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कोरबा

खेत की जरूरतों के लिए अब नहीं फैलाना पड़ता हाथ, सम्मान निधि से श्यामलाल को मिला आर्थिक सहारा

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खाद-बीज की चिंता से राहत तक, पीएम किसान सम्मान निधि बनी हितग्राही श्यामलाल की खेती का भरोसा

कोरबा 27 सितम्बर 2026। कोरबा विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी श्यामलाल पटेल लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि पर खेती करते हैं। खेती के मौसम में खेत तैयार करने से लेकर फसल घर लाने तक कई तरह के खर्च सामने आते हैं। श्यामलाल बताते हैं कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ने से पहले इन खर्चों की व्यवस्था करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहता था। जुताई, खाद-बीज की खरीदी, निंदाई तथा फसल में खाद और कीटनाशक के छिड़काव के लिए समय-समय पर रकम जुटानी पड़ती थी। पैसों की कमी होने पर कृषि कार्यों के लिए भी दूसरों से उधार मांगना पड़ता था।
लाभार्थी श्यामलाल पटेल ने बताया, “पहले खेती शुरू करने के समय पैसों का इंतजाम करना मुश्किल होता था। खेत की तैयारी हो या खाद-बीज लेना, हर काम में खर्च आता था। कई बार खेती के काम के लिए भी दूसरे लोगों से उधार लेना पड़ता था। इससे खेती के साथ पैसों की चिंता भी बनी रहती थी।”
पीएम किसान सम्मान निधि में पंजीयन के बाद उन्हें हर वर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। हितग्राही ने कहा कि योजना से प्राप्त राशि घरेलू जरूरतों के साथ खेती के काम में भी उपयोगी साबित होती है। इससे जुताई, खाद-बीज की खरीदी और फसल की देखभाल जैसे कार्यों के लिए समय पर व्यवस्था करने में मदद मिलती है। अब कृषि संबंधी जरूरतों के लिए बार-बार किसी के सामने निर्भर नहीं रहना पड़ता।
लाभार्थी श्यामलाल पटेल ने कहा, “अब खेती-किसानी पहले से आसान हो गई है। सम्मान निधि की राशि समय पर मिलने से जरूरी खर्च संभालने में मदद मिलती है। खाद-बीज खरीदने या खेत से जुड़े काम कराने के लिए पहले जैसी परेशानी नहीं होती और उधार लेने की जरूरत भी कम हुई है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना की सराहना करते हुए श्यामलाल पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “किसानों को आर्थिक मदद देने वाली यह योजना बहुत काम की है। समय पर मिलने वाली राशि खेती के खर्चों में सहारा देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी को किसानों के लिए ऐसी उपयोगी योजना का लाभ पहुंचाने के लिए धन्यवाद देता हूं।”

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कोरबा

गणेश उत्सव के दौरान कोरबा पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

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पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में- निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने वालों पर कड़ी कार्रवाई

कोरबा। कोरबा पुलिस द्वारा गणेश उत्सव के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के विरुद्ध लगातार प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई की गई।

कार्रवाई की प्रमुख उपलब्धियां

18 प्रकरण — कोलाहल अधिनियम के तहत दर्ज।
14 डीजे वाहन — डीजे सिस्टम सहित जब्त।
84 डीजे बॉक्स — जब्त।
32 अन्य उपकरण — मिक्सर मशीन, एम्पलीफायर एवं अन्य डीजे उपकरण जब्त।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई

डीजे संचालकों द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने तथा कोलाहल अधिनियम, उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों तथा एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई।

परंपरागत वाद्य यंत्रों एवं लोक कलाकारों को मिला प्रोत्साहन

अधिकांश गणेश उत्सव समितियों द्वारा नियमों का पालन करते हुए पारंपरिक वाद्य यंत्रों एवं लोक नृत्यों को प्राथमिकता दी गई।

ढोल, ताशा, नगाड़ा एवं मांदर जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ राउत नाचा, कर्मा एवं अन्य लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया गया।
इससे स्थानीय कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर एवं छत्तीसगढ़ संस्कृति को बढ़ावा मिला।
गणेश उत्सव समितियों द्वारा बैंड पार्टियों को भी अवसर दिए जाने से उन्हें प्रोत्साहन मिला ।

