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कोरबा

असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के नवनियुक्त पदाधिकारियों ने जयसिंह अग्रवाल से लिया आशीर्वाद

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पद सम्मान नहीं, जिम्मेदारी है और जिम्मेदारी की असली कसौटी जनता के बीच दिखाई देती है
संगठन कार्यालयों से नहीं, कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास से मजबूत होता है
जहां जरूरतमंद की आवाज दबती है, वहीं से संगठन की जिम्मेदारी शुरू होती है
कोरबा। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के कोरबा ग्रामीण जिले में नवनियुक्त पदाधिकारियों ने जिला अध्यक्ष विनोद कुमार सारथी के नेतृत्व में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया।
प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक द्वारा कोरबा ग्रामीण के विभिन्न ब्लॉकों के लिए अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इनमें पाली से श्यामलाल कैवर्त, दीपका से प्रतीक राज, हरदीबाजार से संतोष पुरी, कुसमुंडा से नागेश सारथी, दर्री से दिलीप यादव, बालको से निकास सारथी तथा करतला से कमलेश कुमार शामिल हैं।
इसी क्रम में जिला उपाध्यक्ष, जिला महासचिव एवं अन्य पदों पर भी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने जयसिंह अग्रवाल से भेंट कर संगठन को मजबूत करने तथा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं जरूरतमंद लोगों के हित में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर जयसिंह अग्रवाल ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पद केवल जिम्मेदारी का नाम है, असली पहचान कार्य से बनती है। संगठन की मजबूती तभी संभव है, जब पदाधिकारी गांव, बस्ती और श्रमिकों के बीच लगातार उपस्थित रहकर उनकी समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए आवाज उठाएं।
उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक समाज की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके अधिकार, सम्मान और समस्याओं के लिए संघर्ष करना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों से कांग्रेस की विचारधारा एवं नीतियों के अनुरूप ईमानदारी, सक्रियता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि नई जिम्मेदारियों के साथ संगठन में नई ऊर्जा का संचार होगा और सभी पदाधिकारी मिलकर कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने के साथ-साथ समाज के जरूरतमंद वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जहां जरूरतमंद की आवाज दबती है, वहीं से संगठन की जिम्मेदारी शुरू होती है।
न्होंने सभी पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े विषयों पर हर सकारात्मक प्रयास को उनका मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहेगा।

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कोरबा

हरिद्वार अधिवेशन के संयोजक बने डॉ. गजेंद्र तिवारी

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थावे विद्यापीठ ने सौंपी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, शिक्षाविदों एवं शुभचिंतकों में हर्ष
कोरबा। थावे विद्यापीठ के कुलाधिपति महामंडलेश्वर स्वामी (डॉ.) हरिहरानंद सरस्वती के आदेश एवं कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक की अनुशंसा पर कुलसचिव डॉ. पी. एस. दयाल यति ने छत्तीसगढ़ के कोरबा निवासी प्रसिद्ध शिक्षाविद, समाजसेवी एवं कला-संस्कृति संरक्षक डॉ. गजेंद्र तिवारी को हरिद्वार अधिवेशन का संयोजक नियुक्त किया है।
डॉ. गजेंद्र तिवारी का शिक्षा, समाजसेवा एवं कला-संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय से उल्लेखनीय योगदान रहा है। उन्हें सौंपी गई इस जिम्मेदारी पर थावे विद्यापीठ परिवार ने विश्वास व्यक्त किया है कि उनके संयोजन में हरिद्वार अधिवेशन सुव्यवस्थित, गरिमापूर्ण एवं सफल रूप से संपन्न होगा।
डॉ. तिवारी के संयोजक बनने की खबर से शिक्षाविदों, समाजसेवियों, कलाकारों, पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों एवं शुभचिंतकों में हर्ष का वातावरण है।
डॉ. विश्वनाथ कश्यप, डॉ. विवेक तिवारी, डॉ. राघवेंद्र दुबे, डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव, विष्णु कुमार तिवारी, डॉ. कार्तिकेश्वर दुबे, शिव आशीष सोनकर, रामदत्त गौराहा, डॉ. भूपेंद्र धर दीवान, डॉ. विनोद कुमार वर्मा, कृष्ण कुमार पटेल, महावीर प्रसाद जायसवाल, अजय कुमार दुबे सहित सैकड़ों लोगों ने डॉ. गजेंद्र तिवारी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए हरिद्वार अधिवेशन की गरिमापूर्ण एवं सफल आयोजन की कामना की है।
विद्यापीठ परिवार एवं शुभचिंतकों ने विश्वास जताया कि डॉ. तिवारी के अनुभव, समन्वय क्षमता एवं सक्रिय नेतृत्व में हरिद्वार अधिवेशन नई उपलब्धियां स्थापित करेगा।
. गजेंद्र तिवारी को मिली इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को उनके शैक्षणिक अनुभव, सामाजिक सरोकारों, सांस्कृतिक सक्रियता एवं व्यापक जनसंपर्क का सम्मान माना जा रहा है। शुभचिंतकों एवं विद्यापीठ परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके कुशल समन्वय एवं नेतृत्व में हरिद्वार अधिवेशन अपनी गरिमा, भव्यता और उद्देश्यपूर्ण आयोजन के लिए एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

