथ लंच किया। इस दौरान वे कुछ बातचीत करते भी नजर आए।
दोपहर- 3:30 बजे
राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्षी सांसद रेस्टोरेंट से निकलकर बस में सवार हुए। इसके बाद प्रदर्शन के लिए आगे बढ़े।
शाम- 5:30 बजे
पुलिस ने राहुल गांधी को जंतर-मंतर की ओर जाने से रोक दिया। इसके बाद राहुल बस से उतरकर सड़क पर आ गए।
शाम- 5:45 बजे
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। इसके बावजूद उन्होंने सड़क पर बैठकर और कुछ देर लेटकर विरोध जारी रखा।
शाम- 6:00 बजे
प्रदर्शन वाली जगह पर राहुल के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। उन्हें पीछे से टीशर्ट पकड़कर खींचा गया।
शाम- 6:10 बजे
पुलिस ने आखिर में राहुल-प्रिंयका सहित सभी विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया।
शाम- 6:30 बजे
प्रियंका को जिस बस में बैठाया गया। उससे बाहर निकलकर उन्होंने हाथ में संविधान की प्रति दिखाई।
नई दिल्ली/वडनगर, एजेंसी। ‘वी विल डू इट… हम करके दिखाएंगे।’ पीएम मोदी ने बुधवार को अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में इस नारे का 19 बार जिक्र किया। उन्होंने एक घंटे की स्पीच में कहा, ‘जब तक भारत विकसित नहीं होता, तब तक न थकूंगा, न रुकूंगा।’
उन्होंने कहा, ‘मैं महत्वाकांक्षा नहीं, मिशन के लिए जीता हूं। जिसने मुझे गिराया, उसी ने खड़ा होना सिखाया। जिसने मेरा विरोध किया, उसने लोकतंत्र की शक्ति समझाई।’
उन्होंने कहा कि 25 साल पीछे मुड़कर देखने पर उपलब्धियों से ज्यादा कृतज्ञता का भाव आता है। हर घटना ने कुछ सिखाया और नम्र होना सिखाया। ईश्वर से यही मांगा कि सीखने की इच्छा कभी कम न हो।
‘25 साल में देश कहां पहुंचा, यह देखना जरूरी’
मोदी ने कहा, “हमने इस राष्ट्र में जन्म लिया है, ये एहसास ही अमृत है। इसके सामने सत्ता सुख कुछ नहीं है। पद-प्रतिष्ठा तो कहीं भी मिल सकती है, लेकिन भारत जैसी पुण्यभूमि नहीं मिलेगी। 25 सालों का आकलन इससे नहीं होगा कि मैं कहां पहुंचा, बल्कि इससे होगा कि मेरा देश कहां पहुंचा।”