इस सकारात्मक पहल से स्थानीय कलाकारों एवं बैंड पार्टियों में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण रहा और गणेश उत्सव का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई

कोरबा पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि नियमों का पालन करते हुए गणेश उत्सव मनाने वाली समितियों के प्रति पुलिस का पूर्ण सहयोगात्मक रवैया रहा है। कार्रवाई केवल उन्हीं व्यक्तियों/डीजे संचालकों के विरुद्ध की गई, जो निर्धारित ध्वनि सीमा एवं लागू नियमों/दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते पाए गए।

कोरबा पुलिस की अपील

सभी गणेश उत्सव समितियां एवं डीजे संचालक निर्धारित ध्वनि सीमा तथा शासन, न्यायालय एवं एनजीटी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

नियमों का पालन करते हुए उत्सव मनाएं — परंपरा, संस्कृति एवं स्थानीय कलाकारों को बढ़ावा दें।

कोरबा पुलिस

शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित गणेश उत्सव के लिए प्रतिबद्ध।

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कोरबा

सेवा फर्स्ट इनोवेशन चौलेंज में कोरबा के युवाओं को अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर

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जिला स्तरीय चौलेंज के लिए 6 अक्टूबर तक प्रस्तुत कर सकेंगे आइडिया; व्यापक स्तर की प्रतियोगिता में आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर

कोरबा, 27 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कोरबा में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के युवाओं, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, उद्यमियों, महिला स्व-सहायता समूहों और अन्य नवप्रवर्तकों से प्रतियोगिता में भाग लेकर जनसमस्याओं के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्याओं को समझकर तैयार किए गए नवाचार कोरबा के साथ प्रदेश और देश के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।

जिला स्तरीय चैलेंज 6 अक्टूबर तक प्रस्तुत करें विचार

कलेक्टर श्री दुदावत ने बताया कि कोरबा में आयोजित जिला स्तरीय सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के लिए प्रतिभागी 6 अक्टूबर 2026 तक अपने आइडिया और नवाचार संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं। जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 75 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 50 हजार रुपये दिया जाएगा। इसके अलावा 10-10 हजार रुपये के सांत्वना पुरस्कार सहित अन्य पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

कलेक्टर ने कहा कि कोरबा में उद्योग, खनन, वन क्षेत्र और दूरस्थ जनजातीय अंचलों से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। युवा फ्लाई ऐश के उपयोग, धूल एवं वायु प्रदूषण में कमी, मानव-हाथी द्वंद्व, दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, वनोपज के भंडारण एवं विपणन, सड़क सुरक्षा तथा साइबर धोखाधड़ी से बचाव जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से समस्याओं के ऐसे समाधान सोचने का आग्रह किया जो किफायती हों और व्यवहार में लाए जा सकें।