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कोरबा

सांसद फूलो देवी और विधायक मरकाम का वॉट्सऐप हैक:साइबर ठगों ने परिचितों से पैसे मांगे, भरोसा न करने की अपील

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कोंडागांव, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम और विधायक तुलेश्वर मरकाम का फोन हैक हुआ है। बुधवार को फूलो देवी नेताम के वॉट्सऐप नंबर से साइबर ठगों ने परिचितों को मैसेज कर पैसे मांगे। हैकर ने 65 हजार की मांग की और अगले 2 घंटे में लौटाने की बात कही।

सांसद ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि उनके नंबर से आने वाले किसी भी मैसेज, कॉल, लिंक या पैसे मांगने वाले मैसेज पर भरोसा न करें।

वहीं, कोरबा के पाली-तानाखार विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम को भी साइबर ठगों ने निशाना बनाया है। उनके वॉट्सऐप नंबर से परिचितों, कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों को पैसे मांगने वाले मैसेज भेजे जा रहे हैं। मैसेज में 76 हजार रुपए की अर्जेंट जरूरत बताई जा रही है। फिलहाल, पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।

केस 1 – सांसद फूलो देवी नेताम का वॉट्सऐप हैक

साइबर ठगों ने सांसद फूलो देवी नेताम को टारेगट बनाया है। ठग वॉट्सऐप अकाउंट हैक कर परिचितों से पैसों की डिमांड कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि हैक किए गए वॉट्सऐप अकाउंट से छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रभारी उषा संतोष राठौर को मैसेज भेजा गया।

इसमें उनसे 65 हजार रुपए भेजने के लिए कहा गया था। उषा राठौर ने तुरंत इसकी जानकारी सांसद फूलो देवी नेताम को दी।

ठगों ने सांसद फूलो देवी नेताम को टारेगट बनाया है।

ठगों ने सांसद फूलो देवी नेताम को टारेगट बनाया है।

निजी जानकारी शेयर न करने की अपील

फूलो देवी नेताम ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उनका वॉट्सऐप अकाउंट हैक हो गया है। उन्होंने साथियों, शुभचिंतकों और परिचितों से कहा है कि उनके वॉट्सऐप नंबर से आने वाले किसी भी मैसेज, कॉल या पैसे से जुड़े अनुरोध पर भरोसा न करें।

उन्होंने लोगों से निजी जानकारी साझा न करने की भी अपील की है। सांसद ने बताया कि अकाउंट को सुरक्षित करने की प्रक्रिया चल रही है।

केस 2 – विधायक के परिचितों से मांगे जा रहे पैसे

पाली-तानाखार विधानसभा से गोंगपा विधायक तुलेश्वर मरकाम के पास पार्सल से जुड़ा वाट्सऐप कॉल आया था। इस पर बातचीत के कुछ देर बाद उनका वाट्सऐप हैक हो गया। इनमें मैसेज भेजकर 76 हजार रुपए मांगे जा रहे थे।

कई लोगों को लगा कि विधायक को वास्तव में पैसों की जरूरत है। वहीं, कुछ जागरूक लोगों ने विधायक को सीधे फोन कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद पता चला कि उनका वाट्सऐप हैक हो चुका है और उनके नंबर से फर्जी मैसेज भेजे जा रहे हैं।

विधायक मरकाम के परिचितों को ठग मैसेज भेजकर पैसे मांग रहे हैं।

विधायक मरकाम के परिचितों को ठग मैसेज भेजकर पैसे मांग रहे हैं।

विधायक ने सोशल मीडिया पर किया अलर्ट

मामले की जानकारी मिलते ही विधायक तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम ने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आम लोगों को अलर्ट किया। उन्होंने सोशल मीडिया और फोन के जरिए बताया कि उनका नंबर हैक हो गया है। उन्होंने लोगों से पैसे मांगने वाले किसी भी मैसेज पर भरोसा नहीं करने की अपील की।

MLA बोले- मुझे पैसों की जरूरत नहीं

विधायक ने साफ किया कि उन्हें किसी भी तरह के पैसों की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि वाट्सऐप से पैसे मांगने वाले मैसेज हैकर्स की ओर से भेजे जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह के झांसे में नहीं आने की अपील की।

विधायक ने साफ किया कि उन्हें किसी भी तरह के पैसों की जरूरत नहीं है।

विधायक ने साफ किया कि उन्हें किसी भी तरह के पैसों की जरूरत नहीं है।

पुलिस ने साइबर सेल को भेजा मामला

विधायक ने मामले की सूचना पाली थाना प्रभारी को दी है। पाली थाना प्रभारी मनोज कौशिक ने बताया कि विधायक ने मोबाइल हैक होने की जानकारी दी है। मामले को साइबर सेल के पास भेजा गया है। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने कहा- पैसे भेजने से पहले करें पुष्टि

इस तरह के साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब जनप्रतिनिधियों के नंबर से भी पैसे मांगने के मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी परिचित के नंबर से पैसे मांगने का मैसेज आए तो पहले संबंधित व्यक्ति को फोन कर इसकी पुष्टि करें। इसके बाद ही कोई रकम भेजें।

कोरबा पाली थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

कोरबा पाली थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

वित्तीय ठगी होने पर 1930 पर करें कॉल

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की ओर से साइबर ठगी को लेकर लगातार लोगों को सतर्क किया जाता है। किसी परिचित के नंबर से भी पैसे मांगने का मैसेज आए तो पहले फोन करके इसकी पुष्टि करें।

अनजान लिंक या APK फाइल न खोलें। OTP, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी या अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। वित्तीय साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें। साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी की जा सकती है।

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कोरबा

विशेष अभियान 6 में एसईसीएल ने 40 लाख वर्गफीट क्षेत्र की सफाई का रखा लक्ष्य

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3,300 मेट्रिक टन स्क्रैप निस्तारण से मिलेगा राजस्व, ई-वेस्ट प्रबंधन, रिकॉर्ड समीक्षा और लंबित कार्यों के निपटारे पर रहेगा विशेष जोर

बिलासपुर/कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार के विशेष अभियान 6 के तहत 40 लाख वर्गफीट क्षेत्र की सफाई और 3,300 मेट्रिक टन स्क्रैप के निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभियान के तहत एसईसीएल के विभिन्न प्रतिष्ठानों में 225 स्थलों को चिन्हित किया गया है। 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान में स्वच्छता के साथ ई-वेस्ट प्रबंधन, कार्यालयीन स्थानों के बेहतर उपयोग, रिकॉर्ड प्रबंधन और प्रशासनिक लंबित कार्यों के निपटारे पर विशेष जोर रहेगा।

अभियान के दौरान चिन्हित 225 स्थलों पर लगभग 40 लाख वर्गफीट क्षेत्र की सफाई की जाएगी। वहीं 3,300 मेट्रिक टन स्क्रैप के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे स्क्रैप के निस्तारण के साथ राजस्व भी प्राप्त होगा।

ई-वेस्ट के प्रभावी प्रबंधन पर विशेष जोर

इस वर्ष विशेष अभियान 6 में ई-वेस्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण एवं जिम्मेदाराना निस्तारण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत एसईसीएल के विभिन्न कार्यालयों एवं प्रतिष्ठानों में इलेक्ट्रॉनिक कचरे की व्यवस्थित पहचान, संग्रहण एवं पृथक्करण के साथ निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप उसके निस्तारण की कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही कर्मचारियों एवं अन्य हितधारकों के बीच ई-वेस्ट के पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित कार्यों के निपटारे पर भी फोकस

विशेष अभियान 6 के दौरान प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित कार्यों के निपटारे पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। एसईसीएल ने अभियान अवधि में 500 भौतिक फाइलों की समीक्षा, 200 भौतिक फाइलों का निस्तारण, 7,000 ई-फाइलों की समीक्षा तथा 3,000 ई-फाइलों को बंद करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इन प्रयासों का उद्देश्य अनावश्यक एवं पुराने रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना, कार्यालयीन स्थान का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना तथा कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाना है।

विशेष अभियान 5 की उपलब्धियों को आगे बढ़ाएगा विशेष अभियान 6

विशेष अभियान 5 के दौरान एसईसीएल में 203 के लक्ष्य के मुक़ाबले 229 स्थलों पर स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गई थीं। इस दौरान 43 लाख वर्गफीट से अधिक क्षेत्र की सफाई की गई तथा 6,400 मीट्रिक टन से अधिक स्क्रैप का निस्तारण किया गया। इससे लगभग 24 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

अभियान की निर्धारित अवधि के बाद भी स्वच्छता एवं स्थान प्रबंधन से जुड़े प्रयास जारी रहे। नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के दौरान लगभग 2.52 लाख वर्गफीट अतिरिक्त क्षेत्र की सफाई की गई।

क्या है विशेष अभियान 6 और इसका उद्देश्य?

भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) के मार्गदर्शन में विशेष अभियान का संचालन किया जाता है। इसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों को कम करना तथा सरकारी संसाधनों के बेहतर एवं प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना है। विशेष अभियान 6 में इस वर्ष ई-वेस्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण एवं निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया है।

विशेष अभियान 6 का तैयारी चरण 15 से 30 सितंबर 2026 तक चल रहा है। इस दौरान अभियान के लक्ष्यों की पहचान, स्वच्छता स्थलों का चयन, पुराने रिकॉर्ड एवं लंबित मामलों की समीक्षा तथा स्क्रैप एवं ई-वेस्ट की पहचान जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इसके बाद 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक अभियान का कार्यान्वयन चरण चलेगा।

इस वर्ष अभियान में विशेष रूप से ई-वेस्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण एवं निस्तारण पर जोर दिया गया है। इसके साथ स्वच्छता, स्थान का बेहतर उपयोग, स्क्रैप प्रबंधन, रिकॉर्ड प्रबंधन, डिजिटलाइजेशन तथा प्रशासनिक लंबित कार्यों में कमी लाना भी अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

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