व्यापक स्तर का चैलेंज- 17 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित व्यापक स्तर के ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’ में आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर 2026, रात्रि 11.59 बजे है। इस प्रतियोगिता में कृषि, कानून एवं व्यवस्था, महिला एवं बाल, नगरीय विकास, स्वास्थ्य, रक्षा, सतत विकास, अधोसंरचना एवं परिवहन, उभरती तकनीकें तथा शिक्षा एवं रोजगार सहित 10 क्षेत्रों में समाधान आमंत्रित किए गए हैं।
प्रत्येक क्षेत्र से पांच विजेताओं का चयन किया जाएगा। इनमें तीन सामान्य श्रेणी, एक महिला श्रेणी और एक विजेता 21 वर्ष से कम आयु वर्ग से होगा। इस प्रकार कुल 50 विजेताओं को प्रत्येक को 10 लाख रुपये, यानी कुल पांच करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। चयनित नवाचारों को संबंधित सरकारी विभागों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किए जाने का अवसर भी मिल सकता है।
प्रतियोगिता में विद्यार्थी, शोधकर्ता, फैकल्टी सदस्य, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, गैर सरकारी संगठन, स्व-सहायता समूह और व्यक्तिगत नवप्रवर्तक भाग ले सकते हैं। व्यक्तिगत, टीम अथवा संस्था के रूप में आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के लिए कंपनी पंजीयन या डीपीआईआईटी मान्यता अनिवार्य नहीं है। आवेदक अथवा टीम के किसी एक संस्थापक के पास छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गोवा अथवा दमन एवं दीव का मूल निवास प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
इच्छुक प्रतिभागीsevainnovationchallenge.in  पर ओटीपी के माध्यम से पंजीयन कर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन में संबंधित क्षेत्र एवं उप-विषय का चयन कर समस्या, प्रस्तावित समाधान, प्रोटोटाइप अथवा पायलट और उपलब्ध प्रमाण की जानकारी देनी होगी। शीर्षक, समस्या, समाधान, व्यवहार्यता, प्रभाव और टीम के विवरण सहित छह स्लाइड की पीडीएफ प्रस्तुति भी अपलोड करनी होगी।
प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन 18 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों की ऑनलाइन प्रस्तुति 16 से 25 नवंबर के बीच होगी। सेमीफाइनलिस्ट की घोषणा 28 नवंबर को तथा अंतिम प्रस्तुति एवं विजेताओं का चयन 7 दिसंबर 2026 को नागपुर में किया जाएगा।
कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि एक विद्यार्थी का सरल विचार या किसी समूह का व्यावहारिक अनुभव भी लोगों के जीवन में बदलाव ला सकता है। उन्होंने पात्र प्रतिभागियों से जिला स्तरीय चौलेंज के लिए 6 अक्टूबर तक और व्यापक स्तर की प्रतियोगिता के लिए 17 अक्टूबर तक अपने विचार प्रस्तुत करने की अपील की। ऑनलाइन आवेदन संबंधी सहायता के लिए जिला नोडल अधिकारी विजय कारे, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, कोरबा से मोबाइल नंबर 8109363862 पर संपर्क किया जा सकता है। महाविद्यालयों के विद्यार्थी अपने संस्थान के इनोवेशन सेल से भी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

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कोरबा

कल से 30 सितंबर तक राशनकार्ड, खाद्यान्न वितरण और शिकायत निराकरण की मिलेगी जानकारी

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राशन कार्ड संबंधी समस्या के लिए मो.नं. 9425201983 पर करें संपर्क

कोरबा, 27 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में 28 से 30 सितंबर तक जिला मुख्यालय एवं विकासखंड स्तर पर सेवा सेतु कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नागरिकों तक पहुंचाई जाएगी।
  खाद्य शाखा द्वारा जारी निर्देश के अनुसार कैंपों में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, वन नेशन वन राशनकार्ड, राशनकार्ड की पात्रता और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारी दी जाएगी। राशनकार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों के बारे में भी नागरिकों को बताया जाएगा।
कैंपों में उचित मूल्य दुकान संचालकों के माध्यम से राशनकार्ड में पंजीकृत सदस्यों की ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और मोबाइल नंबर सीडिंग का कार्य कराया जाएगा। खाद्यान्न एवं अन्य राशन सामग्री का सैंपल प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि हितग्राही वितरित सामग्री की जानकारी प्राप्त कर सकें। विभागीय योजनाओं और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से संबंधित पोस्टर तथा वीडियो क्लिप भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी शिकायतों के लिए उपलब्ध माध्यमों की जानकारी भी कैंप में दी जाएगी। राशनकार्ड से जुड़ी समस्या के संबंध में निराकरण की जानकारी के लिए मो.नं. 9425201983 में संपर्क किया जा सकता है। नागरिकों को भारत सरकार के ‘अन्न सहायता’ पोर्टल, विभागीय कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 तथा अन्य शिकायत निराकरण व्यवस्थाओं से अवगत कराया जाएगा।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने संबंधित अधिकारियों को कैंपों का आयोजन सुनिश्चित करने तथा उचित मूल्य दुकानों पर वितरित खाद्यान्न सामग्री के सैंपल प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए हैं। नागरिक निर्धारित तिथियों में अपने क्षेत्र के सेवा सेतु कैंप में पहुंचकर योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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